न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अयोध्या में मंगलवार का दिन इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज हो गया। राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज के आरोहण के साथ सनातन समाज का करीब 500 वर्षों का इंतजार पूरा हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 44 फीट लंबे और करीब 700 टन वजनी दंड पर ध्वज फहराया। अभिजीत मुहूर्त में ठीक 11:45 बजे जैसे ही पीएम ने रिमोट का बटन दबाया, लगभग चार मिनट में ध्वज मंदिर के शीर्ष पर पहुंच गया। ध्वज के शिखर पर पहुंचते ही पूरा परिसर “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा, और इसी क्षण राम मंदिर का निर्माण आधिकारिक रूप से संपूर्ण घोषित कर दिया गया।
10 फीट ऊंचे और 20 फीट लंबे त्रिकोणीय ध्वज का यह आरोहण त्रेता युग के बाद पहली बार हुआ है। ध्वज पर भगवान श्रीराम की छवि, वीरता का प्रतीक सूर्य का स्वरूप, तथा कोविदार वृक्ष का चित्र अंकित है। इसी वृक्ष का उल्लेख पुराणों में रामराज्य के ध्वज-चिह्न के रूप में मिलता है। ध्वज के मध्य ‘ॐ’ का अंकन इसे और भी आध्यात्मिक बना देता है। ऐतिहासिक इस क्षण के साक्षी पीएम मोदी के साथ RSS प्रमुख मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।
ध्वजारोहण से पहले पीएम मोदी का रोड शो और मंदिर दर्शन
ध्वजारोहण कार्यक्रम से पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोड शो के माध्यम से राम जन्मभूमि परिसर पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने सप्तऋषि मंदिर में दर्शन किए, जहां उन्होंने महर्षि वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुह और माता शबरी को नमन किया।
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इसके बाद वे शेषावतार मंदिर तथा माता अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचे। अंत में प्रधानमंत्री रामलला के गर्भगृह में पहुंचे और विधि-विधान से आरती एवं पूजा-अर्चना की।
विवाह पंचमी पर हुआ विशेष आयोजन
यह भव्य समारोह मार्गशीर्ष मास के शुभ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर आयोजित किया गया, जिसे श्रीराम और माता सीता की विवाह पंचमी के रूप में मनाया जाता है। इस पावन मौके पर पूरी अयोध्या दुल्हन की तरह सजी नजर आई।
शहर की सड़कों, चौराहों और प्रमुख मार्गों को फूलों से सजाया गया है। नगर निगम ने करीब 500 क्विंटल फूलों का उपयोग करके रामपथ को भव्य रूप दिया। साकेत महाविद्यालय से लता चौक तक डिवाइडरों पर फूल मालाओं और रंग-बिरंगे पुष्पों से आकर्षक सजावट की गई है।
प्रधानमंत्री के स्वागत और राम मंदिर ध्वजारोहण कार्यक्रम को विश्व स्तर पर यादगार बनाने के उद्देश्य से शहर में 3000 से अधिक फूलों के गमले भी लगाए गए हैं। पूरा शहर रामधुन और भक्ति के माहौल में डूबा हुआ है, जैसे रामराज्य की स्थापना का उत्सव मनाया जा रहा हो।



