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बिहार MLC चुनाव 2026: 10 सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया आज से शुरू, क्या रोहिणी आचार्य लड़ेंगी चुनाव?

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बिहार में विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विधानसभा कोटे की 9 रिक्त सीटों पर होने वाले द्विवार्षिक चुनाव और एक सीट पर उपचुनाव के लिए सोमवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है। चुनाव आयोग द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने के साथ ही संभावित उम्मीदवारों के बीच राजनीतिक समीकरणों और रणनीतियों का दौर भी तेज हो गया है।

8 जून तक दाखिल होंगे नामांकन, 18 जून को मतदान

चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार उम्मीदवार 8 जून तक नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) होगी, जबकि 11 जून तक प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकेंगे। यदि आवश्यक हुआ तो 18 जून को मतदान कराया जाएगा और उसी दिन मतगणना के बाद परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे। विधानसभा कोटे की इन सीटों पर विधायकों के वोट निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

रोहिणी आचार्या ने चुनाव लड़ने की चर्चाओं को किया खारिज

विधान परिषद चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ओर से कई नामों की चर्चा हो रही थी। इसी बीच राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने चुनाव लड़ने की अटकलों को सिरे से नकार दिया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनके चुनाव लड़ने की झूठी खबरें फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की अफवाहों से उनकी छवि पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। रोहिणी ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले उनके परिवार के अन्य सदस्यों को लेकर भी इसी तरह की भ्रामक खबरें फैलाई जा चुकी हैं।

सभी सीटों पर जीत का दावा कर रहा एनडीए

दूसरी ओर सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने चुनाव को लेकर पूरी तैयारी शुरू कर दी है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने दावा किया है कि एनडीए इस बार विधान परिषद की सभी 10 सीटों पर जीत दर्ज करेगा।

उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में गठबंधन ने सभी सीटों पर सफलता हासिल की थी और वही प्रदर्शन विधान परिषद चुनाव में भी दोहराया जाएगा। उम्मीदवारों के चयन को लेकर जेडीयू नेतृत्व लगातार मंथन कर रहा है। इसी कड़ी में रविवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक भी हुई, जिसमें संभावित प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा की गई।

बढ़ी राजनीतिक हलचल

विधान परिषद चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही बिहार की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है। सभी दल अपने-अपने उम्मीदवारों के चयन और संख्या बल के आधार पर रणनीति बनाने में जुट गए हैं। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रमुख राजनीतिक दल किन चेहरों को मैदान में उतारते हैं और चुनावी मुकाबला कितना दिलचस्प होता है।

गाजियाबाद सूर्या हत्याकांड: मुख्य आरोपी असद के घर पर प्रशासन का नोटिस, पीड़ित परिवार से मिले मंत्री

गाजियाबाद: खोड़ा क्षेत्र के नवनीत विहार में सूर्या प्रताप चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद के मकान पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। उप जिलाधिकारी द्वारा जारी नोटिस को मकान के बाहर चस्पा करते हुए 15 दिनों के भीतर कथित अवैध कब्जा हटाने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने ढोल-नगाड़ों और लाउडस्पीकर के माध्यम से पूरे इलाके में मुनादी कर कार्रवाई की जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार संबंधित संपत्ति अभी भी असद के पिता के नाम दर्ज है। हालांकि संपत्ति को बेचने की चर्चाएं सामने आई थीं, लेकिन गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के रिकॉर्ड में स्वामित्व में कोई बदलाव दर्ज नहीं हुआ है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कब्जा नहीं हटाए जाने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मुनादी कर दी गई चेतावनी

रविवार को प्रशासनिक टीम ने क्षेत्र में पहुंचकर सार्वजनिक घोषणा कराई। अधिकारियों ने बताया कि नोटिस के तहत मकान से जुड़े अवैध निर्माण या कब्जे को स्वयं हटाने का अवसर दिया गया है। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।

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पीड़ित परिवार से मिले मंत्री

इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने मृतक सूर्या प्रताप चौहान के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को हरसंभव सहायता और सुरक्षा का भरोसा दिलाया। मंत्री ने कहा कि मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई की मांग

गौरतलब है कि 28 मई को 17 वर्षीय सूर्या प्रताप चौहान की चाकुओं से हमला कर हत्या कर दी गई थी। मामले के मुख्य आरोपी असद की बाद में पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी। घटना के बाद मृतक की मां और बहन ने कहा कि केवल मुख्य आरोपी ही नहीं, बल्कि इस साजिश में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने शेष आरोपियों की संपत्तियों की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

पुलिस और प्रशासन का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यूपी भाजपा संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी, नई टीम गठन को लेकर दिल्ली-लखनऊ में मंथन तेज

लखनऊ/नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में सक्रिय हो गई है। योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब पार्टी नेतृत्व का ध्यान प्रदेश संगठन में व्यापक बदलाव और नई कार्यकारिणी के गठन पर केंद्रित है।
सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी की अगुवाई में बनने वाली नई टीम को लेकर लगातार बैठकों का दौर जारी है। संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर लखनऊ और दिल्ली के बीच लगातार समन्वय बनाया जा रहा है। इसी कड़ी में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और प्रदेश के प्रमुख पदाधिकारियों से भी राय ली जा रही है।
बताया जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व वर्ष 2024 के चुनावी अनुभवों और आगामी राजनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए संगठन में नए सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण साधने की रणनीति पर काम कर रहा है। पार्टी की कोशिश है कि विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देकर संगठन को अधिक प्रभावी बनाया जाए।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रदेश संगठन में कई नए चेहरों को जिम्मेदारी मिल सकती है, जबकि कुछ अनुभवी नेताओं को भी महत्वपूर्ण भूमिका सौंपी जा सकती है। इसके अलावा युवा नेतृत्व और सामाजिक संतुलन को प्राथमिकता देने पर भी विचार किया जा रहा है।

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सूत्रों का कहना है कि प्रदेश कार्यकारिणी के गठन को लेकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व स्तर पर मंथन अंतिम चरण में पहुंच चुका है। आगामी दिनों में संगठन के विभिन्न पदों पर नियुक्तियों और नई कार्यकारिणी के नामों की घोषणा की जा सकती है।
भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। माना जा रहा है कि नई टीम के गठन के बाद पार्टी चुनावी तैयारियों को और तेज करेगी तथा विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेगी।
फिलहाल प्रदेश संगठन में संभावित बदलावों को लेकर कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच उत्सुकता बनी हुई है। सभी की निगाहें अब पार्टी नेतृत्व के अगले फैसले पर टिकी हैं।

RCB को IPL 2026 चैंपियन बनाने वाले 5 हीरो, विराट कोहली ने खेली मैच जिताऊ पारी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में RCB ने गुजरात टाइटंस (GT) को 5 विकेट से हराकर लगातार दूसरी बार ट्रॉफी अपने नाम की। गुजरात ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 155 रन बनाए, जिसके जवाब में RCB ने 18 ओवर में 161 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
इस ऐतिहासिक जीत में कई खिलाड़ियों ने अहम योगदान दिया, लेकिन पांच खिलाड़ी ऐसे रहे जिन्होंने फाइनल का रुख पूरी तरह बदल दिया।

1. विराट कोहली – जीत के सबसे बड़े नायक

स्टार बल्लेबाज Virat Kohli ने फाइनल में कप्तानी पारी खेलते हुए 42 गेंदों पर नाबाद 75 रन बनाए। उनकी पारी में 9 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। कोहली ने सिर्फ 25 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जो उनके IPL करियर की सबसे तेज फिफ्टी रही। उन्होंने अंत तक क्रीज पर टिककर टीम को जीत दिलाई और प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए।

2. वेंकटेश अय्यर – तेज शुरुआत से बनाया दबाव

ओपनर Venkatesh Iyer ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 16 गेंदों पर 32 रन बनाए। उन्होंने विराट कोहली के साथ पहले विकेट के लिए 62 रन जोड़कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। उनकी तेज बल्लेबाजी ने गुजरात के गेंदबाजों पर शुरुआती दबाव बना दिया।

3. रासिख सलाम – गेंदबाजी में बने गेम चेंजर

युवा तेज गेंदबाज Rasikh Salam ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 27 रन देकर 3 विकेट झटके। उन्होंने गुजरात के मध्यक्रम को झकझोरते हुए निशांत सिंधू, राहुल तेवतिया और राशिद खान को आउट किया। उनकी गेंदबाजी ने गुजरात को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोक दिया।

4. जोश हेजलवुड – शुरुआती झटकों से तोड़ी GT की कमर

ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज Josh Hazlewood ने RCB को शानदार शुरुआत दिलाई। उन्होंने कप्तान Shubman Gill का अहम विकेट लेकर गुजरात को शुरुआती झटका दिया। हेजलवुड ने 4 ओवर में 37 रन देकर 2 विकेट हासिल किए और लगातार दबाव बनाए रखा।

5. भुवनेश्वर कुमार – अनुभव आया काम

अनुभवी तेज गेंदबाज Bhuvneshwar Kumar ने अपने अनुभव का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 4 ओवर में 29 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट लिए। भुवी ने साई सुदर्शन और जेसन होल्डर को आउट कर गुजरात की बल्लेबाजी को शुरुआती झटके दिए।

वॉशिंगटन सुंदर की पारी भी रही यादगार

हालांकि गुजरात टाइटंस की ओर से Washington Sundar ने 37 गेंदों में नाबाद 59 रन बनाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया, लेकिन उन्हें दूसरे बल्लेबाजों का पर्याप्त साथ नहीं मिला।

लगातार दूसरी बार चैंपियन बनी RCB

इस जीत के साथ RCB ने लगातार दूसरी बार IPL ट्रॉफी जीतने का कारनामा किया। टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे टूर्नामेंट में अपना दबदबा कायम रखा।

Pet Owners के लिए जरूरी जानकारी: Anxiety और Separation Anxiety के लक्षण व बचाव

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- आज के दौर में पालतू जानवर केवल घर की सुरक्षा या मनोरंजन का साधन नहीं रह गए हैं, बल्कि परिवार का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। शहरीकरण, व्यस्त कार्यशैली और वर्किंग फैमिली कल्चर के बढ़ते प्रभाव के कारण कई pets को दिन का बड़ा हिस्सा घर में अकेले बिताना पड़ता है। यही वजह है कि हाल के वर्षों में pets में Anxiety और विशेष रूप से Separation Anxiety के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है।

अक्सर पेट ओनर्स शुरुआती लक्षणों को सामान्य शरारत, जिद या attention-seeking behavior समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह मानसिक तनाव का संकेत हो सकता है।

Dr. Hemant Tiwari (Veterinary Surgeon and pet wellness expert) & Dr. Priyanka Tiwari का इस तरीके के लक्षण और उसके समाधान को लेकर क्या कहना है जानते है –

Separation Anxiety क्या है?

जब कोई pet अपने मालिक के साथ अत्यधिक भावनात्मक रूप से जुड़ जाता है और उसके दूर होने पर घबराहट, तनाव या असुरक्षा महसूस करने लगता है, तो इस स्थिति को Separation Anxiety कहा जाता है।

यह समस्या विशेष रूप से कुत्तों में अधिक देखने को मिलती है, हालांकि कुछ बिल्लियां भी इससे प्रभावित हो सकती हैं।

Working Families में क्यों बढ़ रही है यह समस्या?

आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कई कारक pets के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहे हैं, जैसे:

  • लंबे समय तक घर में अकेला रहना
  • अचानक दिनचर्या में बदलाव
  • मालिक के साथ कम समय बिताना
  • सीमित जगह में रहना और कम शारीरिक गतिविधि
  • मालिक पर अत्यधिक भावनात्मक निर्भरता
  • महामारी के दौरान लगातार साथ रहने के बाद अचानक अकेलापन

इन परिस्थितियों में कई pets अपने मालिक की अनुपस्थिति को स्वीकार नहीं कर पाते और मानसिक तनाव का शिकार हो जाते हैं।

शुरुआती संकेत जिन्हें पहचानना जरूरी है

Separation Anxiety धीरे-धीरे विकसित होती है। समय रहते इसके संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है।

सामान्य लक्षण

  • मालिक के घर से निकलते ही बेचैनी
  • लगातार भौंकना, रोना या आवाजें निकालना
  • दरवाजे या खिड़की के पास इंतजार करना
  • फर्नीचर या घरेलू सामान को नुकसान पहुंचाना
  • बार-बार इधर-उधर घूमना
  • अत्यधिक लार टपकना

गंभीर लक्षण

यदि समस्या बढ़ जाए तो pet में निम्न लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं:

  • भोजन से दूरी बनाना
  • खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश
  • बार-बार उल्टी या दस्त
  • शरीर के किसी हिस्से को लगातार चाटना
  • उदास या अवसादग्रस्त व्यवहार

क्या यह केवल व्यवहार संबंधी समस्या है?

बिल्कुल नहीं। Anxiety केवल व्यवहार को ही प्रभावित नहीं करती बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य पर भी असर डालती है।

लंबे समय तक तनाव रहने पर:

  • रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है
  • पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं
  • नींद का पैटर्न प्रभावित हो सकता है
  • आक्रामक व्यवहार विकसित हो सकता है

किन Pets में जोखिम अधिक होता है?

कुछ pets में Separation Anxiety की संभावना अपेक्षाकृत अधिक रहती है:

  • अत्यधिक मालिक-निर्भर कुत्ते
  • लंबे समय तक अकेले रहने वाले pets
  • हाल ही में गोद लिए गए pets
  • Rescue dogs
  • Labrador Retriever, German Shepherd, Border Collie जैसी बुद्धिमान नस्लें

Prevention और Management कैसे करें?

1. धीरे-धीरे अकेले रहने की आदत डालें

Pet को शुरुआत में कम समय के लिए अकेला छोड़ें और धीरे-धीरे अवधि बढ़ाएं।

2. मानसिक गतिविधियों को बढ़ावा दें

Interactive toys, chew toys और food puzzles उनके दिमाग को व्यस्त रखते हैं और तनाव कम करते हैं।

3. नियमित दिनचर्या बनाए रखें

Walking, feeding और play time का निश्चित समय pet को मानसिक रूप से सुरक्षित महसूस कराता है।

4. घर से निकलने को बड़ा भावनात्मक क्षण न बनाएं

अत्यधिक भावुक विदाई कई बार anxiety को और बढ़ा सकती है।

5. नियमित व्यायाम कराएं

पर्याप्त physical activity तनाव कम करने और ऊर्जा संतुलित रखने में मदद करती है।

कब Veterinary Help लेना जरूरी है?

यदि pet में निम्न गंभीर लक्षण दिखाई दें:

  • Self-harm
  • लगातार destructive behavior
  • भोजन पूरी तरह छोड़ देना
  • Panic attacks या अत्यधिक घबराहट

तो तुरंत किसी पशु चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।

कुछ मामलों में behavior modification training, calming therapies या चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता पड़ सकती है।

निष्कर्ष

आज के समय में pets का मानसिक स्वास्थ्य भी उनके शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण हो गया है। Separation Anxiety एक वास्तविक और गंभीर समस्या है, जिसे समय रहते पहचानना और उसका समाधान करना आवश्यक है।

Working families के लिए यह समझना बेहद जरूरी है कि pets को केवल भोजन और आश्रय ही नहीं, बल्कि भावनात्मक सुरक्षा, नियमित संवाद और मानसिक संतुलन की भी आवश्यकता होती है। उचित देखभाल, नियमित दिनचर्या और समय पर विशेषज्ञ सलाह से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

Aaj Ka Rashifal 01 June 2026: जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल

Aaj Ka Rashifal 01 June 2026: आज का दिन कई राशियों के लिए नए अवसर, आर्थिक लाभ और पारिवारिक खुशियां लेकर आ सकता है। वहीं कुछ राशियों को कार्यक्षेत्र और स्वास्थ्य के मामले में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का विस्तृत दैनिक राशिफल।

मेष राशि (Aries)

आज का दिन ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरपूर रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग ला सकती है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नई योजनाएं लाभ दे सकती हैं। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 9

वृषभ राशि (Taurus)

आर्थिक मामलों में दिन अनुकूल रहेगा। रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। निवेश से जुड़े निर्णय सोच-समझकर लें। परिवार के किसी सदस्य से शुभ समाचार मिल सकता है।
शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 6

मिथुन राशि (Gemini)

आज आपकी संवाद क्षमता आपको सफलता दिला सकती है। नौकरी और व्यवसाय में नए संपर्क बनेंगे। छात्रों के लिए दिन अच्छा रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5

कर्क राशि (Cancer)

भावनात्मक मामलों में संतुलन बनाए रखें। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। खर्चों पर नियंत्रण रखने की जरूरत है।
शुभ रंग: सिल्वर
शुभ अंक: 2

सिंह राशि (Leo)

आज आपके नेतृत्व कौशल की सराहना होगी। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। व्यापारियों को लाभ मिल सकता है। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
शुभ रंग: सुनहरा
शुभ अंक: 1

कन्या राशि (Virgo)

आज योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर सफलता मिलेगी। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें। निवेश के लिए दिन सामान्य रहेगा।
शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 7

तुला राशि (Libra)

आज रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। कार्यस्थल पर सहयोगियों का साथ मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।
शुभ रंग: गुलाबी
शुभ अंक: 6

वृश्चिक राशि (Scorpio)

आज आत्मविश्वास बढ़ा हुआ रहेगा। किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता मिलने की संभावना है। व्यवसाय में नई साझेदारी लाभदायक साबित हो सकती है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
शुभ रंग: मैरून
शुभ अंक: 8

धनु राशि (Sagittarius)

भाग्य का साथ मिल सकता है। यात्रा के योग बन रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी।
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3

मकर राशि (Capricorn)

आज धैर्य और समझदारी से काम लेना होगा। कार्यक्षेत्र में चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन आप उन्हें सफलतापूर्वक संभाल लेंगे। पारिवारिक मामलों में संयम बनाए रखें।
शुभ रंग: भूरा
शुभ अंक: 8

कुंभ राशि (Aquarius)

नए अवसर आपके सामने आ सकते हैं। नौकरी और व्यवसाय में प्रगति के संकेत हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें।
शुभ रंग: आसमानी
शुभ अंक: 4

मीन राशि (Pisces)

आज रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है। किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है।
शुभ रंग: बैंगनी
शुभ अंक: 7

पेट्रोल पर 1.5 रुपये और डीजल पर 3 रुपये की टैक्स कटौती का सरकार ने किया ऐलान, 1 जून से लागू होंगे नए दरें

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़ : केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात से जुड़े कर ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए पेट्रोल, डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) पर लगने वाली एक्सपोर्ट ड्यूटी में कटौती का ऐलान किया है। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार नई दरें 1 जून 2026 से प्रभावी होंगी।
नई व्यवस्था के तहत पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी में 1.5 रुपये प्रति लीटर, डीजल पर 3 रुपये प्रति लीटर और ATF पर 7 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई है।

घरेलू कीमतों पर नहीं पड़ेगा असर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव केवल निर्यात शुल्क (Export Duty) से संबंधित है। घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले करों अथवा खुदरा कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसलिए आम उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल के दामों में तत्काल राहत मिलने की संभावना नहीं है।

मार्च में लगाया गया था विशेष कर

गौरतलब है कि सरकार ने 27 मार्च 2026 को पेट्रोलियम उत्पादों पर यह विशेष निर्यात शुल्क लागू किया था। उस समय पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता को देखते हुए देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया था।
इसके बाद समय-समय पर शुल्क की समीक्षा की जाती रही है। इससे पहले 16 मई को भी ड्यूटी दरों में संशोधन किया गया था।

घरेलू बाजार में कीमतें स्थिर

रविवार को सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों में कोई बदलाव नहीं किया। देशभर में पुराने रेट ही लागू हैं।

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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बनी हुई है।

मई में बढ़े थे ईंधन के दाम

मई महीने के दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल मिलाकर करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। इससे पहले वर्ष 2022 के बाद पहली बार ईंधन कीमतों में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला था।

कई शहरों में 110 रुपये के पार पेट्रोल

देश के कई बड़े शहरों में पेट्रोल की कीमतें 110 रुपये प्रति लीटर से ऊपर पहुंच चुकी हैं। हैदराबाद में पेट्रोल 115 रुपये प्रति लीटर के स्तर को पार कर चुका है, जबकि कोलकाता समेत कई महानगरों में भी पेट्रोल की कीमतें 110 रुपये से अधिक बनी हुई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि एक्सपोर्ट ड्यूटी में कटौती का उद्देश्य रिफाइनिंग कंपनियों को राहत देना और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय पेट्रोलियम उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखना है।

ममता बनर्जी की बैठक में नहीं पहुंचे 80 में से 60 विधायक, TMC में बढ़ी हलचल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर असंतोष और गुटबाजी की चर्चाएं तेज हो गई हैं। रविवार को पार्टी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee के आवास पर प्रस्तावित एक महत्वपूर्ण बैठक उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब बड़ी संख्या में विधायक उसमें शामिल नहीं हुए।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व ने विधायक दल की एक अहम बैठक बुलाई थी, जिसमें करीब 80 विधायकों को आमंत्रित किया गया था। हालांकि, बैठक में अपेक्षित संख्या में विधायक नहीं पहुंचे, जिसके चलते कार्यक्रम को स्थगित करना पड़ा। इस घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर चल रही संभावित नाराजगी और संगठनात्मक चुनौतियों को लेकर नई अटकलों को जन्म दे दिया है।

पार्टी ने दी सफाई

टीएमसी की ओर से इस मामले में सफाई देते हुए कहा गया कि कई विधायक हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों और अपने-अपने क्षेत्रों में व्यस्त थे। पार्टी नेताओं का कहना है कि सांसद Abhishek Banerjee और Kalyan Banerjee से जुड़ी घटनाओं के बाद कई जनप्रतिनिधि स्थानीय स्तर पर सक्रिय थे, जिसके कारण वे बैठक में शामिल नहीं हो सके।

चुनावी हार के बाद बढ़ीं चुनौतियां

हालिया विधानसभा चुनाव में टीएमसी को अपेक्षा से कम सफलता मिली, जिसके बाद पार्टी के भीतर नेतृत्व और संगठनात्मक रणनीति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। चुनाव परिणामों के बाद कई नेताओं ने सार्वजनिक रूप से अपनी राय रखी है और कुछ वरिष्ठ नेताओं ने संगठनात्मक पदों से इस्तीफा भी दिया है।

नेताओं की नाराजगी भी आई सामने

पिछले कुछ सप्ताहों में पार्टी के कई सांसदों और नेताओं द्वारा असंतोष जताए जाने की खबरें सामने आई हैं। कुछ नेताओं ने संगठनात्मक फैसलों पर सवाल उठाए हैं, जबकि कुछ ने अपने पदों से इस्तीफा देकर नेतृत्व के समक्ष अपनी नाराजगी जाहिर की है। इससे विपक्ष को भी टीएमसी पर निशाना साधने का मौका मिला है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज

बैठक में बड़ी संख्या में विधायकों की अनुपस्थिति को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों के बीच कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि, पार्टी नेतृत्व फिलहाल किसी भी प्रकार के बड़े संकट या टूट की संभावना से इनकार कर रहा है और इसे सामान्य राजनीतिक परिस्थितियों का हिस्सा बता रहा है।

कोलकाता में टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी पर हमला, सिर में चोट; थाने के बाहर हुआ हंगामा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। रविवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक Kalyan Banerjee पर हुगली जिले में कथित रूप से हमला किए जाने की घटना सामने आई है। इस दौरान उनके सिर में चोट लगने की सूचना है।

जानकारी के अनुसार, हुगली के चंडीताला थाना क्षेत्र में टीएमसी समर्थक अपने कुछ गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद भाजपा समर्थकों और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जो बाद में धक्का-मुक्की और विवाद में बदल गई।

‘चोर-चोर’ के नारों के बीच बढ़ा तनाव

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई। आरोप है कि भाजपा समर्थकों की ओर से ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए गए, जिसके बाद माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई और क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।

हालात को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों को भी मौके पर तैनात करना पड़ा। सुरक्षा बलों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास किया।

कल्याण बनर्जी ने लगाया साजिशन हमले का आरोप

घटना के बाद घायल अवस्था में दिखाई दिए कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया गया। उनका कहना है कि जब वे थाने में आधिकारिक ज्ञापन सौंपने जा रहे थे, तभी उन पर हमला किया गया।

उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग कर रहे लोगों पर इस तरह का हमला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

एक दिन पहले अभिषेक बनर्जी भी बने थे निशाना

गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद Abhishek Banerjee के साथ भी कथित हमले की घटना सामने आई थी। बताया गया कि वे दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर क्षेत्र में चुनावी हिंसा से प्रभावित एक पार्टी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने पहुंचे थे।

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इस दौरान उनके काफिले के पास कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। आरोप है कि स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई तथा उनके काफिले पर अंडे और अन्य वस्तुएं फेंकी गईं। सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

राजनीतिक माहौल गरमाया

दो दिनों के भीतर टीएमसी के दो प्रमुख नेताओं के साथ हुई घटनाओं ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। सत्तारूढ़ टीएमसी और विपक्षी भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। वहीं, इन घटनाओं को लेकर राज्य में राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है।

(नोट: घटना को लेकर विभिन्न पक्षों के आरोप और दावे सामने आए हैं। मामले की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।)

समय पर ब्लड टेस्टिंग से बच सकती है आपके पालतू की जान, जानिए क्यों है यह बेहद जरूरी

न्यूज़ डेस्क /सर्वोदय न्यूज़ : अक्सर पालतू जानवरों के मालिक अपने डॉग या कैट को तभी पशु चिकित्सक के पास लेकर जाते हैं, जब उनमें बीमारी के स्पष्ट लक्षण दिखाई देने लगते हैं। लेकिन कई गंभीर बीमारियां ऐसी होती हैं, जो शुरुआती चरण में बिना किसी संकेत के शरीर को नुकसान पहुंचाती रहती हैं। ऐसे में समय पर कराई गई ब्लड टेस्टिंग न केवल बीमारी की पहचान कर सकती है, बल्कि कई मामलों में पालतू जानवर की जान भी बचा सकती है।
ऐसे में जानते है विशेषज्ञ हेमंत तिवारी एवं डॉ. प्रियांका तिवारी का क्या कहना है-

क्यों महत्वपूर्ण है ब्लड टेस्टिंग?

ब्लड टेस्ट शरीर के अंदर चल रही विभिन्न जैविक प्रक्रियाओं की स्थिति को समझने का सबसे प्रभावी माध्यम माना जाता है। इसके जरिए यह पता लगाया जा सकता है कि किडनी, लिवर और अन्य महत्वपूर्ण अंग सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं। कई बार एक साधारण रक्त जांच उन बीमारियों का संकेत दे देती है, जिनके लक्षण अभी बाहर से दिखाई भी नहीं देते।

किन बीमारियों का समय रहते लगाया जा सकता है पता?

1. किडनी रोग

किडनी से जुड़ी समस्याएं अक्सर शुरुआती अवस्था में बिना किसी लक्षण के विकसित होती हैं। ब्लड यूरिया और क्रिएटिनिन जैसे पैरामीटर बढ़ने पर बीमारी का समय रहते पता लगाया जा सकता है।

2. लिवर संबंधी समस्याएं

लिवर की बीमारियां लंबे समय तक छिपी रह सकती हैं। नियमित ब्लड टेस्ट से लिवर एंजाइम्स में होने वाले बदलावों का पता लगाकर उपचार जल्दी शुरू किया जा सकता है।

3. टिक फीवर और ब्लड पैरासाइट्स

भारत में गर्मी और बरसात के मौसम में टिक फीवर के मामले तेजी से बढ़ते हैं। ब्लड टेस्टिंग के जरिए प्लेटलेट्स की संख्या और संक्रमण की पहचान शुरुआती चरण में संभव हो जाती है।

4. डायबिटीज

बार-बार प्यास लगना, वजन कम होना या कमजोरी महसूस होना डायबिटीज के संकेत हो सकते हैं। ब्लड ग्लूकोज जांच से इसकी पुष्टि की जा सकती है।

5. संक्रमण और एनीमिया

सीबीसी (Complete Blood Count) जांच शरीर में संक्रमण, सूजन और खून की कमी जैसी समस्याओं की जानकारी देती है, जिससे समय पर इलाज शुरू किया जा सकता है।

स्वस्थ दिखने वाले पालतू जानवरों को भी क्यों करानी चाहिए जांच?

विशेषज्ञों डॉ. हेमंत तिवारी एवं डॉ. प्रियांका तिवारी के अनुसार कई बार पालतू जानवर पूरी तरह स्वस्थ दिखाई देते हैं, लेकिन उनके शरीर में बीमारी विकसित हो रही होती है। खासकर:
  • 7 वर्ष से अधिक उम्र के पालतू जानवर
  • मोटापे से ग्रसित पेट्स
  • लंबे समय से दवाएं ले रहे जानवर
  • बार-बार संक्रमण का शिकार होने वाले पेट्स
इन सभी के लिए नियमित ब्लड स्क्रीनिंग बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

सर्जरी से पहले क्यों जरूरी है ब्लड टेस्ट?

किसी भी सर्जरी या एनेस्थीसिया से पहले ब्लड टेस्ट कराना सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक माना जाता है। इससे डॉक्टर यह सुनिश्चित कर पाते हैं कि:
  • लिवर और किडनी सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं।
  • जानवर एनेस्थीसिया को सुरक्षित रूप से सहन कर सकेगा।
  • शरीर में कोई छिपा हुआ संक्रमण या एनीमिया मौजूद नहीं है।
यह जांच सर्जरी के दौरान संभावित जोखिमों को काफी हद तक कम कर देती है।

इमरजेंसी स्थितियों में भी अहम भूमिका

कुछ गंभीर परिस्थितियों में ब्लड टेस्ट तुरंत उपचार शुरू करने में मदद करता है। इनमें शामिल हैं:
  • जहर का सेवन (Poisoning)
  • गंभीर डिहाइड्रेशन
  • हीट स्ट्रोक
  • दौरे पड़ना (Seizures)
  • लगातार उल्टी और दस्त
ऐसे मामलों में रक्त जांच डॉक्टर को सही उपचार योजना बनाने में महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराती है।

कितनी बार करानी चाहिए ब्लड टेस्टिंग?

विशेषज्ञों डॉ. हेमंत तिवारी एवं डॉ. प्रियांका तिवारी की सलाह के अनुसार:
  • युवा और स्वस्थ पालतू जानवरों की साल में एक बार जांच करानी चाहिए।
  • 7 वर्ष से अधिक उम्र वाले पेट्स की हर छह महीने में जांच कराना बेहतर माना जाता है।
  • किसी पुरानी बीमारी से ग्रसित जानवरों की जांच डॉक्टर की सलाह के अनुसार करानी चाहिए।

क्या ब्लड टेस्ट दर्दनाक प्रक्रिया है?

ब्लड टेस्टिंग एक सामान्य और सुरक्षित प्रक्रिया है। इसमें केवल थोड़ी मात्रा में रक्त लिया जाता है और अधिकांश पालतू जानवर इसे आसानी से सहन कर लेते हैं।

निष्कर्ष

आधुनिक वेटरिनरी चिकित्सा में नियमित ब्लड टेस्टिंग अब वैक्सीनेशन और संतुलित पोषण जितनी ही महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह केवल बीमारी की पहचान का साधन नहीं, बल्कि प्रिवेंटिव हेल्थकेयर का एक अहम हिस्सा है। समय पर की गई जांच कई गंभीर बीमारियों का शुरुआती अवस्था में पता लगाकर उपचार का अवसर देती है और पालतू जानवर को लंबा एवं स्वस्थ जीवन प्रदान करने में मदद करती है।
यदि आपका पालतू उम्रदराज है, बार-बार बीमार पड़ता है या उसके व्यवहार में किसी प्रकार का बदलाव दिखाई दे रहा है, तो समय रहते ब्लड टेस्ट करवाना उसके बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।