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योगी राज में ‘जीरो दंगा’: NCRB रिपोर्ट में यूपी सांप्रदायिक हिंसा से मुक्त राज्य, अपराध दर भी घटी

लखनऊ-न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने ‘क्राइम इन इंडिया 2023’ रिपोर्ट जारी कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश ने इस बार ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2023 में प्रदेश में सांप्रदायिक और धार्मिक दंगों की संख्या शून्य (Zero) रही है। यह आंकड़ा बताता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की तस्वीर बदल दी है।

दंगों पर लगा पूर्ण विराम

NCRB डेटा के अनुसार, यूपी में 2017 से पहले दंगों की स्थिति बेहद खराब थी।2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 815 दंगे हुए थे, जिनमें 192 लोगों की मौत हुई। 2007 से 2011 के बीच 616 दंगों में 121 मौतें दर्ज की गईं। इसके विपरीत, 2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से आज तक कोई बड़ा सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। बरेली और बहराइच में दो हिंसक झड़पें हुईं, लेकिन प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर स्थिति को नियंत्रित कर लिया।

अपराध दर भी राष्ट्रीय औसत से कम

एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, यूपी में विभिन्न अपराध श्रेणियों में राष्ट्रीय औसत से उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। बलवा के मामलों में भारत में 39,260 मामले (क्राइम रेट 2.8) के मुकाबले यूपी में 3,160 मामले (क्राइम रेट 1.3) रहे, जो राष्ट्रीय औसत से आधी से भी कम है और यूपी को देश में 20वें स्थान पर है।

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वहीं फिरौती के लिए अपहरण के मामले देश में 615 घटनाएं हुई जिसकी तुलना में यूपी में मात्र 16 घटनाओं के साथ देश में 36वें स्थान पर है। डकैती (IPC 395) के मामलों में भारत में 3,792 (क्राइम रेट 0.3) के मुकाबले यूपी में 73 मामले दर्ज हुए, जो इसे ‘नियर जीरो’ क्राइम रेट की श्रेणी में लाता है। बड़ी जनसंख्या के बावजूद यह कमी योगी सरकार की सख्त नीतियों और त्वरित कार्रवाई का परिणाम है।

योगी सरकार की सख्त कार्रवाई का असर

विशाल जनसंख्या वाला राज्य होने के बावजूद यूपी में अपराध दर में आई यह गिरावट सख्त कानून व्यवस्था, त्वरित कार्रवाई और पारदर्शी शासन का परिणाम है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश में शांति और सुरक्षा के संकल्प को और मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा। NCRB की रिपोर्ट इस बात का प्रमाण है कि यूपी अब न केवल दंगा-मुक्त राज्य बना है, बल्कि अपराध नियंत्रण में भी देश के अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा का मॉडल पेश कर रहा है।

आजम खान बोले: मेरे पीछे नंगे पैर दौड़े थे मुलायम, मरूंगा तो जनाजा धूमधाम से निकलेगा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-करीब दो साल बाद जेल से बाहर आए समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान अपने पुराने आक्रामक तेवरों में लौट आए हैं। एक साक्षात्कार में उन्होंने मुलायम सिंह यादव से अपने रिश्तों को याद करते हुए भावुक बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा, “मुलायम मेरे आशिक और माशूक दोनों थे। वो नंगे पैर मेरे पीछे दौड़े थे।”

आजम खान ने कहा, “अगर फिर जेल जाना पड़ा तो जाऊंगा, लेकिन मरूंगा तो जनाजा धूमधाम से निकलेगा।” उन्होंने खुद को फौलाद बताया और कहा कि जो हथौड़ा चलाया जाता है, वो फौलाद पर ही चलता है। वहीं मुलायम सिंह यादव के साथ अपने रिश्ते को लेकर बेहद भावुक भी हुए।

“5 साल जेल में रहा, लेकिन कोई मलाल नहीं”

आजम खान ने बताया कि उन्हें 5 साल तक जेल में रहना पड़ा, जहां उन्हें तनहाई में रखा गया। उन्होंने कहा,“वो तनहाई जेल थी, दुनिया से मेरा हर संपर्क कट गया था। गर्मी में भीषण गर्मी और सर्दियों में कड़ाके की ठंड थी। लेकिन मुझे कोई मलाल नहीं है, बस शर्म आती है।”

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“जिंदगी रही तो लौटूंगा, मर गया तो जनाजा धूमधाम से निकलेगा”

उन्होंने साफ कहा कि अगर फिर से जेल भेजा गया, तो वे तैयार हैं।“मैं फिर भी जाऊंगा। अगर जिंदगी रही तो लौटूंगा और अगर मर गया तो हमारा जनाजा धूमधाम से निकलेगा।”

“मुलायम सिंह मेरे आशिक और माशूक थे”

आजम खान ने मुलायम सिंह यादव के साथ अपने पुराने रिश्ते को याद करते हुए कहा:“मैं निकल पड़ा था, तो मुलायम नंगे पैर मेरे पीछे दौड़े थे। मैंने कहा, इस्तीफा दे दूंगा। उन्होंने कहा, ऐसा मत करो, मैं सबसे बात करूंगा। वो मेरे आशिक और माशूक थे, जो अब नहीं हैं।”

“कोई मेरे खिलाफ एक लफ्ज नहीं बोल सकता था मुलायम के सामने”

उन्होंने दावा किया कि जब तक मुलायम सिंह यादव जीवित थे, कोई हिम्मत नहीं करता था उनके खिलाफ एक शब्द कहने की।“अगर मैं कैबिनेट मीटिंग में 4 घंटे लेट आता था, तो मीटिंग मुझे आने तक नहीं होती थी। कोई और मेरे लिए ऐसा करेगा क्या?”

“मुलायम जैसे लोग सदी में एक बार पैदा होते हैं”

आजम खान ने कहा,“मैंने उनसे सिर्फ एक यूनिवर्सिटी मांगी थी। उन्होंने कभी रोका नहीं। मुलायम जैसे लोग अब पैदा नहीं होते। सैकड़ों सालों में एक ही बार ऐसे इंसान जन्म लेते हैं।”

“काश मुलायम मुसलमान होते!”

उन्होंने मुलायम सिंह यादव से जुड़ा एक निजी किस्सा साझा करते हुए कहा:“मैंने कहा था कि कितना अच्छा होता अगर आप मुसलमान होते। तो उन्होंने हंसकर कहा – मैं मुसलमान ही तो हूं।” “मैंने कहा – नहीं, आप एक बेहतरीन हिंदू हैं और इससे बेहतर हमारे लिए कुछ भी नहीं है।”

3% बढ़ा DA: दशहरा से पहले मोदी सरकार का तोहफा, केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी राहत

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ा ऐलान किया है। बुधवार को मोदी सरकार ने महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी। यह फैसला दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों से ठीक पहले लिया गया है।

इस बढ़ोतरी का फायदा देशभर के करीब 48 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 68 लाख पेंशनभोगियों को मिलेगा। बढ़ोतरी के बाद DA की दर 55% से बढ़कर 58% हो गई है।

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सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2025 से प्रभावी होगी। जुलाई, अगस्त और सितंबर के बकाया एरियर (arrears) कर्मचारियों को अक्टूबर की सैलरी के साथ मिलेंगे। यानी दिवाली से पहले कर्मचारियों और पेंशनर्स के खाते में अतिरिक्त रकम आएगी।

कितनी बढ़ेगी सैलरी और पेंशन?

न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 वाले कर्मचारी को हर महीने ₹540 अतिरिक्त मिलेंगे। उनकी कुल सैलरी अब लगभग ₹28,440 हो जाएगी। न्यूनतम पेंशन ₹9,000 पाने वाले पेंशनर्स को हर महीने ₹270 अतिरिक्त मिलेंगे। उनकी कुल पेंशन अब ₹14,220 हो जाएगी। तीन महीने के एरियर (जुलाई–सितंबर) के रूप में कर्मचारियों को ₹2,700 से ₹3,600 तक का फायदा होगा।

DA और DR कैसे तय होते हैं?

महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) की गणना औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आधार पर की जाती है। यह डेटा हर महीने श्रम ब्यूरो जारी करता है, जो श्रम मंत्रालय के तहत काम करता है। इसी आंकड़े के आधार पर सरकार DA का निर्धारण करती है।

8वें वेतन आयोग 

सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की घोषणा कर दी थी। अभी आयोग के सदस्यों और Terms of Reference (ToR) पर अधिसूचना जारी होना बाकी है। आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू होंगी। तब मौजूदा DA (जो फिलहाल 55% है) को शून्य पर रीसेट कर बेसिक वेतन में समाहित कर दिया जाएगा।

Indian Army Recruitment 2025: इंडियन आर्मी में ग्रुप C के 194 पदों पर भर्ती, इस तारीख से आवेदन शुरू

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- Indian Army Recruitment 2025, इंडियन आर्मी डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ इलेक्ट्रॉनिक एंड मैकेनिकल इंजीनियर (DG EME) ने ग्रुप ‘C’ के तहत विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए 194 वैकेंसी जारी की है। इच्छुक अभ्यर्थी 4 अक्टूबर 2025 से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 24 अक्टूबर 2025 है।

भर्ती से जुड़ी मुख्य बातें:

  • विभाग: इंडियन आर्मी – DG EME
  • कुल पद: 194
  • आवेदन शुरू: 4 अक्टूबर 2025
  • अंतिम तिथि: 24 अक्टूबर 2025
  • आवेदन मोड: ऑफलाइन/ऑनलाइन (जैसा विभाग घोषित करे)
  • वेतनमान: ₹5200 – ₹20200/- प्रतिमाह
  • चयन प्रक्रिया:- लिखित परीक्षा, स्किल टेस्ट/ट्रेड टेस्ट (पद के अनुसार)

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पदों का विवरण :

पद का नाम पदों की संख्या
निम्न श्रेणी लिपिक (LDC) 14
फायरमैन 04
व्हीकल मैकेनिक (उच्च कुशल-II) 04
फिटर (स्किल्ड) 03
वेल्डर (स्किल्ड) 03
ट्रेड्समैन मेट 25
वॉशरमैन 02
रसोइया 01
इलेक्ट्रीशियन (पावर, हायली स्किल्ड-II) 02
टेलीकॉम मैकेनिक (हायली स्किल्ड-II) 07
अपहोल्स्टर (स्किल्ड) 03
स्टोरकीपर 07
मशीनिस्ट (स्किल्ड) 04
टिन व कॉपर स्मिथ (स्किल्ड) 01
इंजीनियर डिवाइस मैकेनिक 01
कुल 194 पद

आयु सीमा (Age Limit):

  • न्यूनतम आयु: 18 वर्ष
  • अधिकतम आयु: 25 वर्ष
  • आयु में छूट:
  • SC/ST को 5 वर्ष
  • OBC को 3 वर्ष की छूट

चयन प्रक्रिया:

  1. लिखित परीक्षा
  2. स्किल टेस्ट / ट्रेड टेस्ट (पद अनुसार)

मोहसिन नकवी की ‘बेतुकी शर्त’ इंडिया को एशिया कप ट्रॉफी देने के लिए; सूर्या तो…

स्पोर्ट्स डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  एशिया कप 2025 के फाइनल में पाकिस्तान को हराने के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और उनकी टीम को एक अजीबो-गरीब स्थिति का सामना करना पड़ा, जब एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने ट्रॉफी सौंपने से इनकार कर दिया।

अब नकवी ने एक और विवादित बयान देते हुए शर्त रखी है कि “अगर भारतीय टीम को ट्रॉफी चाहिए तो सूर्या खुद ACC ऑफिस आकर उनसे ट्रॉफी लें।” यह शर्त न केवल असामान्य है, बल्कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) और फैंस के लिए अस्वीकार्य भी है।

28 सितंबर को दुबई में खेले गए एशिया कप फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराया। मैच के बाद जब विजेता टीम को ट्रॉफी दी जानी थी, तब टीम इंडिया ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। नकवी पाकिस्तान के गृहमंत्री भी हैं और PCB के चेयरमैन भी। वह भारत विरोधी बयानों के लिए कुख्यात रहे हैं।

पाकिस्तानी मीडिया जियो सुपर के अनुसार, जब BCCI ने ACC की AGM बैठक (30 सितंबर) में ट्रॉफी देने की मांग उठाई, तो नकवी ने कहा:“अगर भारतीय टीम ट्रॉफी चाहती है, तो कप्तान खुद ACC ऑफिस आकर मुझसे ले सकते हैं।”

इस ‘बेतुकी शर्त’ पर बीसीसीआई ने नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि ट्रॉफी समय पर नहीं दी गई तो मामला ICC तक जाएगा।

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बीसीसीआई प्रतिनिधि राजीव शुक्ला और आशीष शेलार ने कहा:“हम वैध विजेता हैं, ट्रॉफी हमारा अधिकार है। ACC को इसे कार्यालय में रखना चाहिए, हम वहां से ले लेंगे।”

बीसीसीआई के सूत्रों के अनुसार, नकवी न तो सीधे मना कर रहे हैं और न ही जिम्मेदारी ले रहे हैं। उनके बयान को “टालमटोल” की नीति कहा जा रहा है।

मैच के बाद ट्रॉफी न मिलने पर सूर्या ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा:“जब से मैंने क्रिकेट देखना शुरू किया है, ऐसा कभी नहीं देखा कि विजेता को ट्रॉफी न मिले। हमने इसे मेहनत से जीता है।” उन्होंने ‘X’ (पूर्व ट्विटर) पर लिखा:“मैच खत्म होने के बाद सिर्फ चैंपियन को याद रखा जाता है, ट्रॉफी की तस्वीर को नहीं।”

RSS के 100 साल: PM मोदी ने जारी किया विशेष डाक टिकट और सिक्का, संघ की सेवा यात्रा की सराहना

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक विशेष डाक टिकट और 100 रुपये का स्मृति सिक्का जारी किया। इस ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री ने संघ की “त्याग, सेवा और राष्ट्र निर्माण” की भावना को खुलकर सराहा और इसे भारतीय समाज की मजबूती का आधार बताया।

RSS के शताब्दी वर्ष पर क्या बोले प्रधानमंत्री मोदी?

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा:“संघ की गौरवशाली 100 वर्षों की यात्रा त्याग, निस्वार्थ सेवा, राष्ट्र निर्माण और अनुशासन का असाधारण उदाहरण है। हमारी पीढ़ी सौभाग्यशाली है कि वह इस ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बन रही है।”

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उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 1963 में RSS के स्वयंसेवकों ने गणतंत्र दिवस की परेड में भाग लेकर राष्ट्रभक्ति की मिसाल पेश की थी।

डाक टिकट और सिक्के की विशेषताएं

डाक टिकट में संघ के स्वयंसेवकों की समाज सेवा की झलक है। 100 रुपये का स्मृति सिक्का:एक ओर राष्ट्रीय चिन्ह (अशोक स्तंभ) दूसरी ओर वरद मुद्रा में भारत माता की छवि सिंह के साथ।

RSS संस्थापक को श्रद्धांजलि

पीएम मोदी ने संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार को याद करते हुए कहा:“मैं पूज्य डॉ. हेडगेवार जी के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिनके नेतृत्व में यह संगठन राष्ट्र सेवा के पथ पर चला।”

नवरात्रि और विजयादशमी की शुभकामनाएं

पीएम मोदी ने मौके का लाभ उठाते हुए नवरात्रि की महानवमी और कल की विजयादशमी की भी बधाई दी। “विजयादशमी अन्याय पर न्याय की, असत्य पर सत्य की और अंधकार पर प्रकाश की विजय का पर्व है।”

शाहिद अफरीदी का मोहसिन नकवी को अल्टीमेटम: या PCB चेयरमैन बनें रहें या फिर…

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़ :-पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने मौजूदा पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) चेयरमैन और गृह मंत्री मोहसिन नकवी को लेकर बड़ा बयान दिया है। अफरीदी ने साफ तौर पर कहा है कि नकवी को अब दो जिम्मेदारियों में से एक को चुनना होगा – या तो वह PCB चेयरमैन की कुर्सी संभालें या फिर पूरी तरह से गृह मंत्रालय पर ध्यान दें।

अफरीदी का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब पाकिस्तान क्रिकेट टीम लगातार हार का सामना कर रही है और PCB की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।

“नकवी साहब, दोनों कुर्सियों पर नहीं बैठा जा सकता” – अफरीदी

टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट्स से बातचीत में अफरीदी ने कहा:“नकवी साहब से मेरी यही सलाह है कि पीसीबी और गृह मंत्रालय दोनों अलग जिम्मेदारियां हैं, और इन दोनों को एकसाथ संभालना किसी के बस की बात नहीं है। पाकिस्तान क्रिकेट को अभी फुल टाइम लीडरशिप की ज़रूरत है।”

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उन्होंने कहा कि यह कोई आसान फैसला नहीं है लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट को इस समय “पूर्णकालिक नेतृत्व” की सख्त आवश्यकता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि नकवी को सलाहकारों के भरोसे नहीं रहना चाहिए क्योंकि वे उन्हें “कहीं नहीं ले जा रहे हैं।”

भारतीय टीम से ट्रॉफी न लेने पर भी हुआ था विवाद

मोहसिन नकवी उस समय विवादों में आ गए थे जब भारतीय क्रिकेट टीम ने एशिया कप जीतने के बावजूद उनसे ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। बताया जाता है कि भारतीय खिलाड़ी नकवी के भारत विरोधी बयानों से नाराज़ थे। यह मामला सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान मीडिया में भी चर्चा का विषय बन गया था।

पाकिस्तान क्रिकेट का गिरता ग्राफ

पाकिस्तान टीम ने हालिया एशिया कप 2025 में भारत से तीन बार हार का सामना किया। टीम की स्थिति टेस्ट, वनडे और टी20 — तीनों फॉर्मेट में खराब है। चयन प्रक्रिया, प्रबंधन और कोचिंग स्टाफ को लेकर आलोचना हो रही है।

अफरीदी की सलाह: सही क्रिकेट सलाहकार चुनें

अफरीदी ने नकवी से यह भी आग्रह किया कि वे खुद स्वीकार कर चुके हैं कि उन्हें क्रिकेट की ज्यादा जानकारी नहीं है, इसलिए उन्हें ऐसे क्रिकेट जानकार सलाहकार रखने चाहिए जो मैदान और बोर्ड दोनों को समझते हों।“नकवी को ऐसे काबिल सलाहकारों की जरूरत है जो खेल को समझते हों। सिर्फ राजनीतिक सलाहकारों से क्रिकेट नहीं चलाया जा सकता।”

वैभव सूर्यवंशी का यूथ टेस्ट में धमाका, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ठोका तूफानी शतक

स्पोर्ट्स डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने क्रिकेट के यूथ फॉर्मेट में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। 14 वर्षीय बाएं हाथ के इस होनहार बल्लेबाज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यूथ टेस्ट मैच में धमाकेदार शतक जड़कर सबको चौंका दिया है।

सिर्फ 86 गेंदों में उन्होंने 113 रन ठोक डाले, जिसमें 9 चौके और 8 छक्के शामिल थे। उनका स्ट्राइक रेट रहा 131.40, जो आमतौर पर वनडे और टी20 में देखने को मिलता है।

टेस्ट को बना दिया T20!

इस पारी में वैभव सूर्यवंशी की आक्रामकता देखते ही बनती थी। उन्होंने गेंदबाजों को ऐसा निशाना बनाया कि यूथ टेस्ट मैच भी वनडे का रूप लेने लगा। खास बात ये रही कि उन्होंने अपने शतक के लिए महज 78 गेंदों का सहारा लिया।

उनकी इस तूफानी पारी के चलते भारत अंडर-19 टीम ने ऑस्ट्रेलिया पर शुरुआती बढ़त बना ली। ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम जहां 243 रन पर सिमट गई, वहीं भारत ने खबर लिखे जाने तक 250+ रन बनाकर बढ़त बना ली है।

पहले भी कर चुके हैं बड़े धमाके

वैभव सूर्यवंशी का ये पहला बड़ा प्रदर्शन नहीं है। हाल ही में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ यूथ वनडे मैच में भी शतक जड़ा था। आईपीएल में भी वे शतक लगाने वाले सबसे युवा खिलाड़ियों में शामिल हो चुके हैं।

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इन सभी उपलब्धियों को देखकर साफ कहा जा सकता है कि वैभव किसी भी स्तर की गेंदबाजी से डरते नहीं हैं। चाहे घरेलू क्रिकेट हो, यूथ अंतरराष्ट्रीय मैच हों या आईपीएल जैसी बड़ी लीग — वे हर जगह खुद को साबित कर रहे हैं।

ओपनर आयुष म्हात्रे के साथ शानदार साझेदारी

वैभव ने पारी की शुरुआत आयुष म्हात्रे के साथ की, और दोनों ने मिलकर भारत को मजबूत आधार दिया। हालांकि बीच में कुछ विकेट गिरे, लेकिन वैभव की पारी ने भारत को संकट से निकालते हुए 200 के पार पहुंचा दिया।

मैच की स्थिति:

  • ऑस्ट्रेलिया U19: 243 ऑलआउट
  • भारत U19: 250+ रन (वैभव सूर्यवंशी – 113 रन, 86 गेंद, 9×4, 8×6)

वैभव सूर्यवंशी की निरंतरता और बड़े मंचों पर प्रदर्शन को देखकर क्रिकेट एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि आने वाले वर्षों में यह खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट का बड़ा सितारा बन सकता है। फिलहाल तो यूथ क्रिकेट में वह ‘बेताज बादशाह’ बन चुके हैं।

Aaj Ka Rashifal 1 October 2025: ग्रहों की चाल का सभी 12 राशियों पर प्रभाव, जानिए क्या कहता है आज का दिन आपके लिए-

Aaj Ka Rashifal 1 October 2025: आज 1 अक्टूबर 2025, बुधवार के दिन ग्रहों की स्थिति में विशेष परिवर्तन देखने को मिल रहा है। गुरु मिथुन राशि में, शुक्र और केतु सिंह राशि में स्थित हैं। सूर्य और बुध कन्या राशि में, मंगल तुला राशि में और चंद्रमा धनु राशि में गोचर कर रहे हैं। राहु कुंभ राशि में और शनि मीन राशि में विराजमान हैं। आइए जानते हैं इस खास ग्रह स्थिति का आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा:

मेष राशि (Aries)

आज का दिन भाग्यवर्धक रहेगा।  धार्मिक कार्यों में सहभागिता बढ़ेगी। यात्रा के योग बन रहे हैं। व्यापारिक मामलों में सफलता मिलेगी। हालांकि प्रेम और संतान के मामलों में थोड़ी सावधानी बरतें। उपाय: हरी वस्तु का दान करें।

वृषभ राशि (Taurus)

थोड़ा धैर्य रखने का समय है। दिन के कुछ घंटे मानसिक तनाव दे सकते हैं, लेकिन प्रेम और पारिवारिक सहयोग मिलेगा। व्यापार में लाभ की संभावना है। स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। किसी भी जोखिम से बचें। उपाय: पीली वस्तु का दान करें।

मिथुन राशि (Gemini)

जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा। नौकरी और व्यवसाय दोनों ही क्षेत्रों में सफलता के संकेत हैं। स्वास्थ्य, प्रेम और संतान से जुड़ी स्थितियां अनुकूल रहेंगी। उपाय: भगवान विष्णु को प्रणाम करें।

कर्क राशि (Cancer)

दुश्मनों पर हावी रहेंगे। स्वास्थ्य कुछ हद तक प्रभावित हो सकता है, परंतु व्यापार और पारिवारिक जीवन बेहतर रहेगा। भावनात्मक संतुलन बनाए रखें। उपाय: लाल वस्तु अपने पास रखें।

सिंह राशि (Leo)

भावनाओं पर नियंत्रण जरूरी। आज लिए गए फैसले यदि भावुकता में होंगे तो नुकसान दे सकते हैं। व्यापार की स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन प्रेम-संतान को लेकर दिन सामान्य रहेगा। उपाय: पीली वस्तु पास रखें।

कन्या राशि (Virgo)

भौतिक सुखों में वृद्धि होगी। भूमि, भवन या वाहन खरीदने के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार सभी क्षेत्रों में शुभता का संचार रहेगा। उपाय: पीली वस्तु का दान करें और कलह से बचें।

तुला राशि (Libra)

योजनाओं को अमल में लाने का समय।  यदि आपने हाल ही में कोई व्यापारिक योजना बनाई है, तो उसे कार्यरूप देने का अच्छा समय है। प्रेम-संतान की स्थिति अनुकूल रहेगी, लेकिन स्वास्थ्य में थोड़ी गिरावट संभव है। उपाय: मां काली को प्रणाम करें।

वृश्चिक राशि (Scorpio)

धन और संबंधों में वृद्धि। व्यापार में प्रगति के संकेत हैं। अपनों का सहयोग मिलेगा, लेकिन वाणी पर संयम रखना आवश्यक होगा। निवेश के मामलों में सतर्कता बरतें। उपाय: लाल वस्तु पास रखें।

धनु राशि (Sagittarius)

उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का दिन। सामाजिक स्तर पर सराहना मिलेगी। व्यापार, प्रेम और स्वास्थ्य के क्षेत्र में स्थिति अनुकूल रहेगी। उपाय: लाल वस्तु पास रखें।

मकर राशि (Capricorn)

थोड़ी मानसिक चिंता बनी रह सकती है। अज्ञात भय सताएगा। सिरदर्द और नेत्र विकार परेशान कर सकते हैं। हालांकि व्यापार और निजी जीवन में स्थिति ठीक बनी रहेगी। उपाय: मां काली की उपासना करें।

कुंभ राशि (Aquarius)

आय में वृद्धि के संकेत। नए और पुराने स्रोतों से धन की प्राप्ति होगी। यात्रा के योग हैं। शुभ समाचार मिलने की संभावना है। उपाय: हरी वस्तु पास रखें।

मीन राशि (Pisces)

राजनीतिक और कानूनी मामलों में सफलता। पिता का सहयोग मिलेगा और कोर्ट-कचहरी से संबंधित मामलों में विजय की संभावना है। व्यवसाय भी सुदृढ़ रहेगा। उपाय: पीली वस्तु पास रखें।

मुंबई आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर एक्शन क्यों नहीं लिया? पी. चिदंबरम का बड़ा खुलासा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- 26/11 मुंबई आतंकी हमले को लेकर भारत की प्रतिक्रिया को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और कूटनीतिक बहस छिड़ गई है। पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने एक ताजा इंटरव्यू में खुलासा किया कि उस समय भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर गंभीरता से विचार किया था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय दबाव, खासकर अमेरिका के हस्तक्षेप के कारण वह कार्रवाई टल गई।

क्या था चिदंबरम का बयान?

चिदंबरम ने एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा- हमने सैन्य जवाब पर विचार किया था। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ उस समय इस पर चर्चा हुई थी। लेकिन अमेरिका की तत्कालीन विदेश मंत्री कॉन्डोलीजा राइस ने हमसे मुलाकात कर संयम बरतने को कहा।”

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उन्होंने यह भी कहा कि उस समय भारतीय विदेश सेवा (IFS) और विदेश मंत्रालय की ओर से भी यही सलाह दी गई कि कूटनीतिक रास्ता बेहतर रहेगा।

कूटनीति बनाम प्रतिशोध

चिदंबरम के मुताबिक:तत्कालीन सरकार कड़ी कार्रवाई के मूड में थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत को शांतिप्रिय राष्ट्र की छवि बनाए रखना ज़रूरी था | अमेरिका समेत दुनिया के कई बड़े नेताओं ने भारत को युद्ध से बचने की सलाह दी थी | पूरी दुनिया दिल्ली पर दबाव बना रही थी कि ‘युद्ध मत शुरू करो’,” – चिदंबरम

बीजेपी ने किया पलटवार

सत्तारूढ़ भाजपा ने चिदंबरम के बयान पर तीखा हमला बोला है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा: चिदंबरम का बयान बताता है कि यूपीए सरकार अमेरिकी दबाव में थी। 26/11 जैसे जघन्य हमले के बाद भी सरकार ठोस जवाब नहीं दे पाई।”

बीजेपी नेताओं का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसले “बाहरी ताकतों” के प्रभाव में नहीं होने चाहिए।