Thursday, June 18, 2026

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“लखनऊ की शेरनी”: विंग कमांडर व्योमिका सिंह, जिनकी बहादुरी से कांप उठे आतंकी!

लखनऊ/सर्वोदय :- भारतीय वायुसेना की एक बहादुर अधिकारी, विंग कमांडर व्योमिका सिंह, आज पूरे देश की प्रेरणा बन चुकी हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी वीरता, तेज निर्णय क्षमता और नेतृत्व की मिसाल ने उन्हें एक राष्ट्रीय हीरो बना दिया है। पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले के जवाब में उनकी भूमिका ने देशवासियों का दिल जीत लिया है।

ऑपरेशन सिंदूर: बहादुरी की मिसाल

भारत-पाकिस्तान के बीच हाल ही में बढ़े तनाव और कश्मीर घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना की जवाबी कार्रवाई में व्योमिका सिंह का नेतृत्व निर्णायक साबित हुआ। उन्होंने अपने दस्ते को दुर्गम पहाड़ी इलाकों में न केवल मार्गदर्शन दिया, बल्कि मिशन की सफलता में निर्णायक भूमिका निभाई।

पारिवारिक पृष्ठभूमि: फौजी खून, देशभक्ति की विरासत

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जन्मी व्योमिका सिंह की शादी हरियाणा के भिवानी जिले के बापोड़ा गांव में हुई, जो ‘फौजियों का गांव’ कहलाता है। उनके पति विंग कमांडर दिनेश सिंह सभ्रवाल भी भारतीय वायुसेना में सेवारत हैं।

यह संयोग नहीं, बल्कि समर्पण की परंपरा है — बापोड़ा गांव से कई उच्च सैन्य अधिकारी निकल चुके हैं, जिनमें पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल वी.के. सिंह भी शामिल हैं।

शिक्षा और करियर: सपनों से ऊंची उड़ान

  • लखनऊ से स्कूलिंग और इंजीनियरिंग की पढ़ाई।
  • एनसीसी से प्रशिक्षण प्राप्त किया।
  • 2004 में बनीं भारतीय वायुसेना की प्रारंभिक महिला अधिकारियों में से एक।
  • चेतक और चीता हेलीकॉप्टरों की उड़ान में महारत।
  • 2500 से अधिक घंटे की उड़ान का अनुभव।

प्रेरणा की मिसाल: हर बेटी का सपना

विंग कमांडर व्योमिका सिंह की कहानी उस हर भारतीय लड़की के लिए प्रेरणा है, जो आसमान को छूने का सपना देखती है। वह न केवल एक अफसर हैं, बल्कि एक मां, एक पत्नी और एक देशभक्त नागरिक भी हैं, जिन्होंने अपनी ज़िम्मेदारियों को बखूबी निभाया है।

 

विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से लिया संन्यास: भारतीय क्रिकेट में एक युग का समापन

खेल-जगत/ सर्वोदय :- भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने 12 मई 2025 को आधिकारिक रूप से टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की। 36 वर्षीय कोहली ने सुबह 11:43 बजे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट के माध्यम से यह जानकारी साझा की।

कोहली का टेस्ट क्रिकेट करियर:

कोहली ने 2011 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया और 14 वर्षों में 123 टेस्ट मैचों में 9,230 रन बनाए। उनके नाम 30 शतक और 46.85 की औसत से रन हैं। उन्होंने 2014 से 2022 तक भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी की, जिसमें 68 मैचों में से 40 में जीत हासिल की, जिससे वह भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान बने। उनकी कप्तानी में भारत ने 2021 और 2023 में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई।

संन्यास की घोषणा:

कोहली ने अपनी पोस्ट में लिखा, “यह आसान नहीं था, लेकिन यह सही लगता है। मैंने टेस्ट क्रिकेट को वह सब कुछ दिया जो मैं दे सकता था।” उन्होंने इस प्रारूप को अपने करियर और जीवन के लिए महत्वपूर्ण बताया और कहा कि वह बिना किसी पछतावे के संन्यास ले रहे हैं।

रिटायरमेंट के कारण:

हालांकि कोहली ने सीधे तौर पर रिटायरमेंट के कारणों का उल्लेख नहीं किया, लेकिन उन्होंने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौरे के बारे में कहा था, “शायद मेरे पास अगला ऑस्ट्रेलिया दौरा नहीं होगा, इसलिए मैं जो कुछ भी हुआ उससे शांति में हूं।”

भविष्य की योजनाएं:

कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया है, लेकिन वह वनडे क्रिकेट और आईपीएल में खेलते रहेंगे। उन्होंने हाल ही में 2024 में भारत की टी20 वर्ल्ड कप जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अब वह आईपीएल 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए खेलते नजर आएंगे।

कोहली के संन्यास की घोषणा के बाद, भारतीय क्रिकेट जगत और प्रशंसकों से उन्हें शुभकामनाएं मिल रही हैं। उनकी उपलब्धियों और योगदान को सराहा जा रहा है, और उन्हें एक महान क्रिकेटर के रूप में याद किया जाएगा।

चिलचिलाती गर्मी में राहत चाहिए? उत्तराखंड के ये 21 ठंडी जगहें हैं किसी स्वर्ग से कम नहीं!

देहरादून/सर्वोदय:-  उत्तर भारत में गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है, लेकिन अगर आप चिलचिलाती धूप से बचकर कुछ समय बर्फीली ठंडक और शांत वातावरण में बिताना चाहते हैं, तो उत्तराखंड आपका इंतजार कर रहा है। हरे-भरे पहाड़, बर्फीली हवाएं और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह राज्य गर्मी में भी ठंडक का अनुभव देता है।

यहां हम लेकर आए हैं उत्तराखंड की 21 सबसे ठंडी और खूबसूरत जगहों की सूची, जहां इस गर्मी आप फैमिली, दोस्तों या पार्टनर के साथ सुकून के पल बिता सकते हैं।

उत्तराखंड की 21 ठंडी और दिलकश जगहें:

  1. औली (Auli): स्कीइंग और बर्फीली ढलानों के लिए मशहूर, गर्मियों में भी ठंडी हवा का आनंद।
  2. कौसानी (Kausani): चाय बागान, त्रिशूल और नंदा देवी की चोटियों का मनोरम दृश्य।
  3. लैंसडाउन (Lansdowne): ब्रिटिश काल की छावनी, शांत और सुरम्य वातावरण।
  4. चोपता (Chopta): भारत का मिनी स्विट्ज़रलैंड, तुंगनाथ ट्रेक का आरंभिक बिंदु।
  5. मुक्तेश्वर (Mukteshwar): साहसिक गतिविधियों और प्राचीन शिव मंदिर के लिए प्रसिद्ध।
  6. मुनस्यारी (Munsiyari): लिटिल कश्मीर कहा जाने वाला ये क्षेत्र पंचाचुली चोटियों के लिए जाना जाता है।
  7. बिनसर (Binsar): वन्यजीवों और 360 डिग्री हिमालय दर्शन का अद्भुत अनुभव।
  8. हर्षिल (Harsil): भागीरथी नदी के किनारे बसा शांत और सुंदर गाँव।
  9. हेमकुंड साहिब (Hemkund Sahib): धार्मिक आस्था और बर्फीले पर्वतों का संगम।
  10. रानीखेत (Ranikhet): सेना छावनी, गोल्फ कोर्स और चौबटिया गार्डन के लिए मशहूर।
  11. अल्मोड़ा (Almora): सांस्कृतिक धरोहर, नंदा देवी और कसार देवी मंदिर के दर्शन।
  12. चकराता (Chakrata): टाइगर फॉल्स और देवबन जंगलों के बीच शांत ट्रेकिंग अनुभव।
  13. धनोल्टी (Dhanaulti): मसूरी के पास स्थित शांत हिल स्टेशन, हिमालयी नजारे के लिए आदर्श।
  14. कनाताल (Kanatal): सेब के बागान, कैंपिंग और स्टारगेज़िंग के लिए बढ़िया जगह।
  15. नैनीताल (Nainital): नैनी झील में बोटिंग, स्नो व्यू पॉइंट और शॉपिंग का संगम।
  16. मसूरी (Mussoorie): पहाड़ों की रानी, केम्पटी फॉल्स और गन हिल मुख्य आकर्षण।
  17. बद्रीनाथ (Badrinath): चार धामों में से एक, अध्यात्म और प्रकृति का मेल।
  18. ज्योलीकोट (Jeolikote): बटरफ्लाई वैली और शांतिपूर्ण नेचर वॉक्स के लिए आदर्श।
  19. अबॉट माउंट (Abbott Mount): औपनिवेशिक बंगले और प्रकृति की गोद में शांति।
  20. खिर्सू (Khirsu): अनछुए हिल स्टेशन में से एक, हिमालय की मनोहारी झलक।
  21. टिहरी गढ़वाल (Tehri Garhwal): नई टिहरी झील, वाटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर का हब।

अगर आप गर्मी में AC और कूलर से कहीं ज्यादा कुछ चाहते हैं, तो उत्तराखंड की इन ठंडी जगहों का रुख जरूर करें। ये जगहें ना सिर्फ शरीर को ठंडक देती हैं, बल्कि मन और आत्मा को भी सुकून देती हैं। हरी-भरी वादियां, ठंडी हवाएं और शांत वातावरण — ये सभी मिलकर आपके वेकेशन को बना सकते हैं यादगार और रिफ्रेशिंग।

Viral Video: पत्नी को खुश रखने के ये हैं 3 मजेदार फॉर्मूले, सोशल मीडिया पर छाया वीडियो!

लखनऊ/सर्वोदय:- सोशल मीडिया पर इन दिनों एक मजेदार और व्यंग्यात्मक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला ने बड़े ही दिलचस्प अंदाज में बताया है कि किसी भी पुरुष को अपनी पत्नी को खुश रखने के लिए सिर्फ तीन “गुणों” की जरूरत होती है।

वीडियो को इंस्टाग्राम यूजर @vandanapandey06 ने शेयर किया है, जिसे अब तक लाखों लोग देख चुके हैं और हज़ारों कमेंट्स और लाइक्स मिल चुके हैं। वीडियो की खास बात है इसका हल्का-फुल्का अंदाज और गहरे रिश्तों पर की गई चुटीली टिप्पणी।

क्या हैं पत्नी को खुश रखने के 3 फॉर्मूले?

वीडियो में महिला हंसते हुए कहती है कि पति अगर ये तीन बातें ध्यान में रखें, तो बीवी हमेशा खुश रहेगी:

सुंदर काया – यानी पति दिखने में हैंडसम हो, थोड़ा आकर्षक होना जरूरी है।

पर्स में माया – आर्थिक रूप से मजबूत हो, यानी जेब भरी होनी चाहिए।

“मैं आया” की तत्परता – जैसे ही पत्नी बुलाए, तुरंत “मैं आया” कहते हुए सामने हाजिर हो जाएं।

https://www.instagram.com/reel/DI6Nld5ymK2/?utm_source=ig_web_button_share_sheet

लोगों की प्रतिक्रियाएं भी कम दिलचस्प नहीं!

वीडियो पर नेटिज़न्स की प्रतिक्रियाएं भी खूब आ रही हैं। एक यूजर ने मजाक में लिखा, “जहां पैसा, वहां लड़कियों का साया!” तो किसी ने कहा, “तीनों में से एक भी गुण नहीं है मेरे पति में, फिर भी मैं खुश हूं। क्यों? क्योंकि मैं खुद ही बहुत कुछ हूं!”
कई लोगों ने इस वीडियो को “सच के साथ ह्यूमर की सही डोज़” बताया है।

हास्य के साथ गंभीर संदेश

भले ही वीडियो को मजाक के रूप में पेश किया गया हो, लेकिन इसमें रिश्तों की गहराई को समझने की भी बात है। केवल सुंदरता या पैसा ही नहीं, बल्कि समय देना, सम्मान देना और संवाद बनाए रखना ही किसी भी रिश्ते को मजबूत बनाते हैं।

यह वायरल वीडियो न सिर्फ हंसी लाता है, बल्कि सोचने पर भी मजबूर करता है। जब एक रिश्ते में ह्यूमर, समझ और सम्मान हो, तो कोई भी “फॉर्मूला” काम कर सकता है।

12 मई 2025 का राशिफल: जानिए आज आपकी राशि के लिए क्या है खास?

12 मई 2025 का राशिफल:आज का दिन कई राशियों के लिए नए अवसर और चुनौतियां लेकर आया है। कोई रिश्तों में मिठास पाएगा तो किसी के करियर में नया मोड़ आ सकता है। आइए जानें सोमवार, 12 मई 2025 को कैसा रहेगा आपका दिन — स्वास्थ्य, करियर, व्यापार और पारिवारिक जीवन के लिहाज़ से।

मेष राशि

सोच-समझकर निर्णय लेने का दिन है। प्रभावशाली लोगों से मुलाकात फायदेमंद हो सकती है। प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में बड़ी सफलता मिल सकती है। संतान की उपलब्धि से घर में उत्साह रहेगा।

वृष राशि

आज कुछ अलग करने का अवसर है, लेकिन वित्तीय लेन-देन में सतर्कता जरूरी है। नौकरी बदलने की सोच रहे हैं तो समय अनुकूल है। जीवनसाथी के लिए खरीदारी संभव है।

मिथुन राशि

सरकारी नौकरी वालों के लिए लाभकारी दिन है। घर में शुभ समाचार मिल सकता है। अटकी हुई धनराशि वापस मिलने के योग हैं। दांपत्य जीवन में पारदर्शिता जरूरी है।

कर्क राशि

योजनाबद्ध ढंग से काम करने से व्यवसाय में लाभ होगा। राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय लोगों के लिए अच्छे संकेत हैं। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें और भाई-बहनों से बहस से बचें।

सिंह राशि

नया कार्य शुरू करने के लिए समय अनुकूल है। उच्च अधिकारियों से रिश्ते मजबूत होंगे। कार्यस्थल पर सहयोग मिलेगा। पारिवारिक बातों को गोपनीय रखें।

कन्या राशि

आज का दिन आर्थिक रूप से अच्छा है। व्यापार में उन्नति संभव है। ऑफिस में वरिष्ठों से बहस से बचें। ससुराल पक्ष से कोई आर्थिक मांग आ सकती है — सोच-समझकर निर्णय लें।

तुला राशि

आर्थिक स्थिति में सुधार होगा लेकिन फिजूलखर्ची से बचें। संतान की संगति पर नज़र रखें। जीवनसाथी के करियर में तरक्की की संभावना है। संपत्ति संबंधी मामलों में सतर्कता ज़रूरी है।

वृश्चिक राशि

आसपास का माहौल सुखद रहेगा। व्यापार में अपेक्षित लाभ मिलेगा, लेकिन जोखिम उठाने से बचें। विद्यार्थी वर्ग के लिए दिन शुभ है। भाई-बहनों से अनबन की संभावना है।

धनु राशि

विवादों से दूर रहना ही बेहतर रहेगा। पुरानी गलतियों को दोहराने से बचें। छात्रों को मानसिक राहत मिलेगी। धार्मिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिल सकता है।

मकर राशि

चुनौतियों के बीच धैर्य बनाए रखें। पारिवारिक तनाव रह सकता है, लेकिन बच्चों के साथ समय बिताना लाभकारी रहेगा। व्यापार में कुछ रुकावटें आ सकती हैं।

कुंभ राशि

कार्यस्थल पर सफलता मिलेगी। नकारात्मक विचारों से दूरी बनाएं। व्यापार में बड़ा लाभ मिल सकता है। संतान से शुभ समाचार मिलेगा। वाहन चलाते समय सतर्क रहें।

मीन राशि

रोजगार की तलाश कर रहे लोगों को अच्छा अवसर मिल सकता है। नया काम शुरू करने में सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सतर्कता रखें। पारिवारिक मुद्दों में धैर्य रखें।

12 मई का दिन ग्रह-नक्षत्रों के अनुसार कई राशियों के लिए लाभकारी है। जीवन में संतुलन बनाए रखने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने से सफलता के रास्ते खुल सकते हैं। कोई भी बड़ा निर्णय लेने से पहले अनुभवी लोगों की सलाह जरूर लें।

क्या ब्रह्मोस मिसाइल से ध्वस्त हुआ जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय? राजस्थान में मिला मलबा बढ़ा रहा अटकलें

बीकानेर,राजस्थान/सर्वोदय:-  – बीकानेर जिले के एक दूरस्थ गांव में हाल ही में एक संदिग्ध मिसाइल बूस्टर और नोज कैप का मलबा मिलने के बाद अटकलें तेज हो गई हैं कि भारत ने जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर स्थित मुख्यालय को ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल से निशाना बनाया हो सकता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के समय तेज़ रोशनी और धमाके की आवाज़ सुनाई दी, जिसके बाद खेतों में यह मलबा पाया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि मलबे की तस्वीरें ब्रह्मोस मिसाइल के बूस्टर और नोज कैप से काफी मेल खाती हैं। ये हिस्से आमतौर पर मिसाइल के प्रक्षेपण के तुरंत बाद अलग हो जाते हैं।

हालांकि भारत सरकार की ओर से अभी तक इस ऑपरेशन या ब्रह्मोस के उपयोग की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन रक्षा सूत्रों के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए “सबसे शक्तिशाली हथियार” का इस्तेमाल किया गया।

सूत्रों का दावा: बहावलपुर में हुआ सटीक निशाना

सूत्रों की मानें तो बहावलपुर में जैश का मुख्यालय इस हमले में बुरी तरह ध्वस्त हुआ और पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम इसे रोकने में विफल रहा। जानकारों का कहना है कि जितनी सटीकता और प्रभाव इस हमले में देखा गया, वह सिर्फ ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक मिसाइल से ही संभव है।

ड्रोन और मिसाइल हमलों के जवाब में भारत की बड़ी कार्रवाई

यह ऑपरेशन पाकिस्तान की ओर से भारत के 26 से अधिक स्थानों – श्रीनगर से लेकर गुजरात के नलिया तक – पर हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद किया गया बताया जा रहा है। इन हमलों में सैन्य और नागरिक ठिकानों को नुकसान पहुंचा था। जवाबी कार्रवाई में भारतीय सेना ने रफीकी, मुरीद, नूर खान, रहीम यार खान, सुक्कुर और चुनियन जैसे एयरबेस के साथ-साथ पसरूर और सियालकोट के रडार स्थलों को भी निशाना बनाया।

सरकार ने नहीं की पुष्टि

हालांकि अभी तक किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजस्थान में मिले मलबे से यह संकेत मिलते हैं कि भारत ने रणनीतिक स्तर पर बेहद सटीक और प्रभावी सैन्य कार्रवाई की है।

लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट का उद्घाटन, CM योगी बोले- अब यूपी से पूछो ब्रह्मोस की मार!

लखनऊ/सर्वोदय:- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने शनिवार को रक्षा क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रह्मोस एयरोस्पेस एकीकरण और परीक्षण यूनिट का विधिवत उद्घाटन किया। इस ऐतिहासिक मौके पर योगी आदित्यनाथ ने न सिर्फ उत्तर प्रदेश की प्रगति का खाका खींचा, बल्कि आतंकवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा और भविष्य के रक्षा निर्माण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।

ब्रह्मोस अब बनेगी लखनऊ में, ऑपरेशन सिंदूर को मिला समर्थन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटन समारोह में कहा: “उत्तर प्रदेश अब नई ऊंचाइयों को छू रहा है। यह ब्रह्मोस यूनिट राज्य को रक्षा उत्पादन का अग्रणी केंद्र बनाएगी।” उन्होंने तीनों सेनाओं को ऑपरेशन सिंदूर में बहादुरी और समर्पण के लिए बधाई दी और कहा कि: “ब्रह्मोस मिसाइल अब लखनऊ में बनेगी। यह गर्व का विषय है कि यूपी देश की सामरिक शक्ति को नई धार देने में योगदान दे रहा है।”

आतंकवाद को लेकर सख्त रुख, पाकिस्तान पर तीखा वार

सीएम योगी ने आतंकवाद के खिलाफ सरकार की नीति को स्पष्ट करते हुए कहा: “हम आतंकवाद को उसकी ही भाषा में जवाब देने के लिए तैयार हैं। कोई पाकिस्तान से पूछे, ब्रह्मोस की मार कैसी होती है!” उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत अब किसी भी बाहरी या आतंकी खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगा, और यूपी इस लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

रक्षा क्षेत्र में निवेश और रोजगार का नया युग

मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रह्मोस यूनिट केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह राज्य के आर्थिक और औद्योगिक विकास का नया आधार भी बनेगी।

₹50,000 करोड़ का निवेश लाने का लक्ष्य

1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने की योजना

यूपी अब “बीमारू” नहीं, देश की सबसे तेज़ विकसित होती अर्थव्यवस्था

उन्होंने कहा कि यूपी में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे, मेट्रो, और औद्योगिक कॉरिडोर अब राज्य की नई पहचान बन चुके हैं।

राजनाथ सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया उद्घाटन

दिल्ली से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस परियोजना का उद्घाटन किया। लखनऊ से

कार्यक्रम में मौजूद थे:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, सीएम के प्रधान सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह

रक्षा मंत्री ने कहा कि यह यूनिट भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में “मेक इन इंडिया” पहल का अहम हिस्सा है।

 

असदुद्दीन ओवैसी का ‘नया राष्ट्रवादी अवतार’, याद दिलाया सैयद शहाबुद्दीन का 1971 वाला तेवर

नई दिल्ली/सर्वोदय:- भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने जिस तरह से पाकिस्तान के खिलाफ सख्त और राष्ट्रवादी रुख अपनाया है, उसने पूर्व राजनयिक और नेता सैयद शहाबुद्दीन की याद दिला दी है। ओवैसी का यह बदला हुआ रूप न सिर्फ उनके आलोचकों को चौंका रहा है, बल्कि देश भर में उनकी राष्ट्रभक्ति भरी भावनाओं की सराहना भी की जा रही है।

ओवैसी का राष्ट्रवादी स्टैंड: पाकिस्तान और तुर्किये पर तीखा हमला

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद ओवैसी ने एक स्पष्ट और दमदार बयान दिया। उन्होंने न केवल पाकिस्तान की आलोचना की, बल्कि उसके सहयोगी देशों जैसे तुर्किये पर भी हमला बोला। तुर्किये द्वारा इराक और सीरिया में कुर्द उग्रवादियों पर बमबारी का हवाला देते हुए ओवैसी ने कहा: “जब तुर्किये विदेशी जमीन पर आतंकियों को खत्म कर सकता है, तो भारत की सुरक्षा नीति पर सवाल उठाने का उसे कोई अधिकार नहीं है।”

सर्वदलीय बैठक में दिखी सक्रियता, सरकार की तारीफ

सर्वदलीय बैठक के दौरान ओवैसी ने न केवल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सराहना की, बल्कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से यह आग्रह भी किया कि टीआरएफ (The Resistance Front) को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन घोषित करवाने के लिए संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका से अपील की जाए। उन्होंने कहा: “हमें पाकिस्तान को फिर से FATF की ग्रे लिस्ट में डलवाना चाहिए।”

कुरआन की आयत पर पाकिस्तान को घेरा

पाकिस्तान द्वारा अपने अभियान को ‘बुनयान-अल-मरसूस’ नाम देने पर भी ओवैसी ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह नाम कुरआन की एक आयत से लिया गया है, लेकिन पाकिस्तान उस आयत के सच्चे अर्थ को ही नहीं समझता। “झूठी सरकारें और फौजें इस्लाम के नाम का भी गलत इस्तेमाल कर रही हैं। जब ईस्ट पाकिस्तान में उन्होंने मुसलमानों पर ही गोलियां चलाईं, तब कहां गई थी उनकी ‘दीवार’?”

शहाबुद्दीन की याद: जब बांग्लादेश के लिए बन गए थेमानद राजदूत’

ओवैसी के इस स्टैंड ने 1971 के भारत-पाक युद्ध के समय के सैयद शहाबुद्दीन की भूमिका की याद ताजा कर दी। उस वक्त शहाबुद्दीन वेनेजुएला में भारत के चार्ज डी अफेयर्स थे और उन्होंने बांग्लादेश के समर्थन में तीन बार वेनेजुएला की संसद से प्रस्ताव पारित करवाए थे।

उन्होंने स्थानीय चर्च, मजदूर संगठनों और समाज के सभी वर्गों को भारत के पक्ष में एकजुट किया था। उनकी भूमिका के लिए ‘द डेली जर्नल’ ने उन्हें ‘Honorary Ambassador of Bangladesh’ तक कह दिया था।

शहाबुद्दीन ने बाद में कहा था कि:

“1971 ने भारतीय मुसलमानों को यह एहसास दिलाया कि पाकिस्तान उनके लिए कोई भविष्य नहीं है, बल्कि भारत ही उनका घर और भविष्य है।”

अयोध्या के सरैठा गांव में ड्रोन दिखने से मचा हड़कंप, जांच में निकला…

अयोध्या/सर्वोदय:- भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अयोध्या जिले के पटरंगा थाना क्षेत्र के सरैठा गांव में शनिवार सुबह एक ड्रोन के आसमान में मंडराने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ड्रोन को देखकर ग्रामीणों ने तुरंत इसकी तस्वीरें खींचकर रूदौली पुलिस मीडिया ग्रुप में साझा कीं, जिसके बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मच गई।

ग्रामीणों ने ली तस्वीरें, पुलिस तुरंत पहुंची मौके पर

ड्रोन की सूचना मिलते ही पटरंगा थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और संबंधित क्षेत्र में तलाशी व जांच अभियान चलाया गया। शुरुआती जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि यह कोई संदिग्ध ड्रोन नहीं था, बल्कि सरकारी ड्रोन था जिसे एक सर्वे कार्य के लिए उड़ाया गया था।

सरकारी ड्रोन से चल रहा था घरौनी सर्वे

पुलिस की जांच में सामने आया कि यह ड्रोन कुतुरजुमापुर गांव से उड़ाया गया था और सरैठा, मांझक पुरवा, चक्का गांव के ऊपर से गुजर रहा था। इस ड्रोन का उपयोग तहसील प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे “घरौनी सर्वे अभियान” के तहत किया जा रहा था, जिसमें भूमि रिकॉर्ड और घरों की जियो-मैपिंग की जा रही है।

सीओ आशीष निगम का बयान

इस मामले पर क्षेत्राधिकारी (सीओ) आशीष निगम ने कहा: “ड्रोन सरकारी कार्य के तहत उड़ाया गया था। ग्रामीणों को घबराने की जरूरत नहीं है। हमने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें। पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हैं, और क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा रहा है।”

सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन सतर्क

भारत-पाक तनाव के मौजूदा हालात को देखते हुए स्थानीय प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। अयोध्या जिले में निगरानी बढ़ा दी गई है और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त और निगरानी को और मजबूत किया गया है।

 

India-Pakistan Tension LIVE: राजधानी लखनऊ अलर्ट मोड पर, 24 घंटे में बने 46 अस्थायी बंकर, ड्रोन निगरानी शुरू

लखनऊ/सर्वोदय:-  भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब भारत के आंतरिक शहरों में भी साफ तौर पर दिखने लगा है। तहज़ीब और शांति के लिए प्रसिद्ध उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ अब पूरे अलर्ट मोड पर है। महज 24 घंटे में शहर के 46 प्रमुख स्थानों पर अस्थायी बंकर बना दिए गए हैं, और इन बंकरों को सिर्फ “दिखावा” नहीं बल्कि पूरी तरह से ऑपरेशनल बनाया गया है।

हर बंकर पर तैनात हथियारबंद जवान और हाईटेक सिस्टम

सूत्रों के अनुसार, लखनऊ पुलिस और जिला प्रशासन ने मिलकर एक दिन के भीतर जिन 46 बंकरों को तैयार किया है, वे किसी भी आपात स्थिति में तुरन्त कार्रवाई के लिए सक्षम हैं।

  • हर बंकर पर तैनात हैं 3 से 4 हथियारबंद पुलिसकर्मी
  • एक वायरलेस ऑपरेटर
  • एक निगरानी डिवाइस हैंडल करने वाला तकनीकी ऑपरेटर
  • बंकरों से ड्रोन मूवमेंट की भी निगरानी की जा रही है

इन बंकरों को शहर के प्रमुख चौराहों, भीड़भाड़ वाले बाजारों और संवेदनशील इलाकों में इस तरह से तैनात किया गया है कि जवान किसी भी दिशा से आने वाले खतरे को तुरंत नाकाम कर सकें।

QRT भी एक्टिव मोड में, 5 से 10 मिनट में एक्शन के लिए तैयार

केवल बंकर ही नहीं, क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को भी पूरी तरह एक्टिव मोड में डाल दिया गया है। ये टीमें ऐसी स्थितियों में बनाई जाती हैं जब कोई भी आपात हमला हो सकता है।

  • QRT हर समय पेट्रोलिंग पर रहेगी
  • 5 से 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचने की क्षमता
  • संवेदनशील इलाकों में QRT की मौजूदगी बढ़ा दी गई है

पुलिस ने जनता से मांगा सहयोग

लखनऊ पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि: “सभी नागरिक सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, बैग या गतिविधि की सूचना तुरंत 112 नंबर पर दें। सुरक्षा आपकी और हम सबकी जिम्मेदारी है।”

लखनऊ प्रशासन पूरी तरह सतर्क

जिला प्रशासन ने साफ किया है कि अगर लखनऊ में किसी भी प्रकार की आतंकी या युद्ध जैसी गतिविधि की आशंका होती है, तो जवाबी कार्रवाई करने में देरी नहीं की जाएगी।

बंकरों की संख्या और निगरानी सिस्टम जरूरत पड़ने पर और बढ़ाए जा सकते हैं

पुलिस आयुक्तालय और प्रशासनिक कंट्रोल रूम 24×7 एक्टिव हैं