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अमेरिका से भारत लाया गया लॉरेंस बिश्नोई का भाई अनमोल, NIA ने एयरपोर्ट पर किया गिरफ्तार

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़ :-कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भाई अनमोल बिश्नोई बुधवार दोपहर अमेरिका से भारत लाया गया। विमान के दिल्ली पहुंचते ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उसे एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तार कर लिया। एनआईए ने इसकी तस्वीर भी जारी की, जिसमें एजेंसी के अधिकारी अनमोल को हिरासत में लेते दिखाई दे रहे हैं।

अनमोल बिश्नोई महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या का मुख्य आरोपी है। इसके अलावा सलमान खान के घर के बाहर हुई गोलीबारी की साजिश में भी उसका नाम सामने आया था। गिरफ्तार किए जाने के बाद उसे सीधे दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाना है।

2022 से फरार चल रहा अनमोल अमेरिका में रह रहा था। अपने भाई लॉरेंस बिश्नोई और आतंकवादी गोल्डी बराड़ के सिंडिकेट को सक्रिय रूप से मदद देने के आरोप में वह 19वां आरोपी है जिसे एनआईए पकड़ने में सफल हुई है। मार्च 2023 में उसके खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया था, जिसमें दावा किया गया कि 2020 से 2023 के बीच देश में कई आतंकी गतिविधियों में उसने अहम भूमिका निभाई।

अनमोल के आगमन से पहले IGI एयरपोर्ट पर सुरक्षा और सख्त कर दी गई थी। टर्मिनल-3 पर डॉग स्क्वॉड और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। अनमोल पिछले साल अक्टूबर में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में भी वांछित घोषित किया गया था।

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इस बीच, अनमोल के चचेरे भाई रमेश बिश्नोई ने केंद्र सरकार से उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अनमोल को सिर्फ लॉरेंस बिश्नोई का भाई होने की वजह से निशाना बनाया जा रहा है और परिवार का सबसे बड़ा मुद्दा उसकी सुरक्षा है।

मुंबई पुलिस ने भी अनमोल के प्रत्यर्पण को लेकर दो प्रस्ताव भेजे हैं। उसके खिलाफ देशभर में कई केस दर्ज हैं, इसलिए यह केंद्र सरकार तय करेगी कि उसे सबसे पहले किस एजेंसी की कस्टडी में भेजा जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि यह एक बहु-एजेंसी ऑपरेशन था और मुंबई पुलिस भी उसे अपने केस में हिरासत में लेने की तैयारी कर रही है।

जांच में यह भी सामने आया कि अनमोल के पास एक जाली रूसी पासपोर्ट था। उसे पिछले साल नवंबर में अमेरिका में हिरासत में लिया गया था, जबकि एनआईए ने उस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। 2022 में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में भी उसका नाम शामिल था।

बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान सिद्दीकी ने हाल ही में पुष्टि की थी कि उन्हें अमेरिकी सरकार से ईमेल प्राप्त हुआ है जिसमें बताया गया था कि अनमोल को अमेरिका से निष्कासित कर भारत भेजा जा रहा है।

“देवी जैसी बहन रोहिणी को निकाला…अब 25 क्या, 5 सीट पर भी आओगे”-तेजप्रताप यादव का RJD पर बड़ा हमला

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़ :- बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद लालू यादव परिवार की अंदरूनी कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। अब तेजप्रताप यादव ने एक बार फिर अपने भाई और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला है। तेजप्रताप ने बहन रोहिणी आचार्य के पार्टी और परिवार से अलग होने को लेकर भी RJD नेतृत्व को कटघरे में खड़ा किया है।

तेजप्रताप की पार्टी जनशक्ति जनता दल के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से उनके नाम से एक लंबी पोस्ट साझा की गई। इसमें उन्होंने सवाल किया कि “सबको निकालोगे तो पार्टी में बचेगा कौन? आज यही सवाल जनता पूछ रही है।”

तेजप्रताप ने लिखा,“जब मुझे पार्टी से बाहर किया गया था, वे सोचते थे कि ‘तेजप्रताप तो बेकार है, इससे क्या फर्क पड़ेगा।’ मेरी आवाज दबाई गई, मुझे रोका गया… फिर भी मैं पूरी निष्ठा से पार्टी के साथ खड़ा रहा। लेकिन जिस दिन मैं बाहर निकला और ‘नई RJD’ की हकीकत जनता के सामने रखी, उसी दिन इन्हें समझ आ गया कि उन्होंने क्या खो दिया।”

उन्होंने RJD की सीटों में लगातार गिरावट का जिक्र करते हुए कहा,“2015 में हमारे पास 80 सीटें थीं, 2020 में 75, और अब 25 पर सिमट गए। अगर यही राजनीति जारी रही तो 25 से 5 पर आने में भी देर नहीं लगेगी।”

तेजप्रताप ने बहन रोहिणी को लेकर कहा,“पहले मुझे निकाला, फिर देवी जैसी मेरी बहन रोहिणी को भी निकाल दिया। पूरा बिहार हंस रहा है कि जिसने कभी लोगों को हंसाया-रुलाया, वही परिवार आज मजाक बन गया है।”

उन्होंने दावा किया कि RJD की गिरती स्थिति में उनका अलग होना भी एक बड़ी वजह है।“ये तो सिर्फ 20 दिनों का असर है। अगर मैं पूरे बिहार में घूमता, तो ये चुनाव में 5 सीट से ज्यादा नहीं ला पाते। जहां हम 44 सीटों पर लड़े, वहां RJD को सिर्फ 5 सीटें मिलीं।”

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तेजप्रताप ने पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा,“RJD अब लालू जी की विचारधारा वाली पार्टी नहीं रही, बल्कि ‘जयचंदों’ के कब्जे में पहुंच गई है। जहां सिद्धांत की जगह चापलूसी हो और समर्पण की जगह षड्यंत्र… वहां सवाल भी बेमानी हो जाते हैं।”

पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा,“मुझे मेरे ही घर और मेरे ही लोगों ने दूर किया, लेकिन जनता ने जब मुझे सुना तो साफ हो गया— राजनीति कुर्सी की नहीं, चरित्र की होती है।”

रिटायर्ड जज–अफसरों सहित 272 हस्तियों का राहुल गांधी को खुला पत्र, चुनाव आयोग पर बयानबाज़ी पर कड़ी आपत्ति

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़ :- पूर्व जजों, पूर्व नौकरशाहों, सैन्य अधिकारियों और राजनयिकों समेत 272 वरिष्ठ हस्तियों ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को संबोधित करते हुए एक खुला पत्र जारी किया है। इस समूह ने राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों को “अनुचित” और “लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने वाला” बताया है। समूह में 16 सेवानिवृत्त जज, 123 पूर्व नौकरशाह, 133 रिटायर्ड सैन्य अधिकारी और 14 पूर्व राजदूत शामिल हैं।

पत्र में लिखा गया है कि भारत के लोकतंत्र पर सीधा हमला नहीं, बल्कि उसकी संस्थाओं पर “जहरीली बयानबाज़ी” के ज़रिये प्रहार किया जा रहा है। हस्ताक्षरकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक नेता नीतिगत विकल्प देने के बजाय उकसावे और बेबुनियाद दावों पर निर्भर होकर राजनीतिक माहौल गर्म कर रहे हैं।

समूह ने कहा कि पहले सशस्त्र बलों की उपलब्धियों पर सवाल उठाए गए, फिर न्यायपालिका और संसद को निशाना बनाया गया, और अब चुनाव आयोग की ईमानदारी पर संदेह जताया जा रहा है। पत्र के अनुसार, राहुल गांधी लगातार यह दावा कर रहे हैं कि उनके पास “वोट चोरी” में आयोग की संलिप्तता के सबूत मौजूद हैं, लेकिन अब तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई।

हस्तियों ने यह भी लिखा कि कांग्रेस और कुछ अन्य दलों के नेताओं, वामपंथी संगठनों और कुछ एक्टिविस्टों ने भी चुनाव आयोग पर आरोप लगाने की इस मुहिम में साथ दिया है।
पत्र में कहा गया कि आयोग ने मतदाता सूची सुधार (SIR) से जुड़ी प्रक्रिया सार्वजनिक की है, कोर्ट द्वारा तय दिशानिर्देशों के तहत निगरानी की है, अपात्र नाम हटाए हैं और नए पात्र मतदाताओं को जोड़ा है—इसलिए भ्रष्टाचार या पक्षपात के आरोप टिकते नहीं हैं।

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पत्र में कांग्रेस और विपक्षी नेताओं के रवैये को “लगातार चुनावी असफलताओं से उपजे गुस्से और हताशा” का परिणाम बताया गया। साथ ही कहा गया कि जब राजनीतिक दल जनता से दूर हो जाते हैं तो वे अपनी विश्वसनीयता बहाल करने के बजाय संस्थानों पर हमला करके ध्यान भटकाने की कोशिश करते हैं।
पत्र का आरोप है कि जिन राज्यों में विपक्ष सत्ता में आता है, वहां चुनाव आयोग पर उठाई गई आपत्तियाँ अचानक गायब हो जाती हैं, जबकि किसी राज्य में प्रतिकूल परिणाम आने पर आयोग को दोषी ठहराया जाने लगता है।

संजय यादव पर उठे सवाल, RJD मीटिंग में लगे ‘हरियाणा जाओ’ के नारे; तेजस्वी आए बचाव में

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राजनीतिक माहौल में सबसे ज्यादा चर्चा आरजेडी के अंदरूनी विवाद की है। पार्टी की हार के बाद तेजस्वी यादव के दो प्रमुख सलाहकार—संजय यादव और रमीज नेमत खान—एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गए हैं। तेजस्वी की बहन रोहिणी आचार्य समेत आरजेडी के कई नेताओं ने दोनों पर गहरी आपत्ति जताई है। आरोप है कि तेजस्वी यादव इन्हीं सलाहकारों की राय पर चलते हैं और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं व काडर की अनदेखी होती है।

सोमवार को पटना स्थित 1, पोलो रोड पर तेजस्वी यादव के आवास पर हार की समीक्षा और विधायक दल के नेता के चुनाव को लेकर बैठक बुलाई गई। बैठक शुरू होने से पहले ही कुछ कार्यकर्ताओं ने राज्यसभा सांसद संजय यादव के खिलाफ नारेबाजी की। परिसर में “संजय यादव हरियाणा जाओ” जैसे नारे गूँजते रहे।

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मीटिंग के दौरान जब यह मुद्दा उठा, तो तेजस्वी यादव अपने करीबी संजय यादव के बचाव में खुद खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि संजय यादव ने पार्टी के लिए कड़ी मेहनत की है और उनके योगदान को बाहर के लोग शायद समझ नहीं पाते। इस दौरान संजय यादव भी बैठक में मौजूद थे और सभी नेता शांत होकर सुनते रहे।

बैठक में एक और बड़ा घटनाक्रम तब हुआ जब तेजस्वी यादव भावुक हो गए और प्रस्ताव रखा कि यदि विधायक दल को लगता है कि कोई अन्य चेहरा पार्टी के लिए बेहतर है, तो उसे नेता चुना जाए। इसके बाद लालू यादव ने हस्तक्षेप करते हुए विधायकों से तेजस्वी को समझाने को कहा। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि परिवार के अंदर चल रहे विवाद को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।

गौरतलब है कि संजय यादव हरियाणा के और रमीज नेमत खान उत्तर प्रदेश के बलरामपुर के रहने वाले हैं। विरोधियों का आरोप है कि टिकट वितरण से लेकर संगठनात्मक फैसलों तक, तेजस्वी यादव इन्हीं दो सलाहकारों पर अधिक निर्भर रहते हैं। चुनाव परिणाम विपरीत आने के बाद दोनों सलाहकारों पर पार्टी के भीतर उंगलियां उठ रही हैं।

Aaj Ka Rashifal 19 November 2025: चार राशियों पर विशेष कृपा, जानें मेष से मीन तक आज का दिन

19 नवंबर 2025, बुधवार का दिन कई राशियों के लिए शुभ साबित होने वाला है। आज मार्गशीर्ष अमावस्या की तिथि प्रारंभ हो रही है, जो अगले दिन तक जारी रहेगी। इसीलिए दोनों दिन अमावस्या का महत्व माना जाएगा।

ग्रह स्थिति के अनुसार: गुरु कर्क राशि में,केतु सिंह राशि में,शुक्र और चंद्रमा तुला राशि में,सूर्य, बुध और मंगल वृश्चिक राशि में,राहु कुंभ में तथाशनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं।

चंद्रमा पूरे दिन-रात तुला राशि से भ्रमण करेगा। ग्रहों की इस चाल से जहां चार राशियों के प्रेम, धन और व्यापार में विशेष अनुकूलता दिख रही है, वहीं अन्य राशियों के लिए दिन सामान्य से अच्छा रहने वाला है। आइए जानते हैं, मेष से मीन तक आपका दिन कैसा रहेगा—

मेष राशि

आज का दिन उत्साहित और आनंदमय रहेगा। स्वास्थ्य थोड़ा सामान्य लेकिन नियंत्रित रहेगा। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में हल्की मध्यमता रहेगी, पर कोई बड़ी बाधा नहीं। नौकरी में स्थितियां मजबूत होंगी और प्रेमी युगलों की मुलाकात भी संभव है। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। काली माता का स्मरण शुभ है।

वृषभ राशि

शत्रुओं पर प्रभाव बढ़ेगा और वरिष्ठों का आशीर्वाद प्राप्त होगा। कुछ बाधाओं के बावजूद कार्य सिद्ध होंगे। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार अनुकूल हैं, हालांकि छोटी-मोटी दिक्कतें आ सकती हैं। सफेद वस्तु अपने पास रखें।

मिथुन राशि

मन प्रसन्न रहेगा। बस मानसिक चंचलता पर काबू रखें। बाकी स्वास्थ्य अच्छा है। प्रेम और संतान पक्ष अनुकूल, व्यापार भी लाभदायक रहेगा। हरी वस्तु साथ रखें।

कर्क राशि

भूमि, भवन या वाहन खरीदने के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य में सुधार रहेगा। प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति सकारात्मक है। दिन सुखद रहेगा। सफेद वस्तु का दान करना शुभ।

सिंह राशि

व्यापार में मजबूती आएगी। पराक्रम बढ़ेगा और भाग्य साथ देगा। स्वास्थ्य, प्रेम और संतान का पक्ष उत्तम। आज का दिन सिंह राशि वालों के लिए बेहद अनुकूल। पीली वस्तु रखें।

कन्या राशि

लिक्विड फंड में बढ़ोतरी होगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य थोड़ा सामान्य, लेकिन प्रेम और व्यापार अनुकूल। हरी वस्तु साथ रखने का परामर्श।

तुला राशि

आपका आकर्षक व्यक्तित्व आज सभी पर प्रभाव डालेगा। ज़रूरत की चीजें आसानी से मिलेंगी। स्वास्थ्य में सुधार रहेगा। प्रेम, संतान और व्यापार अच्छा। शनि देव को प्रणाम करें।

वृश्चिक राशि

फैशन और अन्य खर्चों में वृद्धि आपको विचलित कर सकती है, हालांकि व्यापारिक स्थिति अच्छी रहेगी। प्रेम और संतान पक्ष सामान्य रहेगा। पीली वस्तु रखना लाभकारी।

धनु राशि

यात्रा का योग बन रहा है। शुभ समाचार मिलने की संभावना है। अटका हुआ धन वापस मिल सकता है। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार सभी में सफलता के संकेत। काली माता को प्रणाम करें।

मकर राशि

व्यापारिक स्थिति मजबूत होगी। कोर्ट-कचहरी संबंधी मामलों में विजय प्राप्त हो सकती है। राजनीतिक क्षेत्र में लाभ भी संभव। स्वास्थ्य, प्रेम और संतान पक्ष अच्छा। सफेद वस्तु साथ रखें।

कुंभ राशि

भाग्य का विशेष साथ मिलेगा और अटके हुए काम पूरे होंगे। स्वास्थ्य में सुधार दिखेगा। प्रेम और व्यापार की स्थिति उत्तम। हरी वस्तु अपने पास रखें।

मीन राशि

दिन थोड़ा सावधानी से बिताएं। परिस्थितियाँ प्रतिकूल हो सकती हैं, इसलिए कोई जोखिम न लें। स्वास्थ्य, प्रेम और संतान पक्ष मध्यम रहेगा, जबकि व्यापार सामान्य से अच्छा है। काली माता की आराधना शुभ।

दिल्ली ब्लास्ट के आरोपी उमर का कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने किया बचाव, कहा-“भटका हुआ युवक”; सरकार पर भी साधा निशाना

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- दिल्ली के लाल किले के पास हुए आत्मघाती हमले को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ती जा रही है। सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने हमले के आरोपी डॉ. उमर मोहम्मद नबी के संदर्भ में बयान देते हुए उसे “रास्ते से भटका हुआ युवक” बताया। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों- विशेषकर अल-फलाह यूनिवर्सिटी—को निशाना बना रही है।

सांसद के इस बयान के बाद सियासी टकराव तेज हो गया है और सोशल मीडिया पर उनकी कड़ी आलोचना हो रही है। भाजपा ने मसूद के बयान को “आतंकवाद को बचाने वाला” करार दिया।

उमर के नए वीडियो पर मसूद की प्रतिक्रिया

हमलावर उमर मोहम्मद नबी का एक नया वीडियो मंगलवार को सामने आया, जिसमें उसने आत्मघाती हमले को “जायज” बताने की कोशिश की।
इमरान मसूद ने इस वीडियो की निंदा करते हुए कहा “वीडियो में कही गई बातें गलत हैं। इस्लाम में खुदकुशी हराम है। मासूम लोगों की जान लेना इस्लाम नहीं सिखाता। ऐसे लोग भटके हुए हैं और इनसे इस्लाम की तस्वीर पेश नहीं होती।”

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मसूद ने यह भी कहा कि इस घटना का धर्म से कोई संबंध नहीं है और ऐसे लोग इस्लाम को बदनाम करते हैं।

“अल्पसंख्यक संस्थानों को निशाना बनाया जा रहा”-इमरान मसूद का आरोप

सांसद ने केंद्र सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि वह अल-फलाह यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों को व्यवस्थित रूप से कमजोर करने की कोशिश कर रही है
उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय को परेशान किया जा रहा है और शैक्षणिक संस्थानों को गलत तरीके से टारगेट किया जा रहा है।

दिल्ली ब्लास्ट: अब तक 15 लोगों की मौत

राष्ट्रीय राजधानी में पिछले सप्ताह हुए विस्फोट में मरने वालों की संख्या 15 हो चुकी है। घटना की जांच NIA कर रही है।
एजेंसी ने मंगलवार को इस मामले में एक और नाम—जसीर बिलाल—को “सक्रिय सह-साजिशकर्ता” बताते हुए अदालत में पेश किया।

एनआईए के अनुसार: आरोपी जसीर बिलाल (अनंतनाग निवासी) को श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। वह कथित तौर पर ड्रोन मोडिफिकेशन और रॉकेट बनाने की तकनीक से हमलावर उमर को मदद कर रहा था। उसे दिल्ली की जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चांदना की अदालत में पेश किया गया।  एजेंसी उसकी हिरासत बढ़ाने की मांग कर सकती है।

योगी सरकार के मंत्री रघुराज सिंह का विवादित बयान-कहा, “पढ़ा-लिखा मुसलमान बड़ा आतंकवादी”

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रघुराज सिंह एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। अलीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने मुसलमान समुदाय, मदरसों और मस्जिदों को लेकर तीखी टिप्पणियाँ कीं, जिन पर राजनीतिक बवाल मचना तय माना जा रहा है।

मंत्री रघुराज सिंह ने दावा किया कि “आज तक जितने भी आतंकी पकड़े गए हैं, वे मस्जिद या मदरसों से जुड़े रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “जो मुसलमान जितना पढ़ा-लिखा होता है, वह उतना ही बड़ा आतंकवादी बन जाता है।” उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए उसे “आतंकवादियों का अड्डा” बताया।

“मस्जिद और मदरसे बंद होने चाहिए”—मंत्री का दावा

दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े एक सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए रघुराज सिंह ने कहा कि दिल्ली हमले पर किसी मुस्लिम धार्मिक नेता ने निंदा नहीं की, जिससे उनकी “मंशा साफ होती है।”
उन्होंने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा: “मदरसों और मस्जिदों को बंद कर देना चाहिए ताकि आतंकवाद की जड़ काटी जा सके।”

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उन्होंने ओसामा बिन लादेन का उदाहरण देते हुए कहा कि वह “उच्च शिक्षित” था और “चाहे जितनी पढ़ाई कर लो, इनसे खतरा बढ़ता है।”

एएमयू की जांच की मांग

राज्यमंत्री ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को लेकर भी विवादित आरोप लगाए। उन्होंने कहा: “AMU की जांच होनी चाहिए। यहां से भी बुरहान वानी जैसे लोग निकले हैं।” उन्होंने अल्पसंख्यक संस्थानों को लेकर भी कई तीखे बयान दिए, जिन्हें विपक्षी दल कड़ी प्रतिक्रिया के साथ चुनौती दे सकते हैं।

न्यूयॉर्क के मेयर पर भी निशाना

रघुराज सिंह ने न्यूयॉर्क के नए मेयर ज़ोहरान ममदानी पर “धर्म परिवर्तन कराने” का आरोप लगाया। हालांकि ये दावे किसी आधिकारिक स्रोत से पुष्ट नहीं हैं। ममदानी मशहूर फिल्म निर्देशक मीरा नायर और शिक्षाविद महमूद ममदानी के पुत्र हैं।

फारूक अब्दुल्ला पर अत्यंत गंभीर टिप्पणी

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को लेकर भी उन्होंने कठोर बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अब्दुल्ला ने “आतंकवाद को बढ़ावा दिया” और कहा कि:“अगर कानून सख्त होता, तो फारूक अब्दुल्ला को फांसी होनी चाहिए।” यह बयान भी व्यापक विवाद और राजनीतिक प्रतिक्रिया को जन्म दे सकता है।

डिस्क्लेमर-

यह रिपोर्ट केवल मंत्री द्वारा दिए गए बयानों का कवरेज है।इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं है, और इनमें कई गंभीर आरोप शामिल हैं। सभी बयान मंत्री के व्यक्तिगत विचार हैं, जिनकी जिम्मेदारी उन्हीं की है।

राम मंदिर ध्वजारोहण का निमंत्रण पाकर बोले इकबाल अंसारी-“यह अयोध्या का सौभाग्य है”

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अयोध्या में 25 नवंबर को होने वाले राम मंदिर के शिखर ध्वजारोहण समारोह की तैयारियाँ जोरों पर हैं। इस विशेष आयोजन के लिए बाबरी मस्जिद मामले के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी को भी औपचारिक निमंत्रण भेजा गया है। उन्हें कार्यक्रम से जुड़ा आधिकारिक संदेश मोबाइल पर प्राप्त हुआ है। इससे पहले भी प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दौरान अंसारी को बुलावा दिया गया था।

राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से भेजे गए निमंत्रण पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इकबाल अंसारी ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि “यह अयोध्या के लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है। प्रधानमंत्री जी का आगमन होने जा रहा है। यह नगरी धर्म की नगरी है और भगवान राम का भव्य मंदिर तैयार हो चुका है। हम सभी इस पल को लेकर उत्साहित हैं और ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होकर प्रसन्नता होगी।”

“ध्वजारोहण में शामिल होने की इच्छा है”—इकबाल अंसारी

एक निजी चैनल से बातचीत में अंसारी ने बताया कि इस भव्य कार्यक्रम में देश–विदेश से लोग पहुंचेंगे, और ऐसा होना स्वाभाविक भी है क्योंकि भगवान राम के प्रति हर किसी की आस्था जुड़ी है। उन्होंने कहा,“हमको भी निमंत्रण मिला है और हम बेहद खुश हैं। यदि संभव हो, तो हम भी ध्वजारोहण के इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनना चाहेंगे।”

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बताया जा रहा है कि इस आयोजन के लिए लगभग छह हजार लोगों को औपचारिक निमंत्रण भेजा गया है।

राम मंदिर निर्माण अंतिम चरण में, परिसर में तेजी से काम जारी

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण कार्य अब समापन के करीब है। परिसर में पत्थरों की सफाई और घिसाई का काम तेज रफ्तार से चल रहा है। जगह-जगह 3D म्यूरल्स को स्थापित किया जा रहा है। मजदूरों की मशीनों से उठ रही आवाज़ों के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, जिनमें से कई लोग धूल-गुबार से बचने के लिए नाक पर रुमाल बांधे दिखाई दे रहे हैं।

ध्वजारोहण समारोह के लिए सुरक्षा होगी चाक-चौबंद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई देशों की महत्त्वपूर्ण हस्तियों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियाँ पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। प्रशासन ने बताया कि मंदिर क्षेत्र से लेकर महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक व्यापक सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया गया है।

एयरपोर्ट सुरक्षा को ‘अभेद्य’ बनाने की तैयारी

प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए एयरपोर्ट परिसर में तैनात सभी कर्मचारियों का सत्यापन अनिवार्य किया गया है। राजनीतिक और फिल्मी जगत की कई हस्तियाँ निजी विमानों से पहुंच सकती हैं, इसलिए एयरपोर्ट पर वीआईपी मूवमेंट बढ़ने की पूरी संभावना है।

इसके मद्देनज़र—आसपास के सभी होटल, होमस्टे और गेस्ट हाउसों की जांच, 24–25 नवंबर के बीच आने वाले सभी मेहमानों का वेरिफिकेशन, किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था की गई है। एनएसजी, सीआरपीएफ, एसपीजी, आईबी और स्थानीय पुलिस मिलकर सुरक्षा प्रबंधन संभाल रही हैं।

मीटिंग में भावुक हुए तेजस्वी यादव, बोले– मेरी जगह किसी और को चुन लीजिए

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद आरजेडी एक बार फिर आत्ममंथन के दौर से गुजर रही है। भले ही तेजस्वी यादव को दोबारा विधायक दल का नेता चुन लिया गया हो, लेकिन पार्टी के भीतर असंतोष की स्थिति बरकरार है। सोमवार को हुई विधायक दल की बैठक में माहौल उस समय भावुक हो गया जब तेजस्वी यादव ने नेतृत्व को लेकर खुद ही सवाल खड़ा कर दिया।

बैठक में तेजस्वी ने कहा कि यदि विधायकों को लगता है कि संगठन को आगे बढ़ाने के लिए किसी नए चेहरे की जरूरत है, तो वे नेतृत्व छोड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, “अगर आप लोगों को लगता है कि मेरी जगह कोई और बेहतर तरीके से पार्टी को संभाल सकता है, तो आप उसे अपना नेता चुन सकते हैं।”

टिकट बंटवारे और हार के आरोपों से आहत तेजस्वी

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक में मौजूद एक विधायक ने बताया कि तेजस्वी टिकट वितरण और चुनावी नतीजों को लेकर लगाए जा रहे आरोपों से काफी दुखी नजर आए। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि वे परिवार और राजनीति—दोनों के बीच उलझे हुए हैं।

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तेजस्वी ने कहा, “आखिर मैं क्या करूं? परिवार को देखूं या पार्टी को?” हाल ही में बहन रोहिणी आचार्य द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद तेजस्वी पर पारिवारिक दबाव भी बढ़ा हुआ है। हालांकि इस मुद्दे पर उन्होंने अब तक सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है।

सलाहकारों पर भी उठे सवाल

पार्टी के कुछ नेताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि तेजस्वी अपने सलाहकारों—संजय यादव और रमीज नेमत खान—की सलाह पर अधिक निर्भर हो गए हैं और कार्यकर्ताओं से दूरी बढ़ती जा रही है। बताया जा रहा है कि इन मुद्दों ने बैठक का माहौल और भी तनावपूर्ण कर दिया।

“मैं मरने के लिए तैयार हूं”-अकेलेपन से जूझ रहे युवराज सिंह के पिता योगराज बोले-पूर्व क्रिकेटर का भावुक खुलासा

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न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह के पिता और पूर्व भारतीय क्रिकेटर व अभिनेता योगराज सिंह अपने निजी जीवन में गहरे अकेलेपन का सामना कर रहे हैं। हाल ही में विंटेज स्टूडियो को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने पहली बार खुलकर अपने मन की बात बताई और बताया कि कैसे वह अपने होम टाउन में अकेले रहते हुए मानसिक रूप से कठिन दौर से गुजर रहे हैं।

62 वर्षीय योगराज सिंह ने कहा, “मैं शाम को अकेला बैठा रहता हूं, घर पर कोई नहीं होता। खाने के लिए मुझे अजनबियों पर निर्भर रहना पड़ता है। कभी कोई एक, कभी दूसरा खाना दे जाता है। मैं किसी को परेशान नहीं करना चाहता। अगर भूख लगती है तो कोई न कोई मेरे लिए खाना ले आता है।”

योगराज ने बताया कि उनके घर पर नौकर और रसोइये हैं, लेकिन वे सिर्फ खाना परोसकर चले जाते हैं। इसके बावजूद वे खुद को अकेला महसूस करते हैं।

उन्होंने आगे कहा,“मैं अपने बच्चों, बहू, नाती-पोतों और पूरे परिवार से बहुत प्यार करता हूं, लेकिन मैं उनसे कुछ नहीं मांगता। मैं मरने के लिए तैयार हूं। मेरा जीवन पूरा हो चुका है। भगवान जब चाहें, मुझे अपने साथ ले जा सकते हैं। मैं हमेशा भगवान का आभारी रहा हूं।”

जटिल रहा है योगराज का निजी जीवन

योगराज सिंह का निजी जीवन उनके क्रिकेट करियर की तरह उतार-चढ़ाव भरा रहा है। उनकी पहली पत्नी शबनम कौर से उन्हें दो बेटे—युवराज और जोरावर—हुए। वैवाहिक तनाव बढ़ने के बाद दोनों का रिश्ता टूट गया। युवराज सिंह ने भी कई मौकों पर बताया था कि उन्होंने तलाक का सुझाव इसलिए दिया क्योंकि उनके माता-पिता “हमेशा झगड़ते रहते थे”।

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बाद में योगराज ने नीना बुंदेल (सतबीर कौर) से दूसरी शादी की, जिनसे उन्हें एक बेटा विक्टर और एक बेटी अमरजोत हैं। योगराज बताते हैं कि उनके जीवन का सबसे बड़ा झटका तब लगा जब शबनम और युवराज उनका घर छोड़कर चले गए।

“मैं निर्दोष हूं” — योगराज का भावुक बयान

योगराज सिंह ने इंटरव्यू में यह भी कहा: “जब युवी और उसकी मां मुझे छोड़कर चले गए, तब मैं टूट गया था। जिस औरत के लिए मैंने अपनी पूरी जिंदगी दे दी, वह मुझे ऐसे कैसे छोड़कर चली गई? बहुत कुछ बर्बाद हो गया। मैंने भगवान से पूछा कि मैंने किसी का क्या बिगाड़ा? हो सकता है कि मुझसे कुछ गलतियां हुई हों, लेकिन मैं दिल से निर्दोष हूं।”

योगराज ने कहा कि वह इस दर्दनाक दौर से निकलने के लिए भगवान से प्रार्थना करते रहे और उन्हें भरोसा है कि ईश्वर ने हमेशा उन्हें संभाला है।