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सेक्स पावर बढ़ाने के नाम पर 48 लाख की ठगी, बेंगलुरु में स्वघोषित गुरुजी ने इंजीनियर को लगाया चूना

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बेंगलुरु में 29 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर के साथ 48 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि स्वघोषित आयुर्वेदिक हीलर विजय गुरुजी ने उसे सेक्सुअल समस्याओं के इलाज के नाम पर महंगी और हानिकारक हर्बल दवाएं बेचीं। इन दवाओं के सेवन से पीड़ित की तबीयत बिगड़ी और किडनी में समस्या होने लगी।

घटना की पूरी कहानी

शिकायतकर्ता मूलतः शिवमोग्गा जिले के निवासी हैं और बेंगलुरु के ज्ञानभारती इलाके में रहते हैं। उन्होंने बताया कि मार्च 2023 में उनकी शादी हुई। शादी के शुरुआती महीनों में उन्हें सेक्सुअल समस्याएं होने लगीं। इलाज के लिए वह केंगरी के मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल गए, जहां डॉक्टरों ने दवाएं दीं। 3 मई 2025 को उन्होंने उल्लाल के लॉ कॉलेज के पास सड़क किनारे टेंट देखा, जहां सेक्सुअल समस्याओं के तुरंत समाधान का दावा किया जा रहा था।

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टेंट में उन्होंने विजय गुरुजी से मुलाकात की। गुरुजी ने दावा किया कि उनकी दुर्लभ हर्बल दवा ‘देवराज बूटि’ समस्या का समाधान करेगी और इसे केवल उसी दुकान से खरीदने को कहा।

कैसे हुई 48 लाख रुपये की ठगी

देवराज बूटि का एक ग्राम 1.6 लाख रुपये में खरीदा गया। साथ में 15 ग्राम विशेष तेल 76,000 रुपये प्रति ग्राम में लिया। इसके लिए पीड़ित ने माता-पिता और पत्नी से उधार लिया और 17 लाख रुपये खर्च किए। बाद में गुरुजी ने अतिरिक्त 3 ग्राम बूटि और देवराज रसाबूटि खरीदने के लिए दबाव डाला। कुल मिलाकर पीड़ित ने 48 लाख रुपये खर्च कर दवाएं खरीदीं। सभी दवाओं के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ, और मेडिकल जांच में किडनी में समस्या पाई गई।

पीड़ित ने ज्ञानभारती पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने गुरुजी, दवा दुकान मालिक और टेंट वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

नीले ड्रम वाली मुस्कान की जेल में जन्मी बेटी की कुंडली बनी, ज्योतिषाचार्यों ने बताई भविष्यवाणी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- यूपी के मेरठ में पति सौरभ की हत्या के आरोप में जेल में बंद मुस्कान ने सोमवार को शाम 6:50 बजे एक बच्ची को जन्म दिया। इस बच्ची का जन्म ही अखबारों में सुर्खियों में रहा और इसके साथ ही मेरठ के ज्योतिषाचारियों ने इसकी जन्म कुंडली तैयार कर भविष्यवाणी की।

ज्योतिषाचार्य राहुल अग्रवाल के अनुसार बच्ची का लग्न मिथुन और धनु राशि उदित है।दशम भाव में शनि कर्मठ और मेहनती व्यक्तित्व दे रहा है। द्वितीय भाव में उच्च गुरु की नवम दृष्टि भाग्य को मजबूत कर रही है। पंचम भाव में लग्नेश बुध और शुक्र बुद्धिमान, रचनात्मक और आकर्षक व्यक्तित्व देती है। नवम भाव में राहु और छठे भाव में सूर्य-मंगल की युति उसे साहस, आत्मविश्वास और संघर्षों पर विजय पाने की क्षमता प्रदान करती है।

ज्योतिषाचार्य ने बताया कि बच्ची भाग्यशाली और प्रतिष्ठापूर्ण जीवन जीएगी। उसका जन्म धनु राशि और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के चौथे चरण में हुआ है। नामकरण के लिए ‘ढा’ अक्षर या ‘यशिका’ जैसे नाम उपयुक्त रहेंगे।

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ज्योतिषाचार्य अमित गुप्ता के अनुसार बच्ची का भविष्य कर्मठता और सौभाग्य से भरा रहेगा। शिक्षा में उत्कृष्टता के योग हैं क्योंकि पंचम स्थान में लग्नेश बुध और पंचमेश शुक्र हैं। छठा घर कारावास का प्रतीक है, और यहां सूर्य-मंगल की युति होने के कारण बच्ची का जन्म जेल में हुआ। वर्तमान में बच्ची शुक्र की दशा में है, इसलिए मार्च 2028 तक कारावास के समय में ही रहने का योग है।

ज्योतिषियों ने दोनों ही भविष्यवाणियों में सहमत कहा कि बच्ची आत्मविश्वासी और साहसी होगी।समाज में मान-सम्मान अर्जित करेगी। सद्भाव, सदाचार और विजय की मिसाल बनेगी। भाग्य और ग्रहयोग उसे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाएंगे।

राम मंदिर ध्वजारोहण के बीच अखिलेश यादव का इशारों भरा पोस्ट: संकल्प पूर्ण करने का दिया संदेश

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अयोध्या के राम मंदिर के मुख्य शिखर पर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धर्मध्वजा फहराई। इस मौके पर सियासी गलियारों में चर्चाओं का विषय बना समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का सोशल मीडिया पोस्ट।

अखिलेश यादव ने प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए संदेश में इटावा में बन रहे श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर का उल्लेख किया और इशारों ही इशारों में अन्य मंदिरों के दर्शन और संकल्प पूर्ण करने की बात कही।

अखिलेश यादव का संदेश

सपा प्रमुख ने लिखा:“पूर्णता ही पूर्णता की ओर ले जाती है। ईश्वरीय प्रेरणा से इटावा में निर्माणाधीन ‘श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर’ के पूर्ण होने पर अन्य मंदिरों के दर्शन का संकल्प भी पूर्ण करेंगे। आस्था जीवन को सकारात्मकता और सद्भाव से भरने वाली ऊर्जा का ही नाम है। दर्शन के लिए ईश्वरीय इच्छा ही मार्ग बनाती है, वही बुलाती है। सच तो ये है कि हम सब तो ईश्वर के बनाए मार्ग पर बस चलकर जाते हैं। आस्थावान रहें, सकारात्मक रहें।”

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इस संदेश के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद ही वह दर्शन के लिए अयोध्या आएंगे।

सियासी पृष्ठभूमि और चर्चाएं

राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा और अब के ध्वजारोहण समारोह के दौरान समाजवादी पार्टी और भाजपा के बीच राजनीतिक चर्चाएं लगातार होती रही हैं।
भाजपा नेता अक्सर सवाल उठाते रहे हैं कि सपा प्रमुख अभी तक मंदिर में दर्शन क्यों नहीं गए। इसी बीच, दो दिन पहले अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा था कि उन्हें अगर न्योता मिला, तो वह नंगे पांव मंदिर में दर्शन करने जाएंगे।

अखिलेश यादव ने पहले भी स्पष्ट किया था कि राम मंदिर दर्शन का समय केवल मंदिर निर्माण के पूर्ण होने के बाद होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सबसे पहले इटावा में श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन परिवार के साथ करेंगे।
इटावा का यह मंदिर सफारी पार्क के सामने निर्माणाधीन है और जल्द ही पूरा होने वाला है।

राम मंदिर से PM मोदी का संदेश: “नहीं दरिद्र, कोउ दुखी ना दीना”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या के भव्य राम मंदिर पर धर्मध्वजा फहराई। इस मौके पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। समारोह के दौरान पीएम मोदी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए भगवान राम के मूल्यों और रामराज्य की अवधारणा को वेलफेयर और समरसता से जोड़ा।

पीएम मोदी ने रामचरित मानस की पंक्ति का उल्लेख किया:“नहीं दरिद्र, कोउ दुखी ना दीना।” उन्होंने कहा कि यह संदेश विकसित भारत की संकल्पना को दर्शाता है, जिसमें कोई भी दुखी या दरिद्र न रह सके।

राम के मूल्य और समरसता का संदेश

पीएम मोदी ने कहा कि राम वंश या शक्ति नहीं, बल्कि मूल्यों और भाव से जुड़े हैं। पिछले 11 वर्षों में महिला, दलित, पिछड़ा, आदिवासी, युवा, किसान और अन्य सभी वर्गों को विकास के केंद्र में रखा गया है। उन्होंने कहा:“जब देश का हर व्यक्ति और हर क्षेत्र सशक्त होगा, तभी राम राज्य की ओर बढ़ा जा सकता है। हमें आने वाले 1000 वर्षों के लिए भारत की नींव मजबूत करनी है।”

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पीएम मोदी ने बताया कि वर्तमान पर केंद्रित सोच आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय कर सकती है। उन्होंने कहा: “जब हम नहीं थे, यह देश था। जब हम नहीं रहेंगे, यह देश रहेगा। हम एक जीवंत समाज हैं और दूरदर्शिता से काम करना होगा।”

राम से सीखने की प्रेरणा

प्रधानमंत्री ने राम के व्यक्तित्व और आदर्शों को आत्मसात करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राम आदर्श, मर्यादा, धर्म और जनता के हित की सुरक्षा के प्रतीक हैं। राम में ज्ञान और विवेक, कोमलता में दृढ़ता देखने को मिलती है।

पीएम मोदी ने कहा कि यह धर्मध्वज दूर से ही रामलला की जन्मभूमि के दर्शन कराएगा और युगों-युगों तक राम के आदर्श और प्रेरणाओं को मानव मात्र तक पहुंचाएगा। उन्होंने सभी भक्तों, श्रम वीरों और योजनाकारों का अभिनंदन भी किया, जिन्होंने मंदिर निर्माण में योगदान दिया।

सदियों की वेदना का विराम और 2047 का लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने कहा कि राम ध्वजा लहराने के साथ ही सदियों की वेदना पर विराम लग गया है। भगवान राम अयोध्या से युवराज के रूप में निकले और मर्यादा पुरुषोत्तम बनकर लौटे।

पीएम मोदी ने निषादराज और माता शबरी के योगदान का स्मरण कराते हुए कहा कि साधन से ही असाध्य सिद्ध होता है। उन्होंने कहा कि अब समाज में उसी समरसता के भाव से सभी के विकास के लिए काम होगा।

गुलामी की मानसिकता से मुक्ति और भविष्य की दिशा

पीएम मोदी ने कहा कि लॉर्ड मैकाले ने गुलामी की मानसिकता की नींव रखी। 2035 में उस घटना को 200 साल पूरे होंगे। उन्होंने कहा कि भारत को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करना ही असली लक्ष्य है।

उन्होंने स्पष्ट किया:“हमें आजादी मिली, लेकिन हीन भावना से मुक्ति नहीं मिली। विदेशी चीज़ों की श्रेष्ठता और अपने देश की आलोचना की प्रवृत्ति ने हमें मानसिक गुलामी में रखा। त्रेता युग की अयोध्या ने नीति दी और 21वीं सदी की अयोध्या दुनिया को विकास का मॉडल देगी।”

पति के जन्मदिन पर मुस्कान ने दिया बेटी को जन्म, ससुराल और मायके से कोई नहीं पहुंचा—सौरभ हत्याकांड की आरोपी जेल में हुई मां

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- यूपी के मेरठ में चर्चित सौरभ हत्याकांड की आरोपी मुस्कान ने सोमवार को एक बच्ची को जन्म दिया। यह संयोग है कि जिस दिन सौरभ का जन्मदिन था, उसी दिन उसकी पत्नी मुस्कान ने मेडिकल कॉलेज के गायनी वार्ड में दूसरी बेटी को जन्म दिया।

रविवार देर रात जेल में मुस्कान की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे तुरंत मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। यहां डॉक्टरों की एक टीम लगातार उसकी हालत की निगरानी कर रही थी। शाम करीब 7 बजे सामान्य प्रसव के जरिए मुस्कान ने बच्ची को जन्म दिया। जेल प्रशासन ने परिवार को सूचना दी, लेकिन सोमवार शाम तक कोई भी परिजन उससे मिलने नहीं पहुंचा।

प्रेम प्रसंग, बेहोशी की दवा और हत्या—ऐसे हुआ था खुलासा

ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के इंदिरानगर निवासी मुस्कान का साहिल नाम के युवक से प्रेम संबंध था। वहीं, उसका पति सौरभ लंदन में एक बेकरी में काम करता था और फरवरी 2025 में छुट्टी पर मेरठ आया था।

3 मार्च की रात मुस्कान ने सौरभ के खाने में बेहोशी की दवा मिलाई। सौरभ के बेसुध होने पर मुस्कान और साहिल ने मिलकर चाकू से उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने शव के टुकड़े किए और उसे एक नीले ड्रम में सीमेंट डालकर बंद कर दिया।

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दोनों हिमाचल भाग गए और 17 मार्च को वापस मेरठ लौटे। 18 मार्च को पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा कर मुस्कान और साहिल दोनों को गिरफ्तार कर लिया। 19 मार्च से दोनों मेरठ जेल में बंद हैं।

गर्भवती होने की पुष्टि पर मिली विशेष सुविधाएं

गिरफ्तारी के समय ही मुस्कान के गर्भवती होने की पुष्टि हुई थी। जेल प्रशासन ने उसे मेडिकल सुविधाएं और आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई। रविवार रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने पर पहले उसे जेल अस्पताल में रखा गया, लेकिन अल्ट्रासाउंड सहित अन्य सुविधाओं के अभाव में उसे मेडिकल कॉलेज भेजना पड़ा।

वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के अनुसार,
“मुस्कान को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां सोमवार को सुरक्षित प्रसव हुआ है। मुस्कान और बच्ची दोनों स्वस्थ हैं।”

सौरभ की पहली बेटी नाना-नानी के पास, दूसरी बेटी भी उसी दिन जन्मी

सौरभ और मुस्कान की सात साल की बड़ी बेटी फिलहाल नाना-नानी के पास रह रही है। संयोग यह कि सौरभ का जन्मदिन 24 नवंबर है, और ठीक 24 नवंबर 2025 को ही मुस्कान ने दूसरी बेटी को जन्म दिया।

मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा के मद्देनजर मुस्कान के वार्ड के बाहर का पूरा क्षेत्र खाली कर दिया गया है। जेल प्रशासन की टीम उसके उपचार और सुरक्षा का पूरा जिम्मा संभाले हुए है।

सहमति से संबंध और रेप में स्पष्ट अंतर: ब्रेकअप पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बलात्कार संबंधी एक महत्वपूर्ण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अहम फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि अगर एक रिश्ते की शुरुआत दोनों की सहमति से हुई हो और बाद में ब्रेकअप हो जाए, तो केवल इस आधार पर पुरुष के खिलाफ रेप का मामला दर्ज नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने आरोपी के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला रद्द कर दिया।

जस्टिस बीवी नागरत्न और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने कहा कि शादी का झूठा वादा कर रेप करने के मामलों में आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत होना जरूरी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि हर असफल रिश्ता अपराध की श्रेणी में नहीं आता।

“रिश्ते का अंत निराशाजनक हो सकता है, लेकिन इसे रेप नहीं कहा जा सकता”

बेंच ने कहा,
“अगर कोई कपल अपनी इच्छा से रिश्ते में रहा है और बाद में मतभेद या निराशा के कारण संबंध टूट जाता है, तो इसे आपराधिक मामला नहीं माना जा सकता… शुरुआत में सहमति से बने रिश्ते को, केवल शादी न होने के कारण, अपराध का रूप नहीं दिया जा सकता।”

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रेप के आरोपों को सही ठहराने के लिए यह दिखाना अनिवार्य है कि शुरुआत से ही शादी करने का झूठा वादा किया गया था और महिला की सहमति उसी धोखे का परिणाम थी।

अदालत ने कहा,
“रेप और सहमति से बने यौन संबंधों में अंतर है। कोर्ट को यह जांचना चाहिए कि आरोपी ने वास्तव में शादी की इच्छा रखी थी, या फिर केवल शारीरिक संबंध बनाने के लिए धोखा दिया था।”

हाईकोर्ट का आदेश निरस्त

इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरोपी वकील के खिलाफ दर्ज रेप के मामले को रद्द करने से मना कर दिया था। यह FIR वर्ष 2024 में छत्रपति संभाजीनगर में दर्ज हुई थी। शिकायतकर्ता एक विवाहित लेकिन अलग रह रही महिला थीं, जिनकी मुलाकात आरोपी वकील से 2022 में एक केस के दौरान हुई। धीरे-धीरे दोनों करीब आए और शारीरिक संबंध बने।

महिला का आरोप था कि वकील ने शादी करने का वादा किया, लेकिन बाद में पीछे हट गया। उन्होंने दावा किया कि वह कई बार गर्भवती हुईं और उनकी सहमति से गर्भपात भी कराया गया। शादी से इनकार और कथित धमकी के बाद उन्होंने FIR दर्ज कराई।

आरोपी वकील का पक्ष

वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि शिकायत प्रतिशोध की भावना से दर्ज कराई गई है। उनका कहना था कि महिला ने पैसे की मांग की थी और डेढ़ लाख रुपये देने से इनकार करने पर यह शिकायत की गई। आरोपी ने यह भी कहा कि तीन वर्षों के रिश्ते में महिला ने कभी भी यौन हिंसा की शिकायत नहीं की।

सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि आरोपों से जबरदस्ती या धोखे का कोई प्रत्यक्ष संकेत नहीं मिलता। अदालत ने कहा कि संबंध लंबे समय तक आपसी सहमति से चले और कई बार मुलाकातें इस बात की पुष्टि करती हैं कि यह संबंध स्वेच्छा से था।

बेंच ने टिप्पणी की,
“सिर्फ इसलिए कि शादी नहीं हो पाई, किसी सहमति से बने रिश्ते को अपराध नहीं बताया जा सकता। तीन वर्षों तक चला रिश्ता यह दर्शाता है कि यह केवल क्षणिक धोखे का मामला नहीं था।”

अदालत की चेतावनी: रेप कानून का दुरुपयोग न हो

जजों ने असफल प्रेम संबंधों में रेप के प्रावधानों के दुरुपयोग के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई। अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता शिक्षित हैं और खुद शादीशुदा होने के बावजूद उन्होंने सहमति से संबंध बनाए। साथ ही केस में कहीं भी जबरन संबंध या शारीरिक दबाव का उल्लेख नहीं है।

राम राज्य का ध्वज लहराया तो याद आए…; मोहन भागवत बोले— उनकी आत्मा आज यह दृश्य देख रही होगी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा फहराए जाने के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कार्यक्रम को संबोधित किया। 161 फीट ऊंचाई पर केसरिया ध्वज के आरोहण के इस ऐतिहासिक क्षण को भागवत ने उन महान व्यक्तित्वों के संघर्ष से जोड़ा, जिन्होंने जीवन भर राम मंदिर निर्माण का सपना देखा, लेकिन उसे साकार होता नहीं देख सके।

भागवत ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण अब पूर्णता को प्राप्त कर चुका है और यह दृश्य निश्चित ही उन सभी आत्माओं को तृप्ति प्रदान करेगा, जिन्होंने मंदिर आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विशेष रूप से विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंहल, महंत रामचंद्र दास परमहंस और विष्णु हरि डालमिया को याद करते हुए कहा कि “आज उनकी आत्माएं संतोष महसूस कर रही होंगी।”

संघ प्रमुख ने यह भी बताया कि फहराया गया यह धर्म ध्वज वही प्रतीक है जो रामराज्य के दौरान आकाश में लहराया करता था।

“इतिहास गवाह है— निरंतरता हो तो लक्ष्य अवश्य मिलता है”

अपने संबोधन में मोहन भागवत ने हिंदू समाज की दीर्घकालिक एकता और संघर्ष की भावना को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 500 वर्षों के तप, विश्वास और सतत प्रयासों के बाद आज यह ध्वज अयोध्या के आकाश में लहराया है, जो धैर्य और दृढ़ संकल्प की मिसाल है।

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भागवत ने कहा-“हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि यह धर्म ध्वजा और ऊँची प्रतिष्ठा हासिल करे। हमें ऐसा समाज बनाना है जिसमें समरसता हो, एकता हो और देश समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छुए।”

उन्होंने सूर्य और भगवान कृष्ण के उदाहरण देते हुए कहा कि प्रकृति की तरह जीवन की प्रक्रियाएं कभी नहीं रुकतीं। सूर्य प्रतिदिन उदय और अस्त होता है, लेकिन उसकी गति थमती नहीं। इसी प्रकार हिंदू समाज भी रुकने वाला नहीं रहा और निरंतर प्रयासों ने आज इस ऐतिहासिक दिन तक पहुंचाया है।

अयोध्या में 500 साल का इंतज़ार खत्म, ध्वजारोहण के साथ राम मंदिर निर्माण हुआ पूर्ण

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अयोध्या में मंगलवार का दिन इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज हो गया। राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज के आरोहण के साथ सनातन समाज का करीब 500 वर्षों का इंतजार पूरा हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 44 फीट लंबे और करीब 700 टन वजनी दंड पर ध्वज फहराया। अभिजीत मुहूर्त में ठीक 11:45 बजे जैसे ही पीएम ने रिमोट का बटन दबाया, लगभग चार मिनट में ध्वज मंदिर के शीर्ष पर पहुंच गया। ध्वज के शिखर पर पहुंचते ही पूरा परिसर “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा, और इसी क्षण राम मंदिर का निर्माण आधिकारिक रूप से संपूर्ण घोषित कर दिया गया।

10 फीट ऊंचे और 20 फीट लंबे त्रिकोणीय ध्वज का यह आरोहण त्रेता युग के बाद पहली बार हुआ है। ध्वज पर भगवान श्रीराम की छवि, वीरता का प्रतीक सूर्य का स्वरूप, तथा कोविदार वृक्ष का चित्र अंकित है। इसी वृक्ष का उल्लेख पुराणों में रामराज्य के ध्वज-चिह्न के रूप में मिलता है। ध्वज के मध्य ‘ॐ’ का अंकन इसे और भी आध्यात्मिक बना देता है। ऐतिहासिक इस क्षण के साक्षी पीएम मोदी के साथ RSS प्रमुख मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।

ध्वजारोहण से पहले पीएम मोदी का रोड शो और मंदिर दर्शन

ध्वजारोहण कार्यक्रम से पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोड शो के माध्यम से राम जन्मभूमि परिसर पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने सप्तऋषि मंदिर में दर्शन किए, जहां उन्होंने महर्षि वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुह और माता शबरी को नमन किया।

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इसके बाद वे शेषावतार मंदिर तथा माता अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचे। अंत में प्रधानमंत्री रामलला के गर्भगृह में पहुंचे और विधि-विधान से आरती एवं पूजा-अर्चना की।

विवाह पंचमी पर हुआ विशेष आयोजन

यह भव्य समारोह मार्गशीर्ष मास के शुभ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर आयोजित किया गया, जिसे श्रीराम और माता सीता की विवाह पंचमी के रूप में मनाया जाता है। इस पावन मौके पर पूरी अयोध्या दुल्हन की तरह सजी नजर आई।

शहर की सड़कों, चौराहों और प्रमुख मार्गों को फूलों से सजाया गया है। नगर निगम ने करीब 500 क्विंटल फूलों का उपयोग करके रामपथ को भव्य रूप दिया। साकेत महाविद्यालय से लता चौक तक डिवाइडरों पर फूल मालाओं और रंग-बिरंगे पुष्पों से आकर्षक सजावट की गई है।

प्रधानमंत्री के स्वागत और राम मंदिर ध्वजारोहण कार्यक्रम को विश्व स्तर पर यादगार बनाने के उद्देश्य से शहर में 3000 से अधिक फूलों के गमले भी लगाए गए हैं। पूरा शहर रामधुन और भक्ति के माहौल में डूबा हुआ है, जैसे रामराज्य की स्थापना का उत्सव मनाया जा रहा हो।

Aaj Ka Rashifal 25 November 2025: जानिए कैसा रहेगा आज का दिन मेष से मीन तक

Aaj Ka Rashifal 25 November 2025: आज के ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए नए अवसर लेकर आई है। गुरु कर्क राशि में विराजमान हैं, केतु सिंह में, जबकि शुक्र और बुध तुला राशि में स्थित हैं। सूर्य और मंगल वृश्चिक राशि में प्रभाव दे रहे हैं। चंद्रमा मकर राशि में गोचर कर रहा है, वहीं राहु कुंभ और शनि मीन राशि में स्थित हैं। आइए जानते हैं 25 नवंबर 2025 का राशिफल—

मेष राशि

आज व्यवसाय से जुड़े मामलों में प्रगति के संकेत मिलेंगे। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा और राजनीतिक क्षेत्र से लाभ संभव है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, जबकि प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में मध्यम स्थिति बनी रहेगी। व्यापार शानदार रहेगा। लाल रंग की कोई वस्तु साथ रखें।

वृषभ राशि

यात्रा का योग बन रहा है। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और भाग्य का पूर्ण साथ मिलेगा। स्वास्थ्य में सुधार महसूस होगा। प्रेम और संतान पक्ष थोड़ा सामान्य रहेगा, जबकि व्यापारिक स्थिति अच्छी रहेगी। हरी वस्तु अपने पास रखें।

मिथुन राशि

दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। स्वास्थ्य को लेकर सजग रहें और वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में स्थिति अनुकूल रहेगी। व्यापार सामान्य रहेगा। शनि देव का आशीर्वाद लेना शुभ माना जाएगा।

कर्क राशि

नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम और संतान पक्ष बेहतर रहेगा। व्यापार में सफलता मिलेगी। लाल वस्तु साथ रखना शुभ होगा।

सिंह राशि

आज विरोधियों पर आपका पलड़ा भारी रहेगा। स्वास्थ्य थोड़ा मध्यम रह सकता है। ज्ञान और सम्मान की प्राप्ति का योग है। बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। प्रेम और संतान पक्ष सहयोगी रहेगा। नीले रंग की वस्तु का दान शुभ फल देगा।

कन्या राशि

विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। पढ़ाई-लिखाई में मन लगेगा। भावुक होने से बचें और प्रेम संबंधों में विवाद से दूरी बनाएं। संतान की सेहत पर ध्यान दें। कुल मिलाकर स्वास्थ्य और व्यापार सामान्य रहेंगे। हरी वस्तु साथ रखना लाभकारी होगा।

तुला राशि

भूमि, भवन और वाहन खरीदने का मजबूत योग बन रहा है। भौतिक सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। मां का सहयोग मिलेगा। घरेलू माहौल में हल्का तनाव संभव है। प्रेम और व्यापार की स्थिति संतुलित रहेगी। नीली वस्तु साथ रखें।

वृश्चिक राशि

आज पराक्रम और प्रयासों में सफलता मिलेगी। व्यापारिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। प्रेम और संतान पक्ष बेहद अनुकूल है। व्यापार में उन्नति के योग बन रहे हैं। पीली वस्तु अपने पास रखें।

धनु राशि

आर्थिक लाभ के संकेत हैं और परिवार में खुशियां बढ़ेंगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। प्रेम और संतान पक्ष ठीक रहेगा, हालांकि थोड़ी दूरी की भावना रह सकती है। व्यापार लाभदायक रहेगा। लाल वस्तु साथ रखना शुभ रहेगा।

मकर राशि

ऊर्जा से भरपूर दिन रहेगा। जीवन की आवश्यकताओं की पूर्ति सहजता से होगी। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम और संतान का पक्ष मजबूत रहेगा। व्यापार में सुधार दिखाई देगा। काली मां को प्रणाम करते रहें।

कुंभ राशि

मन में अनिर्णय और बेचैनी रह सकती है। खर्चों में बढ़ोतरी होगी। हालांकि स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार तीनों ही क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। हरी वस्तु साथ रखना शुभकारी होगा।

मीन राशि

आय में वृद्धि की संभावना है। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति होगी और यात्रा का योग भी बन रहा है। दिन कुल मिलाकर लाभदायक रहेगा। नीले रंग की वस्तु दान करना शुभ रहेगा।

बॉलीवुड के ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र का निधन, 89 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- हिंदी सिनेमा के दिग्गज ही-मैन धर्मेंद्र का आज, 24 नवंबर 2025, निधन हो गया है। वे 89 वर्ष के थे। आईएएनएस समेत कई विश्वसनीय सूत्रों ने इस दुखद खबर की पुष्टि की है।

कई घंटे पहले धर्मेंद्र के घर एक एंबुलेंस पहुंचने की सूचना वायरल हुई थी, जिससे उनके प्रशंसकों में चिंता बढ़ गई थी। वास्तव में, उनकी तबीयत पहले ही खराब थी और हाल ही में उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया गया है कि वे आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर 11 दिन रहे।

धर्मेंद्र का निधन उनके 90वें जन्मदिन से लगभग दो हफ्ते पहले हुआ है — वे 8 दिसंबर 2025 को 90 साल के होने वाले थे। हालाँकि, इससे पहले उनकी मौत की झूठी अफवाहें भी उड़ चुकी थीं, जिस पर उनका पूरा परिवार गुस्से में आया था।

अस्पताल में उनके लिए उनकी पत्नी प्रकाश कौर, बेटे सनी देओल, बॉबी देओल सहित उनका परिवार मौजूद था। सोशल मीडिया पर अस्पताल का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें धर्मेंद्र बिस्तर पर लेटे दिखे और उनके परिवार के सदस्य पास बैठे हैं।

धर्मेंद्र ने 1960 में फिल्म “दिल भी तेरा हम भी तेरे” से अभिनय की शुरुआत की थी और उसके बाद उनका कैरियर कभी रुकने वाला नहीं रहा। उनकी प्रमुख हिट फिल्मों में शामिल हैं: आई मिलन की बेला, पूजा के फूल, हकीकत, बाजी, सत्याकाम, आया सावन झूम के, राजा जानी, लॉफर, चुपके-चुपके, चरस, ड्रीम गर्ल, धर्म वीर, गजब, मेरा गाँव मेरा देश, अपने और अन्य।