Thursday, June 18, 2026

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यूपी के पोस्टर से गायब हुई सीएम योगी की तस्वीर, अखिलेश यादव ने कसा तंज – ‘काम की तरह तस्वीर भी गोल’

सर्वोदय/ लखनऊ:-  उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के आठ साल पूरे होने पर सरकार ने अपनी उपलब्धियों को दर्शाने के लिए एक विशेष पोस्टर जारी किया, लेकिन इस पोस्टर में सीएम योगी की तस्वीर गायब होने को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज कस दिया। उन्होंने कहा कि “जैसे उनके काम का कोई अता-पता नहीं, वैसे ही पोस्टर से भी उनकी तस्वीर गायब है। अब उन्हें खुद ही सम्मानपूर्वक चले जाना चाहिए।”
क्या है पूरा मामला?
अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर इस पोस्टर को साझा किया।
पोस्टर में अयोध्या के राम मंदिर और महाकुंभ में उमड़ी भीड़ को आठ साल की उपलब्धियों के रूप में दिखाया गया है। पोस्टर के ऊपरी हिस्से में राम मंदिर, जबकि नीचे महाकुंभ के दौरान संगम में स्नान कर रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर है। लेकिन पूरे पोस्टर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहीं नजर नहीं आ रहे।
अखिलेश यादव का BJP पर कटाक्ष
अखिलेश यादव ने पोस्टर साझा करते हुए लिखा –”उत्तर प्रदेश के ‘झूठे विकास’ के प्रचार में जिनकी तस्वीर तक नहीं लगी है, वे खुद ही सम्मानपूर्वक वापस चले जाएं तो बेहतर होगा। उनकी तस्वीर, उनके काम की तरह ही गोल है।”
डबल इंजन सरकार पर फिर साधा निशाना
अखिलेश यादव अक्सर यूपी सरकार और केंद्र सरकार के बीच अंदरूनी मतभेद का मुद्दा उठाते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार के दोनों इंजन ही आपस में टकरा रहे हैं। उनका दावा है कि पीएम मोदी और सीएम योगी के बीच संबंध इतने खराब हैं कि वे एक-दूसरे को नमस्ते तक नहीं करते।
योगी आदित्यनाथ का जवाब
हालांकि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है। हाल ही में एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि “हम वर्तमान नेतृत्व का भी सम्मान करते हैं और पूर्वजों के प्रति भी श्रद्धा रखते हैं। लेकिन जिनके आदर्श औरंगजेब जैसे हों, उनका आचरण भी वैसा ही होता है।”
क्या यह संकेत किसी सियासी बदलाव का?
क्या पोस्टर से योगी की तस्वीर गायब होना महज एक संयोग है या इसके पीछे कोई राजनीतिक संदेश छिपा है?
क्या अखिलेश यादव के तंज का BJP पर कोई असर पड़ेगा? क्या यह घटना यूपी की राजनीति में किसी बदलाव का संकेत दे रही है?

यूपी पुलिस में आ रही है बड़े पैमाने पर भर्ती, योगी सरकार जल्द करेगी 28,138 पदों पर भर्ती

सर्वोदय/लखनऊ:-  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशानुरूप यूपी पुलिस बल को सुदृढ़ करने के लिए नए वित्तीय वर्ष में पुलिस भर्ती की प्रक्रिया जारी रहेगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ द्वारा अप्रैल और मई माह में नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने एलान किया है। बोर्ड ने अप्रैल और मई में 28,138 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करेगा। बोर्ड द्वारा इस वर्ष मार्च माह में लगातार साठ हजार से अधिक आरक्षियों एवं रेडियो संवर्ग के चौदह सौ से अधिक पदों पर भर्तियां पूरी की हैं। यह पुलिस भर्तियों को स्ट्रीमलाइन करने एवं भर्ती कैलेंडर को ससमय करने की दिशा में यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड का सुचिंतित एवं सुनियोजित प्रयास है।

8 वर्षों में 2 लाख से अधिक पुलिस विभाग में हुई भर्ती
उतर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप पुलिस में रोज़गार के समस्त उपलब्ध अवसर अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराने के लिए भर्ती बोर्ड कृतसंकल्पित है। बीते आठ वर्षों में बोर्ड द्वारा विभिन्न पदों पर लगभग दो लाख चौदह हजार (2,14,468) से अधिक भर्तियां पूर्ण कर चुका है। जिनमें चौतीस हजार से अधिक महिलाओं (34,832) की तथा लगभग एक लाख उन्यासी हज़ार (1,79,636) पुरुषों को भर्ती किया गया है। जिनमें उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस स्तर के 12,144 पद, प्लाटून कमांडर के 780 पद, आरक्षी नागरिक पुलिस के 1,48,222 पद, आरक्षी पी०ए०सी० के 42,539 पदों पर भर्ती करने के साथ-साथ आरक्षी स्तर के कुशल खिलाड़ियों के 516 पदों की भर्ती भी की गई, जिसमें 178 महिला खिलाड़ियों की भर्ती पूर्ण कराई गई।

अप्रैल और मई में इन पदों पर शुरू होगी भर्ती प्रक्रिया
यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड ने उत्तर प्रदेश शासन के रोडमैप के अनुरूप आगामी भर्ती प्रक्रिया की रूपरेखा तैयार कर ली है। बोर्ड अप्रैल 2025 के अंतिम सप्ताह या मई 2025 के प्रथम सप्ताह से अभ्यर्थियों से आवेदन पत्र आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। इस भर्ती प्रक्रिया में उप निरीक्षक (नागरिक पुलिस) के 4,242 पद, प्लाटून कमांडर (पीएसी) के 135 पद, प्लाटून कमांडर (विशिष्ट बल) के 60 पद और जनपद बंदायू, लखनऊ व गोरखपुर के लिए महिला पीसी के 106 पद शामिल हैं, जिसके तहत कुल 4,543 पदों पर उप निरीक्षक स्तर की भर्ती की जाएगी। इसके अतिरिक्त, आरक्षी स्तर पर भी विभिन्न पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया उसी समय शुरू होगी। इसमें आरक्षी पीएसी, आरक्षी विशिष्ट बल और महिला आरक्षी पीएसी के 15,904 पद, आरक्षी (नागरिक पुलिस) के 3,245 पद, आरक्षी घुड़सवार पुलिस के 71 पद और जेल वार्डन के 2,833 पद शामिल हैं, जिसके तहत आरक्षी स्तर पर कुल 22,053 पदों पर भर्ती होगी। इस तरह, कुल 26,596 पदों पर भर्ती प्रक्रिया निकट भविष्य में प्रारंभ होगी।

कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड ए के 1153 पदों पर भी होगी भर्ती
साथ ही, रेडियो सहायक परिचालक के 44 पद और कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए के 1,153 पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया में अग्रिम कार्यवाही अप्रैल-मई 2025 में शुरू की जाएगी। इस प्रकार निकट भविष्य में कुल अठाईस हज़ार से अधिक पदों हेतु विभिन्न पदों पर भर्ती की कार्यवाही इस वर्ष प्रारम्भ की जायेगी। कुशल खिलाड़ी के अन्तर्गत उप निरीक्षक नागरिक पुलिस के 91 पदों व आरक्षी नागरिक पुलिस 372 एवं आरक्षी पीएसी 174 पदों के लिए भी कार्यवाही प्रचलित है। इसमें अप्रैल माह, 2025 के तीसरे सप्ताह से अभिलेखों की संवीक्षा एवं खेल कौशल परीक्षण की प्रकिया प्रारम्भकी जायेगी। सभी भर्तियों के संबंध में शीघ्र ही यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की वेबसाइट व सोशिल मीडिया पर शीघ्र ही अग्रिम सूचना दी जायेगी

धीरेंद्र शास्त्री ने किया था कव्वाली कार्यक्रम का शुभारम्भ: उसमें शराब पार्टी का वीडियो हुआ वायरल

सर्वोदय:- बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मथुरा में एक आयोजन का उद्घाटन किया, जिसके बाद विवाद उत्पन्न हो गया है। इस कार्यक्रम में एक शराब पार्टी का आयोजन किया गया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसके चलते स्थानीय लोगों ने आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कुछ लोगों का कहना है कि असामाजिक तत्वों ने पंडित जी को बदनाम करने के लिए ये सब किया है।
22 मार्च को धीरेंद्र शास्त्री ने एक दीप जलाकर कव्वाली कार्यक्रम का शुभारंभ किया, जिसमें सागर भाटिया और उनकी टीम ने प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम के शुरू होने से पहले शास्त्री ने ब्रज क्षेत्र को मांस और शराब से मुक्त कराने के लिए एक बड़ी पदयात्रा निकालने का ऐलान भी किया था। यह कार्यक्रम मथुरा के लायंस क्लब और केबी ग्रुप द्वारा आयोजित किया गया था।
जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में शराब का आधिकारिक इंतजाम नहीं था। कुछ लोगों ने अपनी व्यक्तिगत शराब लाकर इसका सेवन किया, जिसका वीडियो बाद में वायरल हो गया। इसके कारण धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल किया जा रहा है। कार्यक्रम के बाद, शास्त्री वापस वृंदावन लौट गए। कुछ व्यक्तियों ने यह भी कहा है कि यह सब एक साजिश के तहत किया गया है।
इस कार्यक्रम में प्रवेश के लिए विभिन्न कैटेगरी जैसे डायमंड, प्लेटिनम, गोल्ड और सिल्वर रखी गई थीं। उद्घाटन से पहले इस कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार भी व्यापक रूप से किया गया था। कई लोगों ने इस आयोजन को देखने के लिए ऑनलाइन बुकिंग भी की थी। कार्यक्रम के उद्घाटन के बाद, धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उनका उद्देश्य भारत को हर हाल में हिंदू राष्ट्र घोषित कराना है, ताकि भारत में सनातन धर्म के खिलाफ किसी भी प्रकार की नकारात्मकता को समाप्त किया जा सके।

कांग्रेस विधायक का साधु-संतों को लेकर विवादित बयान: ‘सांड’ से की तुलना

सर्वोदय:- मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक डॉ. राजेन्द्र सिंह ने साधु-संतों और महामंडलेश्वरों के बारे में एक विवादित टिप्पणी की है, जिसने राजनीतिक और धार्मिक हलकों में हंगामा मचा दिया है। उन्होंने साधु-संतों और महामंडलेश्वरों की तुलना ‘सांड’ से करते हुए कहा कि बीजेपी ने इन्हें जनता के बीच छोड़ दिया है। डॉ. सिंह ने कहा, “बीजेपी ने साधु-संतों, संन्यासियों, बाबा बैरागियों और महामंडलेश्वरों को छोड़ दिया, अब उन्हें हिंदुत्व, भाजपा का प्रचार और सनातन की बातें करने के लिए कह दिया। और ये सांड दूसरों के खेतों में चर रहे हैं।”
यह बयान तब आया जब मध्यप्रदेश के सतना जिले में कांग्रेस ने जिला स्तरीय कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी मौजूद थे। मंच से डॉ. सिंह ने इस विवादित बयान को दिया।उन्होंने कहा कि राम मंदिर और महाकुंभ के प्रचार पर बात करते हुए कहा, “संयोग से राम मंदिर का निर्माण शुरू हो गया और महाकुंभ भी आ गया। प्रचार तो बहुत हुआ, लेकिन मैंने गणित से हिसाब लगाया कि 10-12 करोड़ से ज्यादा लोग नहीं गए। मैं विज्ञान का विद्यार्थी रहा हूं, इंजीनियर हूं।”
इसके बाद डॉ. सिंह ने महाकुंभ में शामिल होने वाले लोगों की संख्या का हवाला देते हुए कहा, “महाकुंभ में 60 करोड़ लोग गए, लेकिन यह सब वाट्सएप यूनिवर्सिटी के प्रभाव से हुआ है।” उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने धार्मिक नेताओं को प्रचार के लिए इस्तेमाल किया और अब उन्हें अकेला छोड़ दिया।
डॉ. राजेन्द्र सिंह मध्यप्रदेश के सतना जिले की अमरपाटन विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक हैं। वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में माने जाते हैं और पांचवीं बार विधायक बने हैं। वे दिग्विजय सिंह की सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और मध्यप्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष का पद भी संभाल चुके हैं।

प्रेमिका से मिलना प्रेमी को पड़ा भारी, मंदिर में कराई शादी

सर्वोदय/जालौन:- जालौन जिले के कालपी कोतवाली क्षेत्र स्थित ग्राम बैरई में एक अजीबो-गरीब घटना सामने आई है, जहां एक युवक को अपनी प्रेमिका से मिलने का भारी कीमत चुकाना पड़ा। दरअसल, युवक ने अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए उसके गांव का रुख किया, लेकिन उसे न केवल परिजनों के गुस्से का सामना करना पड़ा, बल्कि उन्हें गांव के काली माता मंदिर में शादी भी करवा दी गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और इसे लेकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
कैसे हुई मुलाकात?
यह घटना उस वक्त घटी जब एक युवक, जो गुजरात में धंधा करता है, इंस्टाग्राम के जरिए युवती से संपर्क में आया था। दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और युवक ने अपनी प्रेमिका से मिलने का निर्णय लिया। युवक ने अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए बैरई गांव का रुख किया, लेकिन उसे यह नहीं पता था कि उसके सामने क्या खड़ी चुनौती आ रही है।
प्रेमिका के परिजनों ने क्या किया?
जब युवक प्रेमिका से मिलने उसके गांव पहुंचा, तो वहां लड़की के परिजनों ने उसे पकड़ लिया और फिर काली माता मंदिर में उनकी शादी करा दी। बताया जा रहा है कि लड़की के परिजनों ने युवक और युवती की इच्छा के खिलाफ शादी करवा दी। शादी के बाद, यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और इसे लेकर लोगों में चर्चा का विषय बन गया है।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं:
इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इस कदम को परिजनों का अत्याचार मान रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग इसे परंपरा और समाजिक दबाव के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, लड़की और युवक के बीच प्रेम की बात तो बनी रही, लेकिन शादी का यह तरीका कहीं न कहीं दोनों की इच्छा के खिलाफ नजर आता है।
क्या था मामला?
यह पूरा घटनाक्रम कालपी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बैरई का है, जहां प्रेमिका से मिलने पहुंचे प्रेमी को यह उम्मीद नहीं थी कि उसे इस तरह का बंधन अपनाना पड़ेगा। युवक और युवती के बीच इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई, जो बाद में प्यार में बदल गई। अब इस मामले ने एक नया मोड़ लिया है, जहां इस शादी के वीडियो ने पूरे जिले में सनसनी मचा दी है।
इस घटना ने प्रेम और पारिवारिक परंपराओं के बीच टकराव को उजागर किया है। अब यह देखना बाकी है कि इस घटना के बाद प्रेमी और प्रेमिका का भविष्य क्या होता है।

मोदी सरकार की बड़ी पहल! ओला-उबर जैसी टैक्सी सेवा शुरू करेगी सरकार, गृह मंत्री अमित शाह का ऐलान

सर्वोदय/नई दिल्ली: मोदी सरकार अब निजी कंपनियों की तर्ज पर सरकारी टैक्सी सेवा शुरू करने जा रही है। इस सेवा से देशभर के टैक्सी ड्राइवरों और आम जनता को बड़ा फायदा होगा। गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि सरकार जल्द ही एक राष्ट्रीय स्तर की टैक्सी सेवा शुरू करने की योजना बना रही है, जो ओला-उबर जैसी सुविधाएं देगी लेकिन सरकारी नियंत्रण में होगी।
टैक्सी ड्राइवरों को होगा सीधा फायदा!
देशभर में हजारों टैक्सी ड्राइवर ओला और उबर की ऊंची कमीशन दरों से परेशान हैं। सरकार की इस नई पहल से उन्हें राहत मिलेगी।
बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी।
ड्राइवरों को अधिक कमाई का मौका मिलेगा।
सरकार द्वारा तय किए गए न्यूनतम किराए के आधार पर भुगतान मिलेगा।
बेहतर सुरक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में क्या कहा?
लोकसभा में अमित शाह ने कहा –”सरकार जल्द ही एक नई टैक्सी सेवा शुरू करने की योजना बना रही है, जिससे टैक्सी ड्राइवरों का शोषण रुकेगा और जनता को सस्ती व भरोसेमंद सेवा मिलेगी।”
क्या होगी नई सरकारी टैक्सी सेवा की खासियत?
यह सेवा सरकारी स्तर पर संचालित होगी।ऐप-बेस्ड बुकिंग सिस्टम होगा, ठीक ओला-उबर की तरह। ड्राइवरों से ऊंचा कमीशन नहीं लिया जाएगा। यात्रियों के लिए सस्ती और सुरक्षित सेवा उपलब्ध होगी। ऑनलाइन और कैश पेमेंट दोनों का विकल्प मिलेगा।
क्या ड्राइवरों की आय बढ़ेगी?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से टैक्सी ड्राइवरों की कमाई में बढ़ोतरी होगी, क्योंकि उन्हें अब ओला-उबर जैसी कंपनियों को भारी कमीशन नहीं देना पड़ेगा।
यात्रियों को क्या फायदा होगा?
कम किराए में बेहतर सुविधा मिलेगी।सरकारी नियंत्रण होने से यात्रा ज्यादा सुरक्षित होगी।सभी शहरों में एक समान किराया होगा। ड्राइवरों की पूरी जानकारी सरकार के पास होगी, जिससे आपराधिक मामलों में कमी आएगी।
 कब होगी लॉन्चिंग?
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है और जल्द ही इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कुछ शहरों में लॉन्च किया जाएगा।

साहिल की नानी का बड़ा बयान, कहा – “उसे दो-दो नशे थे, औरत का और नशे का!”

सर्वोदय/मेरठ :-  मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। उसकी पत्नी मुस्कान और प्रेमी साहिल जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। जहां सौरभ का परिवार मुस्कान और उसके घरवालों पर गंभीर आरोप लगा रहा है, वहीं मुस्कान के परिवार ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। लेकिन इस पूरे मामले में साहिल का परिवार अब तक चुप था।

सामने आई साहिल की नानी, कहा – सौरभ के साथ हुआ गलत!

साहिल की नानी बुलंदशहर से मेरठ जेल में उससे मिलने पहुंचीं। लेकिन उन्होंने साहिल से ज्यादा सौरभ के लिए सहानुभूति दिखाई। उन्होंने कहा,”मुझे साहिल से ज्यादा दुख सौरभ का है, उसके साथ बहुत गलत हुआ! “साहिल को दो बड़े नशे थे!” – नानी का चौंकाने वाला खुलासा

साहिल के परिवार ने साधी चुप्पी!

साहिल के पिता नोएडा में रहते हैं, और वे महीनों तक घर नहीं आते।मेरठ स्थित साहिल के घर पर ताला पड़ा है, वहां कोई मौजूद नहीं। मीडिया ने साहिल के पिता से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कोई खास प्रतिक्रिया नहीं दी।
मेरठ के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि –साहिल की नानी ने नियम के अनुसार मुलाकात की पर्ची भरी थी। जेल में साहिल के साथ किसी भी तरह की मारपीट या दुर्व्यवहार नहीं हुआ । 10 दिन पूरे होने के बाद उसे जेल में किसी कार्य में शामिल किया जाएगा।

सूटकेस और ड्रम प्लान – पहले शव छिपाने की थी योजना!

अब पुलिस जांच में सामने आया है कि मुस्कान और साहिल पहले सौरभ की लाश को सूटकेस में भरकर ठिकाने लगाने की फिराक में थे। लेकिन जब ये प्लान फेल हो गया तो उन्होंने ड्रम में शव डालने का आइडिया अपनाया। पुलिस को सौरभ के घर से एक खून से सना सूटकेस मिला है, जिससे इस साजिश की पुष्टि होती है।

कत्ल के बाद हिमाचल में मौज-मस्ती!

सौरभ की हत्या के बाद मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश में नशे में डूबकर मस्ती करते रहे। उनकी कई नई तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिसमें वे पूरी तरह एन्जॉय कर रहे हैं, बिना किसी पछतावे के!

विदेशी युवक ने प्रेमानंद महाराज से की मुलाकात, संत बोले- ‘जुबान पर नियंत्रण रखो’, फिर जो हुआ…

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सर्वोदय/वृन्दावन:- वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज को हर धर्म और संप्रदाय के लोग सम्मान देते हैं। वे अपने आध्यात्मिक प्रवचनों के लिए देश-विदेश में लोकप्रिय हैं। उनके सत्संग में न केवल भारतीय बल्कि विदेशी भक्त भी बड़ी संख्या में भाग लेते हैं। हाल ही में एक न्यूजीलैंड से आए विदेशी युवक ने उनसे मुलाकात की, जिसकी चर्चा अब सोशल मीडिया पर खूब हो रही है।

भोजन को लेकर युवक ने किया सवाल

न्यूजीलैंड से आए युवक प्रेमानंद महाराज से पूछा कि जब वह खाना शुरू करता है तो रुकने का मन ही नहीं करता। इस पर संत ने सलाह दी कि भोजन हमेशा सात्विक होना चाहिए और उतना ही खाना चाहिए जितनी भूख हो। महाराज ने कहा, “जुबान पर नियंत्रण रखना जरूरी है, तभी मन और आत्मा को शांति मिलेगी।”

भारतीय संस्कृति से प्रभावित हुआ विदेशी भक्त

संत ने युवक से आगे पूछा कि क्या वह पद्मासन या सिद्धासन कर सकता है? इस पर युवक ने हां कहा और तुरंत ही पद्मासन लगाकर दिखा दिया। यह देखकर महाराज हंस पड़े और बोले, “देखो, विदेशी भारतीय आसन अपना रहे हैं और भारतीय लोग कुर्सी पर बैठना पसंद करते हैं।”

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प्रेमिका को लेकर हुआ सवाल

मुलाकात के दौरान प्रेमानंद महाराज ने युवक से उसकी गर्लफ्रेंड के बारे में भी पूछ लिया। इस पर कबीदास ने शर्माते हुए जवाब दिया कि उसकी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है, बल्कि भगवान ही उसके सच्चे प्रेम हैं। यह सुनकर वहां मौजूद सभी लोग हंस पड़े और महाराज भी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा, “यह सच में बहुत सुंदर विचार है। एक विदेशी होते हुए भी तुम भारतीय संस्कृति को अपनाते हो, यह बहुत प्रशंसा योग्य है।”

विदेशी युवक की सोच पर गर्व हुआ संत को

प्रेमानंद महाराज ने युवक की सराहना करते हुए कहा कि “तुम पर ऋषि-मुनियों की कृपा है। आज के समय में जहां भारतीय युवा पश्चिमी सभ्यता अपना रहे हैं, वहीं विदेशी भारतीय संस्कृति को अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं।”
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोग प्रेमानंद महाराज और विदेशी भक्त की बातचीत को खूब पसंद कर रहे हैं।

क्या यूपी को मिलेगा नया मुख्यमंत्री? 8 साल पूरे होते ही योगी आदित्यनाथ की कुर्सी पर खतरा!

सर्वोदय/लखनऊ:-  उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार को 8 साल पूरे हो चुके हैं। 2017 में पहली बार मुख्यमंत्री बने योगी आदित्यनाथ लगातार 8 वर्षों से इस पद पर बने हुए हैं। हालांकि, उनके कार्यकाल में अभी भी दो साल बाकी हैं, लेकिन इस बीच डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के समर्थकों की सक्रियता से सियासी हलचल तेज हो गई है। अब चर्चा होने लगी है कि क्या योगी आदित्यनाथ को सीएम पद छोड़ना पड़ेगा और उनकी जगह कोई नया चेहरा सामने आ सकता है?

केशव मौर्य के पक्ष में विधायक

उत्तर प्रदेश बीजेपी में कई ऐसे विधायक हैं जो केशव प्रसाद मौर्य को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं। इनमें कुछ विधायक पर्दे के पीछे अपनी मंशा जाहिर कर रहे हैं, तो कुछ खुले तौर पर इसकी वकालत कर रहे हैं।बीजेपी विधायक श्याम प्रकाश ने हाल ही में सार्वजनिक मंच से कहा था कि योगी आदित्यनाथ को दिल्ली चले जाना चाहिए और केशव मौर्य को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी कही गई बातें अक्सर सच साबित होती हैं। इसी तरह, गाजियाबाद के लोनी से विधायक नंदकिशोर गुर्जर भी केशव मौर्य के कट्टर समर्थक माने जाते हैं।

केशव मौर्य का बढ़ता कद

नंदकिशोर गुर्जर अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। हाल ही में कलश यात्रा के दौरान पुलिस से टकराव के बाद उन्होंने अपनी ही सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस घटना के बाद, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने खुलकर नंदकिशोर गुर्जर के साथ मंच साझा किया और उनके समर्थन की बात कही।

इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या केशव मौर्य एक बार फिर योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं? अब देखना यह होगा कि बीजेपी नेतृत्व इस मुद्दे पर क्या फैसला लेता है और क्या यूपी को जल्द ही नया मुख्यमंत्री मिलने वाला है?

आरा रेलवे स्टेशन के फुट ओवर ब्रिज पर सिरफिरे ने पिता-पुत्री की हत्या कर खुद को भी मारी गोली

सर्वोदय (बिहार):- बिहार के आरा रेलवे स्टेशन पर एक शख्स ने 16 वर्षीय लड़की और उसके पिता की कथित रूप से गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद आरोपी ने खुद को भी गोली से उड़ा दिया.
पुलिस ने मीडिया से बातचीत में  बताया कि यह घटना ‘प्लेटफार्म’ संख्या- 2 और ‘प्लेटफार्म’ संख्या- 3 को जोड़ने वाले फुट ओवर ब्रिज पर हुई. भोजपुर जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राज ने बताया कि बंदूकधारी की पहचान अमन कुमार के रूप में हुई है.

घटना के बाद रेलवे स्टेशन पर अफरातफरी मच गई बताया जा रहा है कि सबी मृतक उदवंतनगर थाना क्षेत्र के रहने वाले थे. एसपी ने बताया, ‘उसने पहले लड़की को और फिर उसके पिता को गोली मारी जिसके बाद उसने खुद को भी गोली मार ली और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई.’

एसपी ने कहा कि हत्या का मकसद अभी तक पता नहीं लग पाया है. हालांकि, प्रेम प्रसंग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

एसपी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और फोरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं. पता चला है कि लड़की दिल्ली जाने वाली ट्रेन में सवार होने के लिए स्टेशन आई थी.