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ग्राहक जागरूकता पखवाड़ा 2025 का शुभारंभ, हजरतगंज में गांधी–पटेल प्रतिमाओं पर दीप प्रज्वलन लखनऊ

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:– अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत अवध प्रांत के कार्यकर्ताओं ने आज 15 दिसंबर 2025 को राजधानी लखनऊ के प्रमुख बाजार हजरतगंज में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमाओं पर दीप प्रज्वलित कर ग्राहक जागरूकता पखवाड़े का विधिवत शुभारंभ किया।

अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत द्वारा प्रतिवर्ष 15 से 30 दिसंबर तक ग्राहक जागरूकता पखवाड़ा मनाया जाता है। यह संगठन के प्रमुख आयोजनों में से एक है, जिसके अंतर्गत आम उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस अवधि में प्रमुख बाजारों में जागरूकता पत्रकों का वितरण, विद्यालयों एवं सामाजिक स्थलों पर गोष्ठियों का आयोजन तथा जनमानस तक उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी पहुंचाने का कार्य किया जाता है।

इस वर्ष जागरूकता पखवाड़े के दौरान छात्रों के बीच विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही प्रबुद्धजनों के साथ गोष्ठियों में एमआरपी के साथ लागत मूल्य अंकित करने की मांग, भ्रामक विज्ञापनों के दुष्प्रभाव, साइबर अपराध एवं धोखाधड़ी से बचाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। इसके अतिरिक्त संगठन के कार्यकर्ता उपभोक्ता विषयों से जुड़े सरकारी कार्यालयों से भी संवाद करेंगे।

ग्राहक पंचायत द्वारा 24 दिसंबर को ग्राहक दिवस के रूप में मनाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि संगठन के सतत प्रयासों के फलस्वरूप वर्ष 1986 में 24 दिसंबर को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम लागू हुआ था। तभी से यह दिवस ग्राहक दिवस के रूप में मनाया जाता है और इसी अवधि को ग्राहक जागरण पखवाड़ा कहा जाता है।

कार्यक्रम के दौरान प्रांतीय अध्यक्ष यशपाल सिंह ने नए कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित जनसमूह को ग्राहक पंचायत के उद्देश्यों और उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी दी। इस अवसर पर संगठन से जुड़े पत्रकों का वितरण भी किया गया।

कार्यक्रम में प्रांतीय अध्यक्ष यशपाल सिंह, उपाध्यक्ष ओमकार पांडेय, प्रांतीय सचिव आशुतोष मिश्र, प्रांतीय कोषाध्यक्ष रामशंकर अवस्थी, सहसचिव नीलम इंसान, पर्यावरण आयाम प्रमुख  प्रकाश चंद्र बरनवाल, प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य मीना महेश्वरी, लखनऊ महानगर अध्यक्ष लक्ष्मीकांत, महानगर उपाध्यक्ष  राघवेंद्र सिंह,  शिखा सिंह पटेल,अमित चौहान,  रीता सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

दिल्ली में कायस्थ, पटना में मारवाड़ी; भाजपा ने कोर सपोर्टर जातियों को साधने का दिया संकेत

 न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  खरमास शुरू होने से पहले भाजपा ने संगठनात्मक स्तर पर एक के बाद एक तीन अहम फैसले लेकर सियासी हलकों में चर्चा तेज कर दी है। पहले उत्तर प्रदेश में पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया, इसके बाद नितिन नबीन को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई और अब बिहार भाजपा की कमान संजय सरावगी को दे दी गई है। इन फैसलों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि भाजपा अब ओबीसी संतुलन के साथ-साथ अपनी कोर सपोर्टर कही जाने वाली जातियों पर भी फोकस बढ़ा रही है।

यूपी में पंकज चौधरी को आगे कर भाजपा ने कुर्मी वोट बैंक को साधने की कोशिश की है, लेकिन बिहार में पार्टी की रणनीति कुछ अलग नजर आ रही है। सरकार गठन के दौरान जहां ओबीसी वर्ग को प्रमुखता दी गई थी, वहीं अब संगठन में उन समुदायों को प्रतिनिधित्व दिया गया है, जिन्हें भाजपा का परंपरागत समर्थक माना जाता है।

सबसे पहले कायस्थ समाज से आने वाले नितिन नबीन को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिली। बिहार में कायस्थों की आबादी एक फीसदी से भी कम है, इसके बावजूद इसे अगड़ा समाज के लिए बड़ी राजनीतिक सौगात माना जा रहा है। इसी तरह मारवाड़ी समुदाय से आने वाले संजय सरावगी को बिहार भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। बिहार में मारवाड़ी समाज की संख्या भी सीमित है, लेकिन दोनों ही वर्ग भाजपा के भरोसेमंद वोटर माने जाते हैं।

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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नियुक्तियों के जरिए भाजपा उस आरोप की काट कर रही है, जिसमें कहा जा रहा था कि पिछड़े वर्गों को साधने के चक्कर में पार्टी अपने कोर वोटर समुदायों को नजरअंदाज कर रही है। साथ ही, यह कदम बिहार जैसे राज्य में जातीय ध्रुवीकरण की राजनीति से बचने की रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है।

बिहार की राजनीति में यादव, कुर्मी, पासवान, ब्राह्मण, भूमिहार और राजपूत जैसी जातियों के इर्द-गिर्द लंबे समय से ध्रुवीकरण होता रहा है। किसी एक बड़े सामाजिक समूह से नेतृत्व सामने आने पर अन्य वर्गों में असंतुलन की स्थिति बन जाती है। ऐसे में भाजपा ने उन समुदायों के नेताओं को आगे किया है, जिनके नाम पर जातीय ध्रुवीकरण की राजनीति आसान नहीं है। साथ ही, पार्टी ने ऐसे चेहरों को चुना है, जिन्हें सर्वस्वीकार्य और मृदुभाषी माना जाता है।

पीएम मोदी के ‘चार जातियों’ के संदेश से जुड़ा फैसला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार देश में ‘चार जातियों’—युवा, महिला, किसान और गरीब—की बात करते रहे हैं। माना जा रहा है कि नितिन नबीन जैसे अपेक्षाकृत युवा नेता को आगे बढ़ाकर भाजपा जातीय राजनीति से ऊपर उठकर इसी सोच को जमीन पर उतारने की कोशिश कर रही है। महज 45 साल के नितिन नबीन को नई पीढ़ी की उम्मीद और भविष्य के नेतृत्व के तौर पर देखा जा रहा है।

अब इन फैसलों का असर बिहार से लेकर दिल्ली तक पार्टी की राजनीति पर क्या पड़ता है, यह आने वाले दिनों में और साफ होगा।

मनरेगा का नाम बदलने की तैयारी, अब ‘जी राम जी’ योजना के रूप में मिल सकती है नई पहचान

केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को नए स्वरूप में पेश करने की तैयारी में है। सरकार इस योजना का नाम बदलकर आम लोगों के बीच ‘जी राम जी’ योजना के रूप में स्थापित करने पर विचार कर रही है। इसके लिए लोकसभा में विधेयक लाने की तैयारी की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी देने का प्रावधान किया जाएगा। नए ढांचे में इस योजना का पूरा नाम होगा—
विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)। संक्षेप में इसे ‘VB–जी राम जी’ योजना कहा जाएगा।

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सरकार का उद्देश्य इस बदलाव के जरिए ग्रामीण रोजगार योजनाओं को ‘विकसित भारत’ के विजन से जोड़ना और आजीविका के अवसरों को और मजबूत करना है। माना जा रहा है कि नाम के साथ-साथ योजना के क्रियान्वयन और दायरे में भी कुछ अहम बदलाव किए जा सकते हैं।

हालांकि, सरकार की ओर से अभी आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। विधेयक संसद में पेश होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मनरेगा की मौजूदा व्यवस्था में क्या-क्या बदलाव होंगे और नई योजना से ग्रामीणों को किस तरह का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।

VIDEO: सिडनी में यहूदी समुदाय को निशाना बनाने का दावा, हमलावर दूसरों को हटने का इशारा करता दिखा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर हुए भीषण हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले में पिता-पुत्र की जोड़ी ने अंधाधुंध फायरिंग कर 16 लोगों की जान ले ली, जबकि करीब 40 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना उस समय हुई, जब यहूदी समुदाय के लोग हनुका उत्सव में शामिल थे।

हमले से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि बीच पर मौजूद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे हैं और हमलावर एक-एक कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। दोनों आरोपी काले कपड़ों में थे और बीच के पास बने एक ऊंचे ब्रिज से फायरिंग कर रहे थे, जिससे उन्हें साफ तौर पर बढ़त मिल रही थी।

वीडियो और चश्मदीदों के बयान से यह भी सामने आया है कि हमलावरों का इरादा खास तौर पर यहूदी समुदाय को निशाना बनाने का था। फायरिंग के दौरान जब कुछ अन्य लोग उस दिशा में बढ़े, तो एक हमलावर उन्हें वहां से हटने का इशारा करता नजर आया। इससे साफ होता है कि हमला पूरी तरह लक्षित था।

यह भी पढ़े:- कफ सिरप रैकेट में बड़ा खुलासा: ईडी का दावा, 700 से ज्यादा फर्जी कंपनियां बनाकर अरबों की कमाई

आरोपियों की पहचान 50 वर्षीय साजिद अकरम और उसके 24 वर्षीय बेटे नवीद अकरम के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों करीब 6 से 10 मिनट तक लगातार गोलियां चलाते रहे। इस दौरान वे बेहद शांत दिखाई दे रहे थे और उनमें किसी तरह का डर नजर नहीं आया। घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वीडियो में कैद हुआ हमले का मंजर

प्रत्यक्षदर्शी द्वारा बनाए गए एक वीडियो में दिखता है कि साजिद अकरम ब्रिज की सीढ़ियों से नीचे उतरते हुए फायरिंग करता है, जबकि उसका बेटा नवीद पीछे और दाईं ओर खड़े लोगों को दूर जाने का इशारा करता है। इसके बाद वह दोबारा पार्क की ओर मुड़कर भीड़ पर गोलियां चलाने लगता है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में पहले साजिद को गोली लगी और वह गिर पड़ा, लेकिन इसके बावजूद नवीद कुछ देर तक फायरिंग करता रहा। बाद में उसे भी गोली लगी।

कैसे काबू में आए हमलावर

चश्मदीदों के अनुसार हमला करीब 10 मिनट तक चला, इस दौरान सैकड़ों लोग बीच और आसपास की सड़कों पर जान बचाकर भागते नजर आए। शाम करीब 6:45 बजे फायरिंग की सूचना मिलने पर इमरजेंसी सेवाएं मौके पर पहुंचीं। दोनों हमलावरों के घायल होने के बाद कुछ साहसी लोगों ने उनके पास जाकर हथियार छीन लिए। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने उन्हें पकड़ लिया, जिसे बाद में पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने इस घटना को आतंकी हमला घोषित किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और हमले के पीछे की पूरी साजिश को जल्द उजागर किया जाएगा।

कफ सिरप रैकेट में बड़ा खुलासा: ईडी का दावा, 700 से ज्यादा फर्जी कंपनियां बनाकर अरबों की कमाई

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में अब तक का सबसे बड़ा कफ सिरप फर्जीवाड़ा सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की यूपी, गुजरात और झारखंड में 40 घंटे से अधिक चली छापेमारी के बाद काली कमाई के पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ है। ईडी के अनुसार, करीब 220 लोगों के नाम पर 700 से ज्यादा फर्जी फर्में खड़ी की गईं, जिनके जरिए अरबों रुपये का अवैध कारोबार किया गया।

जांच में सामने आया है कि इनमें से अधिकांश फर्में सिर्फ कागजों तक ही सीमित थीं। फर्मों में दर्शाए गए कई संचालक और अधिकृत व्यक्ति भी केवल दस्तावेजों में ही मौजूद पाए गए। ईडी सूत्रों का कहना है कि अभी और भी फर्जी कंपनियों से जुड़े अहम सबूत जुटाए जा रहे हैं। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

तीन राज्यों में 25 से अधिक ठिकानों पर की गई कार्रवाई में जिस स्तर का फर्जीवाड़ा उजागर हुआ, उसने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया है। ईडी अधिकारियों का कहना है कि यूपी में इस तरह का संगठित फर्जीवाड़ा पहली बार सामने आया है। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि फेंसेडिल सिरप बनाने वाली एक कंपनी के कई अधिकारियों को इस अवैध कारोबार की जानकारी थी, बावजूद इसके उन्होंने आंखें मूंदे रखीं। एसटीएफ के एएसपी लाल प्रताप सिंह पहले ही संकेत दे चुके थे कि दवा कंपनी के कई अधिकारी भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।

ईडी की एंट्री के बाद कसे शिकंजे

एसटीएफ की जांच पूरी होने के बाद भी मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल, पूर्व सांसद के करीबी आलोक सिंह और अमित टाटा खुद को सुरक्षित मान रहे थे। एसटीएफ द्वारा गिरफ्तारी के बाद भी कोर्ट में उनका रवैया बेफिक्र नजर आया। लेकिन जैसे ही ईडी ने इन तीनों के ठिकानों पर छापेमारी कर सबूत जुटाने शुरू किए, आरोपियों में हड़कंप मच गया।

संदिग्ध बैंक लेन-देन पर नजर, और नाम आने की संभावना

ईडी सूत्रों के मुताबिक दुबई में छिपे मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के साथ-साथ आलोक सिंह, अमित टाटा और शुभम के पिता भोला प्रसाद जायसवाल के बैंक खातों में बड़े और संदिग्ध लेन-देन सामने आए हैं। कई ट्रांजैक्शन का पूरा विवरण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। फर्जी फर्मों के नाम से खोले गए खातों में भी ऐसे लेन-देन मिले हैं, जिनकी कड़ियां अभी जुड़नी बाकी हैं।

रांची और धनबाद की कुछ फर्मों के जरिए भी रकम के आदान-प्रदान के सबूत मिले हैं। ईडी अब जीएसटी विभाग से इन फर्मों की पूरी सूची हासिल करने की तैयारी में है, जिससे जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है। एजेंसी का दावा है कि आने वाले दिनों में कई नए नाम और नई फर्जी कंपनियां सामने आ सकती हैं।

यूपी बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए पंकज चौधरी क्यों बने शीर्ष दावेदार? जानिए पार्टी की रणनीति

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश बीजेपी को जल्द ही नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने जा रहा है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। बीते कुछ दिनों से उनका नाम सबसे आगे चल रहा था और अब उनके औपचारिक चयन के साथ ही पार्टी में उनकी नई भूमिका की शुरुआत तय मानी जा रही है। बीजेपी ने देश के सबसे बड़े राज्य की कमान पंकज चौधरी को सौंपकर कई राजनीतिक लक्ष्यों को एक साथ साधने की रणनीति बनाई है।

पंकज चौधरी को केंद्रीय नेतृत्व का भरोसेमंद नेता माना जाता है। पूर्वांचल की राजनीति में वह कुर्मी समुदाय के प्रभावशाली ओबीसी चेहरे के रूप में पहचाने जाते हैं। पार्टी उन्हें समाजवादी पार्टी के ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण के जवाब के तौर पर भी आगे बढ़ा रही है।

लंबा राजनीतिक अनुभव

महाराजगंज से सांसद पंकज चौधरी का राजनीतिक सफर गोरखपुर से शुरू हुआ। वर्ष 1989 में उन्होंने गोरखपुर नगर निगम में पार्षद का चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखा। इसके बाद 1989 से 1991 तक वह उपमहापौर रहे। बाद में उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति की राह पकड़ी और महाराजगंज लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना शुरू किया।

पंकज चौधरी अब तक छह बार सांसद चुने जा चुके हैं। 1991 में पहली बार लोकसभा पहुंचे और फिर 1998, 1999, 2014, 2019 और 2024 में जीत दर्ज की। हालांकि 2004 और 2009 के चुनावों में उन्हें हार का सामना भी करना पड़ा। उनका लंबा संसदीय अनुभव पार्टी के लिए बड़ी ताकत माना जा रहा है।

संगठन और जातीय संतुलन का गणित

12 नवंबर 1964 को गोरखपुर में जन्मे पंकज चौधरी ने राजनीति विज्ञान में एमए किया है। यूपी बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए उनके नाम पर सहमति बनने के पीछे कई राजनीतिक समीकरण हैं। सबसे अहम कारण कुर्मी समुदाय में उनकी मजबूत पकड़ है। पार्टी मानती है कि उन्हें अध्यक्ष बनाकर पूर्वांचल और अवध क्षेत्र में कुर्मी वोटों को एकजुट किया जा सकता है।

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2024 के लोकसभा चुनाव में प्रदेश से 11 कुर्मी सांसद चुने गए, जिनमें 3 बीजेपी और 7 समाजवादी पार्टी के हैं। चुनाव परिणामों से यह संकेत मिला कि कुर्मी वोटों का झुकाव बंटा हुआ रहा। बीजेपी अब इस वोट बैंक को अपने पक्ष में मजबूती से बनाए रखने की कोशिश में है।

सपा के पीडीए फार्मूले की काट

लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने पीडीए के नारे के जरिए पिछड़े वर्गों को साधने में सफलता पाई थी। बीजेपी को इसका मुकाबला करने के लिए एक प्रभावशाली ओबीसी चेहरे की जरूरत थी। पंकज चौधरी इस भूमिका में फिट बैठते हैं। कुर्मी समाज, ओबीसी वर्ग में यादवों के बाद दूसरी सबसे बड़ी आबादी माना जाता है। पूर्वांचल में कुर्मी वोटों के खिसकने से बीजेपी को नुकसान हुआ था, जिसकी भरपाई के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है।

केंद्रीय नेतृत्व का भरोसा

पंकज चौधरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का करीबी और विश्वसनीय नेता माना जाता है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री के रूप में उनकी नियुक्ति उनकी प्रशासनिक दक्षता और संगठन के प्रति निष्ठा को दर्शाती है। साफ छवि, लंबा अनुभव और मजबूत सामाजिक आधार उन्हें उत्तर प्रदेश बीजेपी के लिए रणनीतिक रूप से अहम विकल्प बनाता है।

कुल मिलाकर, पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर बीजेपी संगठनात्मक मजबूती, जातीय संतुलन और विपक्षी रणनीति का जवाब—तीनों मोर्चों पर एक साथ साधने की कोशिश कर रही है।

यूपी बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए पंकज चौधरी ने भरा नामांकन, योगी और केशव मौर्य बने प्रस्तावक

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी को नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने शनिवार को यूपी बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य उनके प्रस्तावक बने। इसके साथ ही लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लग गया है।

पार्टी के संगठनात्मक चुनाव कार्यक्रम के तहत शनिवार को नामांकन की प्रक्रिया पूरी की गई। सुबह से ही लखनऊ स्थित बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में हलचल बनी रही। दिल्ली में मौजूद रहने के बाद पंकज चौधरी लखनऊ पहुंचे और पार्टी कार्यालय में पहुंचकर नामांकन पत्र दाखिल किया। संगठन चुनाव प्रभारी महेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि पंकज चौधरी ने चार सेट में अपना नामांकन भरा है।

नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक विनोद तावड़े और संगठन चुनाव प्रभारी महेंद्र नाथ पांडेय भी मौजूद रहे। शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी और समर्थन से यह स्पष्ट हो गया है कि केंद्रीय नेतृत्व ने पंकज चौधरी के नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगा दी है।

क्यों अहम है पंकज चौधरी की ताजपोशी

महाराजगंज से सात बार सांसद रह चुके पंकज चौधरी कुर्मी समाज से आते हैं और ओबीसी वर्ग का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपकर बीजेपी ने संगठन और सरकार के बीच सामाजिक संतुलन साधने की रणनीति अपनाई है।

यह भी पढ़े:- यूपी भाजपा अध्यक्ष चुनाव: पंकज चौधरी का नामांकन आज, मुख्यमंत्री योगी होंगे प्रस्तावक

इसके जरिए पार्टी समाजवादी पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण को चुनौती देने और ओबीसी वोट बैंक को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

पूर्वांचल पर भाजपा का फोकस

पंकज चौधरी का प्रभाव क्षेत्र पूर्वांचल माना जाता है, जो लोकसभा और विधानसभा चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाता है। हालिया लोकसभा चुनाव में इस क्षेत्र में सपा को बढ़त मिली थी। ऐसे में पूर्वांचल से आने वाले नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने राजनीतिक संतुलन साधने का बड़ा दांव खेला है।

14 दिसंबर को होगा औपचारिक ऐलान

संगठन चुनाव प्रभारी महेंद्र नाथ पांडेय के मुताबिक, नामांकन प्रक्रिया के बाद 14 दिसंबर को नए प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की जाएगी। चूंकि अध्यक्ष पद के लिए केवल पंकज चौधरी का ही नामांकन हुआ है और उन्हें शीर्ष नेतृत्व का समर्थन प्राप्त है, इसलिए उनका निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है।

पंकज चौधरी की ताजपोशी के साथ ही प्रदेश भाजपा में नए नेतृत्व की शुरुआत होगी, जिसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी 2027 के विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को मजबूत स्थिति में पहुंचाना होगी।

यूपी भाजपा अध्यक्ष चुनाव: पंकज चौधरी का नामांकन आज, मुख्यमंत्री योगी होंगे प्रस्तावक

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया तेज हो गई है। शनिवार को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में अध्यक्ष पद के लिए नामांकन होना है, जिसमें सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी पार्टी मुख्यालय पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कार्यालय पहुंचे और वही पंकज चौधरी के नामांकन प्रस्तावक होंगे। नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का औपचारिक ऐलान रविवार को किया जाएगा।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, पंकज चौधरी पांच सेट में अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। उनके नामांकन के लिए कुल दस प्रस्तावकों के नाम तय किए गए हैं। इनमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, स्वतंत्र देव सिंह, सूर्य प्रताप शाही, सुरेश खन्ना, बेबी रानी मौर्य, साध्वी निरंजन ज्योति और नीलिमा कटियार शामिल हैं।

प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को लेकर शनिवार को दिनभर बैठकों का दौर चला। नामांकन प्रक्रिया की जिम्मेदारी उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और प्रदेश महामंत्री संजय राय को सौंपी गई है। वहीं, रविवार को नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा का कार्यक्रम डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम की जिम्मेदारी उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला को दी गई है।

इस बीच, पंकज चौधरी के यूपी भाजपा का नया अध्यक्ष बनने की अटकलें लगभग तय मानी जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष भी पूर्वांचल से होने जा रहा है। महाराजगंज से सांसद और केंद्र सरकार में मंत्री पंकज चौधरी शनिवार को दिल्ली से लखनऊ पहुंचकर नामांकन कर रहे हैं, जबकि रविवार को उनके नाम की औपचारिक घोषणा होगी।

भाजपा की घोषित चुनाव प्रक्रिया के तहत शनिवार को नामांकन, उसके अगले दिन नामांकन पत्रों की जांच और वापसी होगी। इसके बाद 14 दिसंबर को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के नाम की घोषणा की जाएगी।

प्रदेश भाजपा कार्यालय में हुई बैठकों के बाद कुल 464 मतदाताओं की सूची तय की गई है। इसमें प्रदेश परिषद के सदस्य, पांच सांसद और 34 विधायक शामिल हैं। पार्टी नियमों के अनुसार, भाजपा विधानमंडल के सदस्यों की कुल संख्या का 10 प्रतिशत और यूपी कोटे के लोकसभा व राज्यसभा सांसदों में से दस को मतदाता बनाया जाता है। केंद्रीय चुनाव अधिकारी के रूप में नियुक्त केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा करेंगे।

उधर, मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के भविष्य की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। हाल ही में उनकी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत शीर्ष नेताओं से मुलाकात के बाद अटकलों का बाजार गर्म है।

भाजपा नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा को भव्य बनाने की तैयारी में जुटी है। पार्टी इसे मेगा इवेंट के रूप में आयोजित करेगी, जिसके लिए संगठन स्तर पर जिम्मेदारियां तय की जा चुकी हैं। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने भी दोनों उप मुख्यमंत्रियों और प्रदेश नेतृत्व के साथ बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया है।

गौरतलब है कि बीते दस वर्षों में भाजपा ने चार प्रदेश अध्यक्ष चुने हैं, जिनमें से तीन ओबीसी वर्ग से रहे हैं। वर्तमान अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी पार्टी के 17वें प्रदेश अध्यक्ष हैं। हाल के वर्षों में यूपी भाजपा की राजनीति में ओबीसी नेतृत्व को लगातार प्राथमिकता मिलती रही है।

कोलकाता के स्टेडियम में बवाल पर ममता बनर्जी ने लियोनेल मेस्सी से मांगी माफी; जताया खेद, जांच के दिए निर्देश

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  विश्व फुटबॉल के दिग्गज लियोनेल मेस्सी के भारत आगमन से पहले ही उनके प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा था। शनिवार को मेस्सी की एक झलक पाने के लिए कोलकाता के युवा भारती क्रीड़ांगन (सॉल्ट लेक स्टेडियम) में भारी संख्या में लोग जमा हुए, लेकिन यह उत्साह जल्द ही अफरा-तफरी में बदल गया।

जैसे ही मेस्सी स्टेडियम में पहुंचे, हालात बेकाबू हो गए। दर्शकों ने कुर्सियों पर खड़े होकर नारेबाजी शुरू कर दी, बोतलें फेंकी जाने लगीं और देखते ही देखते आपसी झड़प व तोड़फोड़ शुरू हो गई। कई प्रशंसकों ने सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ते हुए मैदान में प्रवेश करने की कोशिश की, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

इस पूरे घटनाक्रम पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नाराजगी और दुख जताया है। उन्होंने अव्यवस्था की जांच के आदेश देते हुए लियोनेल मेस्सी और उनके प्रशंसकों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। ममता बनर्जी ने कहा कि सॉल्ट लेक स्टेडियम में जो कुछ हुआ, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे उन्हें गहरा आघात पहुंचा है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री स्वयं इस कार्यक्रम में शामिल होने वाली थीं, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही बवाल शुरू हो गया।

‘सिटी ऑफ जॉय’ को फुटबॉल प्रेमियों के लिए यादगार बनना था, लेकिन अव्यवस्थित प्रबंधन के कारण यह दिन निराशा और अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया। हालात इतने खराब हो गए कि कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ा। इसके चलते बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मेस्सी से मुलाकात नहीं हो सकी।

आरोप है कि राजनीतिक समर्थकों के मैदान में घुस आने से स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। सुरक्षा घेरा टूटने के बाद आयोजकों और सुरक्षाकर्मियों को मेस्सी को सुरक्षित तरीके से स्टेडियम से बाहर निकालना पड़ा। ‘जीओएटी टूर’ के आयोजक शतद्रु दत्ता भी हालात संभालते नजर आए।

4,500 से लेकर 10,000 रुपये तक के टिकट खरीदने वाले प्रशंसकों में खासा रोष देखने को मिला। निराश दर्शकों ने कुर्सियां तोड़ीं और बोतलें फेंकीं। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

एक नाराज प्रशंसक अजय शाह ने कहा कि स्टेडियम में सुविधाओं का बेहद अभाव था। उन्होंने बताया कि टिकट पर हजारों रुपये खर्च करने के बावजूद मेस्सी की एक झलक तक नहीं मिली। पीने के पानी की व्यवस्था नहीं थी और पुलिसकर्मी व सुरक्षाबल सेल्फी लेने में व्यस्त नजर आए। उन्होंने इसके लिए सीधे तौर पर प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया।

यह घटना न केवल आयोजकों की तैयारियों पर सवाल खड़े करती है, बल्कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में सुरक्षा और व्यवस्थाओं की पोल भी खोलती है।

Aaj Ka Rashifal 12 December 2025: पांच राशियों पर आज किस्मत मेहरबान, अटके काम होंगे आसान – जानें 12 दिसंबर का दैनिक राशिफल

Aaj Ka Rashifal 12 December 2025:- पौष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि (रुक्मिणी अष्टमी) पर चंद्रमा का गोचर कन्या राशि में हो रहा है। गुरु और चंद्रमा के केंद्र भाव में स्थित होने से गजकेसरी योग तथा सूर्य से ग्यारहवें भाव में चंद्रमा के रहने से सम योग का भी शुभ संयोजन बन रहा है। ग्रहों की यह स्थिति कई जातकों के लिए भाग्यवृद्धि और कार्यसिद्धि के संकेत दे रही है।

मेष (Aries)

स्वभाव: ऊर्जावान
शुभ रंग: लाल
आज मेष जातकों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिन्हें आप अच्छे से निभाएंगे। प्रमोशन या सराहना मिलने की संभावना है। संबंधों में सामंजस्य बना रहेगा। किसी पड़ोसी विवाद में पड़ने से बचें, क्योंकि मामला कानूनी रूप ले सकता है। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।

वृषभ (Taurus)

स्वभाव: धैर्यशील
शुभ रंग: हरा
आज वृषभ राशि के लोगों को मेहनत के अनुरूप परिणाम मिलेंगे। आय-व्यय में संतुलन बनाने में सफलता मिलेगी। भविष्य के लिए कोई निवेश प्लान कर सकते हैं। किसी की कही बात पर तुरंत भरोसा न करें, इससे परिवार में तनाव हो सकता है। साहस और निर्णय क्षमता में बढ़ोतरी होगी।

मिथुन (Gemini)

स्वभाव: जिज्ञासु
शुभ रंग: पीला
विद्यार्थियों के लिए दिन बेहद अनुकूल रहेगा। पढ़ाई में मन लगेगा और माता से कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। परिवार में खुशियां बढ़ेंगी और संतान की ओर से शुभ समाचार मिल सकता है। कारोबार में उतार-चढ़ाव खत्म होंगे। शेयर बाजार से जुड़े लोगों के लिए भी दिन लाभकारी है।

कर्क (Cancer)

स्वभाव: भावुक
शुभ रंग: सफेद
कर्क राशि वालों के लिए दिन मिश्रित फल देने वाला रहेगा। जरूरी कार्य समय पर निपटाने की कोशिश करें। दांपत्य जीवन में तनाव बढ़ सकता है। बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े लोगों को किसी नई योजना का लाभ मिल सकता है। परिवार में किसी शुभ कार्यक्रम से माहौल खुशनुमा रहेगा। बुजुर्गों की सेवा में समय देंगे।

सिंह (Leo)

स्वभाव: आत्मविश्वासी
शुभ रंग: ग्रे
सिंह जातकों का आत्मविश्वास आज चरम पर रहेगा। नेतृत्व क्षमता बेहतरीन रहेगी और प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलेगी। दोस्तों की मदद करेंगे। पिकनिक या यात्रा की योजना बनाते समय सावधानी रखें। अटकी हुई डील पूरी हो सकती है। घर में नया इलेक्ट्रॉनिक सामान आने की संभावना है।

कन्या (Virgo)

स्वभाव: मेहनती
शुभ रंग: लाल
आज कन्या राशि वालों के लिए धैर्य रखने की सलाह है। बिजनेस में पार्टनर के साथ डील करते समय सतर्क रहना होगा, वरना नुकसान हो सकता है। मां की सेहत बिगड़ सकती है। लंबे समय से अटके काम आज पूरा करने की कोशिश करें।

तुला (Libra)

स्वभाव: संतुलित
शुभ रंग: पीला
तुला जातकों का दिन व्यस्तता से भरा रहेगा। काम के बीच दोस्तों से मिलने-जुलने का मौका मिलेगा। राजनीतिक क्षेत्र में कार्यरत लोगों को पहचान मिलने की संभावना है। घर की साफ-सफाई पर ध्यान देंगे। स्वास्थ्य संबंधी समस्या परेशान कर सकती है। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को निरंतर प्रयास की जरूरत है।

वृश्चिक (Scorpio)

स्वभाव: रहस्यमय
शुभ रंग: ग्रे
वृश्चिक राशि वालों के लिए दिन थोड़ा उलझन भरा रह सकता है। जीवनसाथी की भावनाओं को महत्व दें। नया वाहन खरीदने की योजना पर आगे बढ़ सकते हैं। पुरानी गलती को न दोहराएं। उच्च शिक्षा के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है। बिजनेस में सुधार होगा।

धनु (Sagittarius)

स्वभाव: दयालु
शुभ रंग: गोल्डन
धनु जातकों के लिए उत्साह से भरा दिन रहेगा। करियर में नए अवसर मिलेंगे। रुका हुआ धन मिलने की संभावना है। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। प्रेमी जोड़े लंबी ड्राइव पर जाने की योजना बना सकते हैं। घर के रेनोवेशन की शुरुआत कर सकते हैं।

मकर (Capricorn)

स्वभाव: अनुशासित
शुभ रंग: बैंगनी
आज मकर राशि वालों के लिए आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। महत्वपूर्ण व्यक्तियों से मुलाकात का अवसर मिलेगा। काम टालने से बचें, मुश्किलें बढ़ सकती हैं। निवेश करते समय सावधानी बरतें, कोई भ्रमित कर सकता है। प्राइवेट सेक्टर में मेहनत अधिक रहेगी, लेकिन अधिकारियों से संबंध अच्छे रहेंगे।

कुंभ (Aquarius)

स्वभाव: मानवतावादी
शुभ रंग: लाल
कुंभ राशि के लिए दिन चुनौतीपूर्ण रहेगा। कई काम एक साथ आने पर तनाव बढ़ सकता है। किसी परिजन से निराशाजनक सूचना मिल सकती है। परिवार में विवाह संबंधी बाधाओं पर मित्रों से सलाह ले सकते हैं। वरिष्ठों से मिली सलाह लाभदायक होगी। स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज न करें।

मीन (Pisces)

स्वभाव: संवेदनशील
शुभ रंग: गुलाबी
मीन राशि वाले आज ऊर्जा से भरे रहेंगे। करियर में प्रगति के संकेत मिल रहे हैं। आर्थिक स्थिति सुधरेगी। रचनात्मक कार्यों में रुचि रहेगी। ऑफिस में महिला सहयोगियों से सतर्क रहें। लेनदेन सावधानी से करें। ऑनलाइन खरीदारी में धोखाधड़ी की संभावना है, सतर्क रहें।