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घर बैठे नेचुरली बढ़ाएं बालों की लंबाई और चमक, सुबह की ये 7 आदतें बना लें रूटीन

लाइफस्टाइल/सर्वोदय न्यूज़:- हर महिला की ख्वाहिश होती है कि उसके बाल हों लंबे, घने और प्राकृतिक चमक से भरपूर। लेकिन महंगे शैंपू और सैलून ट्रीटमेंट से ये सपना पूरा नहीं होता। अगर आप भी बालों की लंबाई बढ़ाने के घरेलू उपाय ढूंढ रही हैं, तो सुबह-सुबह की ये 7 सिंपल आदतें आपके बालों को प्राकृतिक रूप से मजबूत और खूबसूरत बना सकती हैं।

1. गर्म तेल से सिर की मालिश करें

सुबह के समय हल्के गुनगुने नारियल या बादाम तेल से सिर की हल्की मसाज करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और बालों की जड़ों को गहराई से पोषण मिलता है। यह आदत न सिर्फ बालों की ग्रोथ को तेज करती है, बल्कि तनाव भी कम करती है।

2. बाल सुलझाने के लिए वाइड-टूथ कंघी अपनाएं

तेल लगाने के बाद बालों को सुलझाते समय चौड़े दांतों वाली कंघी का इस्तेमाल करें। यह बालों के टूटने से बचाती है और बाल आराम से सुलझ जाते हैं। जल्दी में झटपट कंघी करने की बजाय, धीरे-धीरे बालों को व्यवस्थित करें।

3. सल्फेट-फ्री और नैचुरल शैंपू चुनें

शैंपू का चुनाव करते समय ध्यान दें कि वह सल्फेट और हार्श केमिकल्स से मुक्त हो। एलोवेरा, रीठा, हिबिस्कस जैसे हर्बल इंग्रेडिएंट्स से बना शैंपू स्कैल्प के नैचुरल ऑयल को सुरक्षित रखता है और बालों को नुकसान से बचाता है।

4. बालों को ठंडे या गुनगुने पानी से धोएं

बाल धोने के लिए हमेशा ठंडे या हल्के गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। इससे हेयर कटिकल्स सील हो जाते हैं, जिससे बालों की नमी बनी रहती है और चमक बरकरार रहती है।

5. हीट स्टाइलिंग से दूरी बनाएं

हेयर ड्रायर, स्ट्रेटनर जैसी हीट डिवाइसेज़ बालों को कमजोर बना सकती हैं। बालों को टॉवल से धीरे-धीरे सुखाएं और फिर हवा में सूखने दें। यह तरीका बालों की प्राकृतिक मजबूती को बनाए रखने में मदद करता है।

6. बाल सूखने के बाद सीरम या कंडीशनर का करें इस्तेमाल

जब बाल पूरी तरह सूख जाएं, तो लाइट वेट लीव-इन कंडीशनर या हेयर सीरम लगाएं। इससे बालों में नमी बनी रहती है, वे सॉफ्ट और शाइनी दिखते हैं, और दो मुंहे बालों से भी बचाव होता है।

7. सुबह करें हेयर फ्रेंडली योग

सुबह के समय 10 मिनट योग करें, खासकर अनुलोम-विलोम, बालासन, या अधोमुख श्वानासन जैसे आसन। ये स्कैल्प में रक्त संचार को बढ़ाकर बालों की जड़ों को मजबूत बनाते हैं।

वैज्ञानिक प्रमाण: स्कैल्प मसाज से होती है बालों की ग्रोथ

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) की रिसर्च के मुताबिक, रोजाना की गई स्कैल्प मसाज से बालों की मोटाई और ग्रोथ में सुधार होता है। यह आदत बाल झड़ने की समस्या को भी कम करती है।

निष्कर्ष

बालों को लंबा और घना बनाना कोई जादू नहीं, बस जरूरत है सही देखभाल की। इन 7 आदतों को सुबह की रूटीन में शामिल करें और बिना ज्यादा खर्च के पाएं प्राकृतिक रूप से मजबूत, चमकदार और हेल्दी बाल।

अन्नपूर्णा भवन’ प्रदेश में राशन व्यवस्था को नई पहचान दे रही -योगी सरकार

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी, सशक्त और जनोन्मुखी बनाने के लिए योगी सरकार द्वारा चलाया जा रहा ‘अन्नपूर्णा भवन योजना’ अब गांव-गांव और शहर-शहर में रंग ला रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम सभाओं और शहरी इलाकों में नगर निकायों की मदद से बनाए जा रहे यह मॉडल उचित दर दुकानें न केवल सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतार रही हैं, बल्कि राशन कार्डधारकों को बेहतर सुविधा, पारदर्शी वितरण और सम्मानजनक वातावरण भी दे रही हैं। योगी सरकार द्वारा मॉडल उचित दर दुकानों/अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण में गति लाने के लिए राजकोषीय बचत से भी अन्नपूर्णा भवनों के निर्णय लिया गया है। अब तक 3,534 अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण पूर्ण हो चुका है और लगभग 2,000 भवनों का कार्य निर्माणाधीन है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में खाद्यान्न वितरण प्रणाली अब पुराने ढर्रे से निकलकर तकनीकी और भौतिक दृष्टि से सुदृढ़ हो रही है। यह योजना ना केवल गरीबों को सम्मानजनक सेवा दे रही है, बल्कि योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए स्थानीय निकायों की भूमिका को भी सशक्त कर रही है। ‘अन्नपूर्णा भवन’ आज एक प्रशासनिक नवाचार नहीं, बल्कि जनहित में उठाया गया ठोस कदम है। प्रदेश सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान प्रत्येक जनपद में मॉडल के रूप में 75 अन्नपूर्णा भवन बनाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसी क्रम में प्रदेश में अब तक 3,534 अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण पूर्ण हो चुका है और लगभग 2,000 भवनों का कार्य निर्माणाधीन है।

राशन कार्ड धारकों को खाद्यान्न सुचारू रूप से उपलब्ध कराने योगी सरकार का फोकस
सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ करने एवं राशन कार्ड धारकों को खाद्यान्न सुचारू रूप से उपलब्ध कराने के लिए मॉडल उचित दर दुकानों/अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण में गति लाने के लिए राजकोषीय बचत से भी अन्नपूर्णा भवनों के निर्णय लिया गया है। अब मनरेगा के अतिरिक्त राज्य वित आयोग, सांसद निधि, विधायक निधि, पूर्वान्चल विकास निधि, बुन्देलखण्ड विकास निधि अथवा अन्य किसी राज्य या केन्द्र सरकार की योजना, जिसमें इनका निर्माण अनुमन्य है, अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण कराया जा सकेगा। जहां इन योजनाओं के माध्यम से धनराशि की उपलब्धता नहीं हो सकेगी, वहां खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा बचत से धनराशि की व्यवस्था की जाएगी। इस प्रकार प्रति जनपद 75-100 अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण प्रति वर्ष कराया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त इस भवनों के अनुरक्षण इत्यादि की व्यवस्था का भी प्राविधान किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बीते दिनों हुए कैबिनेट बैठक में इसपर मुहर भी लगा दी गई है।

शहरी क्षेत्रों के लिए क्लस्टर भवन की अवधारणा पर होगा अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण
अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण में कई निधियों से धनराशि का प्रावधान किया जाना है, ऐसी स्थिति में भवनों के लिए भूमि का चयन, भवनों का संचालन, किराया इत्यादि के लिए एकसमान मार्गदर्शी सिद्धान्त पर कार्य किया जा रहा है। अन्नपूर्णा भवनों की डिजाइन एवं अनुमानित लागत व निर्माण अलग-अलग अथवा क्लस्टर में कराया जा सकता है। एकल अन्नपूर्णा भवन का कुल क्षेत्रफल लगभग 484 वर्गफीट होगा, जिसमें एक बड़ा कक्ष, जिसके अन्तर्गत दुकान का संचालन तथा दूसरे कक्ष में सीएससी का संचालन आदि कार्य के लिए स्थान की व्यवस्था होगी। साथ ही लाभार्थियों के लिए एक प्रतीक्षा हॉल होगा। एक क्लस्टर में 2-5 दुकानों का निर्माण किया जा सकता है। क्लस्टर नगरीय क्षेत्रों में जहां एकल दुकानों के लिए भूमि उपलब्ध नहीं, वहां शहरी क्षेत्रों में क्लस्टर अन्नपूर्णा भवन बनाए जा रहे हैं। एक क्लस्टर में 2 से 5 उचित दर दुकानों को एक स्थान पर समाहित किया जा सकता है। इससे ना केवल भूमि का समुचित उपयोग होता है, बल्कि भारी वाहनों से खाद्यान्न की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था भी सुलभ होती है।

निर्माण और गुणवत्ता पर विशेष निगरानी
भवन निर्माण की जिम्मेदारी स्थानीय कार्यदायी संस्थाओं को दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिकता ग्राम पंचायतों को और शहरी क्षेत्रों में विकास प्राधिकरण को दी गई है। निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार का सेन्टेज चार्ज अनुमन्य नहीं है, जिससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश समाप्त हो जाती है। जिलाधिकारी स्तर पर नामित अधिकारी इन कार्यों की निगरानी करते हैं, जिससे निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।

जनसुविधा को ध्यान में रखकर किया जा रहा भूमि का चयन
अन्नपूर्णा भवन के लिए भूमि चयन में सरकारी, पंचायत, सहकारी संस्थाओं या दान में प्राप्त भूमि को प्राथमिकता दी जाती है। चयन की प्रक्रिया में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाती है, जिसमें तहसीलदार, खण्ड विकास अधिकारी, सहायक अभियंता और क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी शामिल होते हैं। चयन में यह सुनिश्चित किया जाता है कि स्थान पहुंच योग्य, अविवादित और आमजन के लिए सुविधाजनक हो। योगी सरकार की प्राथमिकता है कि वहां पहले भवन बनाए जाएं, जहां वर्तमान उचित दर दुकानें संकरी गलियों में हों, जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हों या आपदा से प्रभावित हों, जिससे खाद्यान्न के खराब होने या वितरण में बाधा की संभावना हो। जनपदवार वरीयता सूची बनाकर उसी के अनुसार कार्य कराया जा रहा है।

सावन में मेहंदी लगाना क्यों होता है शुभ? जानिए इससे जुड़ा पौराणिक रहस्य

लाइफस्टाइल/सर्वोदय न्यूज़:- सावन का महीना जैसे ही दस्तक देता है, प्रकृति में हरियाली छा जाती है और महिलाओं के चेहरे पर एक खास रौनक नजर आती है। सावन 2025 के आगमन से पहले ही बाजारों में चूड़ियों, हरी साड़ियों और खास तौर पर मेहंदी की दुकानों पर भीड़ उमड़ने लगी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हरियाली तीज और सावन में मेहंदी लगाना सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि इसके पीछे एक गहरा पौराणिक और ज्योतिषीय रहस्य छिपा है।

सावन और शिव-पार्वती की प्रेम कथा का है संबंध

हिंदू मान्यताओं के अनुसार, सावन का महीना भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था, और इसी तपस्या के दौरान उन्होंने अपने हाथों और पैरों पर मेहंदी रचाई थी। इस परंपरा को आज भी महिलाएं निभाती हैं, और सावन की हरियाली तीज पर मेहंदी लगाकर पति के सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।

हरा रंग और मेहंदी: समृद्धि, प्रेम और सौंदर्य का प्रतीक

सावन में हरी चूड़ियाँ, हरे वस्त्र और मेहंदी लगाना सिर्फ सजने-संवरने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह शुभता और समृद्धि का प्रतीक है। हरे रंग को उर्वरता, नई शुरुआत और सौभाग्य का संकेत माना गया है।

 ज्योतिषीय दृष्टिकोण से मेहंदी का महत्व

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मेहंदी का संबंध शुक्र ग्रह से है, जो सौंदर्य, प्रेम और वैवाहिक जीवन का कारक ग्रह है। ऐसा माना जाता है कि जो महिलाएं नियमित रूप से मेहंदी लगाती हैं, उनका शुक्र मजबूत होता है जिससे दांपत्य जीवन में प्रेम और सामंजस्य बना रहता है। इसलिए सावन में मेहंदी लगाना न सिर्फ धार्मिक बल्कि ज्योतिषीय रूप से भी अत्यंत शुभ माना गया है।

परिवहन निगम के चालकों/परिचालकों को मिला ₹10,000 का बोनस

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़ :- महाकुंभ 2025 में अपनी सेवाएं देने वाले उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के चालकों और परिचालकों को ₹10,000 बोनस की राशि उनके खातों में ट्रांसफर कर दी गई है। यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा पूर्व में की गई घोषणा के तहत लागू किया गया। इस योजना के अंतर्गत कुल 24,71,00,000 रुपये (चौबीस करोड़ इकहत्तर लाख) की राशि 11786 चालकों और 12285 परिचालकों सहित कुल 24071 कर्मचारियों को उनके खातों में भेजी गई।

परिवहन मंत्री ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद देते हुए कहा, यह बोनस न केवल कर्मियों के लिए प्रोत्साहन है, बल्कि आने वाले समय में और बेहतर सेवा के लिए प्रेरणा स्रोत भी बनेगा।परिवहन मंत्री ने जानकारी दी कि महाकुंभ-2025 में राज्य के सभी 19 क्षेत्रों से कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी, जिन्होंने पूरी तत्परता से अपनी जिम्मेदारियां का निर्वहन किया।

66 करोड़ श्रद्धालुओं की सेवा में लगे रहे निगम कर्मी
दयाशंकर सिंह ने कहा कि 66 करोड़ श्रद्धालुओं ने इस महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान, परिवहन निगम के चालकों और परिचालकों ने लगन, ईमानदारी एवं तत्परता से कार्य करते हुए श्रद्धालुओं को उनके गंतव्य तक सुरक्षित एवं सुविधाजनक रूप से पहुंचाया। उन्होंने कहा कि इतने विशाल आयोजन को सफलता पूर्वक संपन्न कराने का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को जाता है।

इन क्षेत्रों के कर्मचारियों को मिला लाभ

क्षेत्र चालकों/परिचालकों की संख्या

आगरा 1385
गाजियाबाद 1469
मेरठ 1413
सहारनपुर 994
अलीगढ़ 1284
मुरादाबाद 1358
बरेली 1149
हरदोई 1803
इटावा 1235
कानपुर 1387
झांसी 574
लखनऊ 2162
अयोध्या 725
प्रयागराज 1522
आजमगढ़ 1163
गोरखपुर 1424
वाराणसी 1116
चित्रकूट 927
देवीपाटन मंडल 981

आज का राशिफल 8 जुलाई 2025: वृश्चिक राशि वालों की किस्मत चमकेगी, जानिए सभी 12 राशियों का हाल

आज का राशिफल 8 जुलाई 2025:- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज यानी 8 जुलाई 2025 को ग्रहों की स्थिति में विशेष परिवर्तन हो रहा है। शुक्र वृषभ राशि में, सूर्य और गुरु मिथुन राशि में, बुध कर्क राशि में, मंगल और केतु सिंह राशि में, चंद्रमा वृश्चिक राशि में, राहु कुंभ राशि में और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। इन ग्रहों के योग सभी 12 राशियों पर असर डालेंगे। आइए जानते हैं आज का राशिफल (8 July Rashifal 2025), साथ ही जानें कौन सी राशि चमकेगी और किसे रखना होगा विशेष ध्यान।

मेष राशि (Aries)

आज का दिन चुनौतीपूर्ण रह सकता है। जीवन में कुछ उलझनों का सामना करना पड़ सकता है। सेहत को लेकर सतर्क रहें। हालांकि, प्रेम जीवन और संतान पक्ष संतुलित रहेगा। व्यापारिक स्थिति भी सामान्य बनी रहेगी।
उपाय: लाल वस्तु अपने पास रखें।

वृषभ राशि (Taurus)

आज का दिन आपके लिए बेहद आनंददायक रहेगा। दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी और जीवनसाथी के साथ खूबसूरत पल बिताएंगे। सेहत उत्तम रहेगी। प्रेम और संतान दोनों क्षेत्रों में सकारात्मकता बनी रहेगी। नौकरीपेशा लोगों को तरक्की के संकेत हैं।
उपाय: लाल वस्तु का दान करें।

मिथुन राशि (Gemini)

शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी और रुके हुए कार्य बाधाओं के साथ पूर्ण होंगे। हालांकि, स्वास्थ्य थोड़ा कमजोर रह सकता है और प्रेम संबंधों में कुछ दूरी महसूस हो सकती है। व्यवसाय की स्थिति मजबूत रहेगी।
उपाय: नियमित रूप से मां काली की पूजा करें।

कर्क राशि (Cancer)

भावनाओं पर नियंत्रण रखें। बड़े फैसले फिलहाल टालना ही बेहतर होगा। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में संतुलन बनाए रखें। सेहत सामान्य रहेगी। कारोबार में लाभ होगा।
उपाय: लाल रंग की वस्तु अपने पास रखें।

सिंह राशि (Leo)

परिवार में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। विवादों से बचें और संयम से काम लें। साथ ही, प्रॉपर्टी या वाहन खरीदने के अच्छे योग बन रहे हैं। सेहत और व्यापार दोनों अच्छे रहेंगे।
उपाय: पीली वस्तु पास रखें।

कन्या राशि (Virgo)

आज पराक्रम का दिन है। नौकरी और करियर में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम जीवन और संतान से सुखद समाचार मिल सकते हैं। व्यापार में भी लाभ होगा।
उपाय: लाल वस्तु अपने पास रखें।

तुला राशि (Libra)

आर्थिक लाभ की संभावना है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। सेहत पहले से बेहतर होगी। प्रेम संबंधों में मजबूती आएगी। व्यापार लाभदायक रहेगा।
उपाय: मां काली को प्रणाम करें।

वृश्चिक राशि (Scorpio)

आज का दिन आपके लिए बेहद शुभ है। आकर्षण का केंद्र बनेंगे और चारों ओर आपकी चर्चा होगी। सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहेंगे। प्रेम और व्यापार दोनों क्षेत्रों में सफलता मिलेगी।
उपाय: पीली वस्तु अपने पास रखें।

धनु राशि (Sagittarius)

पार्टनरशिप में कुछ दिक्कतें आ सकती हैं। फिजूलखर्ची से आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। प्रेम जीवन बेहतर रहेगा। व्यापार सामान्य रहेगा।
उपाय: लाल वस्तु साथ रखें।

मकर राशि (Capricorn)

यात्रा का योग है और कोई शुभ समाचार मिल सकता है। आर्थिक स्थिति में मजबूती आएगी। प्रेम और संतान से सुख की प्राप्ति होगी। व्यापार में भी तेजी आएगी।
उपाय: मां काली की पूजा करें।

कुंभ राशि (Aquarius)

कानूनी मामलों में जीत मिलेगी। व्यापारिक स्थिति मजबूत होगी। उच्च अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार सभी क्षेत्रों में लाभ मिलेगा।
उपाय: लाल वस्तु का दान करें।

मीन राशि (Pisces)

भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। यात्रा के योग बन रहे हैं और अटके कार्य पूरे होंगे। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार तीनों क्षेत्रों में लाभ मिलेगा।
उपाय: लाल वस्तु अपने पास रखें।

स्कूलों के विलय पर हाईकोर्ट की मुहर, योगी सरकार को बड़ी राहत

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:-  योगी सरकार को प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के समेकन के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने 50 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को नजदीकी विद्यालयों में विलय करने के सरकार के फैसले को संवैधानिक और जनहित में बताया है। हाईकोर्ट का यह फैसला योगी सरकार की शिक्षा गुणवत्ता सुधार की नीति को न्यायिक स्वीकृति मिलने जैसा है।

न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने योगी सरकार के इस फैसले के खिलाफ दायर सभी याचिकाओं को खारिज करते हुए स्पष्ट कहा कि सरकार का यह निर्णय अनुच्छेद 21ए के उल्लंघन की श्रेणी में नहीं आता, बल्कि इसका उद्देश्य बेहतर संसाधनों का उपयोग और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाना है। कोर्ट ने माना कि सरकारी स्कूलों में संसाधन विखंडित हो रहे थे, जिससे बच्चों को न शिक्षक मिल पा रहे थे, न पर्याप्त सुविधाएं।

सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता अनुज कुदेसिया और मुख्य स्थाई अधिवक्ता संदीप दीक्षित ने दलील दी कि छात्रविहीन या कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को पास के स्कूलों से जोड़ा गया है, ताकि अध्यापक, पुस्तकालय, खेलकूद और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं सभी बच्चों को एकीकृत रूप से मिल सकें।

योगी सरकार का यह कदम ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा के सुनियोजित विस्तार की दिशा में उठाया गया मजबूत कदम है। कोर्ट के फैसले ने इस नीति को वैधता देकर शिक्षा सुधारों को एक नई गति दी है। यह निर्णय न केवल सरकार की नीयत की जीत है, बल्कि शिक्षा को लेकर उसकी प्रतिबद्धता का प्रमाण भी है।

100 वर्ष से अधिक आयु के 28 प्रजाति के वृक्ष घोषित किए गए हैं विरासत वृक्ष

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- योगी सरकार विरासत वृक्ष अंगीकरण योजना के तहत सूबे के 948 विरासत वृक्षों को निरंतर संवार रही है। 100 वर्ष से अधिक आयु के 28 प्रजाति के वृक्षों को विरासत वृक्ष घोषित किया गया है। यह वृक्ष प्रदेश के सभी 75 जनपदों में हैं। योगी सरकार पेड़-पौधों के जरिए भी विरासत का सम्मान करने को प्रतिबद्ध है। काशी में सर्वाधिक 99, प्रयागराज में 53, हरदोई में 37, गाजीपुर में 35 व उन्नाव में विभिन्न प्रजातियों के 34 विरासत वृक्ष हैं। योगी सरकार विलुप्त हो रही वृक्ष प्रजातियों के संरक्षण व पौराणिक/ऐतिहासिक अवसरों, महत्वपूर्ण घटनाओं, अति विशिष्ट व्यक्तियों के स्मारकों, धार्मिक परम्पराओं व मान्यताओं से जुड़े हुए वृक्षों को संरक्षित कर जन सामान्य में इसके प्रति जागरूकता पैदा कर रही है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन द्वारा विरासत/ हेरीटेज वृक्षों के चयन व अभिलेखीकरण हेतु दिशा-निर्देश दिया गया है।

सौ वर्ष से अधिक आयु की 28 प्रजातियों को घोषित किया गया है विरासत वृक्ष

उत्तर प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड ने गैर वन क्षेत्र (सामुदायिक भूमि) पर अवस्थित सौ वर्ष से अधिक आयु के 28 प्रजातियों को विरासत वृक्ष घोषित किया है। इनमें अरु, अर्जुन, आम, इमली, कैम, करील, कुसुम, खिरनी, शमी, गम्हार, गूलर, छितवन, चिलबिल, जामुन, नीम, एडनसोनिया, पाकड़, पीपल, पीलू, बरगद, महुआ, महोगनी, मैसूर बरगद, शीशम, साल, सेमल, हल्दू व तुमाल शामिल हैं। इसमें बरगद प्रजाति के 363 व पीपल प्रजाति के 422 वृक्ष हैं।

आध्यात्मिक व स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े वृक्ष भी शामिल

विरासत वृक्ष में आध्यात्मिक व स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े वृक्ष शामिल किए गए हैं। योगी सरकार यूपी के सभी 75 जिलों में विरासत वृक्षों को खोजकर इन्हें संरक्षित करने को प्रतिबद्ध है। सीएम योगी के गृह जनपद गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर परिसर में हनुमान मंदिर, काली मंदिर के समीप व गौशाला के अंदर बरगद व पाकड़ वृक्षों सहित पूरे जनपद में 19 वृक्ष विरासत वृक्ष घोषित किए गए हैं। वहीं लखनऊ व वाराणसी के क्रमश: दशहरी आम व लंगड़ा आम के मातृ वृक्ष, फतेहपुर का बाचन इमली, मथुरा के इमलीतला मन्दिर परिसर का इमली वृक्ष, प्रतापगढ़ का करील वृक्ष, बाराबंकी में स्थित एडनसोनिया वृक्ष, हापुड़ व संत कबीर नगर में अवस्थित पाकड़ वृक्ष, सारनाथ का बोधि वृक्ष, बाबा झारखंड के नाम से प्रसिद्ध अम्बेडकर नगर का पीपल वृक्ष एवं आर्डिनेंस क्लॉथ फैक्ट्री शाहजहांपुर में स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा पीपल वृक्ष शामिल है।

विशिष्ट विरासत वृक्षों की भी की गई पहचान

विशिष्ट विरासत वृक्षों में चीनी यात्री हवेनसांग द्वारा उल्लिखित झूंसी (प्रयागराज ) का एडनसोनिया वृक्ष, मथुरा के टेर कदंब मंदिर परिसर व निधि वन में अवस्थित पीलू वृक्ष, प्रयागराज के किले में अक्षयवट, उन्नाव जनपद में वाल्मीकि आश्रम, लव कुश जन्म स्थली व जानकी कुण्ड नाम से प्रसिद्ध स्थल पर अवस्थित बरगद वृक्ष एवं प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े हुए एन.बी.आर.आई लखनऊ व महामाया देवी मन्दिर परिसर गाजियाबाद में अवस्थित बरगद वृक्ष शमिल हैं।

विरासत वृक्षों की सुरक्षा के लिए आमजन का सहयोग लेगी योगी सरकार

योगी सरकार विरासत के सम्मान के साथ विरासत वृक्षों की सुरक्षा के लिए आमजन का भी सहयोग लेगी। विरासत वृक्षों की सुरक्षा में प्रत्येक व्यक्ति का योगदान प्राप्त करने, विरासत वृक्षों को जन संवेदना व जन भावना से जोड़कर वृक्षों के प्रति स्नेह, सद्भाव व अपनत्व की भावना विकसित करने एवं क्षेत्र में ईको पर्यटन को प्रोत्साहन देकर क्षेत्र की जैव विविधता का संरक्षण, संवर्धन व जागरूकता व संवेदनशीलता विकसित करने का भी योगी सरकार प्रयास कर रही है।

अविनाशी काशी में हैं सर्वाधिक विरासत वाले वृक्ष

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में कुल 948 विरासत वृक्ष हैं। इनमें सर्वाधिक विरासत वृक्ष वाराणसी में हैं। यहां कुल 99 विरासत वृक्ष हैं। वहीं प्रयागराज में कुल 53 विरासत वृक्ष हैं। हरदोई में यह संख्या 37, गाजीपुर में 35, उन्नाव में 34, रायबरेली में 32 और झांसी में 30 है। फिरोजाबाद में 29, लखीमपुर खीरी में 27, बरेली व बहराइच में 26-26, लखनऊ में 25 व जौनपुर में 24 विरासत वृक्ष हैं। इनमें पीपल प्रजाति के 422, बरगद के 363 व पाकड़ के 57 विरासत वृक्ष शामिल हैं।

गोमूत्र से होगा डायबिटीज-हार्ट समेत 19 बीमारियों का इलाज

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- योगी सरकार आयुर्वेद और परंपरागत चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए अनोखी पहल करने जा रही है। अब दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर (पंचगव्य) से आयुर्वेदिक मंजन, मलहम और औषधीय उत्पाद तैयार किए जाएंगे। खास बात यह है कि इन उत्पादों को औपचारिक आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में सम्मिलित किया जाएगा। पंचगव्य के आधार पर बड़े पैमाने पर उत्पाद बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा और गोशालाओं की उपयोगिता भी पहले से अधिक बढ़ जाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार गोमूत्र में औषधीय गुण मौजूद होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। योगी सरकार के इस प्रयास के तहत डायबिटीज और हृदय रोग जैसी कुल 19 बीमारियों के इलाज में गोमूत्र आधारित उत्पाद प्रभावी भूमिका निभाएंगे।

इन 19 बीमारियों में विशेष कारगर होगा पंचगव्य

चर्म रोग, गठिया जोड़ों का दर्द, मुंहासे, साइनस, दमा एवं सांस संबंधी रोग, पीलिया, पेट दर्द, तेज बुखार, एनीमिया, टॉन्सिल, हृदय रोग, चक्कर/सर दर्द, पालिप्स, डैंड्रफ, मधुमेह, गंजापन, अवसाद, रक्त विकार, दांत दर्द।

आयुष विभाग के सहयोग से होगा उत्पादन

उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के ओएसडी डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि आयुष विभाग के सहयोग से पंचगव्य आधारित उत्पादों के निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाया जा रहा है। पंचगव्य का विशेष महत्व है और अब इसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण से तैयार कर आमजन के लिए लाभकारी औषधियों के रूप में उपयोग में लाया जाएगा।

आधुनिक अनुसंधान से जोड़े जाएंगे पंचगव्य उत्पाद

योगी सरकार की योजना है कि पंचगव्य से बनने वाले उत्पादों को आधुनिक अनुसंधान से जोड़कर प्रमाणिक बनाया जाए। इससे इन उत्पादों को व्यापक स्तर पर चिकित्सा पद्धति में स्थान मिलेगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

इस योजना से जहां परंपरागत चिकित्सा को बल मिलेगा, वहीं गोपालकों, किसानों और ग्रामीण युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे। पंचगव्य उत्पादों की मांग बढ़ने से गोशालाओं की उपयोगिता भी बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

शादी अनुदान योजना से हजारों दिव्यांग दंपतियों को मिल रहा सम्मान और सहयोग

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- योगी सरकार सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के जिस मॉडल पर काम कर रही है, उसके केंद्रबिंदु में राज्य के दिव्यांगजन भी हैं। समाज के इस संवेदनशील वर्ग के लिए सरकार न सिर्फ आर्थिक सहायता बल्कि सम्मान और आत्मनिर्भरता का मार्ग भी प्रशस्त कर रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक ‘शादी विवाह प्रोत्साहिन पुरस्कार योजना’ के अंतर्गत 74,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन आवेदनों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए हैं ताकि हर पात्र दिव्यांगजन को समय से सहयोग मिल सके।

दिव्यांगजनों के लिए योगी सरकार की यह योजना केवल एक आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि समाज में उनकी गरिमा को पुनः स्थापित करने की ईमानदार कोशिश है। विवाह के अवसर पर मिलने वाला आर्थिक सहयोग न सिर्फ उनके आत्मबल को बढ़ाता है, बल्कि उन्हें अपने जीवन की नई शुरुआत करने में सशक्त बनाता है। इससे समाज में समावेशिता और सशक्तिकरण की नई मिसाल स्थापित हो रही है।

शादी विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के तहत दिव्यांगजनों को विशेष प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। यदि युवक दिव्यांग है, तो उसे ₹15,000, युवती दिव्यांग है, तो ₹20,000, और यदि दोनों दिव्यांग हैं, तो ₹35,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से हस्तांतरित की जाती है, जिससे पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित होती है। बीते वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस योजना के लिए ₹2.64 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया था, जिसमें से ₹1.92 करोड़ व्यय कर 819 लाभार्थी दंपत्तियों को सहायता प्रदान की गई।

आवेदन प्रक्रिया में सुगमता से बढ़ी आवेदनों की संख्या

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने आवेदन प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने की सुविधा के साथ-साथ जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के पात्र दंपत्ति इस योजना का लाभ उठा सकें। विभाग द्वारा 74,000 से अधिक आवेदनों का शीघ्र सत्यापन और निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यह प्रक्रिया न केवल पारदर्शी है, बल्कि बिचौलियों की भूमिका को समाप्त कर लाभार्थियों तक सीधा लाभ पहुंचाती है।

दिव्यांगजनों का सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही योगी सरकार

योगी सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए कई अन्य योजनाएं भी संचालित की हैं। दिव्यांगजन पेंशन योजना, कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण योजना और दुकान निर्माण/संचालन ऋण योजना जैसी योजनाएं दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने में सहायता कर रही हैं। शादी अनुदान योजना इन प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि सामाजिक स्वीकार्यता और गरिमा को भी बढ़ावा देती है। यह योजना दिव्यांग दंपत्तियों को नया जीवन शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करती है और समाज में उनकी भागीदारी को मजबूत करती है।

दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन है कि हर दिव्यांगजन को सम्मान और समान अवसर मिले। शादी अनुदान योजना इस दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है, जो दिव्यांग दंपत्तियों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाती है। हमने इस वर्ष 74,000 से अधिक आवेदनों को समयबद्ध रूप से निस्तारित करने का लक्ष्य रखा है, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी इस योजना से वंचित न रहे। डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सहायता सीधे लाभार्थियों तक पहुंचे।

राशिफल 7 जुलाई 2025: आज मेष समेत इन राशियों के लिए दिन रहेगा चुनौतीपूर्ण, जानिए पूरी भविष्यवाणी

राशिफल 7 जुलाई 2025:- आज का दिन कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकता है, जबकि कुछ को भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा। आइए जानें आज का राशिफल और ग्रहों की चाल आपके दिन को कैसे प्रभावित करेगी। ग्रहों की स्थिति-सूर्य और गुरु: मिथुन राशि में ,शुक्र: वृषभ राशि में,बुध: कर्क राशि में,मंगल और केतु: सिंह राशि में,चंद्रमा: नीच के होकर वृश्चिक में,राहु: कुंभ राशि में, शनि: मीन राशि में गोचर कर रहे हैं:- 

मेष राशि

परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं। चोट या आकस्मिक घटना की संभावना बन रही है। किसी विवाद से दूर रहें। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। प्रेम और संतान पक्ष संतुलित रहेगा। व्यापार सामान्य रहेगा।
उपाय: लाल वस्तु पास रखें।

वृषभ राशि

जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। नौकरी और व्यापार में सफलता मिलेगी। संतान और प्रेम जीवन भी संतोषजनक रहेगा।
उपाय: लाल वस्तु का दान करें।

मिथुन राशि

प्रतिद्वंद्वियों पर हावी रहेंगे। बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त होगा। स्वास्थ्य थोड़ा कमजोर हो सकता है, लेकिन प्रेम और व्यापार में अच्छा समय रहेगा।
उपाय: मां काली को प्रणाम करें।

कर्क राशि

शैक्षिक और रचनात्मक कार्यों में दिन बीतेगा। यात्रा शुभ रहेगी। प्रेम संबंधों में हल्की अनबन संभव है। बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
उपाय: लाल वस्तु पास रखें।

सिंह राशि

घर-परिवार में विवाद के संकेत हैं, लेकिन भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। संतान और व्यापार अच्छा रहेगा।
उपाय: लाल वस्तु पास रखें।

कन्या राशि

पराक्रम रंग लाएगा। नौकरी-व्यवसाय में तरक्की के संकेत हैं। स्वास्थ्य में सुधार होगा और परिवार का साथ मिलेगा।
उपाय: लाल वस्तु का दान करें।

तुला राशि

परिवार में सुख-शांति रहेगी। वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, लेकिन व्यापार में फिलहाल बड़ा निवेश टालें।
उपाय: लाल वस्तु का दान करें।

वृश्चिक राशि

भाग्य आपका साथ देगा। कार्यों में सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य और परिवार का सहयोग मिलेगा। व्यापार में लाभ होगा।
उपाय: पीली वस्तु पास रखें।

धनु राशि

आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव रह सकता है। खर्च बढ़ेगा। प्रेम और व्यापार सामान्य रहेगा।
उपाय: लाल वस्तु पास रखें।

मकर राशि

आर्थिक लाभ के संकेत हैं। यात्रा का योग बन सकता है। प्रेम और व्यापार में उन्नति होगी।
उपाय: लाल वस्तु का दान करें।

कुंभ राशि

कानूनी मामलों में सफलता मिलेगी। व्यापार में मजबूती आएगी। पिता का सहयोग मिलेगा।
उपाय: हरी वस्तु पास रखें।

मीन राशि

भाग्यवश बाधाएं दूर होंगी। यात्रा लाभकारी रहेगी। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार सब अनुकूल रहेंगे।
उपाय: लाल वस्तु पास रखें।