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सोमनाथ में पीएम मोदी ने किया ओंकार मंत्र जाप, सभ्यतागत साहस का प्रतीक माना मंदिर – VIDEO

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपने तीन दिवसीय गुजरात दौरे के दौरान सोमनाथ महादेव मंदिर पहुंचे और ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ में शामिल हुए। इस अवसर पर मंदिर के इतिहास को दर्शाने के लिए 3,000 ड्रोन के माध्यम से भव्य शो का आयोजन किया गया।

पीएम मोदी ने मंदिर में 72 घंटे तक चलने वाले ओंकार मंत्र जाप में भी हिस्सा लिया और कहा कि सोमनाथ आने पर वह धन्य महसूस कर रहे हैं। उन्होंने इसे सभ्यतागत साहस का गौरवशाली प्रतीक बताया।

पीएम मोदी ने किया ओंकार मंत्र जाप में भाग

प्रधानमंत्री ने द्वादश ज्योतिर्लिंगों में पहले सोमनाथ महादेव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। यह 72 घंटे का जाप मंदिर पर एक हजार साल पहले हुए हमले की याद में आयोजित किया गया है।

भव्य ड्रोन शो का आनंद

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान पीएम मोदी ने मंदिर परिसर में ड्रोन शो देखा, जिसमें मंदिर से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं को दिखाने के लिए 3,000 ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और भक्तों की भव्य उपस्थिति

तीसरे दिन मंदिर परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। गायक हंसराज रघुवंशी के शिव भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। “मेरा भोला है भंडारी” और “जयकारा बोलो” जैसे भजनों ने भक्तों को भक्ति भाव में सराबोर कर दिया। इस अवसर पर पीएम मोदी की मौजूदगी में भारी भीड़ उमड़ी।

स्वागत और शौर्य यात्रा

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित अन्य प्रमुख नेताओं ने वेरावल हेलीपैड पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया। मंदिर परिसर में आने के लिए सड़क के दोनों ओर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की भीड़ थी।

रविवार सुबह पीएम मोदी शौर्य यात्रा में शामिल होंगे, जिसमें सोमनाथ मंदिर की रक्षा करने वाले वीरों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इस यात्रा में 108 घोड़ों का जुलूस भी होगा।

आगामी कार्यक्रम

  • वाइब्रेंट गुजरात समिट: पीएम मोदी राजकोट में दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे, जिसमें 110 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय खरीदार और 1,500 से अधिक समझौतों की उम्मीद है।

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  • अहमदाबाद मेट्रो सेकेंड फेज का उद्घाटन: पीएम मोदी सेक्टर 10ए सचिवालय से महात्मा मंदिर तक मेट्रो के दूसरे चरण का उद्घाटन करेंगे।
  • जर्मनी के चांसलर से मुलाकात: पीएम मोदी सोमवार को जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से गांधीनगर में द्विपक्षीय बैठक करेंगे और साबरमती आश्रम का दौरा करेंगे।

देश को कब मिलेगा मुस्लिम प्रधानमंत्री? राहुल गांधी ने 16 साल पहले दिया था ये जवाब; वीडियो हुआ वायरल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- देश में मुस्लिम प्रधानमंत्री को लेकर बहस फिर तेज हो गई है। हाल ही में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि एक दिन हिजाब पहनने वाली महिला भारत की प्रधानमंत्री बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान सभी समुदायों को समान अधिकार देता है, जबकि पाकिस्तान में शीर्ष संवैधानिक पद केवल एक समुदाय के लिए आरक्षित हैं।

ओवैसी के इस बयान के बाद कांग्रेस ने कहा कि वह दिन में तारे देख रहे हैं।

राहुल गांधी का पुराना वीडियो हुआ वायरल

सोशल मीडिया पर राहुल गांधी का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम का है। इसमें एक छात्रा पूछती हैं कि भारत को पहला मुस्लिम प्रधानमंत्री कब मिलेगा।

इस पर राहुल गांधी ने कहा: “यह सवाल आपके लिए भी है। आप जैसे लोग निकलकर बाहर आएं और अच्छे नेताओं की जरूरत है। आज आपको सिख प्रधानमंत्री मिला। लोगों ने कभी नहीं सोचा होगा कि हमें सिख प्रधानमंत्री मिलेगा। देश में सिखों की संख्या बहुत कम है, लेकिन यह मायने नहीं रखता।”

मुस्लिम प्रधानमंत्री पर राहुल गांधी का संदेश

राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि किसी भी नागरिक के लिए प्रधानमंत्री बनने का आधार धर्म नहीं बल्कि योग्यता है। उन्होंने कहा: “आज मनमोहन सिंह जी सिख प्रधानमंत्री हैं और वह इसलिए प्रधानमंत्री हैं क्योंकि वह योग्य हैं, न कि इसलिए कि वह सिख हैं। इसी तरह, अगर कोई मुस्लिम प्रधानमंत्री बनेगा, तो केवल इसलिए कि वह योग्य है।”

बीजेपी और ओवैसी के बयान पर प्रतिक्रिया

बीजेपी ने ओवैसी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह ‘गैरजिम्मेदाराना’ बयान है। पार्टी का कहना था कि मुस्लिम महिलाएं हिजाब पहनने का चुनाव नहीं करना चाहतीं और ओवैसी इस बयान के माध्यम से ‘आधा सच’ पेश कर रहे हैं।

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ओवैसी ने 15 जनवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों से पहले महाराष्ट्र के सोलापुर में जनसभा में कहा: “भारत का संविधान सभी को बराबरी का अधिकार देता है। शायद मैं इसे देखने के लिए जीवित न रहूं, लेकिन भविष्य में ऐसा समय जरूर आएगा जब हिजाब पहनने वाली महिला प्रधानमंत्री बनेगी।”

‘मिर्जापुर द फिल्म’ में वापसी करने जा रही हैं स्वीटी गुप्ता, पहले सीजन में हो चुकी थी मौत

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मिर्जापुर के फैंस के लिए बड़ी खबर है। लोकप्रिय वेब सीरीज मिर्जापुर अब फिल्म के रूप में बड़े पर्दे पर आने वाली है। फिल्म का नाम रखा गया है “मिर्जापुर द फिल्म”। रिलीज से पहले ही फिल्म से जुड़े कई अपडेट सामने आ रहे हैं, जिनमें सबसे चर्चा में है स्वीटी गुप्ता का किरदार।

स्वीटी गुप्ता कर रही हैं वापसी

स्वीटी गुप्ता का किरदार पहले सीजन में ही खत्म हो गया था। लेकिन अब खबर है कि श्रिया पिलगांवकर, जिन्होंने स्वीटी का किरदार निभाया था, फिल्म में वापसी कर रही हैं। श्रिया ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर दो तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा: “8 साल बाद…गेस करिए कौन मौत से वापस आने जा रहा है। मिर्जापुर द फिल्म। अभी शूटिंग कर रही हूं। जल्द मिलेंगे…”

पहले कैसे हुई थी स्वीटी की मौत?

सीजन 1 में स्वीटी गुप्ता और गुड्डू भैया की लव स्टोरी दर्शकों को खूब पसंद आई थी। इस कहानी में मुन्ना भैया ने विलेन का रोल निभाया था। मुन्ना भैया स्वीटी को पसंद करता है, लेकिन स्वीटी गुड्डू भैया को पसंद करती हैं।

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सीजन 1 के अंत में मुन्ना भैया ही स्वीटी को मार देते हैं। यह सीन फैंस के लिए बेहद दुखद रहा था।

सोशल मीडिया पर फैंस की प्रतिक्रिया

फिल्म में स्वीटी की वापसी की खबर के बाद फैंस काफी उत्साहित हैं। इंस्टाग्राम पोस्ट पर यूजर्स ने अपनी खुशी जाहिर की। कुछ प्रतिक्रियाएं इस प्रकार हैं:

  • “मुझे स्वीटी बहुत पसंद थी…इन्हें स्क्रीन पर देखकर बहुत उत्साहित हूं।”
  • “अब होगा भौकाल।”
  • “शादी में बुलेट प्रूफ वेस्ट पहनकर जाना और बबलु भैया को मत ले जाना।”

इस तरह, मिर्जापुर द फिल्म के फैंस को जल्द ही अपने पसंदीदा किरदारों को बड़े पर्दे पर देखने का मौका मिलेगा।

नौकरीपेशा लोगों के बीच लोकप्रिय यह स्कीम, सरकार दे रही है 7.1% सालाना ब्याज

नौकरीपेशा लोगों के बीच सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली स्मॉल सेविंग स्कीम में से एक है पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)। इस योजना में निवेश कर लंबे समय में अच्छा बचत और रिटर्न हासिल किया जा सकता है। हाल ही में केंद्र सरकार ने PPF समेत अन्य स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों को लेकर तिमाही निर्णय लिया है।

ब्याज दरें बनी अपरिवर्तित

केंद्र सरकार ने स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों को जारी रखा है, जो 1 जनवरी, 2026 से 31 मार्च, 2026 तक लागू रहेंगी। यह लगातार सातवीं तिमाही है जब ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

  • सुकन्या समृद्धि योजना: 8.2%
  • तीन साल की सावधि जमा (FD): 7.1%
  • PPF: 7.1%
  • डाकघर बचत जमा योजना: 4%
  • किसान विकास पत्र (KVP): 7.5% (115 महीने में मैच्योर)
  • राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC): 7.7%
  • मासिक आय योजना (MIS): 7.4%

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PPF की खास बातें

  • PPF 7.1% सालाना ब्याज दर पर सुरक्षित निवेश विकल्प है।
  • इसमें मूलधन और ब्याज पर 100% गारंटी मिलती है।
  • ब्याज का भुगतान समय-समय पर नहीं बल्कि जमा राशि के साथ बढ़ता रहता है।
  • मिनिमम लॉक-इन पीरियड: 15 साल (इसके बाद 5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है)।
  • सालाना योगदान सीमा: ₹1.50 लाख (PAN पर अधिकतम)।
  • मिनिमम निवेश राशि: ₹500 प्रति वर्ष।

इस स्कीम की लोकप्रियता का मुख्य कारण है इसकी सुरक्षा, निश्चित ब्याज दर और लंबी अवधि में धनराशि में बढ़ोतरी।

UP SIR: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम नहीं दिखा तो घबराएं नहीं, 1.77 लाख बूथों पर BLO करेंगे मदद

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर मतदाताओं को राहत दी गई है। राज्य में कुल 12.55 करोड़ मतदाताओं की ड्राफ्ट सूची रविवार को बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के माध्यम से सभी मतदान केंद्रों पर प्रदर्शित की जाएगी। जिन लोगों को ऑनलाइन अपना नाम मतदाता सूची में नहीं मिल रहा है, वे अपने नजदीकी बूथ पर जाकर सूची देख सकते हैं। यदि नाम शामिल नहीं है तो वे आपत्ति दर्ज करा सकते हैं या नया मतदाता बनने के लिए फॉर्म-6 भर सकते हैं।

1.04 करोड़ मतदाताओं की नहीं हो सकी मैपिंग

ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल 12.55 करोड़ मतदाताओं में से करीब 1.04 करोड़ ऐसे मतदाता हैं, जिनकी मैपिंग अभी पूरी नहीं हो पाई है। यह मैपिंग वर्ष 2003 की मतदाता सूची के आधार पर की जा रही है। इसमें मतदाता के नाम के साथ-साथ माता-पिता, दादा-दादी और नाना-नानी के नामों के आधार पर भी पहचान की जा रही है। जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी है, उन्हें नोटिस मिलने पर जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट और शैक्षिक प्रमाण पत्र सहित कुल 13 दस्तावेज जमा करने होंगे।

बूथों की संख्या बढ़कर 1.77 लाख

राज्य में मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बूथों की संख्या में भी इजाफा किया गया है। अब 1200 की आबादी पर एक मतदान केंद्र बनाया गया है, जबकि इससे पहले 1500 की जनसंख्या पर एक बूथ था।

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इस बदलाव के बाद बूथों की संख्या 1.62 लाख से बढ़कर 1.77 लाख हो गई है। कुल 15,030 नए बूथ बनाए गए हैं, जिसके चलते कई मतदाताओं को उनके पुराने बूथ से पास के अन्य बूथों पर स्थानांतरित किया गया है।

सभी बूथों पर BLO की मौजूदगी अनिवार्य

चुनाव आयोग ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हर बूथ पर BLO के जरिए ड्राफ्ट मतदाता सूची पढ़ने और दिखाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आदेश में साफ कहा गया है कि BLO को हर हाल में अपने-अपने बूथ पर उपस्थित रहना होगा और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कब तक दर्ज कराई जा सकती है आपत्ति

SIR प्रक्रिया के दौरान अब तक 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा चुके हैं। नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 भरे जा रहे हैं। प्रदेश के कुल 1.77 लाख बूथों में से 1.33 लाख ग्रामीण क्षेत्रों में और 43,849 बूथ शहरी इलाकों में स्थित हैं। मतदाता सूची से संबंधित आपत्तियां 6 फरवरी तक दर्ज कराई जा सकेंगी, जिनका निस्तारण 27 फरवरी तक किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च को जारी की जाएगी।

यूपी में जमीन खरीद पर बड़ी राहत, इन क्षेत्रों में 50% तक मिलेगा अनुदान, जानिए कौन उठा सकेगा लाभ

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़ :-उत्तर प्रदेश सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लिया है। राज्य में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) इकाइयों को सरकारी जमीन खरीदने पर अधिकतम 50 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाएगा। हालांकि तय समय सीमा में परियोजना पूरी न होने पर अनुदान की राशि 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ वसूली जाएगी। कैबिनेट से मंजूर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) में इस प्रावधान को शामिल किया गया है।

क्षेत्रवार तय हुई अनुदान की दर

नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में GCC इकाइयों को अलग-अलग दरों पर भूमि अनुदान दिया जाएगा। पूर्वांचल और बुंदेलखंड में स्थापित पात्र इकाइयों को सबसे अधिक, यानी 50 प्रतिशत तक का अनुदान मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे इन पिछड़े क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

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वहीं गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद में GCC इकाइयों को 30 प्रतिशत तक भूमि अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा पश्चिमांचल (गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद को छोड़कर) और मध्यांचल क्षेत्र में स्थापित होने वाली इकाइयों को 40 प्रतिशत अनुदान का लाभ मिलेगा।

समय पर परियोजना पूरी करना होगा जरूरी

सरकार ने साफ किया है कि अनुदान लेने वाली इकाइयों को निर्धारित समय के भीतर परियोजना पूरी करनी होगी। जब तक वाणिज्यिक संचालन शुरू नहीं हो जाता या तय अवधि पूरी नहीं होती, तब तक दी गई भूमि संबंधित सरकारी निकाय के पास बंधक रहेगी। यदि तय समय में परियोजना पूरी नहीं हुई, तो भूमि अनुदान की राशि 12 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ वसूली जाएगी। इस अनुदान पर होने वाला खर्च औद्योगिक विकास विभाग वहन करेगा।

केवल सरकारी भूमि पर ही मिलेगा लाभ

भूमि अनुदान का लाभ सिर्फ उन्हीं GCC इकाइयों को दिया जाएगा, जो राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण, विकास प्राधिकरण, शहरी निकाय या किसी अन्य सरकारी एजेंसी से जमीन खरीदेंगी। किराये के भवन, को-वर्किंग स्पेस या निजी परिसर में संचालित इकाइयों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है—सरकारी भूमि के माध्यम से औद्योगिक विकास को गति देना और प्रदेश में निवेश को आकर्षित करना।

यूपी में स्कूल एडमिशन नियमों में बड़ा बदलाव, आधार और उम्र को लेकर नई व्यवस्था लागू

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया को और आसान बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है। नए फैसले के तहत अब RTE कोटे से दाखिले के लिए बच्चे का आधार कार्ड अनिवार्य नहीं रहेगा। इस बदलाव से उन हजारों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो अब तक दस्तावेजों की कमी के कारण अपने बच्चों का स्कूल में नामांकन नहीं करा पा रहे थे।

एडमिशन प्रक्रिया में क्या हुआ बदलाव

संशोधित नियमों के अनुसार, पहले जहां ऑनलाइन आवेदन के समय बच्चे और माता-पिता दोनों के आधार कार्ड जरूरी होते थे, वहीं अब बच्चे का आधार कार्ड नहीं मांगा जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी योग्य बच्चे को केवल तकनीकी या दस्तावेजी कारणों से शिक्षा से वंचित न रहना पड़े।

आधार कार्ड अब कहां होगा जरूरी

नए दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि आधार कार्ड का उपयोग केवल वित्तीय भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया में किया जाएगा। RTE के तहत निजी स्कूलों को दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि अब आधार से जुड़े बैंक खाते में ही ट्रांसफर की जाएगी। इसके लिए आवेदन के समय कम से कम एक अभिभावक का आधार-सीडेड बैंक खाता होना अनिवार्य होगा, लेकिन बच्चे का आधार जरूरी नहीं होगा।

सरकार की मंशा

इस फैसले पर बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि सरकार RTE अधिनियम की मूल भावना के अनुरूप वंचित और जरूरतमंद परिवारों के लिए शिक्षा को सुलभ बनाना चाहती है।

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उनका कहना है कि केवल दस्तावेजों के अभाव में किसी भी बच्चे को स्कूल से बाहर नहीं रखा जाना चाहिए।

25 फीसदी सीटों का नियम यथावत

सरकार ने यह भी साफ किया है कि RTE अधिनियम की धारा 12(1)(c) के तहत निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों में कुल प्रवेश क्षमता की 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहेंगी। यह व्यवस्था एंट्री लेवल कक्षाओं—नर्सरी, प्री-प्राइमरी या कक्षा 1—पर लागू होगी। प्रत्येक जिले में दाखिले का वार्षिक लक्ष्य इसी आधार पर तय किया जाएगा।

उम्र के आधार पर पात्रता

संशोधित नियमों में बच्चों की उम्र को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं—

  • 3 वर्ष या उससे अधिक और 4 वर्ष से कम: नर्सरी
  • 4 वर्ष या उससे अधिक और 5 वर्ष से कम: एलकेजी
  • 6 से 7 वर्ष: कक्षा 1

इन आयु मानकों के अनुसार ही ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।

सत्यापन और स्कूल आवंटन की प्रक्रिया

आवेदन के बाद दस्तावेजों का सत्यापन ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी स्तर पर किया जाएगा। स्कूल आवंटन पूरी तरह ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली से दो चरणों में होगा। पहले चरण में सत्यापित आवेदनों का डिजिटल रैंडमाइजेशन किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में अभिभावकों की पसंद और लॉटरी नंबर के आधार पर 100-100 आवेदनों के समूह में स्कूल आवंटित किए जाएंगे। अंतिम चयन सूची जिलाधिकारी की मंजूरी के बाद जारी की जाएगी।

यह बदलाव प्रदेश में शिक्षा तक समान और आसान पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

भारत हिंदू राष्ट्र बनकर रहेगा, कोई ताकत नहीं रोक सकती: मोहन भागवत

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मथुरा के वृंदावन में आयोजित एक कार्यक्रम में स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत हिंदू राष्ट्र बनकर रहेगा और इसे रोक पाना किसी के लिए संभव नहीं है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले 20 से 30 वर्षों में भारत ‘विश्वगुरु’ की भूमिका में उभरेगा और दुनिया को सुख, शांति व संतुलन का मार्ग दिखाएगा।

वृंदावन स्थित सुदामा कुटी आश्रम के शताब्दी महोत्सव में शामिल हुए मोहन भागवत ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। इस अवसर पर सुदामा कुटी के महंत सुदीक्षक दास महाराज, साध्वी ऋतंभरा, मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास महाराज समेत कई संत और धर्माचार्य मौजूद रहे। अपने संबोधन में भागवत ने भक्ति को ही सच्ची शक्ति बताते हुए कहा कि पश्चिमी दुनिया स्वयं को सृष्टि का स्वामी मानती है, जबकि भारतीय दृष्टि में मनुष्य सृष्टि का केवल एक अंग है।

उन्होंने कहा, “भारत में रहने वाला हर व्यक्ति हमारे लिए हिंदू है, लेकिन बाहरी दृष्टि हमें जातियों और वर्गों में बांटकर देखती है। हमें एकजुट होना होगा। सभी हिंदू साथ बैठें, उठें, खाएं और संवाद करें—यही एकता की असली पहचान है।”

हिंदू समाज की एकता पर जोर देते हुए आरएसएस प्रमुख ने कहा कि संघ का कुटुंब प्रबोधन इसी भावना पर आधारित है। उन्होंने कहा कि बलिदानों के माध्यम से धर्म की रक्षा की गई है और आज पूरी दुनिया में सनातन संस्कृति की गूंज सुनाई दे रही है। संघ का कार्य भक्ति भाव से राष्ट्र सेवा का कार्य है और संत समाज इसी शक्ति जागरण का आधार है।

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मोहन भागवत ने आगे कहा, “जब हम एकजुट होकर खड़े होते हैं, तो दुनिया की कोई ताकत हमारे सामने टिक नहीं सकती। संकट आते हैं, लेकिन धैर्य और एकता से उनका सामना करने वाले समाज को वे तोड़ नहीं सकते। जैसे-जैसे सनातनी हिंदू एक होंगे, विघटनकारी शक्तियां कमजोर पड़ती जाएंगी।”

उन्होंने दोहराया कि यदि हिंदू समाज संगठित और एकजुट रहा, तो आने वाले दो-तीन दशकों में भारत को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकेगा। कार्यक्रम के मंच पर पीपा पीठाधीश्वर बलराम दास, कमल नयन दास महाराज, ज्ञानानंद महाराज, गौरी शंकर दास महाराज, कुमार स्वामी, भूरी वाले बाबा, सुदर्शन दास महाराज, मनोज मोहन शास्त्री और विहिप के वरिष्ठ नेता दिनेश जी समेत कई संत-महात्मा और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कौन है अहद शेख? अयोध्या राम मंदिर में नमाज की कोशिश के पीछे क्या मंशा, कश्मीर कनेक्शन की जांच तेज

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अयोध्या के श्रीराम मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने की कोशिश करते हुए पकड़े गए व्यक्ति की पहचान अहद शेख के रूप में हुई है। उसके पास से मिले आधार कार्ड के अनुसार वह जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले का रहने वाला है और उसकी उम्र करीब 55 वर्ष बताई जा रही है। सवाल यह है कि अहद शेख अयोध्या क्यों आया और राम मंदिर में नमाज पढ़ने की कोशिश के पीछे उसका उद्देश्य क्या था—इन्हीं बिंदुओं पर पुलिस और खुफिया एजेंसियां जांच में जुटी हैं।

सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लिया गया व्यक्ति पूछताछ के दौरान लगातार भ्रामक जानकारी देने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां उससे जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं। उसके पास मिले सामान की भी गहन तलाशी ली जा रही है, जबकि मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर उसकी गतिविधियों का विश्लेषण किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि अहद शेख ने मंदिर के परकोटे के पास कपड़ा बिछाकर नमाज अदा करने की कोशिश की थी। जैसे ही सुरक्षा कर्मियों ने उसे ऐसा करते देखा, तुरंत उसे हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद सीआरपीएफ, एसएसएफ और एनआईए समेत अन्य एजेंसियों को सूचना दी गई। पूछताछ के साथ-साथ उसके द्वारा दी जा रही जानकारियों का सत्यापन भी किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियां शोपियां स्थित उसके घर तक भी पहुंची हैं।

एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या अहद शेख इस घटना में अकेला था या उसके साथ कोई और भी शामिल था। चर्चा है कि उसके आसपास कुछ कंबल बेचने वाले लोग भी देखे गए थे। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में उसके बैग से ड्राई फ्रूट्स मिलने की बात कही गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है। जांच एजेंसियां उसके इरादों, पृष्ठभूमि और संभावित संपर्कों की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

अयोध्या में सुरक्षा और कड़ी

इस घटना के बाद अयोध्या में पहले से मौजूद सुरक्षा व्यवस्था को और सतर्क कर दिया गया है। मंदिर परिसर के साथ-साथ पूरे शहर में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी लगातार बनी हुई है।

राम मंदिर परिसर में 24 नए वॉच टावर प्रस्तावित

राम मंदिर की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए परिसर में बड़े स्तर पर निर्माण कार्य जारी है। मंदिर के पश्चिम में गोकुल भवन बैरियर के पास और शांति भवन के सामने दो वॉच टावर बनाए जा चुके हैं, जबकि कमांड सेंटर के पास एक और वॉच टावर निर्माणाधीन है। इंजीनियरिंग इंडिया लिमिटेड (EIL) के परियोजना प्रबंधक इंजीनियर दुर्गेश के अनुसार, पूरे परिसर में कुल 24 वॉच टावर बनाने की योजना है।

अत्याधुनिक सुरक्षा दीवार का निर्माण

इसके अलावा उच्च सुरक्षा मानकों के अनुरूप बाउंड्री वॉल का निर्माण भी शुरू हो गया है। यह दीवार करीब 16 फीट चौड़ी और लगभग 9 मीटर ऊंची होगी, जिसमें आधुनिक तकनीक से लैस सेंसर लगाए जाएंगे। ये सेंसर संदिग्ध गतिविधियों पर अलार्म देंगे और कैमरों के जरिए पहचान दर्ज करेंगे। इस सुरक्षा दीवार पर करीब 50 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।

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निर्माण से पहले जमीन की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए 12 मीटर तक खुदाई की गई है, ताकि मजबूत सतह पर नींव डाली जा सके। सुरक्षा दीवार के साथ-साथ पर्याप्त रोशनी के लिए हाईमास्ट लाइटें और लॉन्च टावर भी लगाए जा रहे हैं।

कुल मिलाकर, राम मंदिर परिसर और अयोध्या की सुरक्षा को लेकर प्रशासन और एजेंसियां किसी भी तरह की चूक न हो, इसके लिए हर स्तर पर सतर्कता बरत रही हैं।

जान देकर चुकाई झोपड़ी की कीमत, पाक में हिंदू किसान की हत्या; सड़कों पर उतरा जनाक्रोश

पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बदीन जिले में एक युवा हिंदू किसान की कथित हत्या के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। इस घटना के विरोध में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। पाकिस्तानी अख़बार द नेशन की रिपोर्ट के मुताबिक, कैलाश कोलही नाम के किसान को प्रभावशाली जमींदार सरफराज निजामानी ने गोली मार दी। बताया जा रहा है कि विवाद जमींदार की जमीन पर झोपड़ी खड़ी करने को लेकर हुआ था।

हत्या की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने बदीन–हैदराबाद नेशनल हाईवे और बदीन–थार कोयला मार्ग पर धरना देकर यातायात ठप कर दिया, जिससे सैकड़ों वाहन घंटों फंसे रहे। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

“यह विरोध नहीं, जख्मी ज़मीर की पुकार है”

पाकिस्तान दरावर इत्तेहाद के चेयरमैन और सामाजिक कार्यकर्ता शिवा काच्छी ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि कैलाश कोलही की हत्या के खिलाफ चल रहा धरना अपने आप में मिसाल बन गया है। उनके मुताबिक, यह धरना सुबह से देर रात तक लगातार चलता रहा। उन्होंने कहा कि पुरुषों, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने एक स्वर में केवल एक मांग रखी—हत्या के दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी।

शिवा काच्छी ने आगे कहा कि भूख, थकान और रात की ठंड के बावजूद प्रदर्शनकारियों का हौसला कमजोर नहीं पड़ा। उन्होंने सवाल उठाया कि कैलाश का कसूर सिर्फ इतना था कि वह गरीब और हाशिए पर रहने वाले समुदाय से था। उनके अनुसार, पीड़ित परिवार का दर्द आज पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहा है।

पुलिस के दावे, लेकिन कार्रवाई शून्य

इससे पहले पीड़ित परिवार और समुदाय के लोगों ने पीरू लशारी स्टॉप पर शव रखकर प्रदर्शन किया था। उस दौरान एसएसपी बदीन ने 24 घंटे के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया था। हालांकि, घटना को चार दिन बीत जाने के बावजूद मुख्य आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।

कई संगठनों का समर्थन

चल रहे धरने को राजनीतिक, राष्ट्रवादी, धार्मिक और सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। द नेशन के अनुसार, जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ, जिये सिंध महाज, कौमी अवामी तहरीक, जय सिंध कौमी महज और अवामी तहरीक जैसे संगठनों के नेता और कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए हैं।

प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक दोषियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यह मामला एक बार फिर सिंध प्रांत में अल्पसंख्यकों, गरीब किसानों की सुरक्षा, भूमि विवादों और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।