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बिहार मंत्रिमंडल में विभागों का बंटवारा: सम्राट चौधरी बने गृह मंत्री, किस पार्टी को कौन-सा मंत्रालय मिला?

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी नई कैबिनेट में शामिल 26 मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन कर दिया है। सबसे बड़ा फैसला बीजेपी के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को गृह मंत्रालय सौंपने का रहा। पिछले दो दशकों में यह पहली बार है जब नीतीश कुमार ने गृह विभाग किसी और नेता को दिया है। इस नियुक्ति के बाद सम्राट चौधरी को बिहार बीजेपी का सबसे प्रभावशाली चेहरा माना जा रहा है।

बीजेपी के ही दूसरे डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा को भूमि एवं राजस्व विभाग के साथ खान एवं भूतत्व विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल को उद्योग मंत्रालय मिला है। कई वरिष्ठ मंत्रियों को पुराने ही विभाग बरकरार रखे गए हैं, जिनमें ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र यादव, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, पथ निर्माण मंत्री नितिन नबीन, ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी और खाद्य एवं उपभोक्ता मंत्री लेशी सिंह शामिल हैं।

नए मंत्रियों में रामकृपाल यादव को कृषि, श्रेयसी सिंह को खेल व सूचना प्रौद्योगिकी, संजय सिंह टाइगर को श्रम संसाधन, संजय पासवान को गन्ना उद्योग, संजय कुमार सिंह को पीएचईडी, लखेंद्र रौशन को एससी-एसटी कल्याण, रमा निषाद को पिछड़ा-अतिपिछड़ा कल्याण और दीपक प्रकाश को पंचायती राज विभाग दिया गया है।

नीतीश कैबिनेट: मंत्रियों और उनके विभागों की पूरी सूची

नाम पद पार्टी विभाग 01 विभाग 02
नीतीश कुमार मुख्यमंत्री जेडीयू
सम्राट चौधरी डिप्टी सीएम बीजेपी गृह
विजय कुमार सिन्हा डिप्टी सीएम बीजेपी भूमि, राजस्व खान, भूतत्व
विजय कुमार चौधरी मंत्री जेडीयू जल संसाधन भवन निर्माण
बिजेंद्र प्रसाद यादव मंत्री जेडीयू ऊर्जा
श्रवण कुमार मंत्री जेडीयू ग्रामीण विकास
मंगल पांडेय मंत्री बीजेपी स्वास्थ्य कानून
दिलीप जायसवाल मंत्री बीजेपी उद्योग
अशोक चौधरी मंत्री जेडीयू ग्रामीण कार्य
लेशी सिंह मंत्री जेडीयू खाद्य, उपभोक्ता
मदन साहनी मंत्री जेडीयू समाज कल्याण
नितिन नबीन मंत्री बीजेपी पथ निर्माण नगर विकास
रामकृपाल यादव मंत्री बीजेपी कृषि
संतोष सुमन मंत्री हम लघु जल संसाधन
सुनील कुमार मंत्री जेडीयू शिक्षा
जमा खान मंत्री जेडीयू अल्पसंख्यक कल्याण
संजय सिंह टाइगर मंत्री बीजेपी श्रम संसाधन
अरुण शंकर प्रसाद मंत्री बीजेपी पर्यटन कला, संस्कृति, युवा
सुरेंद्र मेहता मंत्री बीजेपी पशु एवं मत्स्य संसाधन
नारायण प्रसाद मंत्री बीजेपी आपदा प्रबंधन
रमा निषाद मंत्री बीजेपी पिछड़ा कल्याण
लखेंद्र कुमार रौशन मंत्री बीजेपी एससी-एसटी कल्याण
श्रेयसी सिंह मंत्री बीजेपी खेल आईटी
प्रमोद कुमार मंत्री बीजेपी सहकारिता
संजय पासवान मंत्री लोजपा गन्ना उद्योग
संजय कुमार सिंह मंत्री लोजपा पीएचईडी
दीपक प्रकाश मंत्री रालोमो पंचायती राज

गुरुवार को मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान शपथ लेने वाले 26 मंत्रियों में मुख्यमंत्री सहित बीजेपी के 14, जेडीयू के 9, लोजपा-आर के 2, और हम व रालोमो के 1-1 मंत्री शामिल थे। हालिया विधानसभा चुनाव में एनडीए ने 243 में से 202 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया, जबकि महागठबंधन सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया।

एक साल में ग्रेच्युटी, दोगुना ओवरटाइम पे; नए लेबर कोड से कर्मचारियों को बड़े फायदे

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- केंद्र सरकार ने देश के श्रम कानूनों में व्यापक बदलाव करते हुए शुक्रवार को चार नई लेबर कोड (श्रम संहिताएँ) जारी कर दी हैं। इनमें मजदूरी संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा कार्य परिस्थितियाँ संहिता 2020 शामिल हैं। इन सुधारों से कर्मचारियों को कई नई सुविधाएँ और कानूनी सुरक्षा मिलेंगी। आइए जानते हैं प्रमुख प्रावधान क्या हैं और इनका कर्मचारियों पर क्या असर पड़ेगा—

मजदूरी संहिता 2019

  • यह संहिता संगठित-असंगठित सभी तरह के कामगारों के लिए न्यूनतम वेतन का अधिकार सुनिश्चित करती है। पहले न्यूनतम वेतन केवल चुनिंदा रोजगारों तक सीमित था, जिससे केवल 30% श्रमिक ही इसके दायरे में आते थे।
  • केंद्र सरकार फ्लोर वेज तय करेगी, और कोई भी राज्य इससे कम न्यूनतम वेतन घोषित नहीं कर सकेगा।
  • समान काम के लिए भर्ती, वेतन और नौकरी की शर्तों में लिंग के आधार पर भेदभाव, जिसमें ट्रांसजेंडर शामिल हैं, प्रतिबंधित होगा।
  • वेतन भुगतान समय पर सुनिश्चित करने और अनावश्यक कटौती रोकने के प्रावधान अब सभी कर्मचारियों पर लागू होंगे।
  • अतिरिक्त काम (ओवरटाइम) कराने पर नियोक्ता को न्यूनतम दो गुना मजदूरी देना अनिवार्य होगा।

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औद्योगिक संबंध संहिता 2020

  • निश्चित अवधि (फिक्स्ड टर्म) पर काम करने वाले कर्मचारियों को अब एक वर्ष नौकरी के बाद ही ग्रेच्युटी का हक मिल जाएगा, जबकि पहले यह अवधि पाँच वर्ष थी।
  • छंटनी किए गए कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण व पुनर्वास हेतु एक नया फंड तैयार किया जाएगा और यह राशि 45 दिनों के भीतर कर्मचारी खाते में भेजी जाएगी।
  • सर्विस सेक्टर में नियोक्ता और कर्मचारी की सहमति से वर्क फ्रॉम होम का प्रावधान भी शामिल किया गया है।

सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020

  • ईएसआईसी की सुविधा अब पूरे देश में उपलब्ध होगी। 10 से कम स्टाफ वाले संस्थान भी नियोक्ता-कर्मचारी की सहमति से इसमें शामिल हो सकते हैं।
  • खतरनाक काम करने वाले प्रतिष्ठानों के लिए ईएसआईसी कवरेज अनिवार्य होगा और इसका विस्तार बागान श्रमिकों तक किया गया है।
  • ईपीएफ से संबंधित जांच शुरू करने की समय-सीमा 5 वर्ष तय कर दी गई है जिसे 2 साल में पूरा करना होगा।
  • ईपीएफओ के आदेश पर अपील करने वाले नियोक्ताओं को अब आकलन राशि का केवल 25% जमा करना होगा।
  • असंगठित, गिग और प्लेटफॉर्म कर्मचारियों के लिए जीवन बीमा, स्वास्थ्य सुविधा, विकलांगता और पेंशन जैसी योजनाओं हेतु एक विशेष फंड का प्रस्ताव है।
  • महिला कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवरेज बढ़ाकर इसमें ससुर-सास और अन्य आश्रित परिवारजन भी शामिल किए जाएंगे।
  • घर और कार्यस्थल के बीच आने-जाने के दौरान हुई दुर्घटनाएँ अब काम से जुड़ी दुर्घटना मानी जाएंगी और मुआवजा उपलब्ध होगा।

व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य शर्तें संहिता 2020

  • सरकार खतरनाक या जोखिमपूर्ण काम करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान पर—चाहे उसमें एक ही कर्मचारी क्यों न हो—यह संहिता लागू कर सकती है।
  • उद्योगों के लिए एक लाइसेंस, एक रजिस्ट्रेशन और एक रिटर्न की व्यवस्था की गई है ताकि कागजी कार्रवाई और अनुपालन का बोझ कम हो।
  • प्रवासी श्रमिकों की परिभाषा का विस्तार करते हुए अब उन कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है जो स्वयं ही काम की तलाश में दूसरे राज्यों में जाते हैं।
  • सभी कर्मचारियों को निःशुल्क वार्षिक स्वास्थ्य जांच देने का प्रावधान है।
  • महिलाएँ अब सभी प्रतिष्ठानों में और रात की पाली (सुबह 6 से पहले व शाम 7 के बाद) में भी काम कर सकेंगी, बशर्ते सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएँ।
  • सामान्य काम के घंटे 8 घंटे प्रतिदिन और 48 घंटे प्रति सप्ताह तय किए गए हैं।
  • ओवरटाइम केवल कर्मचारी की सहमति से होगा और इसके लिए दोगुनी मजदूरी दी जाएगी।

दुबई एयर शो के दौरान तेजस विमान क्रैश, जमीन पर गिरते ही बना आग का भीषण गोला

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- दुबई एयर शो में शुक्रवार दोपहर एक गंभीर हादसा हो गया, जब उड़ान प्रदर्शन के दौरान भारत का स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान के जमीन से टकराते ही जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ऊपर काले धुएं का विशाल गुबार छा गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा स्थानीय समयानुसार करीब 2:10 बजे हुआ। बता दें कि तेजस, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा विकसित एक उन्नत लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है, जो एयर शो में प्रदर्शन के लिए शामिल हुआ था।

पायलट की स्थिति पर संशय बरकरार

दुर्घटना के बाद अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पायलट ने समय रहते इजेक्ट किया या नहीं। भारतीय वायुसेना (IAF) की ओर से भी फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
दुबई एयर शो दुनिया के सबसे बड़े एविएशन प्रदर्शनों में से एक है, जहां इस सप्ताह अरबों डॉलर के कई विमान सौदे हुए हैं।

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यह घटना तेजस से जुड़े हाल के वर्षों में दूसरी दुर्घटना है। इससे पहले मार्च 2024 में राजस्थान के जैसलमेर में तेजस विमान क्रैश हुआ था। उस हादसे में पायलट सुरक्षित बाहर निकल आया था।

तेजस की मुख्य विशेषताएं और सुरक्षा फीचर

तेजस एक 4.5-जनरेशन मल्टी-रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है, जिसे एयर-डिफेंस, ग्राउंड अटैक और क्लोज-कॉम्बैट मिशनों के लिए तैयार किया गया है। यह अपने हल्के वजन और कॉम्पैक्ट डिजाइन के कारण लो-लेवल और हाई-एजिलिटी उड़ानों में बेहद सक्षम माना जाता है।

विमान की सबसे उन्नत सुविधाओं में से एक है Martin-Baker Zero-Zero Ejection Seat, जो पायलट को जीरो स्पीड और जीरो ऊंचाई पर भी सुरक्षित इजेक्ट होने की क्षमता देता है—टेकऑफ, लैंडिंग या कम ऊंचाई वाले मिशनों के दौरान यह फीचर जीवनरक्षक साबित होता है।

SIR जांच में बड़ा खुलासा: वोटर लिस्ट के पुनः निरीक्षण में मिले कई फर्जी वोट, मेरठ में मचा हड़कंप

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मेरठ में वोटर लिस्ट के पुनः निरीक्षण (SIR) के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि राकेश नाम के व्यक्ति के नाम पर 36 वोट, जबकि गोपाल नाम के व्यक्ति के नाम पर 33 वोट दर्ज पाए गए।
यह खुलासा चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।

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सूत्रों के अनुसार, सिर्फ मेरठ ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों में भी इसी तरह की गड़बड़ियों की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि मतदाता सूची में फर्जी या डुप्लीकेट वोट बड़ी संख्या में दर्ज हो सकते हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला अधिकारी (DM) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए SDM को विस्तृत जांच का आदेश दे दिया है। यह पूरा मामला मेरठ दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां मतदाता सूची में बड़े स्तर पर अनियमितता के संकेत मिल रहे हैं।

चुनाव में कैश बांटना वेलफेयर नहीं: भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी का बड़ा बयान

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने चुनाव के दौरान कैश वितरण को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि देश में सच्चा वेलफेयर तभी संभव है, जब सभी राज्यों का विकास समान रूप से हो। दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए जोशी ने कहा कि “चुनाव से पहले पैसा बांटना कल्याणकारी योजना नहीं माना जा सकता।”

जोशी ने कहा कि संविधान की भावना तभी पूरी होगी जब सभी राज्यों के बीच आर्थिक और विकासात्मक अंतर कम किए जाएं। उन्होंने सुझाव दिया कि छोटे राज्यों का गठन, समान आबादी और उसके अनुरूप लोकसभा–विधानसभा सीटों का निर्धारण इस दिशा में उपयोगी कदम हो सकता है।

यह कार्यक्रम पूर्व चुनाव आयुक्त और पूर्व लॉ सेक्रेटरी जी. कृष्णमूर्ति के 91वें जन्मदिन के अवसर पर आयोजित किया गया था। जोशी ने कहा कि भले ही हर नागरिक के पास समान मतदान अधिकार है, लेकिन आर्थिक असमानताओं के चलते कर्नाटक, महाराष्ट्र, बिहार तथा पूर्वोत्तर राज्यों के लोग विभिन्न परिस्थितियों में वोट डालते हैं।

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उन्होंने कहा कि संविधान हमें राजनीतिक और आर्थिक न्याय दोनों का अधिकार देता है, लेकिन वोट का अधिकार तभी सार्थक हो सकता है जब देश में आर्थिक न्याय सुनिश्चित हो।
जोशी ने डॉ. भीमराव आंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि समान विकास के बिना आर्थिक और राजनीतिक अधिकार बराबर नहीं हो सकते।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विकास में असमानता बनी रही तो अन्य संवैधानिक अधिकार भी प्रभावित होंगे।
जोशी के मुताबिक, “वेलफेयर का मतलब चुनाव से पहले कैश बांटना नहीं होना चाहिए। लोग इसे वोट खरीदने की कोशिश मानते हैं।”

यह टिप्पणी उस समय आई है जब बिहार चुनाव से पहले नीतीश कुमार सरकार की ओर से महिलाओं के लिए 10,000 रुपये की कैश सहायता योजना पर चर्चा जारी है। कई अन्य राज्यों में भी चुनाव से पहले महिलाओं को कैश इंसेंटिव देने की योजनाएं सामने आई थीं।

BJP अध्यक्ष पद की दौड़ में इस नेता का नाम सबसे आगे, बिहार चुनाव से जुड़ा बड़ा कनेक्शन

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  भारतीय जनता पार्टी (BJP) में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन को लेकर मंथन तेज हो गया है, हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस रेस में सबसे आगे निकलते दिख रहे हैं। उनके पक्ष में सबसे बड़ा कारक माना जा रहा है—बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा का प्रभावशाली प्रदर्शन, जहां प्रधान को चुनाव प्रभारी बनाया गया था।

बिहार ने बढ़ाई दावेदारी

द टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के अनुसार, संगठन के भीतर माना जा रहा है कि बिहार में मिली जीत ने भाजपा और आरएसएस के बीच अध्यक्ष पद को लेकर जारी गतिरोध को कम किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि धर्मेंद्र प्रधान की संगठनात्मक क्षमता, चुनाव प्रबंधन और बागी नेताओं को मनाकर एकजुट करने की योग्यता ने उन्हें मजबूत स्थिति में ला दिया है।
सूत्र बताते हैं कि प्रधान पूरे चुनाव अभियान के दौरान लंबे समय तक बिहार में सक्रिय रहे और उन्होंने कैडर को संगठित करने में अहम भूमिका निभाई।

मोदी–शाह की जोड़ी को भी मिली मजबूती

सूत्रों का कहना है कि हरियाणा, महाराष्ट्र और बिहार में भाजपा की सफलता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की जोड़ी को फिर से मजबूत किया है, जिसे लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन के बाद झटका लगा था।
एक केंद्रीय मंत्री ने अखबार से बातचीत में कहा,“मोदी जी अब आरएसएस को यह समझाने में सफल हो सकते हैं कि भाजपा अध्यक्ष वही हो जो उनकी पसंद हो।”

भूपेंद्र यादव का नाम भी आया था आगे

जुलाई में यह चर्चा थी कि केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव भी अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जब भाजपा ने यादव और प्रधान दोनों के नाम आगे बढ़ाए, तो आरएसएस ने निर्णय से पहले और विचार-विमर्श की आवश्यकता जताई थी।

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धर्मेंद्र प्रधान का एक और बड़ा राजनीतिक योगदान यह माना जाता है कि उन्होंने ओडिशा विधानसभा चुनाव में भाजपा को बीजू जनता दल (BJD) से अलग होकर चुनाव लड़ने के लिए मनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसके बाद भाजपा राज्य में सत्ता के करीब पहुंच सकी।

अध्यक्ष उत्तर भारत से होने की संभावना

एक भाजपा नेता ने बताया कि पहले संकेत मिल रहे थे कि पार्टी अध्यक्ष दक्षिण भारत से हो सकता है, लेकिन उप-राष्ट्रपति पद के लिए सी.पी. राधाकृष्णन के चयन के बाद अब माना जा रहा है कि पार्टी प्रमुख उत्तर भारत से ही होगा।

वर्तमान अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का कार्यकाल जनवरी 2023 में समाप्त हो चुका था, लेकिन लोकसभा चुनाव की वजह से उन्हें विस्तार दिया गया था।

Aaj Ka Rashifal 21 November 2025: कुछ राशियों के लिए दिन चुनौतीपूर्ण, जानें सभी 12 राशियों का हाल

Aaj Ka Rashifal 21 November 2025:- आज का दिन मिश्रित परिणाम लेकर आया है। जहां कुछ लोगों को नए अवसर मिलेंगे, वहीं कुछ राशियों के लिए ग्रहों की स्थिति थोड़ी प्रतिकूल बनी हुई है। करियर, रिश्तों और स्वास्थ्य के मामलों में सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। वर्तमान ग्रह-गोचर के अनुसार गुरु कर्क, केतु सिंह, शुक्र और चंद्रमा तुला, राहु कुंभ और शनि मीन राशि में स्थित हैं। शुक्रवार का यह दिन किन राशियों के लिए शुभ और किनके लिए सावधान रहने वाला रह सकता है—आइए जानते हैं।

मेष राशि

आज मेष जातकों के लिए परिस्थितियां अनुकूल नहीं हैं। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। प्रेम और संतान से जुड़ी स्थितियां सामान्य रहेंगी, जबकि व्यवसाय में स्थिति ठीक-ठाक बनी रहेगी। सूर्य को अर्घ्य देना और लाल वस्तु अपने पास रखना शुभ माना गया है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों को नौकरी और वैवाहिक जीवन में जोखिम भरे कदम उठाने से बचना चाहिए। स्वास्थ्य और जीवनसाथी दोनों पर ध्यान देने की जरूरत है। प्रेम और संतान पक्ष में स्थिति संतोषजनक रहेगी। व्यापार सामान्य गति से चलेगा। हरी वस्तु साथ रखें।

मिथुन राशि

आज मिथुन जातकों का प्रभाव शत्रुओं पर बना रहेगा, हालांकि विरोधियों की संख्या बढ़ सकती है। प्रेम और संतान का सहयोग मिलेगा। व्यवसायिक स्थिति भी बेहतर रहेगी। काली मां की उपासना लाभकारी होगी।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों को बच्चों की सेहत को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। प्रेम संबंधों में अनबन से बचें और किसी भी बड़े निर्णय को फिलहाल टाल दें। स्वास्थ्य और संतान पक्ष मध्यम रहेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाल वस्तु रखें।

सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों के लिए घरेलू वातावरण में बाधाएं आ सकती हैं। घर-परिवार से जुड़े मामलों को शांतिपूर्वक सुलझाएं। प्रेम और संतान का सहयोग मिलेगा। व्यापार सामान्य रहेगा। पीली वस्तु अपने पास रखें।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों को नाक, कान या गले से जुड़ी दिक्कत हो सकती है। कामकाज मध्यम रहेगा। खुद और परिवार के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। प्रेम और संतान के मामले अनुकूल रहेंगे। नीली वस्तु रखना शुभ है।

तुला राशि

तुला राशि वालों को आज किसी भी तरह के सट्टा, जुआ या लॉटरी से दूर रहना चाहिए। परिवार में वाद-विवाद की संभावना है, इसलिए बोलते समय संयम रखें। प्रेम और संतान का सहयोग रहेगा। कारोबार सामान्य रहेगा। शनिदेव को प्रणाम लाभदायक है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक जातकों की ऊर्जा में कमी महसूस हो सकती है। प्रेम और संतान की स्थिति मध्यम रहेगी, जबकि व्यापार अच्छा चलने की संभावना है। पीली वस्तु अपने पास रखें।

धनु राशि

धनु राशि के लोगों को खर्चों में बढ़ोतरी परेशान कर सकती है। सिर दर्द या आंखों में दर्द हो सकता है। मन में अज्ञात भय भी उत्पन्न हो सकता है। प्रेम और संतान की स्थिति मध्यम रहेगी। व्यापार अच्छा रहेगा। लाल वस्तु रखना शुभ है।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए आय में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी। यात्रा परेशानी दे सकती है। गलत सूचना मिलने की आशंका है। प्रेम और संतान का पक्ष ठीक रहेगा। व्यापार सामान्य रहेगा। काली मां की पूजा करना बेहतर होगा।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों को व्यवसाय में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। कानूनी मामलों में सावधानी जरूरी है। सीने में असहजता हो सकती है। प्रेम और संतान की स्थिति अच्छी रहेगी। व्यापार में लाभ के संकेत हैं। हरी वस्तु साथ रखें।

मीन राशि

मीन राशि वाले आज भाग्य पर पूरी तरह निर्भर न रहें। मान-सम्मान का ध्यान रखें और यात्रा से बचें। प्रेम और संतान पक्ष मध्यम रहेगा। व्यापार भी सामान्य स्तर पर चलेगा। शिवजी का जलाभिषेक करना शुभ माना गया है।

बेरोजगार हुए 500 से अधिक परिचालकों के लिए खुशखबरी, यूपी सरकार फिर से देगी नौकरी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- यूपी में सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लि. की डीजल और सीएनजी बसों के परिचालन बंद होने से बेरोजगार हुए 500 से अधिक परिचालकों के लिए राहत की खबर है। उत्तर प्रदेश सरकार उन्हें फिर से नौकरी देने जा रही है। बेरोजगार हुए परिचालकों को संविदा के आधार पर नियुक्त किया जाएगा।

परिवहन निगम के एमडी पीएन सिंह ने बताया कि वर्ष 2009 से महानगर परिवहन सेवा में कार्यरत इन परिचालकों के अनुभव का निगम को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि 2009 में नगरीय विकास विभाग के अधीन कई शहरों में महानगर परिवहन सेवा की स्थापना की गई थी। उस समय सीएनजी और डीजल बसों का संचालन शुरू किया गया था, और परिचालकों की नियुक्ति निगम द्वारा सीधे की गई थी।

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हालांकि अब सिटी ट्रांसपोर्ट की बसों की उम्र पूरी होने के कारण उनका संचालन पूरी तरह बंद हो गया है, और ये बसें नीलाम की जा रही हैं। इससे कई परिचालक बेरोजगार हो गए थे।

परिचालकों की पुनः नियुक्ति की शर्तें

पीएन सिंह ने बताया कि पुनः नियुक्ति के लिए परिचालकों के पास निम्नलिखित शर्तें होनी आवश्यक हैं:वैध परिचालक लाइसेंस होना चाहिए साथ ही उनके खिलाफ कोई मुकदमा न हो, पूर्व अनुबंध कभी टूट चुका न हो इसके अलावा इंटरमीडिएट पास होना चाहिए| केंद्र या राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त संस्था का CCC कम्प्यूटर प्रमाण पत्र होना चाहिए (यदि नहीं है, तो छह महीने का समय दिया जाएगा)

निगम ने यह भी कहा कि 15 साल से अधिक परिचालन अनुभव रखने वाले परिचालकों को निगम स्तर पर निर्धारित शर्तों के अधीन फिर से रखा जाएगा। इनके कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से उनकी वरिष्ठता मानी जाएगी। एमडी पीएन सिंह के अनुसार, इससे न केवल परिचालकों की बेरोजगारी कम होगी, बल्कि निगम को अनुभवी स्टाफ मिलने का भी फायदा मिलेगा।

एनआईए डॉ. शाहीन को लखनऊ और कानपुर ले जाएगी, दिल्ली विस्फोट से जुड़े नए राज खुल सकते हैं

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) दिल्ली विस्फोट से जुड़े कई अनसुलझे राजों का पता लगाने के लिए जल्द ही डॉ. शाहीन अंसारी को लखनऊ और कानपुर ले जा सकती है। एजेंसी यह जांच करेगी कि डॉ. शाहीन इन दोनों शहरों में किस मकसद से गई थीं और किन लोगों से मिली थीं।

गुरुवार को एनआईए ने डॉ. शाहीन, आदिल, मुजम्मिल समेत चार लोगों को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया। जांच में यह सामने आया कि डॉ. शाहीन विस्फोट से पहले लखनऊ और कानपुर गई थीं। दो महीने पहले वह लखनऊ में अपने भाई डॉ. परवेज और अन्य कुछ लोगों से मिली थीं। इसी दौरान उनके मददगारों से भी उनका संपर्क हुआ था। इसके बाद वह कानपुर भी गई थीं।

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सूत्रों के मुताबिक, एनआईए डॉ. शाहीन को उसके परिवार और अन्य संदिग्धों के आमने-सामने भी ला सकती है ताकि सभी अनसुलझे सवालों के जवाब मिल सकें।

जांच में खुल रहे तथ्य

यूपी एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पहले चार दिन लखनऊ और कानपुर में जांच की, लेकिन कई राज अभी भी अनसुलझे हैं। एनआईए अब दूसरी एजेंसियों से मिली जानकारी और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

मोबाइल नंबरों की सर्विलांस

दिल्ली विस्फोट के बाद 200 से अधिक संदिग्ध मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लिया गया है। इनमें लखनऊ, सहारनपुर और फरीदाबाद के डॉक्टरों के नंबर भी शामिल हैं। डॉ. शाहीन, उनके भाई डॉ. परवेज और डॉ. आदिल से लंबी पूछताछ के बाद इन नंबरों को चिन्हित किया गया। एनआईए की यह जांच विस्फोट के तारों और जुड़े नेटवर्क की पहचान करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

नीतीश ने मोदी के पांव छूकर लिया आशीर्वाद? शपथ ग्रहण के दिन RJD का वीडियो अटैक

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद गुरुवार को पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 10वीं बार शपथ ली। यह समारोह गांधी मैदान में आयोजित हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री समेत एनडीए के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

हालांकि विपक्षी दलों में राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस और लेफ्ट के कोई नेता इस समारोह में शामिल नहीं हुए। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद आरजेडी ने नीतीश सरकार पर हमला बोलना शुरू कर दिया।

RJD ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक वीडियो शेयर किया जिसमें दावा किया गया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांव छूकर आशीर्वाद ले रहे हैं।

देखे विडियो:-

पार्टी का कहना है कि यह वीडियो पटना एयरपोर्ट का है। हालांकि, इस वीडियो की पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं की गई है।

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आरजेडी ने इससे पहले एक और ट्वीट में नीतीश कैबिनेट के परिवारवादी मंत्रियों के नाम साझा कर तंज कसा।

गौरतलब है कि शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा समेत कुल 26 मंत्रियों को शपथ दिलाई।

इस समारोह और वायरल वीडियो के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है, और विपक्षी दल शपथ ग्रहण के दिन ही सरकार पर निशाना साधने में जुट गए हैं।