न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद अचानक हालात तनावपूर्ण हो गए, जब ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर को लेकर शुरू हुए विवाद ने उग्र रूप ले लिया। बड़ी संख्या में लोग तख्तियां और पोस्टर लेकर सड़कों पर निकल पड़े और नारेबाज़ी करते हुए इस्लामिया ग्राउंड व खलील स्कूल चौक की ओर बढ़े।
भीड़ हुई बेकाबू, पुलिस पर पथराव, लाठीचार्ज
जैसे ही प्रदर्शनकारी खलील तिराहा के पास पहुंचे, पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर भीड़ को रोका। भीड़ को रोकने पर हिंसा भड़क उठी और पुलिस बल पर पथराव शुरू हो गया। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसके बाद मौके पर भगदड़ मच गई।
इस दौरान उपद्रवियों ने: कम से कम दो मोटरसाइकिलों में तोड़फोड़ की इतना ही नही एक दुकान पर भी हमला किया
सड़कों पर बिखरीं चप्पलें, पत्थर और तख्तियां
घटना के बाद खलील तिराहा के आसपास का इलाका युद्ध का मैदान नजर आने लगा। करीब 200 मीटर के दायरे में चप्पलें, जूते, पोस्टर और पत्थर बिखरे हुए मिले, जो बवाल की गंभीरता को दर्शाते हैं।
आला अधिकारी मौके पर, फ्लैगमार्च और ड्रोन से निगरानी
घटना की सूचना मिलते ही: डीआईजी अजय साहनी,एसपी सिटी,अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत फ्लैगमार्च किया और ड्रोन से निगरानी शुरू की। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा खां ने 26 सितंबर को नमाज-ए-जुमा के बाद इस्लामिया मैदान से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च का ऐलान किया था। प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही पांच एडिशनल एसपी 13 सीओ, और करीब 4700 पुलिस व पीएसी जवानों की तैनाती कर दी थी। इसके अलावा ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था भी की गई थी।
प्रशासन ने मौलाना को प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन फिर भी जुमे की नमाज के बाद बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए, जिससे यह विवाद भड़का।
संवेदनशील इलाकों में अलर्ट, सोशल मीडिया पर भी निगरानी
प्रशासन ने बरेली समेत आसपास के जिलों में भी अलर्ट जारी किया है। सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी की जा रही है| अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ साइबर सेल को सक्रिय किया गया है।
प्रशासन की अपील: शांति बनाए रखें, अफवाहों से बचें
प्रशासन ने जनता से अपील की है कि: कानून व्यवस्था बनाए रखें, सोशल मीडिया पर भड़काऊ या फर्जी पोस्ट शेयर न करें, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दें |
डिस्क्लेमर:
यह रिपोर्ट विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस सूत्रों पर आधारित है। किसी समुदाय, धर्म या व्यक्ति की भावना को ठेस पहुंचाने का उद्देश्य नहीं है। मामले की जांच जारी है और तथ्य पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट रूप से सामने आएंगे।



