Thursday, June 18, 2026

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“उल्टा मुझे ही फंसा दिया”, धनुष-बाण से ASI पर हमला करने वाले दिनेश मुर्मू का बड़ा खुलासा – सामने आया CCTV VIDEO

लखनऊ/सर्वोदय:-लखनऊ में सीबीआई के एक एएसआई पर दिनदहाड़े धनुष-बाण से हमला करने वाले आरोपी दिनेश मुर्मू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने जो खुलासे किए हैं, वह चौंकाने वाले हैं। उसने दावा किया कि वह ‘पौराणिक न्याय का दूत’ है और उसने भगवान राम की तरह अन्याय के खिलाफ तीर चलाया है। इस घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है।

क्यों किया गया ASI वीरेंद्र सिंह पर हमला?

आरोपी दिनेश मुर्मू, जो बिहार के मुंगेर जिले के खड़कपुर का रहने वाला है, ने पुलिस को बताया कि साल 1993 में वह रेलवे में कार्यरत था। उस दौरान उसने एक सहकर्मी को 200 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा और इसकी शिकायत कर दी। जांच सीबीआई को सौंप दी गई। आरोपी का दावा है कि बाद में उसी पर कार्रवाई हुई और उसकी नौकरी चली गई।

इस घटना के बाद, वह अपनी जिंदगी से टूट गया, परिवार बिखर गया और वह वर्षों तक न्याय की आस में भटकता रहा। जब उसे पता चला कि सीबीआई अधिकारी वीरेंद्र सिंह उस जांच में शामिल थे, तो उसने उन्हें अपना निशाना बना लिया।

हमला कैसे हुआ?

शुक्रवार सुबह करीब 11:15 बजे, जब एएसआई वीरेंद्र सिंह, नवल किशोर रोड स्थित सीबीआई कार्यालय के गेट पर खड़े थे, तभी दिनेश मुर्मू ने धनुष-बाण से उन पर हमला कर दिया। तीर सीधे सीने के बाएं हिस्से में जाकर धंस गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। घायल ASI को तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

ASI की हालत अब स्थिर

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि वीरेंद्र सिंह की हालत अब खतरे से बाहर है। तीर लगभग 5 सेंटीमीटर तक चुभा था, लेकिन समय रहते इलाज से जान बच गई। वीरेंद्र सिंह पिछले 25 वर्षों से सीबीआई में कार्यरत हैं और अधिकारी उन्हें ईमानदार और निडर अफसर के रूप में जानते हैं।

दिनेश मुर्मू ने खुद को बताया ‘न्याय का दूत’

डीसीपी सेंट्रल आशीष श्रीवास्तव के मुताबिक, पूछताछ में दिनेश ने खुद को ‘पौराणिक न्याय का वाहक’ बताया। उसने कहा कि जैसे भगवान राम ने अन्याय के खिलाफ धनुष उठाया, उसी तरह उसने भी सालों पुराने अन्याय के विरोध में यह कदम उठाया।

उसका दावा है, “मैंने कोई अपराध नहीं किया, यह न्याय की पुनरावृत्ति है। मुझे फंसाया गया था, और मैं वर्षों से बदले की आग में जल रहा था।”

पुलिस ने दर्ज किया केस

लखनऊ पुलिस ने आरोपी दिनेश मुर्मू के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने उसके पास से धनुष और तीर भी बरामद किया है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है और आगे की जांच जारी है।

इस हमले को लेकर लोगों में कई तरह की चर्चाएं हैं, क्योंकि आधुनिक समय में इस तरह पौराणिक तरीके से हमला करना बेहद दुर्लभ है। घटना का CCTV वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें हमले के पल को साफ देखा जा सकता है।

वजन घटाने में ज्यादा असरदार क्या है – मेथी या सौंफ? जानिए विशेषज्ञों की राय

Fenugreek Vs Fennel for Weight Loss, लाइफस्टाइल/सर्वोदय:- बदलती जीवनशैली, खराब खानपान और कम शारीरिक गतिविधि के चलते मोटापा आज एक आम समस्या बन चुकी है। कई लोग वजन घटाने के लिए घरेलू नुस्खे आजमाते हैं, जिनमें मेथी (Fenugreek) और सौंफ (Fennel) प्रमुख रूप से शामिल हैं। दोनों ही औषधीय गुणों से भरपूर हैं और वजन कम करने में सहायक मानी जाती हैं। लेकिन सवाल यह है कि इनमें से जल्दी और प्रभावी परिणाम किससे मिलते हैं? आइए जानें दोनों के फायदे और तुलना।

मेथी के फायदे वजन घटाने में

मेथी एक प्राकृतिक हर्ब है जो वजन घटाने में प्रभावी मानी जाती है। इसमें घुलनशील फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है और भूख को नियंत्रित करता है।

  • मेथी मेटाबोलिज्म को तेज करने में मदद करती है जिससे कैलोरीज़ तेजी से बर्न होती हैं।
  • यह ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखती है, जिससे ओवरईटिंग की संभावना कम होती है।
  • भीगी हुई मेथी या मेथी का पानी रोज सुबह पीने से वजन घटाने में तेजी आती है।

सौंफ के फायदे वजन घटाने में

सौंफ एक बेहतरीन डिटॉक्सिफाइंग एजेंट है, जो न केवल पाचन को सुधारती है बल्कि शरीर से विषैले तत्वों को भी बाहर निकालती है।

  • सौंफ का सेवन भूख को कम करता है और डाइजेस्टिव सिस्टम को मजबूत बनाता है।
  • इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर के मेटाबोलिज्म को बूस्ट करते हैं।
  • सौंफ का पानी या चबाकर इसका सेवन करने से गैस, अपच और पेट फूलने की समस्या भी दूर होती है।

मेथी Vs सौंफ – कौन है ज्यादा असरदार?

हालांकि मेथी और सौंफ दोनों वजन घटाने में मदद करते हैं, लेकिन तेजी से परिणाम पाने के लिए मेथी अधिक असरदार मानी जाती है। यह भूख को अधिक समय तक दबा कर रखती है और मेटाबोलिज्म को तेजी से सक्रिय करती है।

वहीं सौंफ पेट साफ रखने, पाचन सुधारने और गैस की समस्या दूर करने में बेहतरीन है। यदि आपका लक्ष्य सिर्फ वजन घटाना नहीं बल्कि संपूर्ण पाचन सुधारना है, तो सौंफ बेहतर विकल्प हो सकती है।

अगर आप जल्दी वजन कम करना चाहते हैं, तो मेथी का सेवन अधिक फायदेमंद रहेगा। लेकिन यदि आप पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाना चाहते हैं, तो सौंफ को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। आप चाहें तो दोनों का संयमित रूप से सेवन भी कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर:

यह लेख सामान्य जानकारी पर आधारित है और किसी चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

गर्मी में दुधारू पशुओं की बीमारियाँ और बचाव के उपाय: वेटेरिनरी सर्जन डॉ. हेमंत तिवारी की सलाह

लाइफस्टाइल/सर्वोदय:- गर्मी का मौसम न केवल इंसानों के लिए, बल्कि पशुओं के लिए भी बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, खासकर दुधारू पशुओं के लिए। अत्यधिक तापमान और उमस के कारण पशुओं की सेहत पर गंभीर असर पड़ता है, जिससे दूध उत्पादन में भी कमी आ सकती है। इस विषय पर वेटेरिनरी सर्जन डॉ. हेमंत तिवारी ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, जिसे हर पशुपालक को जानना जरूरी है।

गर्मियों में क्यों होती हैं पशुओं को ज्यादा बीमारियाँ?

डॉ. तिवारी बताते हैं कि गर्मी के कारण पशुओं के शरीर का तापमान बढ़ने लगता है। यदि उन्हें सही देखभाल नहीं मिलती तो वे जल्दी बीमार पड़ सकते हैं। जैसे इंसानों को लू लगती है, वैसे ही पशुओं को भी तापाघात (Heat Stroke) हो सकता है। इसके अलावा डिहाइड्रेशन, त्वचा रोग और पाचन संबंधी समस्याएँ भी आम हो जाती हैं।

गर्मी में दुधारू पशुओं में होने वाली आम बीमारियाँ

1. तापाघात (Heat Stroke)

  • लक्षण: तेज़ सांसें लेना, सुस्ती, कभी-कभी बेहोशी
  • बचाव: ठंडा पानी पिलाएं और छायादार स्थान में रखें।

2. डिहाइड्रेशन (Dehydration)

  • लक्षण: सूखा मुंह, कम पेशाब, शरीर में कमजोरी
  • बचाव: पशुओं को दिन में कई बार ताजा और ठंडा पानी दें।

3. मास्टाइटिस (Mastitis)

  • लक्षण: थनों में सूजन, लालिमा, दूध में बदलाव
  • बचाव: साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें और थनों की नियमित जांच करें।

4. पाचन तंत्र की समस्याएं

  • लक्षण: दस्त, कब्ज, गैस
  • बचाव: संतुलित और हल्का आहार दें जो जल्दी पच जाए।

5. त्वचा संबंधी रोग

  • लक्षण: फोड़े, खुजली, जलन
  • बचाव: पशुशाला की साफ-सफाई और कीट नियंत्रण जरूरी है

 डॉ. हेमंत तिवारी के सुझाव: ऐसे रखें गर्मी में पशुओं का ध्यान

  • ठंडा और साफ पानी: हमेशा पशुओं के लिए स्वच्छ और ठंडा पानी उपलब्ध कराएं।
  • छायादार स्थान: पशुओं को छाया या हवादार जगह पर रखें ताकि शरीर का तापमान सामान्य बना रहे।
  • संतुलित आहार: ऐसा आहार दें जो पचने में आसान हो और ऊर्जा प्रदान करे।
  • नियमित सफाई: पशुशाला की सफाई से बीमारियों का खतरा कम होता है।
  • पशु चिकित्सक से सलाह: किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

गर्मी में दुधारू पशुओं की उचित देखभाल करना बेहद जरूरी है। यदि पशुपालक समय रहते सावधानी बरतें और डॉ. तिवारी जैसे विशेषज्ञों की सलाह मानें, तो न केवल पशुओं की सेहत बेहतर रहेगी, बल्कि दूध उत्पादन भी प्रभावित नहीं होगा।

हर व्यक्ति की मंज़िल: कैसे पाएं जीवन में असली सफलता?

Success Tips/सर्वोदय:-  हर इंसान का सपना होता है कि वह अपने जीवन में एक सफल व्यक्ति (Successful Person) बने। सफलता (Success) पाना हर किसी की प्राथमिकता होती है, लेकिन यह रास्ता आसान नहीं होता। कुछ लोगों को यह राह सहज लगती है, लेकिन अधिकतर को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कठिन परिश्रम (Hard Work) और समर्पण की आवश्यकता होती है।

क्या है सफलता का सही मतलब?

सफलता का अर्थ सिर्फ धन-दौलत या शोहरत नहीं है, बल्कि यह उस मुकाम का नाम है जिसे कोई व्यक्ति अपने लक्ष्य (Life Goal) को प्राप्त कर हासिल करता है। जीवन में लक्ष्य तय करना और उसे पाने के लिए निरंतर प्रयास करना ही सफलता की ओर पहला कदम होता है।

संघर्ष और सफलता की प्रेरणादायक कहानियाँ (Inspiring Success Stories)

दुनिया में कई ऐसे महान व्यक्तियों की कहानियाँ (Motivational Stories) सामने आई हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से समाज में एक नया उदाहरण पेश किया। उनकी सफलता की कहानियाँ आज युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। संघर्षों से भरी इन कहानियों से यह सीख मिलती है कि हालात चाहे जैसे भी हों, यदि इरादा मजबूत हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं।

सफलता के लिए जरूरी हैं ये बातें (Success Mantra in Hindi)

  • स्पष्ट लक्ष्य तय करें – जब तक आप नहीं जानते कि आप क्या हासिल करना चाहते हैं, तब तक आप सही दिशा में कदम नहीं बढ़ा सकते।
  • समय प्रबंधन – अपने समय का सही उपयोग करें और हर दिन खुद को बेहतर बनाएं।
  • प्रेरणा बनाए रखें – महान लोगों की जीवनी पढ़ें, मोटिवेशनल वीडियो देखें और खुद को हमेशा सकारात्मक सोच से घेरें।
  • सीखने की आदत – हर असफलता से कुछ नया सीखें, यही सीख आपको सफलता की ओर ले जाती है।

कैसे बनाएं किसी को अपना आदर्श? (Role Model for Success)

आज के समय में कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने कठिन परिस्थितियों से निकलकर ऊंचाइयों को छुआ। ऐसे लोगों की जीवन गाथाएं पढ़कर या सुनकर हम अपने जीवन के लिए एक आदर्श (Role Model) चुन सकते हैं और उनके पदचिन्हों पर चलकर अपनी खुद की सफलता की कहानी लिख सकते हैं |

सफलता पाने के लिए सिर्फ सपने देखना काफी नहीं होता, बल्कि उन सपनों को हकीकत में बदलने के लिए मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास की जरूरत होती है। अगर आप भी अपने जीवन में कुछ बड़ा करना चाहते हैं, तो आज ही अपने लक्ष्य को तय करें और उस दिशा में कदम बढ़ाएं।

दिल्ली-मुंबई के बाद नोएडा-गाजियाबाद तक पहुंचा कोरोना वायरस, बढ़ते मामलों से NCR में चिंता

नई दिल्ली/सर्वोदय:-  देश में एक बार फिर कोरोना वायरस के मामलों में इजाफा देखा जा रहा है। दिल्ली, मुंबई, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों के बाद अब नोएडा और गाजियाबाद में भी कोविड-19 के नए केस सामने आ गए हैं। इससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में एक बार फिर चिंता का माहौल बन गया है।

दिल्ली में तीन साल बाद कोरोना की वापसी

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोविड के 23 नए मामले दर्ज किए गए हैं। यह आंकड़ा तीन वर्षों में पहली बार देखा गया है। राहत की बात यह है कि अधिकांश मरीजों में हल्के लक्षण हैं और अब तक कोई भी मृत्यु दर्ज नहीं हुई है।

नई लहर की वजह: JN.1 वैरिएंट

विशेषज्ञों के अनुसार, इस नई लहर के पीछे JN.1 वैरिएंट (ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट) है। यह वैरिएंट WHO की चिंताजनक सूची में नहीं है और सामान्य रूप से मामूली फ्लू जैसे लक्षण उत्पन्न करता है। अधिकतर संक्रमित मरीज 3-4 दिनों में ठीक हो रहे हैं।

नोएडा-गाजियाबाद में केस बढ़ने से NCR अलर्ट पर

  • नोएडा में शनिवार को पहला मामला दर्ज हुआ है — 55 वर्षीय एक पुरुष में कोविड संक्रमण की पुष्टि हुई।
  • गाजियाबाद में अब तक 4 नए केस सामने आ चुके हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को सतर्क कर दिया है और बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, टेस्टिंग किट और वैक्सीन स्टॉक तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।

अब तक केरल में कोरोना वायरस सबसे अधिक 273 के नए केस मिले , सभी जिलों में निगरानी बढ़ाई दी गई है| इसके साथ ही मुंबई में मई महीने में 95 केस मिले है, अस्पताल में केवल 16 मरीज भर्ती है|ठाणे में पिछले तीन दिन में 10 केस मिले है | कर्नाटक में 35 केस, जिनमें एक नौ महीने का बच्चा भी शामिल। अहमदाबाद में एक दिन में 20 केस, मई में कुल केस 39। यहां अभी भी 31 मरीज सक्रिय हैं।

सामान्य लक्षण: बुखार, नाक बहना, गले में खराश, सिरदर्द, थकान
विशेषज्ञों का कहना है, “स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। घबराने की ज़रूरत नहीं है, लेकिन सावधानी जरूरी है।” हालांकि कोविड-19 के मामले धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं, लेकिन स्थिति अभी नियंत्रण में है। सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय अलर्ट पर हैं और अस्पतालों को पूरी तैयारी के निर्देश दिए जा चुके हैं। जनता से भी अपील की गई है कि वे सतर्क रहें, लक्षणों पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर जांच करवाएं

नीति आयोग की बैठक में विपक्षी मुख्यमंत्रियों संग पीएम मोदी की चाय पर चर्चा,हंसी ठहाके… दिखी नई सियासी फिजा

नई दिल्ली/सर्वोदय:-  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की अहम बैठक शुक्रवार को दिल्ली के भारत मंडपम में संपन्न हुई। इस बैठक की खास बात यह रही कि इसमें विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया और पीएम मोदी के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल में चर्चा की। चाय पर हुई इस अनौपचारिक बातचीत ने राजनीतिक गलियारों में नई सियासी ऊर्जा भर दी है।

Developed India 2047 पर हुई चर्चा

दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आज नीति आयोग की एक अहम बैठक हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में यह बैठक आयोजित की गई. इस मीटिंग में विपक्षी पार्टियों के मुख्यमंत्रियों ने भी शिरकत की थी, जिनके साथ पीएम मोदी चाय पर चर्चा करते नजर आए| बैठक का मुख्य एजेंडा था विकसित भारत @2047” की रणनीति पर चर्चा। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सभी राज्यों से आग्रह किया कि वे केंद्र के साथ मिलकर तेजी से विकास की दिशा में कदम बढ़ाएं। उन्होंने कहा, अगर केंद्र और राज्य मिलकर काम करें, तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं है।

PM Modi की विपक्षी मुख्यमंत्रियों संग चाय पर चर्चा

बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ चाय पर अनौपचारिक चर्चा की। इस दौरान कई दिलचस्प और आत्मीय पल कैमरे में कैद हुए। बैठक में शामिल होने वाले मुख्यमंत्रियों में शामिल थे:

  • हेमंत सोरेन (झारखंड)
  • भगवंत मान (पंजाब)
  • रेवंत रेड्डी (तेलंगाना)
  • एम.के. स्टालिन (तमिलनाडु)
  • एन. चंद्रबाबू नायडू (आंध्र प्रदेश)
  • कोनराड संगमा (मेघालय)

प्रधानमंत्री मोदी और इन नेताओं के बीच गर्मजोशी से मुलाकात होती देखी गई, जिसने एक सकारात्मक राजनीतिक संकेत दिया।

तस्वीरों में दिखा सियासी सौहार्द

नीति आयोग की इस बैठक से सामने आई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिनमें पीएम मोदी विपक्षी नेताओं से हंसते-हंसाते बात करते नजर आए। खासकर एमके स्टालिन और चंद्रबाबू नायडू के साथ उनकी बातचीत राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि दोनों नेता हाल ही में भाषा विवाद को लेकर चर्चा में रहे थे।

पीएम मोदी का संदेश: हर राज्य से एक पर्यटन स्थल विकसित करें

बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी सुझाव दिया कि हर राज्य में कम से कम एक विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल विकसित किया जाए। इससे स्थानीय रोजगार में बढ़ोतरी होगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

 

योगी सरकार ने मेधावी छात्र-छात्राओं को कराया ISRO (SAC) का भ्रमण

लखनऊ/सर्वोदय:- जो बच्चे कभी स्कूल तक नहीं पहुंच पाते थे, आज वे ISRO के वैज्ञानिकों के सामने अपनी टेक्नोलॉजी पेश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह उत्तर प्रदेश के अटल आवासीय विद्यालयों में संभव हो रहा है। मजदूरों और कोविडकाल में अनाथ हुए बच्चों के लिए शुरू किए गए इन विद्यालयों ने महज शिक्षा नहीं, बल्कि नवाचार और आत्मविश्वास की नींव रख दी है।

प्रदेश के 17 मंडलों में अटल आवासीय विद्यालय संचालित हैं। मुरादाबाद में इसका उद्घाटन होन है। वर्तमान में इन विद्यालयों में 10,947 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। खास बात यह है कि यहां लड़कों और लड़कियों का समान अनुपात (50:50) सुनिश्चित किया गया है जो महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक मिसाल है। ये विद्यालय बीओसीडब्ल्यू बोर्ड से पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों और कोविड-19 में निराश्रित हुए बच्चों के लिए समर्पित हैं।

यहां हो ही है AI, ड्रोन और स्पेस टेक्नोलॉजी की पढ़ाई

अटल विद्यालय सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं हैं। यहां AI, ड्रोन और स्पेस टेक्नोलॉजी की पढ़ाई हो रही है। छात्र-छात्राएं न केवल टेक्नोलॉजी सीख रहे हैं, बल्कि उसका अभिनव प्रयोग भी कर रहे हैं। इसका सबसे बड़ा प्रमाण है 25 जनवरी 2025 को आयोजित SpaceTech Expo 2025 में, जो अटल आवासीय विद्यालय, लखनऊ में हुआ। इस आयोजन में प्रदेश के सभी मण्डलों के विद्यालयों ने भाग लिया और बच्चों ने अपने प्रोजेक्ट्स से सबको चौंका दिया।

योगी सरकार ने मेधावी छात्र-छात्राओं को कराया ISRO (SAC) का भ्रमण

बच्चों के इस प्रतिभा प्रदर्शन को सराहने स्वयं ISRO (SAC) के निदेशक अटल विद्यालय लखनऊ पहुंचे। उन्होंने बच्चों को सम्मानित किया और विद्यालय की व्यवस्था की खुले मन से प्रशंसा की। इससे पहले कई मेधावी छात्र-छात्राओं को ISRO (SAC) भ्रमण पर भी भेजा गया था, जिससे उनका आत्मविश्वास और जिज्ञासा दोनों को नई उड़ान मिली।

राष्ट्रनिर्माण की प्रयोगशाला बने अटल विद्यालयः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते मार्च में बरेली में अटल आवासीय विद्यालय के उद्घाटन के अवसर पर अटल विद्यालयों को “शिक्षा का मॉडल” बताते हुए कहा कि यह एक ऐसा इंटीग्रेटेड परिसर है, जहां छात्रों को शिक्षा के साथ रहने, भोजन, खेल, लाइब्रेरी और कौशल विकास के सभी अवसर समान रूप से मिलते हैं। सीएम योगी ने कहा कि पहले इस सेस का दुरुपयोग होता था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जी के निर्देश पर इसे बच्चों के भविष्य निर्माण में लगाया जा रहा है।

एक नई पीढ़ी हो रही है तैयार

श्रमिक वर्ग के जिन बच्चों को पहले मुख्यधारा से बाहर माना जाता था, वही आज तकनीकी दुनिया में नई पहचान बना रहे हैं। इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों का आत्मविश्वास, उनके विचार और उनका कौशल दर्शाता है कि यदि सही दिशा और संसाधन मिलें, तो वे राष्ट्र निर्माण के सशक्त वाहक बन सकते हैं। उत्तर प्रदेश में अटल आवासीय विद्यालय अब केवल स्कूल नहीं, बल्कि टैलेंट की प्रयोगशाला बन चुके हैं, जहां हर बच्चा अपने भीतर एक वैज्ञानिक, इंजीनियर या राष्ट्रसेवक का सपना संजो रहा है, और उसे पूरा भी कर रहा है। इन विद्यालयों में प्रवेश परीक्षा के माध्यम से चयनित बच्चों को सीबीएसई पाठ्यक्रम के तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। शिक्षकों के लिए नियमित प्रशिक्षण और ओरियंटेशन कोर्स आयोजित किए जाते हैं, ताकि बच्चों की शिक्षा और रुचि के अनुसार पाठ्यक्रम को सरल और प्रभावी बनाया जा सके।

श्रमिकों के बच्चों के लिए उज्ज्वल भविष्य की नींव बना अटल आवासीय विद्यालय

डबल इंजन की सरकार का उद्देश्य मजदूरों के सिर्फ सम्मान तक ही सीमित नहीं हैं, सरकार की योजनाएं और इसके सफलता के आंकड़े खुद ही सरकार की श्रमिकों के प्रति मंशा को जाहिर कर रहें हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान जिन बच्चों ने अपने माता-पिता को खोया, उनके लिए योगी सरकार ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक अभिनव कदम उठाया। पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों एवं कोविड काल में निराश्रित हुए बच्चों के व्यवस्थित पठन-पाठन के लिए प्रदेश के सभी मंडलों में सर्व सुविधायुक्त अटल आवासीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। अटल आवासीय विद्यालय, मुरादाबाद का लोकार्पण कराया जाना प्रस्तावित है।

अभिनेता मुकुल देव का 54 साल की उम्र में निधन, फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर

नई दिल्ली/सर्वोदय:- भारतीय फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मशहूर अभिनेता मुकुल देव का 54 वर्ष की आयु में 23 मई 2025 की रात निधन हो गया। वह पिछले कुछ समय से गंभीर रूप से बीमार चल रहे थे और दिल्ली के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।

मुकुल देव का निधन: लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से थे जूझ रहे

मुकुल देव के निधन की पुष्टि उनके करीबी मित्र और अभिनेता विंदू दारा सिंह ने की। उन्होंने बताया कि मुकुल पिछले कुछ महीनों से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे और लगातार इलाज के चलते उन्होंने खुद को सार्वजनिक जीवन से अलग कर लिया था। विंदू ने कहा, मुकुल अब खुद को स्क्रीन पर नहीं देख पाएंगे। वे न सिर्फ शानदार अभिनेता थे, बल्कि एक नेकदिल इंसान भी थे। उनकी बहुत याद आएगी।”

दिल्ली में होगा अंतिम संस्कार

मुकुल देव के छोटे भाई और अभिनेता राहुल देव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के ज़रिए इस दुखद समाचार की पुष्टि की। उन्होंने जानकारी दी कि मुकुल का निधन दिल्ली में हुआ और उनका अंतिम संस्कार 24 मई की शाम 5 बजे दिल्ली में ही किया जाएगा।

मनोरंजन जगत में शोक की लहर

मुकुल देव के निधन से फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। टीवी एक्ट्रेस दीपशिखा नागपाल, जो मुकुल की करीबी दोस्त थीं, ने इंस्टाग्राम पर एक इमोशनल पोस्ट शेयर कर लिखा, मुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा है। मैं बार-बार उनके नंबर पर कॉल कर रही हूं, शायद वे फोन उठा लें…”

मुकुल देव का करियर: टीवी से लेकर सिनेमा तक की शानदार यात्रा

  • टीवी डेब्यू: 1996 में दूरदर्शन के शो मुमकिन से की थी।
  • फिल्म डेब्यू: उसी साल उन्होंने सुष्मिता सेन के साथ फिल्म दस्तक से बॉलीवुड में कदम रखा।
  • प्रमुख फिल्में:
    ‘वजूद’ (1998),
    ‘कोहराम’ (1999),
    ‘मुझे मेरी बीवी से बचाओ’ (2001),
    ‘सन ऑफ सरदार’,
    ‘यमला पगला दीवाना’ आदि।

मुकुल देव ने हिंदी, पंजाबी, बंगाली, कन्नड़, मलयालम और तेलुगु फिल्मों में भी अभिनय किया था। इसके अलावा वे रियलिटी शोज़, म्यूजिक एल्बम्स और कई टेलीविजन सीरियल्स में भी नज़र आए।

उनके अभिनय को पहचान तब मिली जब उन्हें फिल्म ‘यमला पगला दीवाना’ में प्रभावशाली भूमिका के लिए 7वां अमरीश पुरी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। मुकुल देव का यूं असमय जाना भारतीय मनोरंजन जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। वे अपने प्रशंसकों के बीच एक संजीदा अभिनेता और नेकदिल इंसान के रूप में हमेशा याद किए जाएंगे।

क्यों की जाती है वट वृक्ष की पूजा? जानें व्रत का धार्मिक महत्व और पौराणिक कथा

Vat Savitri Vrat 2025: हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है और इस वर्ष यह व्रत 26 मई 2025 (सोमवार) को रखा जाएगा। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, उत्तम स्वास्थ्य और वैवाहिक सुख-समृद्धि की कामना के साथ वट वृक्ष (बरगद का पेड़) की विधिवत पूजा करती हैं।

क्यों रखती हैं महिलाएं वट सावित्री व्रत?

वट सावित्री व्रत का मूल उद्देश्य पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति है। मान्यता है कि जो स्त्रियां इस दिन व्रत रखती हैं, उन्हें वैवाहिक जीवन में स्थिरता, सुख और सम्मान मिलता है। यह व्रत सावित्री और सत्यवान की अमर प्रेमगाथा पर आधारित है।

पौराणिक कथा: सावित्री और सत्यवान की कथा

वट सावित्री व्रत की शुरुआत राजा अश्वपति की पुत्री सावित्री से जुड़ी है। सावित्री ने अपने पति सत्यवान की मृत्यु के बाद यमराज से अपने तप, ज्ञान और भक्ति के बल पर उनके प्राण वापस ले लिए थे। यह घटना वट वृक्ष की छांव में घटी थी, इसलिए इस दिन वट वृक्ष की पूजा करने की परंपरा शुरू हुई।

Vat Savitri Vrat 2025: तिथि और शुभ मुहूर्त

  • अमावस्या तिथि प्रारंभ: 26 मई 2025, दोपहर 12:12 बजे
  • अमावस्या तिथि समाप्त: 27 मई 2025, सुबह 8:32 बजे
  • व्रत रखने की तिथि: 26 मई 2025 (शास्त्रीय विधान अनुसार)

वट वृक्ष की पूजा का शास्त्रों में विशेष  धार्मिक महत्व बताया गया है | हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार वट वृक्ष के तने में भगवान विष्णु  का जड़ों में ब्रह्मा का  और शाखाओं में भगवान शिव का वास होता है। इतना ही नहीं वट वृक्ष की नीचे की ओर झुकती शाखाएं देवी सावित्री का भी  प्रतीक मानी जाती हैं। मान्यता है कि वट वृक्ष की पूजा करने से सौभाग्य, संतान सुख, और धार्मिक पुण्य की प्राप्ति होती है।

पूजा विधि (Vat Savitri Vrat Puja Vidhi)

  1. प्रातः स्नान करके व्रत का संकल्प लें।
  2. वट वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं, मौली लपेटें और जल अर्पित करें।
  3. वृक्ष की 7 बार परिक्रमा करें।
  4. सावित्री-सत्यवान की कथा का श्रवण या पाठ करें।
  5. अंत में पति की दीर्घायु के लिए प्रार्थना करें।

गर्मी में पशुओं की देखभाल कैसे करें? जानिए आसान और जरूरी उपाय डॉ. हेमंत तिवारी, पशु चिकित्सक से खास सुझाव

लाइफस्टाइल/सर्वोदय:- गर्मी का मौसम न केवल इंसानों के लिए, बल्कि हमारे पालतू और पाले हुए पशुओं के लिए भी बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। अत्यधिक गर्मी से पशुओं को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जिससे उनकी उत्पादकता और जीवनशक्ति पर असर पड़ता है। ऐसे में जानना जरूरी है कि इस मौसम में पशुओं की सही देखभाल कैसे करें। डॉ. हेमंत तिवारी, अनुभवी पशु चिकित्सक के अनुसार कुछ सरल लेकिन महत्वपूर्ण उपाय अपनाकर हम अपने पशुओं को गर्मी से होने वाली तकलीफों से बचा सकते हैं।

डॉ. हेमंत तिवारी के सुझाव – गर्मी में पशु देखभाल के आसान उपाय:

1. छांव और ठंडी जगह उपलब्ध कराएं
पशुओं को तेज धूप से बचाना बेहद आवश्यक है। उन्हें पेड़ों की छांव में या टीन की छत के नीचे रखने की व्यवस्था करें। पशुशाला में पंखा या ठंडी हवा देने की व्यवस्था भी करनी चाहिए ताकि पशु गर्मी से राहत महसूस कर सकें।
2. साफ और ठंडा पानी मुहैया कराएं
गर्मी में पानी की कमी से पशु बीमार पड़ सकते हैं। इसलिए दिन में कई बार उन्हें साफ और ठंडा पानी जरूर दें। पानी हमेशा ताजा और स्वच्छ होना चाहिए।
3. हल्का और पचने वाला चारा दें
इस मौसम में पशुओं को पचने में आसान हरा चारा जैसे बरसीम या मक्का दें। सूखे चारे की मात्रा कम करें और उसमें थोड़ा पानी छिड़ककर देना फायदेमंद होता है।
4. चराई का सही समय चुनें
पशुओं को चराई के लिए सुबह जल्दी या शाम को ले जाना चाहिए। तेज धूप में बाहर निकालने से बचें क्योंकि इससे पशुओं को लू लग सकती है।
5. पशुशाला की साफ-सफाई रखें
रोजाना पशुओं के रहने की जगह को साफ करें। मक्खियों और अन्य कीटों से बचाव के लिए नीम के धुएं या उपयुक्त दवा का छिड़काव आवश्यक है।
6. टीकाकरण और दवाइयां समय पर दें
गर्मी में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए सभी जरूरी टीके समय पर लगवाएं। यदि कोई बीमारी या अस्वस्थता के लक्षण दिखें तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
7. लू लगने पर तुरंत करें ये उपाय
यदि पशु को लू लग जाए तो उसे तुरंत छांव में रखें, ठंडे पानी से नहलाएं और नमक-ग्लूकोज वाला पानी पिलाएं। साथ ही पशु चिकित्सक को दिखाना न भूलें।

गर्मी के मौसम में पशुओं की सही देखभाल से उनकी सेहत बनी रहती है और वे स्वस्थ एवं खुशहाल रहते हैं। यह हमारे लिए आर्थिक रूप से भी फायदेमंद होता है क्योंकि स्वस्थ पशु ही उत्पादकता और आय का आधार होते हैं। अतः उपरोक्त सरल उपायों का पालन अवश्य करें और अपने पशुओं को गर्मी की मार से बचाएं।

डॉ. हेमंत तिवारी
पशु चिकित्सक (Veterinary Surgeon)