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अहमदाबाद प्लेन क्रैश: एक्सपर्ट्स ने जताई गहरी आशंका, फ्यूल स्विच कैसे हुआ बंद? एएआईबी रिपोर्ट से उठे कई सवाल

अहमदाबाद/न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़ :– 12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुए प्लेन क्रैश को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। विमान दुर्घटना की जांच रिपोर्ट आने के बाद एक्सपर्ट्स ने इस हादसे पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की रिपोर्ट के अनुसार, क्रैश का प्रमुख कारण फ्यूल स्विच का अचानक बंद हो जाना था। लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यही है – आखिर फ्यूल स्विच अपने आप नीचे कैसे चला गया?

रिपोर्ट के मुताबिक, विमान का फ्यूल स्विच अचानक डाउन पोजीशन में चला गया, जिससे इंजन को ईंधन की सप्लाई रुक गई और विमान क्रैश हो गया। लेकिन यह स्विच कैसे बंद हुआ, इस सवाल का स्पष्ट जवाब रिपोर्ट में नहीं दिया गया है।

रिपोर्ट में एक महत्वपूर्ण कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग का ज़िक्र किया गया है, जिसमें एक पायलट दूसरे से सवाल करता है – “तुमने फ्यूल स्विच क्यों गिराया?” जिस पर जवाब आता है – “मैंने नहीं गिराया।”

भारतीय पायलट संघ (IFPA) के अध्यक्ष चरणवीर सिंह रंधावा ने रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “रिपोर्ट से यह साफ नहीं हो पाया है कि कॉकपिट का नियंत्रण उस समय किसके हाथ में था। यदि फ्यूल स्विच बिना किसी इंसानी हस्तक्षेप के बंद हुआ है, तो यह या तो इलेक्ट्रिकल फॉल्ट या सॉफ्टवेयर गड़बड़ी की ओर इशारा करता है।”

उन्होंने बताया कि फ्लाइट के दौरान सह-पायलट विमान उड़ा रहे थे जबकि कैप्टन निगरानी कर रहे थे। ऐसे में निर्णय लेने का दायित्व किसका था, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।

एएआईबी रिपोर्ट में बताया गया है कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) की मदद से स्पष्ट रूप से यह पता लगाया जा सकता है कि फ्यूल स्विच को किसने बंद किया या कोई तकनीकी वजह रही। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आवाज़ की पहचान से यह पता लगाना मुमकिन है कि आदेश किसने दिया था।

IND U-19 vs ENG U-19: इंग्लैंड के खिलाफ पहले युवा टेस्ट में आयुष म्हात्रे का शतक, वैभव सूर्यवंशी फ्लॉप

न्यूज़ डेस्क /सर्वोदय न्यूज़:- भारत अंडर-19 टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले युवा टेस्ट (Youth Test) के पहले दिन जबरदस्त बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। कप्तान आयुष म्हात्रे की बेहतरीन शतकीय पारी की बदौलत भारत ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक 7 विकेट पर 450 रन बना लिए।

वनडे सीरीज में लगातार असफल रहने के बाद कप्तान आयुष म्हात्रे ने टेस्ट में जबरदस्त वापसी की। उन्होंने 115 गेंदों में 102 रन की पारी खेली, जिसमें 14 चौके और 2 छक्के शामिल थे। उन्होंने विहान मल्होत्रा (67 रन) के साथ दूसरे विकेट के लिए 173 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर भारत की मजबूत नींव रखी।

आक्रामक सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह सिर्फ 14 रन बनाकर आउट हो गए। वनडे फॉर्मेट में चमक बिखेरने के बाद उनका टेस्ट में फ्लॉप होना भारत के लिए चिंता का विषय हो सकता है।

म्हात्रे और मल्होत्रा के आउट होने के बाद अभिज्ञान कुंडू (90 रन, 95 गेंद) और राहुल कुमार (85 रन, 81 गेंद) ने पांचवें विकेट के लिए 27.4 ओवर में 179 रन जोड़ते हुए रनगति को बनाए रखा।

  • कुंडू: 10 चौके, 1 छक्का
  • राहुल: 14 चौके, 1 छक्का

इंग्लैंड के लिए माइकल वॉन के बेटे आर्ची वॉन ने अपनी ऑफ-ब्रेक गेंदबाजी से दो विकेट झटके, जिनमें आयुष म्हात्रे का महत्वपूर्ण विकेट भी शामिल रहा। हालांकि उनके खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों ने 17 ओवर में 108 रन बटोर लिए।दिन का खेल समाप्त होने तक आरएस अंबरीश 31 रन और हेनिल पटेल 6 रन बनाकर नाबाद थे। भारत की नजर अब 500+ के स्कोर पर होगी।

आज का राशिफल 13 जुलाई 2025: जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का हाल

आज का राशिफल 13 जुलाई 2025:ग्रह गोचर का प्रभाव:13 जुलाई 2025, रविवार को ग्रहों की स्थिति कुछ महत्वपूर्ण संकेत दे रही है। शुक्र वृषभ में, सूर्य व गुरु मिथुन राशि में, बुध कर्क में, मंगल व केतु सिंह में, चंद्रमा मकर राशि में, राहु कुंभ में और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। आइए जानते हैं आपकी राशि पर इसका क्या असर पड़ेगा।

मेष राशि (Aries)

आज व्यापार में उन्नति के योग हैं। राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिलेगा। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा और प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी। संतान पक्ष से सुखद समाचार मिल सकता है।
उपाय: शनि देव को नमन करें।

वृषभ राशि (Taurus)

धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। किसी शुभ यात्रा का योग है। सेहत पहले से बेहतर रहेगी। प्रेम व संतान संबंधी मामलों में सकारात्मकता बनी रहेगी। व्यापार सामान्य रहेगा।
उपाय: हरी वस्तु अपने पास रखें।

मिथुन राशि (Gemini)

आज के दिन किसी भी प्रकार का जोखिम न लें। परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं। प्रेम और संतान से थोड़ी दूरी महसूस हो सकती है। व्यवसायिक पक्ष संतुलित रहेगा।
उपाय: मां काली की आराधना करें।

कर्क राशि (Cancer)

जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। प्रेमी-प्रेमिका के लिए दिन शुभ है। संतान का सहयोग मिलेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी और मन प्रसन्न रहेगा।
उपाय: शनि देव को नमन करें।

सिंह राशि (Leo)

विरोधी सक्रिय रह सकते हैं लेकिन विजय आपकी ही होगी। स्वास्थ्य ठीक-ठाक रहेगा। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में सुधार दिखेगा। व्यापारिक गतिविधियों में लाभ होगा।
उपाय: पीली या नीली वस्तु का दान करें।

कन्या राशि (Virgo)

पढ़ाई-लिखाई में मन लगेगा लेकिन भावनाओं पर नियंत्रण रखें। मानसिक तनाव की स्थिति बन सकती है। प्रेम व संतान को लेकर दिन औसत रहेगा।
उपाय: नीली वस्तु पास रखें।

तुला राशि (Libra)

परिवार में थोड़ी कलह की स्थिति बन सकती है। हालांकि भौतिक सुखों में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। प्रेम और व्यापार संतुलित रहेंगे।
उपाय: नीली वस्तु अपने पास रखें।

वृश्चिक राशि (Scorpio)

आज पराक्रम रंग लाएगा। नौकरी और व्यापार दोनों में प्रगति के संकेत हैं। परिवार और करीबी लोगों का साथ मिलेगा। ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा।
उपाय: पीली वस्तु पास रखें।

धनु राशि (Sagittarius)

जुआ-सट्टे जैसी जोखिम भरी चीज़ों से दूर रहें। सेहत में सुधार रहेगा। प्रेम और संतान की स्थिति सुखद रहेगी। आमदनी और पारिवारिक सहयोग बढ़ेगा।
उपाय: मां काली को नमन करें।

मकर राशि (Capricorn)

प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। लोग आपके व्यक्तित्व की सराहना करेंगे। स्वास्थ्य में सुधार होगा, प्रेम जीवन अच्छा रहेगा। व्यापार में सफलता मिलेगी।
उपाय: मां काली को प्रणाम करें।

कुंभ राशि (Aquarius)

मां को स्वास्थ्य संबंधी चिंता हो सकती है। थोड़ी बेचैनी और घबराहट महसूस हो सकती है। हालांकि प्रेम व व्यापार में सफलता के योग हैं।
उपाय: हरी वस्तु साथ रखें।

मीन राशि (Pisces)

आज मन प्रसन्न रहेगा और कोई शुभ समाचार मिल सकता है। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार सभी में सुधार देखने को मिलेगा। यात्रा लाभकारी रहेगी।
उपाय: नीली वस्तु का दान करें।

किसानों की समृद्धि के बिना नहीं आ सकती खुशहालीः योगी

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है। किसान की समृद्धि के बिना खुशहाली नहीं आ सकती। भारत में कृषि व पशुधन एक-दूसरे से जुड़े रहे हैं। अन्नदाता किसान के घर में पशुधन होगा और पशुपालक भी खेतीबाड़ी से अवश्य जुड़ा होगा। इनके आपसी संबंध को ध्यान में रखते हुए पीएम मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्ष में किसानों की खुशहाली व समृद्धि के लिए बढ़ाए गए कदम अत्यंत महत्वपूर्ण व सराहनीय हैं। पीएम मोदी की प्रेरणा से यूपी में भी इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए गए हैं। डबल इंजन सरकार की ऊर्जा का लाभ यूपी ने लिया है। यूपी दुग्ध उत्पादन में देश में नंबर एक पर है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘भारत में पशु नस्लों का विकास’ कार्यशाला का शुभारंभ किया। सीएम ने गोरखपुर के कृत्रिम गर्भाधान प्रशिक्षण संस्थान तथा पशुपालन अवसंरचना विकास निधि के तहत यूपी में तीन प्रोजेक्ट (अमेठी, बरेली व मथुरा) का बटन दबाकर उद्घाटन किया। अतिथियों ने पुस्तिका का भी विमोचन किया।

पशुधन को एफएमडी मुक्त बनाकर पशुपालकों के जीवन में खुशहाली लाने में देंगे योगदान
सीएम योगी ने एफएमडी बीमारी (खुरपका-मुंहपका) की चुनौतियों का जिक्र किया। बोले कि एफएमडी के वैक्सीनेशन कार्यक्रम प्रारंभ हुए, फिर बीच में उसे रोका गया, लेकिन केंद्रीय मंत्री ने सेचुरेशन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आज आश्वासन दिया है। सीएम ने आश्वस्त किया कि पशुधन को एफएमडी मुक्त बनाकर पशुपालकों के जीवन में खुशहाली लाने में योगदान देंगे।

ध्यान देंगे तो पशुपालकों को दे सकते हैं स्थायी समृद्ध निधि
सीएम योगी ने कहा कि पशुधन का असर वहां के क्लाइमेटिक जोन, उसके पालन, रखरखाव, नस्ल पर भी प्रभाव पड़ता है। यूपी के अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग गोवंश दिखेंगे। स्थानीय स्तर पर देसी पद्धतियों से जिन्होंने नस्ल को सुधारने के लिए प्रयास किए, उन्होंने अच्छी नस्ल को बढ़ाने में सफलता प्राप्त कर ली। जो लोग प्रयास नहीं कर पाए, वहां पशुधन काफी पिछड़ा हुआ था। आज के समय में बहुत सारी स्थानीय नस्लें लुप्तप्राय की ओर हैं। उन पर ध्यान देंगे तो पशुपालकों को स्थायी समृद्ध निधि दे सकते हैं।

यूपी में कार्यरत हैं पांच मिल्क प्रोड्यूसर
भारत सरकार का धन्यवाद देते हुए सीएम योगी ने कहा कि उन्होंने यूपी में मिल्क प्रोड्यूसर को प्रोत्साहित किया है। झांसी के बलिनी, गोरखपुर, आगरा, काशी समेत यूपी में पांच मिल्क प्रोड्यूसर कार्यरत हैं। इससे लाखों महिलाएं जुड़ी हैं, जो समितियों के माध्यम से दुग्ध कलेक्शन, आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करती हैं और पशुपालन की अच्छी नस्ल की भी चिंता करती हैं। दुग्ध कलेक्शन के माध्यम से वैल्यू एडिशन से किसानों व पशुपालकों के जीवन में खुशहाली लाने में योगदान दे सकते हैं। सीएम ने कहा कि गोरखपुर और काशी से जुड़े किसानों ने अपनी सफलता की कहानी सुनाई, जो सफलता की नई ऊंचाई की तरफ हम सभी को प्रेरित करती हैं।

2017 में हम लोगों के सामने थी बड़ी चुनौती
सीएम योगी ने कहाकि 2017 में हम लोगों के सामने बहुत चुनौती थी। समय के अनुरूप पशुधन की नस्लों में सुधार नहीं हुए, जिसके परिणाम स्वरूप बड़े पैमाने पर पशुधन सड़कों, खेतों, कसाईखानों में जाते थे। आस्था से खिलवाड़, किसानों के खेत में परेशानी और सड़कों पर दुर्घटनाएं भी होती थीं। 2017 में निराश्रित गोआश्रय स्थल की कार्ययोजना बनाई और 2018 में उसे लागू किया।

14 लाख से अधिक गोवंश की हो रही देखभाल
सीएम योगी ने कहा कि आज 14 लाख से अधिक गोवंशों की देखभाल सरकार की गोशालाओं या सरकार द्वारा सहायता प्राप्त पशुपालकों द्वारा की जा रही है। सीएम ने तीन स्कीम का जिक्र करते हुए बताया कि सरकार 12 लाख गोवंशों की देखभाल अपने निराश्रित गोआश्रय स्थल के माध्यम से करती है। दूसरी स्कीम-सहभागिता योजना के माध्यम से चालू की गई है। हम किसी भी पशुपालक को चार गोवंश तक देते हैं। उसकी देखभाल के लिए हर महीने 1500 रुपये प्रति गोवंश देते हैं। इसमें लगभग दो लाख से अधिक पशुधन 1.25 लाख किसानों के पास है। तीसरी स्कीम-कुपोषित परिवारों को निराश्रित गोआश्रय स्थल से बियाई हुई गाय देते हैं। 10 हजार से अधिक परिवारों को एक-एक गाय दे रखी है। 1500 रुपये हर महीने रुपये गाय की सेवा के लिए उपलब्ध कराते हैं। इससे गोवंश के संरक्षण व संवर्धन को बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।

सीएम ने गोसेवा आयोग के कार्यों का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में गोसेवा आयोग को जिम्मेदारी दी है कि निराश्रित गोआश्रय स्थल की व्यवस्था ठीक हो, नस्ल सुधार के लिए अभियान चले और वे सुनिश्चित करें कि गोवंश के नस्ल सुधार कार्यक्रम को बढ़ाने के साथ-साथ किसानों को प्रशिक्षित भी कर सकें। निराश्रित गोआश्रय स्थलों को नेचुरल फॉर्मिंग से भी जोड़ सकें।

सीएम ने बीमारियों को लेकर जताई चिंता
सीएम ने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में केमिकल, पेस्टिसाइड, फर्टिलाइजर का अत्यधिक उपयोग नई बीमाारियों को जन्म दे रहा है। कैंसर, खराब किडनी, लीवर के दुष्परिणाम बताते हैं कि केमिकल, पेस्टिसाइड व फर्टिलाइजर का उपयोग अत्यधिक मात्रा में किया है। हमें इस समस्या के समाधान का रास्ता निकालना होगा। प्राकृतिक जीवन जीने के लिए प्राकृतिक खेती महत्वपूर्ण है। प्राकृतिक खेती गो आधारित खेती ही है, भारतीय नस्ल का गोवंश उसमें बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकता है।

नमामि गंगे परियोजना के माध्यम से देवनदी गंगा को पीएम मोदी ने दिया नया जीवनदान
सीएम योगी ने कहा कि यूपी के 27 जनपद मां गंगा के तटवर्ती क्षेत्र में स्थित हैं। पीएम मोदी ने नमामि गंगे परियोजना के माध्यम से देवनदी गंगा को नया जीवनदान दिया है। गंगा की धारा अवरिल व निर्मल हुई तो 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु प्रयागराज महाकुम्भ आए। यदि गंगा स्वच्छ व अविरल नहीं होती तो यह संभव नहीं हो पाता। पीएम मोदी ने एक तरफ इस कार्यक्रम को भगीरथ प्रयास के रूप में बढ़ाया, वहीं दूसरी तरफ विभिन्न संस्थाओं द्वारा सम्मान स्वरूप उन्हें जो 100 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए थे, उन्होंने पूरी राशि नमामि गंगे परियोजना को दी। इससे अविरल व निर्मल देवनदी गंगा को पुनर्जीवित किया गया। सीएम ने कहा कि खेतों में जो केमिकल, पेस्टिसाइड, फर्टिलाइजर डालते हैं, वह बरसात में बहकर नदियों में जाता है और जल को दूषित करता है। उस जल के सेवन का दुष्परिणाम कैंसर, किडनी व लीवर फेल्योर के रूप में मिल रहा है। प्राकृतिक जीवन पद्धति को अपनाना ही इसका समाधान है।

27 जनपदों में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का विशेष अभियान चलाया
सीएम ने कहा कि 27 जनपदों में हम लोगों ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का विशेष अभियान चलाया है। बुंदेलखंड के सातों जनपदों में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित कर रहे हैं। गो आधारित खेती के महत्व को बढ़ाने की दिशा में प्रयास प्रारंभ हुए हैं। यह किसानों की आमदनी को बढ़ाने में योगदान देंगे। किसान की आमदनी-समृद्धि बढ़ेगी तो देश समृद्धि के नए सोपान को प्राप्त करेगा। आत्मनिर्भर व विकसित भारत के संकल्पों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

पशुपालकों को अच्छा चारा उपलब्ध कराने में मदद करेंगे अंबेडकर नगर के चारा उत्पादन केंद्र
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में इस दिशा में और भी प्रयास हुए हैं। लैंड लॉक्ड स्टेट में यूपी मत्स्य उत्पादन में अग्रणी राज्यों में है। दस वर्ष पहले इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। अंडा उत्पादन, कुक्कुट पालन में यूपी ने अच्छी छलांग लगाई है। एनडीडीबी ने यूपी सरकार के साथ मिलकर एमओयू साइन किया है और तीन डेयरी (गोरखपुर, कानपुर, कन्नौज) को लिया है। अंबेडकर नगर के चारा उत्पादन केंद्र को भी एनडीडीबी को दिया गया है। इससे पशुपालकों को अच्छा चारा उपलब्ध कराने में वे मदद करेंगे।

कार्यशाला में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ‘ललन सिंह’, अरुणाचल प्रदेश के पशुपालन मंत्री गेब्रियल डी वांगसु, प्रदेश सरकार के मंत्री धर्मपाल सिंह, गोसेवा आयोग के अध्य़क्ष श्याम बिहारी गुप्ता, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव अमित कुमार घोष, भारत सरकार की सचिव (पशुपालन व डेयरी) अलका उपाध्याय आदि की मौजूदगी रही।किसानों ने रखे अपने अनुभव
किसान रामप्रकाश दुबे (वाराणसी), विनीता देवी (वाराणसी), लखपति दीदी कौशल्या देवी (गोरखपुर), सोनम कुमारी (एटा), पन्नेलाल यादव (गोरखपुर) ने सफलता की कहानी और सरकार से मिले सहयोग की कहानी साझा की।

CCRAS Recruitment 2025: स्टेनोग्राफर, LDC, MTS समेत 394 पदों पर बंपर वैकेंसी, जानें योग्यता और आवेदन की प्रक्रिया

CCRAS Bharti 2025: अगर आप आयुर्वेदिक विज्ञान के क्षेत्र में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे हैं, तो केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (CCRAS) की यह भर्ती आपके लिए बेहतरीन मौका हो सकती है। CCRAS ने ग्रुप A, B और C कैटेगरी के तहत 394 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है।

ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत: 1 जुलाई 2025
अंतिम तिथि: 31 अगस्त 2025
नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख: 7 जुलाई 2025
आधिकारिक वेबसाइट: http://ccras.nic.in

इन पदों पर होगी भर्ती कुल 394 वैकेंसी

पद का नाम

कुल पद
मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS)

179

लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC)

37
अपर डिवीजन क्लर्क (UDC)

39

स्टेनोग्राफर ग्रेड-I

10
स्टाफ नर्स

14

रिसर्च ऑफिसर (आयुर्वेद/पैथोलॉजी)

विभिन्न
ड्राइवर, फार्मासिस्ट, रिसर्च असिस्टेंट

विभिन्न

शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा

CCRAS Recruitment 2025 में पद के अनुसार न्यूनतम योग्यता 10वीं पास से लेकर MD/MS, M.Sc, M.Pharm तक रखी गई है।

योग्यता में शामिल हैं:
  • 10वीं / 12वीं / आईटीआई
  • ग्रेजुएशन / पोस्ट ग्रेजुएशन
  • B.Sc / M.Sc / M.Pharma / MD / MS

आयु सीमा:न्यूनतम: 27 वर्ष, अधिकतम: 40 वर्ष (पद के अनुसार), आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट दी जाएगी।

नोट: सटीक योग्यता और आयु सीमा के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जरूर देखें।

आवेदन शुल्क

ग्रुप

श्रेणी

आवेदन शुल्क + प्रोसेसिंग फीस

A General/OBC

₹1000 + ₹500 = ₹1500

B General/OBC ₹500 + ₹200 = ₹700
C General/OBC ₹200 + ₹100 = ₹300
सभी ग्रुप SC/ST/PwD/EWS/महिलाएं/Ex-Servicemen निःशुल्क

आवेदन कैसे करें?

  1. CCRAS की आधिकारिक वेबसाइट http://ccras.nic.in पर जाएं।
  2. “Recruitment” सेक्शन में जाएं और CCRAS Recruitment 2025 पर क्लिक करें।
  3. रजिस्ट्रेशन करें और आवेदन फॉर्म भरें।
  4. आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और शुल्क का भुगतान करें।
  5. फॉर्म सबमिट करके उसकी प्रति सेव कर लें।

संशोधन विंडो

यदि आवेदन में कोई गलती हो जाती है तो CCRAS ने संशोधन की सुविधा भी दी है।

संशोधन की तारीखें:
3 सितंबर 2025 (सुबह 10 बजे) से
5 सितंबर 2025 (शाम 6 बजे) तक

पशु चिकित्सकों का जीवन: सेवा, समर्पण और संघर्ष

लाइफस्टाइल/सर्वोदय न्यूज़:-  जब भी हम ‘चिकित्सक’ शब्द सुनते हैं, तो हमारे मन में मानव डॉक्टर की छवि बनती है। लेकिन एक और वर्ग है जो निःस्वार्थ भाव से जीवों की सेवा में समर्पित रहता है—वो हैं पशु चिकित्सक। पशु चिकित्सक न केवल जानवरों का इलाज करते हैं, बल्कि उनके जीवन की गुणवत्ता को सुधारने, पशुपालकों की आजीविका बचाने और सार्वजनिक स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

एक पशु चिकित्सक का दैनिक जीवन

पशु चिकित्सक का दिन सूरज उगने से पहले ही शुरू हो जाता है। सुबह-सवेरे से ही क्लिनिक में केस आना शुरू हो जाते हैं—कभी कोई गाय दूध नहीं दे रही, तो कभी किसी पालतू कुत्ते को उल्टी-दस्त हो गया है। गाँवों में स्थित पशु चिकित्सक कभी-कभी खेतों में जाकर पशुओं का इलाज करते हैं।

डॉ. हेमंत तिवारी के अनुसार, “हर दिन नया होता है, नए केस, नई चुनौतियाँ, लेकिन हर इलाज के बाद जब जानवर की हालत सुधरती है और पशुपालक के चेहरे पर राहत की मुस्कान आती है, तो सारे थकान भूल जाते हैं।”

सेवा का भाव: सिर्फ पेशा नहीं, जुनून

कई बार पशु चिकित्सकों को कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ता है—गाँवों में चिकित्सा संसाधनों की कमी, बारिश में कीचड़ भरे रास्ते, और असहयोगी माहौल। लेकिन यह उनके सेवा के भाव को कम नहीं करता। पशुओं को इंसानों की तरह अपनी पीड़ा कहने का माध्यम नहीं होता, ऐसे में पशु चिकित्सक उनके हावभाव, बॉडी लैंग्वेज और लक्षणों के माध्यम से उनका इलाज करते हैं। डॉ. तिवारी बताते हैं, “पशु बोल नहीं सकते, पर हम उनकी आँखों में दर्द पढ़ सकते हैं। यही हमें और सतर्क बनाता है।”

समाज के लिए योगदान

पशु चिकित्सकों का काम केवल जानवरों तक सीमित नहीं है। वे वन्यजीव संरक्षण, पशुधन विकास, रेबीज जैसी जानलेवा बीमारियों की रोकथाम, और दूध, मांस, अंडों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में भी योगदान करते हैं। COVID-19 महामारी के दौरान, जब ज़्यादातर लोग अपने घरों में सुरक्षित थे, पशु चिकित्सक फ़ील्ड में थे—जानवरों की देखभाल करते हुए, ज़ूनोटिक बीमारियों (जो इंसानों में फैल सकती हैं) पर निगरानी रखते हुए। यह दिखाता है कि यह पेशा न केवल समर्पण की माँग करता है, बल्कि समाज के प्रति बड़ी ज़िम्मेदारी भी निभाता है।

संघर्ष और चुनौतियाँ

पशु चिकित्सा के क्षेत्र में काम करना जितना भावनात्मक रूप से संतोषजनक है, उतना ही शारीरिक और मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण भी। डॉ. तिवारी बताते हैं कि आज भी कई जगह पशु चिकित्सकों को उचित सम्मान और संसाधन नहीं मिलते। एक मानव डॉक्टर को जहाँ आधुनिक तकनीक और स्टाफ़ की सुविधा मिलती है, वहीं पशु चिकित्सकों को कई बार बिना सहायता के मवेशियों के बीच काम करना पड़ता है। उदाहरण के तौर पर, किसी गाय को डिलीवरी करानी हो या जंगली जानवर के ज़ख्म पर पट्टी करनी हो, अक्सर चिकित्सक को अपने ही संसाधनों से काम चलाना पड़ता है।

परिवार और निजी जीवन पर प्रभाव

एक पशु चिकित्सक के लिए व्यक्तिगत जीवन और पेशेवर जीवन को संतुलित करना आसान नहीं होता। अचानक किसी बीमारी का केस आ जाना, किसी किसान की जानवर मरने की कगार पर हो, तो सब कुछ छोड़कर दौड़ पड़ना पड़ता है। यह ज़िम्मेदारी का काम है, जिसमें छुट्टियाँ भी कम ही मिलती हैं। डॉ. तिवारी कहते हैं, “जब समाज सो रहा होता है, हम किसी जानवर को बचाने में लगे होते हैं। यह पेशा सिर्फ नौकरी नहीं, तपस्या है।”

पशुपालकों और पालतू प्रेमियों की उम्मीद

आज के समय में जब लोग अपने पालतू जानवरों को परिवार का हिस्सा मानते हैं, वहाँ पशु चिकित्सकों की ज़िम्मेदारी और बढ़ गई है। एक छोटी सी ग़लती भी जानवर की जान ले सकती है। इसीलिए सही डायग्नोसिस, सही इलाज और समय पर सलाह बहुत ज़रूरी हो जाती है। डॉ. तिवारी मानते हैं कि “एक अच्छा पशु चिकित्सक वही है जो इलाज के साथ-साथ पशुपालक को सही दिशा भी दे सके।”

भविष्य की दिशा

आने वाले समय में पशु चिकित्सा का क्षेत्र और अधिक उन्नत और तकनीकी बनने जा रहा है। टेलीमेडिसिन, मोबाइल क्लिनिक, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे नए यंत्र इस सेवा को अधिक सुलभ बनाएंगे। लेकिन इसका मूल तत्व—सेवा और करुणा—हमेशा केंद्र में रहेगा।

डॉ. तिवारी का सपना है कि हर गाँव, हर शहर में प्रशिक्षित पशु चिकित्सकों की टीम हो जो पशुओं की सुरक्षा और समाज के स्वास्थ्य की रक्षा करे।

सावन में शिवलिंग पर भूलकर भी न चढ़ाएं ये चीजें, वरना लग सकता है बड़ा दोष!

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  सावन का पावन महीना शुरू हो चुका है और इस वर्ष इसकी अवधि 11 जुलाई से 9 अगस्त तक रहेगी। सावन में शिव भक्ति और रुद्राभिषेक का विशेष महत्व होता है, खासकर सोमवार को, जिसे भोलेनाथ का दिन माना जाता है। लेकिन पूजा के दौरान कुछ चीजें अनजाने में चढ़ा दी जाती हैं, जो शास्त्रों के अनुसार पाप के समान मानी जाती हैं। आइए जानते हैं कि शिवलिंग पर किन चीजों को चढ़ाना चाहिए और किन्हें चढ़ाना वर्जित है।

शिवलिंग पर क्या चढ़ाये?

गंगाजल भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है , जो पवित्रता और मानसिक शांति प्रदान करता है। बिल्वपत्र(बेलपत्र) – तीन पत्तों वाला बेलपत्र विशेष फलदायक होता है। धतूरा और आक के फूल – शिव को प्रिय माने जाते हैं, विशेष रूप से रुद्र रूप में पूजन में। दूध और दही – अभिषेक से स्वास्थ्य और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। घी और शहद (पंचामृत का हिस्सा) – पंचामृत से पूजन करना अत्यंत शुभ माना गया है। सफेद फूल – जैसे कमल, कुंद, चमेली आदि शिवजी को अर्पित किए जा सकते हैं।

शिवलिंग पर इन चीजों को भूल कर भी   चढ़ाएं

तुलसी के पत्ते ये भगवान विष्णु को प्रिय हैं, शिवलिंग पर चढ़ाना वर्जित है। पौराणिक और धार्मिक मान्यताएं है कि तुलसी का विवाह स्वयं विष्णु से हुआ था, इसलिए यह शिव पूजा में निषिद्ध है। शंख से जल चढ़ाना शंख विष्णु का प्रतीक है, इसलिए इससे जल अर्पण करना निषिद्ध है। पौराणिक और धार्मिक मान्यताएं है कि शंख से जल चढ़ाना इसलिए निषिद्ध है क्योंकि यह समुद्र मंथन से निकला था और विष्णु से जुड़ा है। केतकी का फूल – पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान शिव ने इसे श्राप दिया था, इसलिए निषिद्ध है। पौराणिक और धार्मिक मान्यताएं है कि केतकी फूल को शिव ने श्राप इसलिए दिया था क्योंकि इसने झूठ बोलकर ब्रह्मा जी को सहयोग दिया था। टूटा या खंडित बेलपत्र – अधूरी या खराब वस्तु शिव को नहीं चढ़ानी चाहिए। लाल फूल (गुलाब आदि) – ये देवी पूजन के लिए होते हैं, शिवलिंग पर वर्जित हैं। चमेली के फूल – ये भी विशेष रूप से देवी पूजा में प्रयुक्त होते हैं, शिव के लिए अनुचित माने जाते हैं।

इस सावन, अगर आप भोलेनाथ की कृपा पाना चाहते हैं, तो उनकी पूजा सही तरीके से करें। सही सामग्री, आस्था और शुद्ध भाव से किए गए अभिषेक से जीवन में शांति, सुख और समृद्धि आती है।

कलयुग का श्रावण!: बेटे ने मां-बाप की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए बनवाया 10 करोड़ का मंदिर, पढ़ें दिल छू लेने वाली कहानी

छपरा (बिहार)/ सर्वोदय  न्यूज़:- आज के दौर में जब रिश्ते और जिम्मेदारियाँ बोझ बनते जा रहे हैं, बिहार के एक बेटे ने वो कर दिखाया जो किसी मिसाल से कम नहीं। अपने माता-पिता की अंतिम ख्वाहिश को पूरा करने के लिए इस बेटे ने करीब 10 करोड़ रुपये खर्च कर एक भव्य मंदिर का निर्माण करवाया है। यह मंदिर अब आस्था, समर्पण और संस्कार का प्रतीक बन गया है।

बिहार के छपरा ज़िले के नैनी गाँव में स्थित यह मंदिर अब श्रद्धालुओं के बीच एक बड़ा तीर्थ स्थल बन चुका है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे न तो किसी ट्रस्ट ने बनाया और न ही किसी संस्था ने फंडिंग की — यह पूरा निर्माण सिर्फ एक बेटे, राजीव सिंह ने अपनी मां और पिता की स्मृति में करवाया।

इस मंदिर की निर्माण शैली भी उतनी ही अद्भुत है। इसमें सीमेंट, रेत या लोहा का कोई प्रयोग नहीं किया गया। मंदिर पूरी तरह से आगरा, राजस्थान और केरल से लाए गए खास पत्थरों से निर्मित है। यह मंदिर भारत की प्राचीन शिल्पकला और वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है। इस मंदिर में श्रद्धालु पाँच प्रमुख देवताओं के दर्शन कर सकते हैं जिनमे भगवान द्वारकाधीश (श्रीकृष्ण), माँ दुर्गा, भगवान गणेश, भगवान शिव, श्री हनुमान जी है | हर दिन यहाँ न सिर्फ बिहार बल्कि उत्तर प्रदेश, झारखंड और दूर-दराज के राज्यों से भक्त आने लगे हैं।

मंदिर के पुजारी मनीष कुमार मिश्रा के अनुसार, यह सपना राजीव सिंह के माता-पिता का था, जिन्होंने इसकी नींव रखी थी। लेकिन दुर्भाग्यवश मंदिर निर्माण शुरू होते ही दोनों का निधन हो गया। इसके बाद बेटे राजीव सिंह ने प्रण लिया कि वह इस मंदिर को हर हाल में पूरा करेंगे।राजीव सिंह वर्तमान में गुजरात में सफल व्यवसायी हैं और उनका परिवार वहीं रहता है, लेकिन उन्होंने अपने गांव में वह किया, जिसे लोग पीढ़ियों तक याद रखेंगे।

इस मंदिर की कहानी सिर्फ आस्था की नहीं, बल्कि यह परिवार, संस्कार और समर्पण की मिसाल है। एक बेटे का यह कार्य बताता है कि अगर दिल में सच्ची भावना हो, तो कोई भी कार्य असंभव नहीं।

तिरुपति मंदिर में 1 हजार गैर-हिंदू कर रहे काम, तुरंत हटाए जाएं; केंद्रीय मंत्री की मांग

न्यूज़ डेस्क/ सर्वोदय न्यूज़ :-  भगवान वेंकटेश्वर के प्रसिद्ध तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) में करीब 1,000 गैर-हिंदू कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने गहरी आपत्ति जताई है। उन्होंने इन नियुक्तियों को लेकर गंभीर जांच की मांग की और कहा कि ऐसे कर्मचारी जो सनातन धर्म में विश्वास नहीं रखते, उन्हें TTD जैसी पवित्र संस्था में स्थान नहीं मिलना चाहिए।

मंत्री का आरोप: तेलंगाना से भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में यह सवाल उठाया कि – “जो गैर-हिंदू भगवान वेंकटेश्वर में आस्था नहीं रखते, वे TTD में कैसे कार्यरत हैं? यह संस्था सिर्फ एक सरकारी नौकरी नहीं, बल्कि आस्था का केंद्र है।” उन्होंने बताया कि मंदिर आने वाले सभी गैर-हिंदू श्रद्धालुओं से आस्था की शपथ ली जाती है, तो फिर कर्मचारियों के लिए ऐसा नियम लागू क्यों नहीं होता?

बंदी संजय ने हाल में सामने आए एक मामले का भी जिक्र किया, जिसमें एक कर्मचारी को इसलिए निलंबित किया गया क्योंकि वह TTD में कार्यरत होने के बावजूद नियमित रूप से चर्च जा रहा था। उन्होंने सवाल किया कि – “अगर ऐसे कर्मचारी पहले नियुक्त किए गए थे, तो अब तक इसमें बदलाव क्यों नहीं किया गया?”

मंत्री ने आशंका जताई कि इन नियुक्तियों के पीछे कोई आंतरिक गड़बड़ी या नियमों का उल्लंघन हो सकता है। उन्होंने TTD बोर्ड में कार्यरत सभी गैर-हिंदू कर्मचारियों की संख्या और उनकी नियुक्ति प्रक्रिया की जांच की आवश्यकता जताई। “हिंदू श्रद्धालु इस विषय को लेकर चिंतित हैं, फिर भी अभी तक कोई ठोस जांच क्यों नहीं हुई?” — संजय कुमार

अपने जन्मदिन के अवसर पर बंदी संजय कुमार ने अपने परिवार के साथ तिरुमला जाकर भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन किए। उन्होंने देश में शांति, समृद्धि और सनातन धर्म की रक्षा के लिए प्रार्थना की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घायु और कुशल नेतृत्व के लिए भी कामना की।जन्मदिन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, गृह मंत्री अमित शाह, और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। गृह मंत्री अमित शाह ने व्यक्तिगत रूप से फोन कर उन्हें बधाई दी।

अंत में मंत्री संजय कुमार ने देशभर के नागरिकों और श्रद्धालुओं से सनातन धर्म की रक्षा और TTD जैसी संस्थाओं की पवित्रता बनाए रखने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।

Aaj Ka Rashifal 12 July 2025: आज इन राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें मेष से मीन तक कैसा रहेगा दिन

Aaj Ka Rashifal 12 July 2025: जानें आज के ग्रहों की स्थिति और उसके अनुसार मेष से मीन तक 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन। किसे मिलेगा व्यापार में लाभ, किसे मिलेगी नौकरी में तरक्की और किसे बरतनी होगी सतर्कता – पढ़ें पूरा राशिफल।

मेष राशि (Aries)

आज व्यवसायिक क्षेत्र में सफलता मिलेगी। पिता या वरिष्ठ का सहयोग मिलेगा। सरकारी मामलों में विजय संभव है। स्वास्थ्य, प्रेम और करियर के लिहाज से दिन अच्छा रहेगा।
उपाय: लाल वस्तु अपने पास रखें।

वृषभ राशि (Taurus)

भाग्य आपका साथ देगा, जिससे नौकरी और व्यवसाय में उन्नति होगी। अटके हुए काम बनेंगे, स्वास्थ्य में सुधार दिखेगा। प्रेम और संतान पक्ष संतोषजनक रहेगा।
उपाय: लाल वस्तु का दान करें।

मिथुन राशि (Gemini)

आज स्थिति थोड़ी प्रतिकूल रह सकती है। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें, वाहन सावधानी से चलाएं। जोखिम से दूर रहें। प्रेम-संतान में दूरी महसूस हो सकती है।
उपाय: मां काली को प्रणाम करें।

कर्क राशि (Cancer)

जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। प्रेम और संतान से जुड़ी चीजें सकारात्मक रहेंगी।
उपाय: लाल वस्तु अपने पास रखें।

सिंह राशि (Leo)

आज आप शत्रुओं पर हावी रहेंगे। कठिन कार्यों में भी सफलता मिलेगी। बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। सेहत सामान्य, लेकिन कार्यक्षेत्र में सुधार रहेगा।
उपाय: पीली वस्तु अपने पास रखें।

कन्या राशि (Virgo)

भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय न लें। प्रेम जीवन में कुछ विवाद हो सकता है। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है। सेहत और व्यापार ठीक रहेगा।
उपाय: हरी वस्तु साथ रखें।

तुला राशि (Libra)

सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। मां के स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी चिंता हो सकती है। घरेलू विवाद से बचें। प्रेम और व्यापार में अच्छे संकेत हैं।
उपाय: शनिदेव को प्रणाम करें, नीली वस्तु रखें।

वृश्चिक राशि (Scorpio)

व्यवसाय में जबरदस्त सफलता मिलेगी। आत्मविश्वास बढ़ेगा और हर क्षेत्र में लाभ होगा। संतान और स्वास्थ्य भी सकारात्मक रहेंगे।
उपाय: नीली वस्तु का दान करें।

धनु राशि (Sagittarius)

आज आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं। पारिवारिक सुख मिलेगा, प्रेम-संतान का सहयोग मिलेगा। निवेश से बचना बेहतर रहेगा।
उपाय: नीली वस्तु दान करें।

मकर राशि (Capricorn)

आज आप सकारात्मक ऊर्जा से भरे रहेंगे। स्वास्थ्य पहले से बेहतर होगा। प्रेम और व्यवसाय दोनों में अच्छे नतीजे मिलेंगे।
उपाय: मां काली की आराधना करें।

कुंभ राशि (Aquarius)

मन में चिंता और खर्चों की अधिकता रहेगी। स्वास्थ्य पर ध्यान दें। प्रेम और संतान में थोड़ी चुनौती रहेगी, पर व्यापार अच्छा रहेगा।
उपाय: हरी वस्तु पास रखें।

मीन राशि (Pisces)

नए आय स्रोत बनेंगे और पुराने स्रोत से भी धन प्राप्ति संभव है। यात्रा का योग है, शुभ समाचार मिल सकता है। संतान और व्यापार में अच्छे संकेत हैं।
उपाय: नीली वस्तु का दान करें।