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यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को राहत: अक्टूबर में 1.63% तक घटेगा बिजली बिल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर है। अक्टूबर महीने में बिजली बिल 1.63% तक कम हो सकता है। यह कमी ईंधन एवं ऊर्जा खरीद समायोजन अधिभार (FPPAS) में आई कमी के चलते संभव हो रही है।

जुलाई में लागत में आई भारी गिरावट

उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई माह में ऊर्जा और ईंधन की खरीद पर अनुमानित लागत में 113.54 करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई है। नियामक आयोग द्वारा निर्धारित नीति के अनुसार, इस कमी का लाभ अक्टूबर महीने के बिल में उपभोक्ताओं को दिया जाएगा।

यह व्यवस्था बहुवर्षीय वितरण टैरिफ नीति के तहत अप्रैल 2025 से लागू हुई है। यह केवल दूसरा मौका है जब एफपीपीएएस में नकारात्मक दरें आई हैं और उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।

ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों के अनुसार, जुलाई के बाद मौसम में ठंडक बढ़ने के कारण बिजली की मांग में गिरावट आई है, जिससे ईंधन और ऊर्जा की खरीद लागत घटने की संभावना बनी हुई है। इससे आने वाले महीनों में भी बिजली बिलों में राहत मिल सकती है।

 उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग में दायर की याचिका

जहाँ एक ओर उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत मिलने जा रही है, वहीं दूसरी ओर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की याचिका के मुख्य बिंदु:

  • बिना उपभोक्ता की सहमति के स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं
  • विद्युत वितरण संहिता 2005 में संशोधन के बिना नियम लागू करना असंवैधानिक
  • केंद्र सरकार से 1350 रुपये अनुदान मिलने के बावजूद उपभोक्ताओं से 6000 रुपये तक वसूली
  • प्रीपेड या पोस्टपेड चुनना उपभोक्ता का अधिकार, कोई बाध्यता नहीं

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने नियामक आयोग से मांग की है कि:”बिना वैधानिक संशोधन के नियम लागू करना अवैध है। इसकी जांच होनी चाहिए और जबरन स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए।”

केंद्र सरकार के कंज्यूमर राइट रूल्स के अनुसार स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की प्रक्रिया संहिता संशोधन के बाद ही लागू हो सकती है। ऐसे में बिना आयोग की स्वीकृति के मीटर लगाना नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है।

UP शिक्षा सेवा चयन आयोग की अध्यक्ष कीर्ति पांडेय का इस्तीफा, एक साल में ही छोड़ी कुर्सी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में शिक्षा सेवा चयन आयोग की अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पांडेय ने मात्र एक वर्ष के कार्यकाल में ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने 22 सितंबर को शासन को त्यागपत्र सौंपा था, जिसे शुक्रवार को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया। इस्तीफा स्वीकार होने के बाद आयोग के वरिष्ठ सदस्य राम सुचित को कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

हालाँकि इस्तीफे में उन्होंने “व्यक्तिगत कारणों” का हवाला दिया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, आयोग के भीतर की गुटबाजी, भर्ती प्रक्रिया में देरी और निर्णयात्मक अक्षमता उनकी असमय विदाई की प्रमुख वजहें मानी जा रही हैं। बतादें कि इस्तीफा स्वीकार होने के तुरंत बाद शुक्रवार हो ही नए अध्यक्ष के चयन के लिए विज्ञापन भी जारी हो गया।

वहीं दूसरी ओर कार्यभार ग्रहण करने के बाद कार्यवाहक अध्यक्ष रामसुचित ने अपनी प्राथमिकताएं गिनाईं और कहा कि सर्वप्रथम शासन के दिशा-निर्देशों के क्रम में विज्ञापन संख्या 51 के तहत अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 910 पदों पर भर्ती के लिए साक्षात्कार करवाना है। सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता (पीजीटी) के 624 पदों पर भर्ती के लिए 15 व 16 अक्तूबर और प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) के 3539 पदों पर भर्ती के लिए 18 व 19 दिसम्बर को प्रस्तावित परीक्षाओं के आयोजन के साथ ही उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा, व्यवसायिक शिक्षा आदि विभागों से अधियाचन शीघ्र प्राप्त कर विज्ञापन की कार्यवाही करना है।

शासन पर बढ़ जाएगी आयोग की निर्भरता

नवगठित आयोग की नियमित अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पांडेय की विदाई के साथ ही आयु में वरिष्ठतम सदस्य राम सुचित ने कार्यवाहक अध्यक्ष का कार्यभार ग्रहण कर लिया। कार्यवाहक अध्यक्ष राम सुचित ने बकायदा विज्ञप्ति जारी कर साफ किया है कि शासन के निर्देशों के क्रम में आगे की कार्रवाई करेंगे। जानकारों की मानें तो आयोग में कार्यवाहक अध्यक्ष होने के कारण अब शासन पर निर्भरता बढ़ जाएगी। नियमित अध्यक्ष परीक्षा कराने से लेकर साक्षात्कार वगैरह के लिए आयोग की बैठक कर निर्णय ले सकते हैं लेकिन कार्यवाहक अध्यक्ष को कोई भी नीतिगत कार्य करने से पहले शासन की अनुमति लेनी होगी।

नए अध्यक्ष की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू

प्रो. कीर्ति पांडेय का इस्तीफा शुक्रवार को स्वीकार होने के साथ ही नए अध्यक्ष के चयन की कार्रवाई शुरू हो गई। शासन के विशेष सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी की ओर से जारी विज्ञापन में अभ्यर्थियों से 21 अक्तूबर की शाम छह बजे तक आवेदन मांगे गए हैं। अभ्यर्थियों को निर्धारित प्रारूप पर अपना प्रार्थना पत्र (बायो-डाटा सहित) विशेष सचिव, उच्च शिक्षा अनुभाग-5, लखनऊ के नाम से पंजीकृत डाक से भेजना है। अध्यक्ष का कार्यकाल नियुक्ति तिथि से तीन वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु तक होगा। अध्यक्ष पद के लिए राज्य सरकार के प्रमुख सचिव या समकक्ष पद पर रह चुके आईएएस अफसर, किसी विश्वविद्यालय के वर्तमान या पूर्व कुलपति या किसी विश्वविद्यालय के न्यूनतम दस वर्ष तक प्रोफेसर और कम से कम तीन वर्ष के प्रशासनिक अनुभव वाले अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं।

अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पांडेय की विदाई की पटकथा चार दिन पहले ही लिखी जा चुकी थी। प्रो. कीर्ति पांडेय ने 22 सितंबर को शासन को अपना इस्तीफा भेज दिया था। उसी दिन नवगठित आयोग के कार्यवाहक उपसचिव डॉ. शिवजी मालवीय को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय फतेहाबाद, आगरा में प्रवक्ता-जन्तु विज्ञान के रिक्त पद पर सम्बद्ध कर दिया गया था। 25 सितंबर से असिस्टेंट प्रोफेसर के साक्षात्कार शुरू होने थे और उसी दिन प्रो. कीर्ति पांडेय ने आयोग की बैठक में लिखित परीक्षा पर आपत्ति मांगने का निर्णय लिया। बतौर अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पांडेय का यही आखिरी निर्णय रहा और उसके 24 घंटे के अंदर उनकी विदाई हो गई।

समाजशास्त्र विभाग की शिक्षिका गोरखपुर विश्वविद्यालय में प्रो. कीर्ति पांडेय को एक सितंबर 2024 को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजना के अनुरूप भर्तियों में तेजी लाने के लिए उनका पद पर लाया गया था लेकिन सालभर में कोई छाप नहीं छोड़ सकीं। इसके उलट नवगठित आयोग भर्ती परीक्षाएं टालने के ही कारण चर्चा में रहा। 16 और 17 अप्रैल को आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की लिखित परीक्षा में आयोग के एक संविदा कर्मचारी महबूब अली की गिरफ्तारी के कारण भी काफी बदनामी हुई। आयोग में अनिर्णय की स्थिति का आलम यह था कि तीन बार टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक) और चार बार पीजीटी (प्रवक्ता) की परीक्षा तिथि टाली जा चुकी है। सबसे पहले चार व पांच अप्रैल को टीजीटी की लिखित परीक्षा कराने का निर्णय लिया था। बाद में यह परीक्षा 14 व 15 मई को और फिर 21 और 22 जुलाई को कराने पर सहमति बनी। अब 18 व 19 दिसम्बर को परीक्षा प्रस्तावित है। इसी प्रकार प्रवक्ता भर्ती परीक्षा सबसे पहले 11 व 12 अप्रैल को कराने का निर्णय हुआ था। उसके बाद 18 व 19 जून और फिर 20 व 21 जून को परीक्षा तिथि तय की गई थी। उसके बाद अगस्त के अंतिम सप्ताह में परीक्षा का निर्णय लिया गया। अब 15 व 16 अक्टूबर को परीक्षा कराने पर सहमति बनी है।

छात्रों और महिलाओं को मिला तोहफा, निकायों में होगी भर्ती, 22 प्रस्तावों पर यूपी कैबिनेट की मुहर

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने शुक्रवार शाम को लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में 22 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगा दी। इन फैसलों में छात्रों को स्कॉलरशिप, महिलाओं को मुफ्त गैस सिलेंडर, निकायों में भर्ती, और निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।

बतादें कि निकायों में तीन हजार कर्मियों की भर्ती का रास्ता भी साफ हो गया है। काडर पुनर्गठन के बाद कैबिनेट बैठक में नई नियमावली को मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे और आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेस वे को जोड़ेने की मंजूरी कैबिनेट ने दी है।

लखनऊ समेत चार शहरों में नई आवासीय योजनाएं की तैयारी

मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/ नए शहर प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत चार शहरों लखनऊ, अयोध्या, रामपुर, बागपत-बड़ौत खेकड़ा में नई आवासीय योजनाएं लाई जाएंगी। सरकार संबंधित विकास प्राधिकरणों को भूमि लेने के लिए 970 करोड़ रुपये देगी। लखनऊ में नैमिष नगर से नई आवासीय योजना के लिए 250 करोड़ रुपये शासन से दिया जाएगा। आवास विभाग द्वारा लखनऊ विकास प्राधिकरण को सीड कैपिटल के रूप में 250 करोड़ रुपये दिया जाएगा। अयोध्या में 318 करोड़ रुपये की लागत से रिधौरा, कंचनपुर, लालपुर व मोंचा में 107 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। शासन अयोध्या विकास प्राधिकरण को 100 करोड़ रुपये देगा। रामपुर में पांच गांवों बढ़पुरा, शर्की, ताशका, भमरौआ और पहाड़ी में 106 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। शासन इसके लिए 100 करोड़ रुपये देगा। बागपत बड़ौत में टटीरी तहसील की 8.51 हेक्टेयर भूमि ली जाएगी। इसके लिए 20 करोड़ रुपये शासन स्तर से दिया जाएगा।

तीन प्रस्ताव उच्च शिक्षा विभाग के पास

कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के तीन प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। इसके तहत संभल, चंदौसी में निजी क्षेत्र में राधा गोविंद विश्वविद्यालय की स्थापना कराई जाएगी। उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2019 के तहत झांसी में गांधी विश्वविद्यालय, फतेहपुर में ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय की स्थापना कराई जाएगी। बैठक में खाद एवं रसद विभाग के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने सहमति जताई। इस प्रस्ताव के तहत 2025-26 में मूल्य समर्थन योजना के अन्तर्गत मोटे अनाज (मक्का, बाजरा एवं ज्वार) क्रय नीति का निर्धारण किया जाएगा।

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत दो सिलेंडर फ्री बांटे जाएंगे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश सेवाकाल में मृत सरकारी सेवकों के आश्रितों की भर्ती के लिए चौदहवीं संशोधन नियमावली लाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश पालिका केंन्द्रीयित सेवा नियमावली के तहत पुनरीक्षित/मानकीकृत/अद्यतन किए जाने के लिए 29वीं संशोधन नियमावली 2025 लाने पर योगी कैबिनेट ने मुहर लगाई है।

दीपावली पर मिलेंगे मुफ्त गैस सिलेण्डर

हर साल की तरह इस बार भी दीपावली पर उ‌ज्जवला योजना के तहत प्रदेश की 1.85 करोड़ महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस सिलेण्डर (रिफिल) मिलेगा। शुक्रवार को कैबिनेट ने खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से मिले इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी। इस बार भी मुफ्त सिलेण्डर पाने के लिए लाभार्थी महिलाओं के लिए आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है। जिनके आधार सत्यापित नहीं होंगे, उन्हें 31 दिसम्बर तक का समय दिया जाएगा।

इन प्रस्तावों पर भी कैबिनेट की मुहर

  1. छूटे हुए पांच लाख छात्रों को दीपावली से पहले छात्रवृत्ति मिलेगी।
  2.  लखनऊ, अयोध्या, रामपुर व बड़ौत में नई आवासीय योजनाएं आएंगी। इसमें जमीन खरीदने के लिए 970 करोड़ रुपये सरकार देगी।
  3.  चतुर्थ श्रेणी के मृत कर्मचारी के आश्रितों को उसी श्रेणी में अनुकंपा नियुक्ति मिलेगी।
  4. निकायों में तीन हजार कर्मियों की भर्ती का रास्ता साफ। काडर पुनर्गठन के बाद नई नियमावली को मंजूरी अब 3000 पदों पर होगी भर्ती।
  5. यमुना एवं गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे बनेगा।
  6. पर्यटन सेवा नियमावली को मिली मंजूरी।
  7.  यूपी में चंदौसी, झांसी और फतेहुपर में निजी विवि को मंजूरी।
  8.  दीपावली पर 1.85 करो़ड़ महिलाओं को मिलेगा मुफ्त में सिलेंडर।
  9. धान क्रय खरीद को कैबिनेट की मंजूरी…।
  10. मोटे अनाज की खरीद को मंजूरी।
  11. पर्यटन नीति को मंजूरी।

दुनियाभर में लोग अब घर बैठे देख सकते हैं दिल्ली की ‘लव-कुश रामलीला’, क्या करना होगा जानिए?

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न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- विश्व विख्यात दिल्ली की ‘लव-कुश रामलीला’ अब प्रसार भारती के OTT प्लेटफार्म ‘वेव्स’ (WAVES) पर अब लाइव देखी जा सकती है। लाल किला परिसर में आयोजित इस रामलीला को दुनियाभर के दर्शकों तक पहुंचाने के लिए इस साल प्रसार भारती ने खास इंतजाम किये है ।

प्रसार भारती के अनुसार वेव्स ऐप को गूगल प्ले स्टोर या IOS स्टोर से टीवी या मोबाइल पर निःशुल्क डाउनलोड कर सकते है । ऐप के लाइव सेक्शन में जाकर प्रतिदिन शाम 7 बजे से रामलीला का लाइव आनंद उठा सकते है। जो  3 अक्टूबर तक चलेगी और भरत मिलाप के साथ इस रामलीला का समापन होगा। आपको बता दें कि विजयादशमी के मौके पर प्रधानमंत्री भी इस रामलीला में शामिल होते हैं।

प्रसार भारती के सीईओ गौरव द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि रामलीला सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्य को करीब से समझने का मौका है। प्रसार भारती ने वेव्स ओटीटी के जरिए बहुचर्चित लव-कुश रामलीला को दर्शकों तक लाइव पहुंचाने की व्यवस्था की है, ऐसे में घर बैठे ही वेव्स के जरिए दुनियाभर में बैठे दर्शक इसका जीवंत अनुभव कर सकते हैं।

आपको बता दें कि लव-कुश रामलीला में फिल्म जगत से सियासत तक की तमाम हस्तियां अलग-अलग भूमिका निभाती हैं। इस बार भगवान श्रीराम के रूप में अभिनेता किंशुक वैद्य, लक्ष्मण के किरदार में डॉ. राजन शर्मा और माता सीता के रूप में रिनी आर्या मंच पर नजर आ रहे हैं। वहीं, हनुमान की भूमिका में मल्हार पांड्या, रावण के रूप में आर्य बब्बर ने दर्शकों का मन मोह लिया है। पिछले साल की तरह इस बार भी मनोज तिवारी ही भगवान परशुराम की भूमिका का मंचन कर रहे हैं।

नवरात्रि और दशहरा के मौके पर वेव्स (WAVES) प्लेटफॉर्म दर्शकों के लिए लव-कुश रामलीला के साथ-साथ और भी कई कार्यक्रम लेकर आया है। वेव्स पर हर दिन सुबह 6 बजे से अयोध्या से सीधे रामलला की आरती देखी जा सकती है। रामायण से लेकर काकभुशुंडी रामायण का भी आनंद उठा सकते हैं। इसके अलावा रामचरितमानस भी सुन सकते हैं। अनुराधा पौड़वाल, सोनू निगम से लेकर नरेंद्र चंचल की आवाज में देवी भजन सुने जा सकते हैं, साथ ही ‘यात्रा’ सीरीज के जरिए मनसा देवी से लेकर अंबाजी तक मंदिरों के इतिहास और आस्था का अनुभव पा सकते हैं।

बरेली में जुमे की नमाज के बाद बवाल: मोटरसाइकिलों में तोड़फोड़, पथराव और लाठीचार्ज,भारी पुलिस बल तैनात

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद अचानक हालात तनावपूर्ण हो गए, जब ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर को लेकर शुरू हुए विवाद ने उग्र रूप ले लिया। बड़ी संख्या में लोग तख्तियां और पोस्टर लेकर सड़कों पर निकल पड़े और नारेबाज़ी करते हुए इस्लामिया ग्राउंड व खलील स्कूल चौक की ओर बढ़े।

भीड़ हुई बेकाबू, पुलिस पर पथराव, लाठीचार्ज

जैसे ही प्रदर्शनकारी खलील तिराहा के पास पहुंचे, पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर भीड़ को रोका। भीड़ को रोकने पर हिंसा भड़क उठी और पुलिस बल पर पथराव शुरू हो गया। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसके बाद मौके पर भगदड़ मच गई।

इस दौरान उपद्रवियों ने: कम से कम दो मोटरसाइकिलों में तोड़फोड़ की इतना ही नही एक दुकान पर भी हमला किया

सड़कों पर बिखरीं चप्पलें, पत्थर और तख्तियां

घटना के बाद खलील तिराहा के आसपास का इलाका युद्ध का मैदान नजर आने लगा। करीब 200 मीटर के दायरे में चप्पलें, जूते, पोस्टर और पत्थर बिखरे हुए मिले, जो बवाल की गंभीरता को दर्शाते हैं।

आला अधिकारी मौके पर, फ्लैगमार्च और ड्रोन से निगरानी

घटना की सूचना मिलते ही: डीआईजी अजय साहनी,एसपी सिटी,अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत फ्लैगमार्च किया और ड्रोन से निगरानी शुरू की। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

क्या है पूरा मामला?

इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा खां ने 26 सितंबर को नमाज-ए-जुमा के बाद इस्लामिया मैदान से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च का ऐलान किया था। प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही पांच एडिशनल एसपी 13 सीओ, और करीब 4700 पुलिस व पीएसी जवानों की तैनाती कर दी थी। इसके अलावा ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था भी की गई थी।

प्रशासन ने मौलाना को प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन फिर भी जुमे की नमाज के बाद बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए, जिससे यह विवाद भड़का।

संवेदनशील इलाकों में अलर्ट, सोशल मीडिया पर भी निगरानी

प्रशासन ने बरेली समेत आसपास के जिलों में भी अलर्ट जारी किया है। सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी की जा रही है| अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ साइबर सेल को सक्रिय किया गया है।

प्रशासन की अपील: शांति बनाए रखें, अफवाहों से बचें

प्रशासन ने जनता से अपील की है कि: कानून व्यवस्था बनाए रखें, सोशल मीडिया पर भड़काऊ या फर्जी पोस्ट शेयर न करें, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दें |

डिस्क्लेमर:

यह रिपोर्ट विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस सूत्रों पर आधारित है। किसी समुदाय, धर्म या व्यक्ति की भावना को ठेस पहुंचाने का उद्देश्य नहीं है। मामले की जांच जारी है और तथ्य पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट रूप से सामने आएंगे।

‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद के बाद कई जिलों में सुरक्षा कड़ी, बरेली में हालात बिगड़े

लखनऊ/न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद के चलते उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तनाव की स्थिति बन गई है। बारावफात के मौके पर कानपुर में शुरू हुआ पोस्टर विवाद अब बरेली, आगरा, लखनऊ, बदायूं और पश्चिमी यूपी के अन्य शहरों तक पहुंच चुका है। बढ़ते तनाव को देखते हुए पूरे राज्य में पुलिस और प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

जुमे की नमाज के मद्देनजर तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था

शुक्रवार सुबह से ही मस्जिदों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है। जुमे की नमाज को लेकर प्रशासन सतर्क रहा और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। साथ ही मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी भी फील्ड में मौजूद रहे।

बरेली में प्रदर्शन के बाद लाठीचार्ज, हालात तनावपूर्ण

जुमे की नमाज के बाद बरेली में हालात बिगड़ गए। बड़ी संख्या में लोग पोस्टर और तख्तियां लेकर सड़कों पर उतर आए और नारेबाज़ी करते हुए इस्लामिया ग्राउंड व खलील स्कूल चौक की ओर कूच किया।

भीड़ को रोकने की कोशिश में पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और लाठीचार्ज करना पड़ा, जिससे मौके पर भगदड़ की स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि भीड़ द्वारा पथराव किए जाने के बाद पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।

प्रशासन ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी

आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा ने पहले ही जुमे की नमाज के बाद पैदल मार्च का ऐलान किया था। हालांकि नवरात्र और संवेदनशील माहौल को देखते हुए प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी।

गुरुवार शाम को मौलाना की पार्टी की ओर से प्रदर्शन स्थगित करने का पत्र जारी किया गया था, लेकिन शुक्रवार सुबह मौलाना ने उसे फर्जी घोषित कर दिया।

पश्चिमी यूपी में हाई अलर्ट, सोशल मीडिया पर भी सख्ती

मेरठ ज़ोन के एडीजी भानु भास्कर ने सभी जिलों के अधिकारियों को चेकिंग, फ्लैग मार्च और सीमाएं सील करने के निर्देश दिए हैं।सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाई गई है| संवेदनशील इलाकों में एलआईयू और इंटेलिजेंस टीमें एक्टिव है | सभी जिलों को हर गतिविधि की रियल टाइम रिपोर्ट जोन कार्यालय को देने के निर्देश

ड्रोन से निगरानी, फ्लैग मार्च, और फ्लैश चेकिंग

कानपुर, बदायूं, आगरा, लखनऊ और बरेली में संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से लाइव निगरानी और पुलिस फ्लैग मार्च कर रही है| सीमाओं को सील कर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग तेज़ कर दिया गया है |अर्धसैनिक बलों की तैनाती भी कई जिलों में की गई |

पुलिस-प्रशासन की अपील: अफवाहों पर न दें ध्यान

प्रदेशभर में प्रशासन ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही कहा गया है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अफवाह या भड़काऊ पोस्ट को साझा न करें। ऐसे मामलों में आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

डिस्क्लेमर:

यह रिपोर्ट प्रशासनिक और मीडिया स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। किसी धार्मिक भावना को आहत करने का उद्देश्य नहीं है। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

चैतन्यानंद केस में बड़ा खुलासा: छात्राओं के चयन से लेकर शोषण तक की गहरी साजिश का पर्दाफाश

नई दिल्ली/न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज:-श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट में कार्यरत रहे चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी पर यौन शोषण के आरोपों की जांच में एक नया मोड़ आ गया है। संस्थान के एक पूर्व छात्र द्वारा लगाए गए चौंकाने वाले आरोपों ने पूरे मामले को और गहरा कर दिया है।

पूर्व छात्र ने मीडिया से बात करते हुए खुलासा किया कि चैतन्यानंद न केवल खुद छात्राओं को चुनता था, बल्कि इस पूरे गंदे खेल को अंजाम देने के लिए पहले से तैयार की गईमहिलाओं का इस्तेमाल करता था, जो कभी खुद भी उसके शिकार रही थीं।

 ‘सेलेक्शन प्रोसेससे शुरू होती थी साजिश

छात्र ने बताया कि जैसे ही नए सत्र की शुरुआत होती, चैतन्यानंद नई छात्राओं की पहचान करना शुरू कर देता था। वह क्लासेस के जरिए खुद ही स्टूडेंट्स से संपर्क बनाता और फिर उनमें से कुछ को टारगेट करता।

प्रलोभन दिया जाता था विदेश यात्रा, महंगे गिफ्ट्स, अच्छे ग्रेड और प्लेसमेंट के वादे। जो छात्राएं इन प्रस्तावों को ठुकरा देतीं, उन्हें मानसिक प्रताड़ना, सामाजिक अलगाव और कॉलेज से निष्कासन तक का सामना करना पड़ता,” पूर्व छात्र ने बताया।

महिला स्टाफ की भी थी संदिग्ध भूमिका

इस मामले में और भी गंभीर बात यह सामने आई है कि कुछ महिला स्टाफ, जो कभी संस्थान की छात्राएं रह चुकी थीं और चैतन्यानंद की शिकार बन चुकी थीं, अब उसी चक्र में अन्य छात्राओं को फँसाने का काम करती थीं।

इन महिलाओं को पहले विदेश यात्रा और नौकरी के वादे देकर चुप कराया गया था। अब वे ही नई लड़कियों को ‘तैयार’ करतीं और चैतन्यानंद के कमरे तक पहुंचाने का काम करती थीं,” पूर्व छात्र ने दावा किया।

24 घंटे निगरानी और मानसिक उत्पीड़न

आरोपों के अनुसार, जो छात्राएं ‘ऑफर’ को ठुकरा देती थीं, उन्हें बेहद प्रताड़ित किया जाता था। उनके हॉस्टल और क्लास में निगरानी होती थी | किसी से बात करने की इजाजत नहीं थी,यहां तक कि परिवार पर भी दबाव बनाया जाता था |

17 छात्राओं ने लगाए यौन शोषण के आरोप

फिलहाल चैतन्यानंद पर 17 छात्राओं द्वारा यौन उत्पीड़न और मानसिक शोषण के आरोप दर्ज कराए गए हैं। मामले की जांच चल रही है, और पुलिस ने कई स्टाफ सदस्यों से पूछताछ भी शुरू कर दी है।

कानूनी प्रक्रिया जारी, संस्थान की छवि पर संकट

इस पूरे मामले ने न केवल एक नामी मैनेजमेंट संस्थान की साख पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी बताया है कि पद और प्रभाव का दुरुपयोग किस हद तक किया जा सकता है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि कौन-कौन इस साजिश का हिस्सा था।

Aaj Ka Rashifal 26 September 2025: मेष समेत इन 3 राशियों को बरतनी होगी सावधानी, जानें किसके लिए कैसा रहेगा दिन

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Aaj Ka Rashifal 26 September 2025: आज ग्रहों की स्थिति कुछ राशियों के लिए सतर्कता की मांग कर रही है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, मेष, मिथुन और धनु राशि के जातकों को दिन की शुरुआत में अपने जरूरी कार्य निपटाने की सलाह दी जा रही है। वहीं कुछ अन्य राशियों के लिए आज का दिन तरक्की और सफलता लेकर आ सकता है। आइए जानें सभी 12 राशियों का राशिफल…

मेष राशि

दिन के पहले हिस्से में जरूरी काम पूरे कर लें, क्योंकि शाम के बाद समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अनावश्यक जोखिम से बचें। प्रेम और संतान पक्ष थोड़ा कमजोर रह सकता है, जबकि व्यापार की स्थिति संतोषजनक है। शुभ उपाय: हरी वस्तु का दान करें।

वृषभ राशि

आज का दिन कुल मिलाकर सकारात्मक रहेगा। विरोधी पक्ष पर हावी रहेंगे और ज्ञान में वृद्धि होगी। शाम के बाद परिवारिक जीवन सुखद रहेगा। करियर में तरक्की के संकेत हैं। शुभ रंग: लाल

मिथुन राशि

स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सावधानी बरतनी होगी। मानसिक अशांति संभव है, लेकिन प्रेम जीवन और व्यापार सामान्य रहेगा। उपाय: लाल वस्तु का दान करें।

कर्क राशि

भावनाओं पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य और संतान से जुड़े मामलों में संतुलन बनाए रखें। कारोबार की स्थिति बेहतर रहेगी। सुझाव: लाल वस्तु अपने पास रखें।

सिंह राशि

घर में मतभेद या विवाद की स्थिति बन सकती है। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। हालांकि स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापारिक मामलों में दिन अच्छा रहने वाला है। शुभ वस्तु: लाल रंग से जुड़े वस्त्र या सामान साथ रखें।

कन्या राशि

आज आपका पराक्रम रंग लाएगा। नौकरी और व्यापार में प्रगति के संकेत हैं। प्रेम-संबंध और संतान से जुड़ी स्थितियां भी सकारात्मक रहेंगी। शुभ रंग: हरा

तुला राशि

धन संबंधी मामलों में विशेष सतर्कता बरतें। जुए, सट्टेबाजी या जोखिम भरे निवेश से दूर रहें। अन्य सभी पहलू—स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार—संतुलित रहेंगे। उपाय: लाल वस्तु का दान करें।

वृश्चिक राशि

सेहत में धीरे-धीरे सुधार नजर आएगा। प्रेम और संतान को लेकर थोड़ी चिंता हो सकती है, लेकिन व्यवसाय में बढ़त संभव है। शुभ रंग: पीला

धनु राशि

शाम से पहले वित्तीय लेन-देन निपटा लें, क्योंकि उसके बाद मानसिक अस्थिरता हो सकती है। कर्ज का बोझ बढ़ सकता है। प्रेम-संबंधों और व्यापार में सुधार दिखेगा। सुझाव: लाल वस्तु अपने पास रखें।

मकर राशि

आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यात्रा के योग बन सकते हैं। स्वास्थ्य बेहतर होगा और पारिवारिक व व्यावसायिक जीवन में संतुलन बना रहेगा। उपाय: मां काली को प्रणाम करें।

कुंभ राशि

जीवन की स्थितियां पहले से बेहतर होंगी। मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम, संतान और व्यापार सभी में संतुलन रहेगा। शुभ रंग: हरा

मीन राशि

यात्रा का योग बन रहा है। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य और व्यापार की स्थिति में सुधार होगा। प्रेम-संबंधों में भी पॉजिटिव संकेत हैं। उपाय: लाल वस्तु पास में रखें।

सोनम वांगचुक की संस्था का विदेशी फंडिंग लाइसेंस रद्द, पाकिस्तान यात्रा और लेह हिंसा में भूमिका की जांच शुरू

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के खिलाफ केंद्र सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। गृह मंत्रालय ने उनकी संस्था ‘स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL)’ का एफसीआरए (विदेशी फंडिंग) लाइसेंस रद्द कर दिया है। मंत्रालय ने यह कदम वित्तीय अनियमितताओं और विदेशी चंदे में कथित गड़बड़ियों के चलते उठाया है। साथ ही CBI द्वारा उनकी दूसरी संस्था ‘हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव लद्दाख (HIAL)’ की जांच भी जारी है।

लेह हिंसा के बाद बढ़ा दबाव, वांगचुक की पाकिस्तान यात्रा पर भी जांच

गौरतलब है कि हाल ही में लेह में हुई हिंसा के लिए सरकार ने वांगचुक के भाषणों को जिम्मेदार ठहराया था। इस हिंसा में चार लोगों की मौत और 89 घायल हुए थे। सुरक्षा एजेंसियों ने अब वांगचुक की पाकिस्तान यात्रा और उसकी संभावित भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है।

सरकार की सख्ती पर वांगचुक का पलटवार

जांच का दायरा बढ़ते देख सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा,“अगर मुझे गिरफ्तार किया गया, तो सरकार के लिए और बड़ी मुश्किलें खड़ी होंगी। सोनम वांगचुक जेल से कहीं ज्यादा असरदार हो सकता है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जन सुरक्षा अधिनियम (PSA) के तहत उन्हें जेल भेजना चाहती है। “मुझे दो साल के लिए जेल भेजा जाए, मैं तैयार हूं,” उन्होंने कहा।

क्या हैं वांगचुक के खिलाफ आरोप?

गृह मंत्रालय के अनुसार: एफसीआरए सेक्शन 17 का उल्लंघन: वांगचुक की संस्था के एफसीआरए खाते में 3.5 लाख रुपये नकद जमा कराए गए, जो कि नियमों के खिलाफ है। सेक्शन 18 का उल्लंघन: 3.35 लाख रुपये की एक विदेशी एंट्री की सूचना दी गई, लेकिन यह एफसीआरए खाते में दर्ज नहीं की गई। स्वीडन से प्राप्त 4.93 लाख रुपये की सहायता, जागरूकता अभियान के नाम पर प्राप्त की गई थी, जिसे लेकर मंत्रालय ने आपत्ति जताई है कि संप्रभुता से जुड़े मुद्दों पर विदेशी चंदा नहीं लिया जा सकता।

जमीन की वापसी और विदेशी फंडिंग की जांच से उग्र हुए हालात

सरकार द्वारा HIAL को आवंटित जमीन वापस लिए जाने और विदेशी फंडिंग की जांच शुरू होने के बाद वांगचुक ने आंदोलन की अगुवाई शुरू की। 10 सितंबर से लेह में भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक का अनशन बुधवार को हिंसा में तब्दील हो गया, जिसके बाद उन्होंने चुपचाप अनशन समाप्त कर अपने गांव का रुख कर लिया।

केंद्र सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

वांगचुक ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि,”सरकार पहले कांग्रेस को हिंसा के लिए जिम्मेदार बता रही थी, अब मुझे बना रही है। लेकिन मूल समस्या – लद्दाख को विशेष दर्जा – को हल नहीं करना चाहती।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंसा में उनकी कोई भूमिका नहीं है और CBI जांच के तहत मांगे गए सभी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

BEL Vacancy 2025: बीईएल में ट्रेनी इंजीनियर के 610 पदों पर भर्ती, आवेदन प्रक्रिया जारी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- BEL Recruitment 2025: भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) ने इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स के लिए शानदार अवसर पेश किया है। कंपनी ने ट्रेनी इंजीनियर के 610 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती प्रक्रिया के लिए आवेदन BEL की आधिकारिक वेबसाइट bel-india.in के माध्यम से किए जा सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 7 अक्टूबर 2025 निर्धारित की गई है।

कुल पदों की संख्या:

610

शैक्षणिक योग्यता:

उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान/विश्वविद्यालय से संबंधित शाखा में बीई / बीटेक / बीएससी (इंजीनियरिंग) (चार वर्षीय कोर्स) की डिग्री उत्तीर्ण श्रेणी में होनी चाहिए।
नोट: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक अधिसूचना अवश्य पढ़ें।

आयु सीमा (1 सितंबर 2025 के अनुसार):

  • सामान्य/EWS वर्ग: अधिकतम 28 वर्ष
  • ओबीसी (नॉन-क्रीमी लेयर): 3 वर्ष की छूट
  • एससी / एसटी: 5 वर्ष की छूट
  • पीडब्ल्यूडी: 10 वर्ष की छूट

वेतनमान (Salary Structure):

  • पहला वर्ष: ₹30,000 प्रति माह
  • दूसरा वर्ष: ₹35,000 प्रति माह
  • तीसरा वर्ष: ₹40,000 प्रति माह

आवेदन शुल्क:

  • जनरल / ओबीसी / ईडब्ल्यूएस वर्ग: ₹177
  • एससी / एसटी / पीडब्ल्यूडी वर्ग: कोई शुल्क नहीं

आवेदन प्रक्रिया (How to Apply):

  1. सबसे पहले उम्मीदवार bel-india.in पर जाएं।
  2. होमपेज पर दिए गए “Careers” सेक्शन में जाएं और संबंधित भर्ती लिंक पर क्लिक करें।
  3. रजिस्ट्रेशन करें और लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरें।
  4. सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन शुल्क का भुगतान करें।
  5. फॉर्म को सबमिट करें और उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।

महत्वपूर्ण तिथि:

  • ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि: 7 अक्टूबर 2025

डिस्क्लेमर:

यह भर्ती से जुड़ी जानकारी BEL की आधिकारिक वेबसाइट और नोटिफिकेशन पर आधारित है। कृपया आवेदन करने से पहले bel-india.in पर उपलब्ध ऑफिशियल नोटिफिकेशन को ध्यानपूर्वक पढ़ें। किसी भी त्रुटि के लिए वेबसाइट उत्तरदायी नहीं होगी।