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Aaj Ka Rashifal 18 November 2025: 3 राशियों के लिए धन लाभ के संकेत, जानें आज का पूरा राशिफल

Aaj Ka Rashifal 18 November 2025: आज 18 नवंबर 2025, मंगलवार का दिन ग्रहों की अनुकूल स्थिति से प्रभावित रहेगा। गुरु कर्क राशि में, केतु सिंह में और शुक्र–चंद्रमा तुला में स्थित हैं। सूर्य, बुध और मंगल वृश्चिक राशि में मिलकर एक खास योग बना रहे हैं। वहीं राहु कुंभ में और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। मंगलवार का यह दिन हनुमान जी की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। आइए देखते हैं, मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए दिन कैसा रहने वाला है।

मेष राशि

आज आपके व्यक्तित्व में सौम्यता बढ़ेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा और प्रेम व संतान पक्ष भी मध्यम स्थिति में रहेंगे। नौकरी और व्यवसाय से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। गुस्से पर नियंत्रण रखें। सूर्य को जल अर्पित करना शुभ रहेगा।

वृषभ राशि

आज विरोधी भी आपके प्रभाव में रहेंगे। ज्ञान व अनुभव में वृद्धि होगी और वरिष्ठों का आशीर्वाद प्राप्त होगा। प्रेम और संतान पक्ष मजबूत रहेगा। कारोबार में लाभ के योग बन रहे हैं। काली माता की आराधना शुभ फल देगी।

मिथुन राशि

आज मन में उतार-चढ़ाव रह सकता है, लेकिन स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। प्रेम और संतान का सहयोग मिलेगा। व्यापार के लिए दिन काफी अनुकूल है। सफेद रंग की वस्तु अपने पास रखें।

कर्क राशि

भूमि, भवन या वाहन खरीदने की स्थिति बन सकती है। घर में किसी शुभ आयोजन का संकेत है। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम और संतान का सहयोग मिलेगा। व्यापार में भी प्रगति के योग हैं। मां का स्वास्थ्य भी सुधरेगा। काली जी को प्रणाम करना शुभ रहेगा।

सिंह राशि

व्यापार में मजबूती आएगी और पराक्रम बढ़ेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य और प्रेम की स्थिति बेहतर रहेगी। पीली वस्तु अपने पास रखना शुभ माना गया है।

कन्या राशि

आर्थिक लाभ के संकेत हैं। परिवार में खुशियां बढ़ेंगी। वाणी मधुर रहेगी और कार्यक्षेत्र में उसके माध्यम से लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार सभी अच्छे रहेंगे। हरी वस्तु साथ रखें।

तुला राशि

आपकी आकर्षक व्यक्तित्व छाप छोड़ेगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। प्रेम और संतान पक्ष से सहयोग मिलेगा। व्यापार में अनुकूलता बनी रहेगी। काली माता की पूजा शुभ फल देगी।

वृश्चिक राशि

खर्चों में वृद्धि मन को परेशान कर सकती है, लेकिन शुभता बनी रहेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। प्रेम और संतान स्थिति ठीक रहेगी। व्यापार स्थिर रहेगा। पीली वस्तु पास रखना लाभकारी होगा।

धनु राशि

आय के नए मार्ग खुलेंगे और पुराने स्रोतों से भी धन प्राप्त हो सकता है। प्रेम, संतान और व्यापार—तीनों में सफलता मिलेगी। यात्रा और शुभ समाचार के योग हैं। पीली वस्तु अपने पास रखें।

मकर राशि

कानूनी मामलों में सफलता मिलेगी। कारोबार मजबूत रहेगा। राजनीति से जुड़े लोगों को भी लाभ होगा। स्वास्थ्य, प्रेम और संतान पक्ष सकारात्मक रहेंगे। काली जी के दर्शन शुभ रहेंगे।

कुंभ राशि

भाग्य का सहयोग मिलेगा। नौकरी और व्यवसाय में प्रगति होगी। स्वास्थ्य थोड़ा सामान्य रहेगा, लेकिन प्रेम और संतान का साथ मिलेगा। व्यापार भी सुचारू रूप से चलेगा। हरी वस्तु अपने पास रखें।

मीन राशि

आज का दिन सतर्कता मांगता है। परिस्थितियाँ प्रतिकूल हो सकती हैं, चोट या परेशानी की आशंका है। प्रेम और संतान पक्ष सामान्य रहेगा। व्यापार ठीक-ठाक बना रहेगा। काली जी को प्रणाम करना शुभ माना गया है।

सौर ऊर्जा क्रांति की ओर यूपी, पीएम सूर्य घर योजना ने बदली तस्वीर

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- प्रदेश के पिछड़े और ग्रामीण इलाकों में पीएम सूर्य घर योजना नई उम्मीद बनकर उभरी है। सौर ऊर्जा आधारित इस योजना ने किसानों, छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों के जीवन में आर्थिक राहत पहुंचाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने इस योजना के क्रियान्वयन में तेजी दिखाई है और राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में जगह बनाई है।

अधिकृत आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 2,75,936 घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इससे उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है और ऊर्जा निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आई है। स्थापना के मामले में यूपी गुजरात और महाराष्ट्र के बाद तीसरे स्थान पर है, जबकि कुल आवेदनों में प्रदेश दूसरे स्थान पर है।

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इस योजना का सबसे बड़ा प्रभाव छोटे व्यवसायों पर दिखाई दे रहा है। बिजली कटौती से पहले जहां वेल्डिंग, आटा चक्की, किराना स्टोर, नाई की दुकान और मोबाइल रिपेयर जैसी इकाइयां प्रभावित होती थीं, वहीं अब सौर ऊर्जा से इनके संचालन में रुकावट नहीं होती। लगातार बिजली उपलब्ध होने से इन व्यवसायों की आय स्थिर हुई है और रोजगार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बिजली बिल लगभग शून्य होने से उनके मासिक खर्च में 15 से 20 प्रतिशत तक की कमी आई है। कई परिवार अब शिक्षा, स्वास्थ्य और बचत की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ पा रहे हैं।

31 अक्टूबर तक प्रदेश में ₹1,808.09 करोड़ की सब्सिडी वितरित की जा चुकी है। सब्सिडी मिलने से योजना के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है और रूफटॉप सोलर स्थापना में तेजी आई है। लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर और बरेली इस योजना के प्रमुख लाभार्थी जिले हैं। अकेले इन चार जिलों में 8,000 से अधिक रूफटॉप सोलर यूनिट स्थापित हो चुकी हैं। आंकड़ों के मुताबिक लखनऊ में 4,271, वाराणसी में 1,672, कानपुर नगर में 1,410 और बरेली में 1,145 संयंत्र लगाए गए हैं। अन्य जिलों में भी स्थापना कार्य तेजी से जारी है।

बात-बात पर कसम खाने वालों का पुण्य नष्ट होता है? प्रेमानंद महाराज ने समझाया कारण

Premanand Maharaj Pravachan 2025: आजकल कई लोग छोटी-छोटी बातों पर कसम खाने लगते हैं। कुछ इसे अपनी बातों में विश्वसनीयता दिखाने के लिए करते हैं, तो कुछ लोगों की आदत में यह शामिल होता है। लेकिन सवाल यह उठता है कि यदि कोई व्यक्ति बार-बार कसम खाता है और उसे तोड़ देता है तो उसका पुण्य क्या होता है? हाल ही में इस सवाल का जवाब प्रेमानंद महाराज ने बड़े स्पष्ट तरीके से दिया।

प्रेमानंद महाराज ने कहा क्या?

महाराज ने कहा कि जल्दी-जल्दी कसम लेना गलत है। जो लोग कसम लेते हैं और फिर उसे निभाने में असफल होते हैं, उनके पुण्य नष्ट हो जाते हैं। इससे हृदय दुखी होता है, व्यक्ति का सामाजिक और मानसिक स्तर गिरता है, और लोग उसका उपहास करते हैं।

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महाराज ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी गलत आदत का शिकार है तो उसे सीधे कसम खाने से बचना चाहिए। पहले प्रयास और अभ्यास करना चाहिए, जैसे दो-तीन महीने तक उस काम से बचना, और फिर संकल्प लेना।

कब लेना चाहिए कसम?

महाराज ने स्पष्ट किया कि कसम तभी लेनी चाहिए जब आप पहले खुद पर नियंत्रण पाने की कोशिश कर लें। दो-चार महीने तक प्रयास करने के बाद ही कसम लेनी चाहिए। यदि पहले कसम लिया और टूट गया, तो व्यक्ति अपराधबोध का सामना करता है और पुण्य कम हो जाता है।

अन्य सवालों का हल

प्रेमानंद महाराज अपने प्रवचनों में अक्सर रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े सवालों के जवाब देते हैं। हाल ही में एक महिला ने पूछा कि भगवान से मांगी हुई चीज़ें क्यों नहीं मिलती। महाराज ने कहा कि भगवान से सही तरीके से और पूरे हक के साथ मांगना चाहिए। उन्हें अपना मित्र समझकर स्पष्ट रूप से अपनी इच्छा बतानी चाहिए।

रेलवे में 2569 जूनियर इंजीनियर भर्ती शुरू, इंजीनियरिंग ग्रेजुएट और डिप्लोमा धारकों के लिए बड़ा मौका

RRB JE Recruitment 2025: रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने इंजीनियरिंग युवाओं के लिए बड़ी भर्ती की घोषणा की है। सीईएन नंबर 05/2025 के तहत जूनियर इंजीनियर (JE) के 2569 पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया है। बीई/बीटेक और इंजीनियरिंग डिप्लोमा धारक उम्मीदवार 31 अक्टूबर 2025 से 10 दिसंबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया rrbguwahati.gov.in पर शुरू हो चुकी है।

इस भर्ती अभियान में जूनियर इंजीनियर के साथ-साथ डिपो मैटेरियल सुपरिंटेंडेंट (DMS) और केमिकल एंड मेटालर्जिकल असिस्टेंट (CMA) के पद भी शामिल हैं। रेलवे इस बार चयन में योग्यता और तकनीकी कौशल पर विशेष जोर दे रहा है। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि आवेदन जमा करने से पहले नोटिफिकेशन को सावधानीपूर्वक पढ़ें, क्योंकि सबमिट के बाद किसी बदलाव की अनुमति नहीं होगी।

RRB JE Recruitment 2025: आवेदन शुल्क

  • सामान्य / OBC / EWS: ₹500
  • SC / ST / दिव्यांग / महिला / एक्स-सर्विसमैन: ₹250
  • ट्रांसजेंडर: शुल्क पूरी तरह माफ

आवेदन शुल्क जमा होने के बाद ही फॉर्म स्वीकार किया जाएगा। भुगतान की पुष्टि ईमेल और SMS के माध्यम से मिलेगी।

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RRB JE Recruitment 2025: चयन प्रक्रिया

चयन चार चरणों में होगा:

  1. CBT-I
  2. CBT-II
  3. डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
  4. मेडिकल टेस्ट

यह भर्ती लेवल-6 पे स्केल में की जा रही है, जिसमें शुरुआती वेतन ₹35,400 तय है। भत्तों के साथ यह वेतन और बढ़ जाता है।

RRB JE Recruitment 2025: योग्यता

उम्मीदवारों के पास तीन वर्ष का इंजीनियरिंग डिप्लोमा या बी.ई/बी.टेक होना चाहिए।
मान्य शाखाएँ (मुख्य):

  • मैकेनिकल
  • इलेक्ट्रिकल
  • इलेक्ट्रॉनिक्स
  • सिविल
  • प्रोडक्शन
  • ऑटोमोबाइल
  • इंस्ट्रूमेंटेशन
    और संबंधित इंजीनियरिंग डिसिप्लिन

विस्तृत शाखाओं की सूची नोटिफिकेशन में उपलब्ध है।

RRB JE Recruitment 2025: महत्वपूर्ण तिथियाँ

  • आवेदन की अंतिम तिथि: 10 दिसंबर 2025
  • शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि: 12 दिसंबर 2025
  • फॉर्म संशोधन विंडो: 13 से 22 दिसंबर 2025
  • स्क्राइब सुविधा वाले उम्मीदवारों के लिए विंडो: 23 से 27 दिसंबर 2025

लाल किला धमाका: ‘शैतान की मां’ TATP का इस्तेमाल! फिदायीन उमर ने पहना था जूता बम

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- दिल्ली में बीते सोमवार (10 नवंबर) को लाल किले के पास हुए भीषण धमाके को लेकर जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े फिदायीन हमलावर डॉ. उमर उन नबी ने कथित तौर पर ‘जूता बम’ के जरिये विस्फोट अंजाम दिया। इस हमले में अब तक 13 लोगों की मौत और करीब 20 घायल हो चुके हैं।

जांच टीम के हाथ ऐसे सबूत लगे हैं जिनसे पता चलता है कि उमर की कार i20 से बरामद एक जूते में TATP (Triacetone Triperoxide) के अंश मिले हैं — वही बेहद खतरनाक विस्फोटक जिसे दुनिया भर में ‘मदर ऑफ सैटन’ यानी ‘शैतान की मां’ के नाम से जाना जाता है।

TATP इतना संवेदनशील होता है कि हल्का सा घर्षण या गर्मी भी इसे तुरंत विस्फोट में बदल सकती है। यही कारण है कि जांच एजेंसियां मान रही हैं कि उमर ने कार में रखे विस्फोटकों को ट्रिगर करने के लिए जूते में छुपाए TATP का इस्तेमाल किया।

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जांच में यह भी सामने आया है कि जैश के आतंकियों ने बड़े हमले की योजना के लिए TATP का भारी जखीरा तैयार किया था। लाल किले विस्फोट में TATP और अमोनियम नाइट्रेट के मिश्रण का इस्तेमाल हुआ था। इससे पहले हरियाणा के फरीदाबाद में दो आतंकी डॉक्टरों के ठिकानों से करीब 2900 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया था।

10 नवंबर को लाल किले के पास विस्फोटकों से भरी कार में हुआ धमाका इसी मॉड्यूल की कारगुजारी था। कार को पुलवामा निवासी डॉक्टर उमर नबी चला रहा था, जो जैश के ‘वाइट कॉलर’ मॉड्यूल का हिस्सा बताया जाता है। फरीदाबाद में विस्फोटकों की बरामदगी और मॉड्यूल के कुछ सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद उमर अपनी कार में विस्फोटक लेकर निकला और लाल किले के पास सड़क पर ही कार उड़ा दी।

अजम खान और अब्दुल्ला को जेल की सजा के बाद भड़के अखिलेश यादव, यूपी सरकार पर साधा निशाना

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  सपा नेता अजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में सात साल की सजा सुनाए जाने के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने यूपी सरकार पर तीखा हमला बोला। अखिलेश ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि सत्ता के अहंकार में जो लोग अन्याय और अत्याचार करते हैं, उन्हें एक दिन प्रकृति अपने फैसले से कठोर दंड देती है।

अखिलेश ने लिखा— “सत्ता के गुरूर में जो नाइंसाफ़ी और जुल्म की हदें पार कर देते हैं, वो एक दिन क़ुदरत के फ़ैसले की गिरफ्त में आकर बेहद बुरे अंत की ओर जाते हैं। सब देख रहे हैं।”

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मंगलवार दोपहर एमपी-एमएलए स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आजम और अब्दुल्ला दोनों को धोखाधड़ी का दोषी ठहराते हुए सात साल की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। फैसला सुनते ही दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने दर्ज कराया था मामला

भाजपा नेता और वर्तमान विधायक आकाश सक्सेना ने 2019 में सिविल लाइंस थाने में अब्दुल्ला आजम के खिलाफ दो अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाने का केस दर्ज कराया था। आरोप यह भी था कि दोनों पैन कार्डों का उपयोग अलग-अलग समय पर किया गया।

ट्रायल एमपी–एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहा था, जहां बहस पूरी होने के बाद मंगलवार को अदालत ने दोनों को तलब कर अपना फैसला सुनाया। कोर्ट के जज शोभित बंसल ने दोनों को दोषी करार दिया। एडीजीसी संदीप सक्सेना के अनुसार अदालत ने दोनों को सात साल की कैद और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

ढाका में शेख हसीना को सजा के बाद बढ़ा तनाव, यूनुस सरकार सख्त मोड में; सुरक्षा कड़ी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT-BD) द्वारा फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद राजधानी ढाका में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। फैसले के तुरंत बाद कई इलाकों में हिंसा भड़क उठी, जिसके बाद यूनुस सरकार ने कानून-व्यवस्था को संभालने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर कर दिया है।

ट्रिब्यूनल ने हसीना के साथ पूर्व गृह मंत्री असदोज्जमां खान कमाल को भी मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों को पिछले वर्ष सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान किए गए मानवता-विरोधी अपराधों का दोषी ठहराया है।

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मामले में आए विस्तृत फैसले में 78 वर्षीय अवामी लीग नेता शेख हसीना को विरोध प्रदर्शनों पर हुए हिंसक दमन की “मुख्य योजनाकार” करार दिया गया है। इन घटनाओं में सैकड़ों लोगों की जान गई थी। हसीना पिछले वर्ष 5 अगस्त को बड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं, जिसके बाद अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया।

फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए हसीना ने कहा कि यह सजा एक गैर-अधिकृत न्यायाधिकरण द्वारा दी गई है, जिसे अनिर्वाचित सरकार ने स्थापित किया है और जिसके पास कोई लोकतांत्रिक अधिकार नहीं है।

ढाका में हालात नियंत्रण में लाने के लिए सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी की जा रही है।

विधायक बंबा लाल “दिवाकर” ने जागरूकता संदेश देते हुए कहा-टीबी मुक्त भारत, सरकार का संकल्प; हर मरीज को मिलेगी पूरी सहायता

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मियागंज ब्लॉक में पोषण पोटली कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विधायक बंबा लाल “दिवाकर”, एडीओ पंचायत प्रवीण दुबे, और ब्लॉक कोऑर्डिनेटर शिवम् मिश्र (सम्राट) द्वारा की गई।

इस अवसर पर विधायक बंबा लाल दिवाकर ने टीबी (क्षय रोग) से पीड़ित मरीजों को जागरूक किया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का “टीबी मुक्त भारत – टीबी मुक्त पंचायत” लक्ष्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने मरीजों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया।

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140 मरीजों को वितरित हुई पोषण पोटली

कार्यक्रम में कुल 140 टीबी मरीजों को पोषण पोटली प्रदान की गई। पोटली में शामिल थे- चना – 1 किलो, भुना चना – 1 किलो, मूंगफली – 1 किलो , हॉर्लिक्स,  गच्चक – 1 किलो |  पोषण पोटली पाकर मरीजों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने सरकार के इस कदम की सराहना की।

कार्यक्रम में अनेक अधिकारी रहे उपस्थित

कार्यक्रम में अधीक्षक डॉ. प्रमोद, जिला समन्वयक अधिकारी अश्वनी मिश्र, वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक राम प्रकाश यादव, तथा विभिन्न पंचायतों के प्रधानगण मौजूद रहे।

लालू परिवार की जंग के बीच चर्चा में आए रमीज नेमत-जानिए बृजभूषण शरण सिंह से उनका क्या है कनेक्शन

न्यूज़ डेस्क/ सर्वोदय न्यूज़:- बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद लालू प्रसाद यादव के परिवार में राजनीतिक और पारिवारिक तनाव गहराता जा रहा है। इस विवाद के केंद्र में अब तेजस्वी यादव के दो सलाहकारों के नाम सामने आ रहे हैं—राज्यसभा सांसद संजय यादव और उत्तर प्रदेश मूल के रमीज नेमत।

रमीज नेमत सिर्फ तेजस्वी यादव के बचपन के दोस्त नहीं हैं बल्कि दोनों दिल्ली के डीपीएस में साथ पढ़ चुके हैं और क्रिकेट भी साथ खेलते रहे हैं। इतना ही नहीं, उनकी फैमिली और तेजस्वी की पत्नी राजश्री का घर भी एक ही इलाके में है। अब रमीज फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह है उनका बृजभूषण शरण सिंह से जुड़ा सियासी रिश्ता।

रमीज नेमत का बृजभूषण शरण सिंह से राजनीतिक कनेक्शन

दरअसल, रमीज नेमत, उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद रिजवान जहीर के दामाद हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीति में रिजवान जहीर और भाजपा के कद्दावर नेता बृजभूषण शरण सिंह के बीच दशकों पुरानी सियासी अदावत रही है।

दोनों ही नेता देविपाटन मंडल की राजनीति पर लंबे समय तक प्रभावी रहे-बृजभूषण शरण सिंह: गोंडा, बहराइच, कैसरगंज से तो वही रिजवान जहीर: बलरामपुर, श्रावस्ती से सियासी तौर पर दोनों का क्षेत्र बंटा हुआ माना जाता था।

सियासी दुश्मनी कैसे हुई गहरी?

रिजवान जहीर समाजवादी और बसपा खेमे से जुड़े रहे, जबकि बृजभूषण लंबे समय तक भाजपा के बड़े चेहरे रहे, हालांकि वह एक समय सपा में भी शामिल हुए।

2004 में जब भाजपा ने बृजभूषण को बलरामपुर से टिकट दिया, तो दोनों बाहुबलियों की टक्कर खुलकर सामने आ गई।बहरहाल बृजभूषण चुनाव जीत | इसके बाद दोनों पक्षों में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया |

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2009 में बृजभूषण सपा में शामिल हुए और फिर कैसरगंज सीट से चुनाव जीत गए। उधर रिजवान 2004 के बाद कोई चुनाव नहीं जीत सके और जेल जाने के बाद उनकी सियासी पकड़ कमजोर पड़ गई।

इसके बाद उनकी बेटी जेबा ने राजनीतिक विरासत संभाली, लेकिन दो विधानसभा चुनाव हार गईं। अब रमीज नेमत इस राजनीतिक विरासत को आगे ले जाने की कोशिश में जुटे हैं।

फिरोज पप्पू हत्या मामला

2022 में तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन और बृजभूषण के करीबी फिरोज पप्पू की हत्या के मामले ने तनाव को चरम पर पहुँचा दिया। इस हत्या में रमीज नेमत और उनकी पत्नी जेबा दोनों आरोपी बनाए गए। रमीज फिलहाल जमानत पर हैं, इस केस में 20 नवंबर को फैसला आने वाला है | हत्या केस के बाद रमीज की सक्रिय राजनीति ठंडी पड़ गई और वह तेजस्वी यादव के सलाहकार के रूप में पटना में सक्रिय हो गए।

रमीज का भविष्य का सियासी लक्ष्य?

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, माना जा रहा है कि रमीज अब तेजस्वी के सहारे अखिलेश यादव के करीब होने की कोशिश कर रहे हैं और 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा टिकट की तैयारी में जुटे हैं।

‘बार में डांस देखना अपराध नहीं’- बॉम्बे हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, पुलिस की कार्रवाई पर लगाम

न्यूज़ डेस्क/ सर्वोदय न्यूज़:- डांस बार से जुड़े मामलों में पुलिस कार्रवाई को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि बार में डांस देखना किसी ग्राहक को अपराधी नहीं बनाता, जब तक कि वह किसी अवैध गतिविधि को बढ़ावा न दे।

यह टिप्पणी करते हुए हाई कोर्ट ने चेंबूर निवासी उस व्यक्ति के खिलाफ दायर आरोपपत्र को रद्द कर दिया, जिसे 4-5 मई 2024 की रात सुरभि पैलेस बार एंड रेस्टोरेंट पर छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किया गया था।

गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में मैनेजर, ऑर्केस्ट्रा कलाकारों और कई ग्राहकों सहित 11 लोगों को हिरासत में लिया गया था। पुलिस का दावा था कि वहां महिलाएं अश्लील नृत्य कर रही थीं।

पुलिस ने लगाई थीं ये धाराएं

आरोपी ग्राहक पर IPC धारा 188, और महाराष्ट्र 2016 अधिनियम (अश्लील नृत्य निषेध एवं महिलाओं की गरिमा सुरक्षा कानून) के तहत आरोप लगाए गए थे। पुलिस का कहना था कि ग्राहक नर्तकियों को प्रोत्साहित कर रहा था।

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आरोपी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि उसके खिलाफ आरोप मनगढ़ंत हैं। वकील सनी ए. वास्कर ने तर्क दिया कि बार में बैठना और डांस देखना अपराध नहीं है।

अतिरिक्त लोक अभियोजक पी.पी. मालशे ने कहा कि ग्राहक नर्तकियों को उकसा रहा था, इसलिए मामला खत्म नहीं होना चाहिए।

हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

न्यायमूर्ति एन.जे. जमादार ने कहा—पुलिस के आरोप अस्पष्ट हैं,कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं केवल बार में मौजूद होना अपराध नहीं | अदालत ने कहा कि मात्र उपस्थिति को उकसावे या कानून उल्लंघन की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। इसलिए, मामला जारी रखना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र को पूरी तरह रद्द कर दिया।