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Gold Price Today: एक महीने में सोना ₹10,131 सस्ता, चांदी ₹32,896 गिरी, हफ्तेभर में दिखी तेजी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- सोने और चांदी की कीमतों में पिछले एक महीने में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, हालांकि बीते एक हफ्ते में सोने के दामों में फिर से हल्की तेजी देखने को मिली है। Indian Bullion and Jewellers Association के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है।

एक महीने में सोने-चांदी का हाल

IBJA के मुताबिक, 10 मार्च 2026 को 24 कैरेट सोने का भाव 1,60,436 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो अब घटकर करीब 1,50,305 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया है। यानी एक महीने में सोना 10,131 रुपये सस्ता हो गया।

वहीं चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट आई है। 10 मार्च को 1 किलो चांदी का रेट 2,72,830 रुपये था, जो अब गिरकर 2,39,934 रुपये प्रति किलो पर आ गया है। इस तरह चांदी 32,896 रुपये तक सस्ती हो चुकी है।

अलग-अलग कैरेट गोल्ड के ताजा रेट

  • 23 कैरेट गोल्ड: ₹1,49,725 प्रति 10 ग्राम
  • 22 कैरेट गोल्ड: ₹1,37,700 प्रति 10 ग्राम
  • 18 कैरेट गोल्ड: ₹1,12,745 प्रति 10 ग्राम
  • 14 कैरेट गोल्ड: ₹87,941 प्रति 10 ग्राम

बीते हफ्ते में क्यों बढ़े दाम?

हालांकि महीनेभर में गिरावट रही, लेकिन 6 अप्रैल से 10 अप्रैल के बीच सोने की कीमतों में करीब 2,436 रुपये की तेजी देखी गई।

इसके पीछे मुख्य कारण:

  • रुपये की मजबूती: डॉलर के मुकाबले रुपये में सुधार
  • ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव
  • निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी

शादी सीजन से बढ़ेगी डिमांड

देश में शादी का सीजन शुरू होने वाला है, जिससे फिजिकल गोल्ड की मांग बढ़ने की संभावना है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

निवेशकों के लिए जरूरी सलाह

सोना और चांदी की कीमतें कई घरेलू और वैश्विक कारणों से प्रभावित होती हैं। ऐसे में निवेश करने से पहले बाजार विशेषज्ञों की सलाह लेना जरूरी है।

क्या होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने में फंसा ईरान?बारूदी सुरंगें बिछाकर खुद भूल गया कहाँ लगाया

नई दिल्ली/इस्लामाबाद: Iran और United States के बीच Islamabad में चल रही शांति वार्ता के बीच एक बड़ा खुलासा सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Strait of Hormuz को पूरी तरह से खोलने में ईरान को गंभीर तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

जल्दबाजी में बिछाई गईं समुद्री सुरंगें

अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से आई रिपोर्ट में कहा गया है कि हालिया तनाव के दौरान ईरान ने जल्दबाजी में छोटी नावों के जरिए समुद्री बारूदी सुरंगें बिछा दी थीं।

समस्या यह है कि इन सुरंगों का सटीक रिकॉर्ड नहीं रखा गया। कुछ सुरंगें ऐसी तकनीक से लैस हैं, जो समुद्री धाराओं के साथ अपनी जगह बदल सकती हैं। यानी जो रास्ता पहले सुरक्षित था, वह अब खतरनाक हो चुका है।

तकनीक और संसाधनों की कमी

ईरान के पास इन सुरंगों को खोजने और सुरक्षित तरीके से हटाने के लिए पर्याप्त आधुनिक तकनीक और विशेष जहाजों की कमी बताई जा रही है। यही वजह है कि वह चाहकर भी पूरे जलमार्ग को तुरंत सुरक्षित नहीं बना पा रहा।

वार्ता में अहम मुद्दा बना जलमार्ग

इस्लामाबाद में चल रही बातचीत में ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi और अमेरिकी उपराष्ट्रपति J. D. Vance आमने-सामने हैं।

ईरान ने पहले कहा था कि तकनीकी सीमाओं को देखते हुए जलमार्ग खोला जाएगा, लेकिन अब साफ हो गया है कि ये सीमाएं दरअसल वही बिछाई गई सुरंगें हैं।

ट्रंप की शर्त और ईरान की मजबूरी

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने स्पष्ट किया है कि बातचीत आगे तभी बढ़ेगी जब जहाजों की आवाजाही पूरी तरह बहाल होगी।  हालांकि मौजूदा हालात में ईरान के लिए यह शर्त तुरंत पूरी करना आसान नहीं है।

संकरा रास्ता खुला, लेकिन खतरा बरकरार

ईरान ने पूरे जलमार्ग को बंद नहीं किया है, बल्कि एक सीमित और संकरा रास्ता खुला रखा है। Islamic Revolutionary Guard Corps ने सुरक्षित मार्गों के चार्ट जारी किए हैं, लेकिन इनके आसपास अभी भी खतरा बना हुआ है।

बताया जा रहा है कि इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से ईरान टोल भी वसूल रहा है।

भारत समेत दुनिया की बढ़ी चिंता

दुनिया के करीब 20% तेल और एलएनजी का व्यापार इसी जलमार्ग से होता है। ऐसे में भारत जैसे देशों के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है।

युद्धविराम के बाद उम्मीद थी कि कतर समेत खाड़ी देशों से तेल और गैस की आपूर्ति सामान्य हो जाएगी, लेकिन मौजूदा खतरे के कारण शिपिंग और बीमा कंपनियां जोखिम लेने से बच सकती हैं।

पूरी तरह सुरक्षित होने में लग सकता है लंबा समय

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका और उसके सहयोगी माइन-स्वीपिंग तकनीक का इस्तेमाल भी करें, तब भी पूरे जलमार्ग को सुरक्षित बनाने में हफ्तों या महीनों का समय लग सकता है।

शांति वार्ता या युद्ध की तैयारी? इस्लामाबाद बातचीत के बीच अमेरिका ने भेजे जंगी जहाज, सैनिक तैनात

नई दिल्ली/इस्लामाबाद: United States और Iran के बीच Islamabad में अहम शांति वार्ता होने जा रही है, लेकिन इसी के साथ अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य ताकत भी तेजी से बढ़ा दी है। यह स्थिति साफ संकेत देती है कि कूटनीति और सैन्य तैयारी दोनों एक साथ चल रही हैं।

वार्ता में शामिल होंगे बड़े नेता

इस बातचीत में हिस्सा लेने के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति J. D. Vance पाकिस्तान पहुंच रहे हैं। वहीं ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf और विदेश मंत्री Abbas Araghchi प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।

मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना की भारी तैनाती

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने पहले ही अपने फाइटर जेट्स और हमलावर विमान क्षेत्र में तैनात कर दिए हैं। इसके अलावा अमेरिकी सेना की प्रतिष्ठित 82nd Airborne Division के 1500–2000 सैनिकों को भी भेजे जाने की तैयारी है।

समुद्र में भी हलचल बढ़ गई है। अमेरिकी नौसेना का विमानवाहक पोत USS George H. W. Bush अटलांटिक पार कर रहा है, जबकि USS Boxer और 11वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट प्रशांत क्षेत्र से खाड़ी की ओर बढ़ रहे हैं।

आमतौर पर मध्य पूर्व में करीब 40,000 अमेरिकी सैनिक तैनात रहते हैं, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 50,000 से ज्यादा हो चुकी है।

ईरान की शर्तें और सख्त रुख

ईरान बातचीत के लिए तैयार जरूर है, लेकिन उसने कुछ अहम शर्तें रखी हैं। Lebanon में तुरंत युद्धविराम लागू करना उसकी प्रमुख मांग है।

गालिबाफ ने साफ कहा है कि ईरान की नीयत सकारात्मक है, लेकिन उसे अमेरिका पर भरोसा नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बातचीत सिर्फ दिखावा साबित हुई, तो ईरान सख्त कदम उठा सकता है।

ट्रंप की चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कूटनीतिक प्रयास विफल होते हैं, तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला रहेगा। उन्होंने कहा कि युद्धपोतों पर हथियार तैयार रखे जा रहे हैं और अगले 24 घंटों में स्थिति साफ हो सकती है।

अमेरिका की ‘दोहरी रणनीति’

विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका इस समय “डुअल स्ट्रेटेजी” अपना रहा है एक तरफ बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश तो दूसरी तरफ सैन्य दबाव बनाकर अपनी स्थिति मजबूत करना है |

इसका मकसद ईरान पर दबाव बनाना और बातचीत में बढ़त हासिल करना है। साथ ही, अगर वार्ता विफल होती है, तो तुरंत कार्रवाई के लिए तैयारी रखना भी इसका हिस्सा है।

वैश्विक असर और बढ़ती चिंता

यह संघर्ष अब करीब छह हफ्तों से जारी है और इसका असर पूरी दुनिया पर दिख रहा है। Strait of Hormuz, जहां से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है, वहां अस्थिरता के कारण वैश्विक तेल कीमतों में उछाल देखा जा रहा है।

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में आने वाले कुछ दिन बेहद अहम माने जा रहे हैं, जब यह तय होगा कि दुनिया शांति की ओर बढ़ेगी या संघर्ष की दिशा में।


पाकिस्तान पर भरोसा नहीं,ईरान ने इस्लामाबाद भेजे नकली विमान? सिर्फ एक में था असली डेलिगेशन

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- क्षेत्रीय तनाव के बीच Iran और Pakistan को लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अपने उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस्लामाबाद जाते समय कई ‘नकली’ या डिकॉय विमान भेजे, जबकि असली प्रतिनिधिमंडल केवल एक विमान में सवार था।

बताया जा रहा है कि संभावित हवाई हमले के खतरे को देखते हुए यह रणनीति अपनाई गई। ईरान को आशंका थी कि यात्रा के दौरान उसके प्रतिनिधियों को निशाना बनाया जा सकता है।

गालिबाफ के नेतृत्व में पहुंचा प्रतिनिधिमंडल

ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf कर रहे हैं। उनके साथ विदेश मंत्री Abbas Araghchi भी शामिल हैं। हाल के समय में गालिबाफ ईरानी सत्ता ढांचे में एक प्रभावशाली चेहरे के रूप में उभरे हैं।

विमान में दिखा भावनात्मक संदेश

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्लामाबाद रवाना होते समय गालिबाफ ने अपने विमान की आगे की सीटें खाली रखीं। इन सीटों पर हाल ही में हुए Minab school strike में मारे गए बच्चों की तस्वीरें और उनके सामान—जैसे स्कूल बैग, जूते और कपड़े—रखे गए थे।

ईरान इस प्रतीकात्मक कदम के जरिए यह संदेश देना चाहता था कि वह वार्ता में केवल एक देश के रूप में नहीं, बल्कि उन निर्दोष नागरिकों के दर्द को लेकर शामिल हो रहा है, जिन्होंने हालिया हमलों में जान गंवाई।

अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल भी पाकिस्तान में

इधर, United States की ओर से उपराष्ट्रपति J. D. Vance के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंच रहा है। इस टीम में Steve Witkoff और Jared Kushner भी शामिल बताए जा रहे हैं, साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा विशेषज्ञों की टीम भी मौजूद है।

ट्रंप ने किया था युद्धविराम का ऐलान

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 8 अप्रैल को ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा की थी। इसके बाद क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए पाकिस्तान में वार्ता की खबरें सामने आईं।

लेबनान को लेकर बनी हुई है तनातनी

यह पूरी कूटनीतिक गतिविधि ऐसे समय हो रही है जब Lebanon में Israel के हमलों को लेकर तनाव जारी है। इसी वजह से ईरानी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा को लेकर अनिश्चितता भी बनी हुई थी।

ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी Tasnim News Agency के मुताबिक, बातचीत तभी शुरू होगी जब पहले तय की गई शर्तें पूरी होंगी।

गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा था कि लेबनान में युद्धविराम और ईरान की संपत्तियों पर लगी रोक हटाना—ये दोनों अहम शर्तें अभी लागू नहीं हुई हैं।

संसद भवन में पीएम मोदी और राहुल गांधी की मुलाकात का वीडियो वायरल, कुछ देर हुई बातचीत

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़: संसद भवन परिसर से एक दिलचस्प वीडियो सामने आया है, जिसमें प्रधानमंत्री Narendra Modi और कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi आमने-सामने बातचीत करते नजर आ रहे हैं। आमतौर पर राजनीतिक मंचों पर एक-दूसरे पर तीखे हमले करने वाले इन दोनों नेताओं की यह मुलाकात सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

यह वीडियो 11 अप्रैल का बताया जा रहा है, जब प्रधानमंत्री मोदी महान समाज सुधारक Jyotirao Phule की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि देने संसद परिसर के प्रेरणा स्थल पहुंचे थे।

प्रेरणा स्थल पर दिखे कई बड़े नेता

वीडियो में देखा जा सकता है कि लोकसभा अध्यक्ष Om Birla, विपक्ष के नेता राहुल गांधी, केंद्रीय मंत्री Arjun Ram Meghwal और राज्यसभा के पूर्व उपसभापति Harivansh Narayan Singh वहां मौजूद थे।

प्रधानमंत्री मोदी सभी नेताओं से मिलते हुए आगे बढ़ते हैं और फिर राहुल गांधी के पास रुक जाते हैं। इसके बाद दोनों के बीच कुछ सेकंड तक बातचीत होती है। हालांकि बातचीत का विषय स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन यह दृश्य लोगों का ध्यान खींच रहा है।

महात्मा फुले को दी श्रद्धांजलि

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने Jyotirao Phule की जयंती पर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि फुले का जीवन समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय के मूल्यों के लिए समर्पित रहा।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि महात्मा फुले ने अपना पूरा जीवन शिक्षा और जनकल्याण के लिए समर्पित किया। वे महिलाओं और समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वालों में अग्रणी थे।

उन्होंने यह भी कहा कि फुले के विचार आज भी समाज को आगे बढ़ने की दिशा दिखाते हैं और शिक्षा को सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनाते हैं।

Aaj Ka Rashifal 11 April 2026: इन 4 राशियों के जीवन में रहेगी हलचल, निवेश से करें परहेज

Aaj Ka Rashifal 11 April 2026: ग्रहों की स्थिति के अनुसार आज गुरु मिथुन राशि में, शुक्र मेष में, केतु सिंह में और चंद्रमा मकर राशि में स्थित हैं। वहीं राहु कुंभ में और बुध मीन राशि में कमजोर स्थिति में हैं। इस कारण आज सरकारी कार्यों में अड़चनें आ सकती हैं और राजनीति व व्यापार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

मेष राशि

आज मेष राशि के लोगों को सिरदर्द और मानसिक तनाव परेशान कर सकता है। खर्च बढ़ने और कर्ज की स्थिति बनने के संकेत हैं। सरकारी कामों में भी नुकसान संभव है। हालांकि व्यापार में सुधार रहेगा, लेकिन निर्णय लेने में कठिनाई हो सकती है। प्रेम जीवन सामान्य रहेगा और संतान से विवाद हो सकता है। संयम रखें। लाल वस्तु पास रखें और हरी चीजों का दान करें।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए स्थिति पहले से बेहतर है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा और प्रेम व संतान से जुड़े मामलों में सुधार होगा। व्यापार में लाभ के अवसर मिलेंगे, हालांकि मेहनत करनी पड़ेगी। पीली वस्तु का दान करें और शनि देव की पूजा करें।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के लोगों को स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। चोट लगने की संभावना है, इसलिए जोखिम से बचें। प्रेम और संतान पक्ष अच्छा रहेगा। व्यापार धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा। शनि देव की आराधना करें।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और नौकरी में स्थिति मजबूत रहेगी। हालांकि प्रेम और संतान को लेकर कुछ नकारात्मकता बनी रह सकती है। जल्दबाजी में निर्णय न लें। लाल वस्तु रखना लाभकारी होगा।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए समय चुनौतीपूर्ण है। स्वास्थ्य, वैवाहिक जीवन और अन्य मामलों में सावधानी जरूरी है। विरोधी सक्रिय रहेंगे, लेकिन इस समय से सीख भी मिलेगी। प्रेम और संतान से लाभ मिल सकता है। पीली वस्तु पास रखें।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों की सेहत में सुधार होगा। प्रेम और संतान पक्ष मजबूत रहेगा, लेकिन मन में कड़वाहट आ सकती है। जीवनसाथी से विवाद से बचें और भावनाओं में बहकर निर्णय न लें। छात्रों के लिए समय अनुकूल है। शनि देव की पूजा करें।

तुला राशि

तुला राशि वालों को घरेलू विवाद का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार में सुधार रहेगा। नीली वस्तु रखना शुभ रहेगा।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के लोगों का साहस सफलता दिलाएगा और करियर में प्रगति होगी। लेकिन मानसिक तनाव, क्रोध और उलझन बनी रहेगी। फैसले लेने में कठिनाई होगी, इसलिए वर्तमान पर ध्यान दें। पीली वस्तु पास रखें।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के खर्च बढ़ेंगे, इसलिए निवेश से बचना बेहतर रहेगा। आय बनी रहेगी, लेकिन प्रेम जीवन में तनाव और संतान को लेकर चिंता हो सकती है। मानसिक तनाव स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। पीली वस्तु रखना लाभदायक होगा।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए दिन अपेक्षाकृत अच्छा रहेगा। हल्की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन प्रेम और संतान पक्ष मजबूत रहेगा। व्यापार में वृद्धि होगी और मेहनत का फल भविष्य में मिलेगा। लाल वस्तु का दान करें।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों को अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना होगा। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार में सुधार होगा। धैर्य रखें, समय आपके पक्ष में आएगा। हरी वस्तु पास रखें।

मीन राशि

मीन राशि के लोगों को नस, त्वचा और मांसपेशियों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है। आय के नए स्रोत बनेंगे और पुराने स्रोतों से भी लाभ मिलेगा। करियर में स्थिरता रहेगी। पीली वस्तु रखना शुभ रहेगा।

‘20 साल विपक्ष में बैठना मंजूर’: बंगाल चुनाव से पहले अमित शाह का बड़ा बयान, ममता पर भी साधा निशाना

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। अमित शाह ने कहा है कि उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी किसी भी कीमत पर ऐसे लोगों के साथ समझौता नहीं करेगी, जिन पर विवादित गतिविधियों के आरोप हैं। उन्होंने कहा कि “ऐसे लोगों के साथ बैठने से बेहतर है कि पार्टी 20 साल तक विपक्ष में बैठना पसंद करेगी।”

स्टिंग वीडियो पर छिड़ा विवाद

यह बयान निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूँ कबीर से जुड़े एक कथित ‘स्टिंग ऑपरेशन’ पर प्रतिक्रिया देते हुए आया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कबीर पर बीजेपी नेताओं से संपर्क और कथित डील के आरोप लगाए गए हैं।

हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और सभी पक्ष इसे लेकर अलग-अलग दावे कर रहे हैं।

ममता बनर्जी पर भी साधा निशाना

अमित शाह ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि “आप ममता दीदी की क्षमता को नहीं जानते, वह ऐसे हजारों वीडियो बना सकती हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि हुमायूँ कबीर और बीजेपी के बीच किसी तरह का संबंध संभव नहीं है और दोनों “नॉर्थ पोल और साउथ पोल” की तरह अलग हैं।

‘बाबरी जैसे मस्जिद’ विवाद से जुड़ा मामला

हुमायूँ कबीर पहले भी उस समय सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद बनाने की पहल की थी। इसी मुद्दे को लेकर बीजेपी लगातार टीएमसी पर निशाना साधती रही है।

बीजेपी नेता दिलीप घोष का तंज

इस विवाद पर दिलीप घोष ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कबीर “100 करोड़ रुपये के भी लायक नहीं हैं, 1000 करोड़ की बात तो दूर है।”

कबीर ने बताया वीडियो ‘फर्जी’

वहीं हुमायूँ कबीर ने वायरल वीडियो को पूरी तरह से खारिज करते हुए दावा किया है कि यह AI तकनीक के जरिए बनाया गया फर्जी वीडियो है। उन्होंने कहा कि यह उन्हें बदनाम करने की साजिश है और अगर आरोप साबित नहीं हुए तो वे मानहानि का केस करेंगे।

चुनाव से पहले बढ़ी सियासी गर्मी

इस पूरे घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को और गर्मा दिया है। चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जिसका असर आने वाले चुनावी माहौल पर भी पड़ सकता है।

मथुरा में बड़ा हादसा: यमुना में पलटी नाव, लुधियाना से आए 30 लोग डूबे, 10 की मौत कई लापता

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया। जानकारी के लुधियाना से वृंदावन घूमने आए 30 श्रद्धालुओं से भरी नाव यमुना नदी में पलट गई| जिससे नाव में सवार सभी श्रद्धालु नदी में डूब गए। श्रद्धालुओं की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग बचाने के लिए दौड़े। पुलिस और गोताखोर भी मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में राहत बचाव कार्य शुरू कराया गया। अभी तक 10 लोगों के शवों को बरामद किया जा चुका है। जबकि 15 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। पांच लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए रात बचाव कार्य जारी है |

चीख-पुकार के बीच शुरू हुआ रेस्क्यू

नदी में गिरते ही श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े। पुलिस और गोताखोरों ने तुरंत राहत-बचाव अभियान शुरू किया।

अब तक 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि 10 शव बरामद किए जा चुके हैं। करीब 5 लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।

ओवरलोडिंग बनी हादसे की वजह

एसडीएम ऋतु सिरोही ने प्रारंभिक जांच में बताया कि नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार थे, जिससे हादसा हुआ। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

प्रशासन और राहत एजेंसियां मौके पर

हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन मौके पर पहुंच गया। डीएम चंद्र प्रकाश सिंह, एसएसपी और डीआईजी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।

राहत कार्य में स्थानीय गोताखोरों के साथ-साथ एनडीआरएफ और सेना की टीमों को भी लगाया गया है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनके इलाज की व्यवस्था की गई है।

सीएम योगी ने जताया दुख

योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल राहत और बचाव कार्य तेज करने तथा घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।

परिवारों में मचा कोहराम

इस हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में मातम छा गया है। प्रशासन ने मृतकों की पहचान और परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

नीतीश कुमार का सपना पूरा! लोकसभा-विधानसभा, विधान परिषद के बाद अब दिल्ली की राजनीति में नई पारी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बिहार के नीतीश कुमार ने अब राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेकर अपनी राजनीतिक यात्रा का एक अहम पड़ाव पूरा कर लिया है। वर्षों तक बिहार की राजनीति में सक्रिय रहने के बाद अब उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर नई पारी शुरू कर दी है।

चारों सदनों का सपना हुआ पूरा

नीतीश कुमार पहले ही लोकसभा, बिहार विधानसभा और बिहार विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं। राज्यसभा में प्रवेश के साथ ही उनका यह सपना पूरा हो गया कि वे संसद और राज्य के सभी सदनों का हिस्सा बनें।

विधान परिषद से पहले ही दिया था इस्तीफा

राज्यसभा जाने से पहले नीतीश कुमार ने बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने खुद स्वीकार किया था कि राज्यसभा जाना उनके लंबे समय से संजोए गए लक्ष्यों में से एक था।

बिहार में सत्ता पर NDA की मजबूत पकड़

हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने बड़ी जीत दर्ज की थी। 243 सीटों में से 202 सीटें जीतकर गठबंधन ने पूर्ण बहुमत हासिल किया।

भारतीय जनता पार्टी ने 89 सीटें और जनता दल (यूनाइटेड) ने 85 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसके बाद नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

राज्यसभा जाने के फैसले से मची थी हलचल

करीब एक महीने पहले जब नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का फैसला लिया था, तब बिहार की राजनीति में हलचल मच गई थी। विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल समेत उनकी अपनी पार्टी के कई नेता भी इस फैसले को लेकर असमंजस में थे।

कुछ जेडीयू नेताओं ने तो विरोध में धरना भी दिया था। बाद में नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी इच्छा स्पष्ट की।

अब सबसे बड़ा सवाल—बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन?

नीतीश कुमार के दिल्ली जाने के बाद बिहार की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल यही है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इस पर अभी तक कोई स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने दिया इस्तीफा,कैश कांड में आया था नाम, जानें पूरा मामला

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- कैश विवाद में फंसे इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को सौंप दिया है। उनके दिल्ली स्थित आवास से जले हुए नकदी मिलने के बाद यह मामला सुर्खियों में आया था।

दिल्ली आवास से मिले थे जले हुए नोट

मामला तब सामने आया जब जस्टिस वर्मा के दिल्ली स्थित घर से जली हुई नकदी बरामद होने की जानकारी मिली। इस विवाद के बाद उनका दिल्ली हाई कोर्ट से स्थानांतरण कर इलाहाबाद हाई कोर्ट भेज दिया गया था। उन्होंने 5 अप्रैल 2025 को इलाहाबाद हाई कोर्ट में शपथ ली थी।

जांच के लिए समिति गठित

इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए ओम बिरला द्वारा तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति आगामी मानसून सत्र में अपनी रिपोर्ट पेश कर सकती है।

समिति में जस्टिस अरविंद कुमार, जस्टिस एम.एम. श्रीवास्तव और वरिष्ठ अधिवक्ता बी.वी. आचार्य शामिल हैं।

महाभियोग की प्रक्रिया भी शुरू हुई थी

जस्टिस वर्मा के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में महाभियोग की मांग को लेकर प्रस्ताव पेश किए गए थे। इस मामले में बहुदलीय नोटिस स्वीकार होने के बाद जांच प्रक्रिया शुरू की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस वर्मा की याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने जांच समिति के गठन को चुनौती दी थी। यह फैसला जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने सुनाया था।

राजनीतिक घटनाक्रम भी रहा अहम

21 जुलाई 2025 को संसद में महाभियोग प्रस्ताव पेश किया गया था। उसी दिन तत्कालीन उपराष्ट्रपति और राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा दे दिया था। बाद में राज्यसभा में प्रस्ताव खारिज कर दिया गया, जबकि लोकसभा में जांच समिति गठित कर दी गई।