नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- देश के 14वें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने त्यागपत्र में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए लिखा कि चिकित्सकीय सलाह के मद्देनज़र वह उपराष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहे हैं। यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब आज से संसद का मॉनसून सत्र शुरू हुआ है।
धनखड़ ने राष्ट्रपति को संबोधित अपने पत्र में भारत के संविधान के अनुरूप मिले सम्मान और जिम्मेदारी के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिली, उन्होंने पूरी निष्ठा से उसे निभाने का प्रयास किया।
उपराष्ट्रपति का कार्यकाल दो साल पहले ही हुआ था शुरू
धनखड़ ने 6 अगस्त 2022 को भारत के 14वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। इससे पहले वे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे। वर्ष 1989 से 1991 तक वे झुंझुनूं लोकसभा सीट से सांसद रहे और उस दौरान वीपी सिंह और चंद्रशेखर सरकार में केंद्रीय मंत्री के रूप में भी कार्य किया।
— Vice-President of India (@VPIndia) July 21, 2025
सादगीपूर्ण जीवन, लंबा राजनीतिक सफर
राजस्थान के झुंझुनूं जिले में 18 मई 1951 को जन्मे जगदीप धनखड़ की प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही हुई। आगे की पढ़ाई के लिए वे चित्तौड़गढ़ सैनिक स्कूल गए और एनडीए में चयनित भी हुए, लेकिन सेना की बजाय शिक्षा और कानून का रास्ता चुना। उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से स्नातक और कानून की पढ़ाई पूरी की और लंबे समय तक जयपुर में वकालत की।
मार्च में अस्पताल में भर्ती, पीएम ने की थी मुलाकात
मार्च 2025 में धनखड़ को एम्स में हार्ट संबंधी दिक्कतों के चलते भर्ती कराया गया था। उस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अस्पताल जाकर उनका हालचाल लिया था। ऐसे में उनका इस्तीफा आना अप्रत्याशित जरूर है, लेकिन स्वास्थ्य कारणों को देखते हुए यह निर्णय समझा जा रहा है।
राज्यसभा सभापति की गैरमौजूदगी में सत्र की चुनौती
धनखड़ के इस्तीफे के बाद अब राज्यसभा को सभापति के बिना मॉनसून सत्र शुरू करना होगा। उनका कार्यकाल अभी लगभग दो साल शेष था, ऐसे में नया उपराष्ट्रपति चुने जाने तक राज्यसभा की कार्यवाही को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।



