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समंदर में भारत की ताकत कई गुना बढ़ेगी, AIP से लैस पनडुब्बियां भारत के दुश्मनों के लिए बनेंगी काल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारत की समुद्री सुरक्षा को नई ऊंचाई पर ले जाने वाली एक बड़ी रक्षा डील जल्द ही अंतिम रूप लेने जा रही है। प्रोजेक्ट 75(I) के तहत भारतीय नौसेना को छह अत्याधुनिक स्टील्थ पारंपरिक पनडुब्बियां मिलने वाली हैं, जो एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) तकनीक से लैस होंगी। इन पनडुब्बियों का निर्माण जर्मनी की थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स (TKMS) के सहयोग से मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) में किया जाएगा।

करीब 8 अरब डॉलर (लगभग 72 हजार करोड़ रुपये) की यह डील भारत के रक्षा इतिहास की सबसे बड़ी पनडुब्बी परियोजनाओं में गिनी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की भारत यात्रा के दौरान इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर की संभावना कम है, लेकिन आने वाले तीन महीनों में इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूरा कॉन्ट्रैक्ट मार्च 2026 तक साइन होने की उम्मीद है।

मझगांव डॉकयार्ड में होगा निर्माण, ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा

P-75(I) के तहत बनने वाली सभी छह पनडुब्बियां भारत में ही मझगांव डॉकयार्ड में तैयार की जाएंगी। इससे मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को बड़ा बल मिलेगा। इस प्रोजेक्ट में जर्मनी की उन्नत तकनीक और भारत की निर्माण क्षमता का मेल भारतीय नौसेना को रणनीतिक बढ़त दिलाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन स्टील्थ पनडुब्बियों के शामिल होने से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री निगरानी, प्रतिरोधक क्षमता और रणनीतिक संतुलन पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होगा। टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (ToT) शामिल होगा और लगभग 60 प्रतिशत स्वदेशीकरण सुनिश्चित किया जाएगा। यही परियोजना भविष्य की पूरी तरह स्वदेशी P-76 पनडुब्बियों की नींव भी तैयार करेगी।

क्या है AIP तकनीक?

AIP यानी एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन एक अत्याधुनिक प्रणाली है, जो गैर-परमाणु पनडुब्बियों को बिना सतह पर आए लंबे समय तक समुद्र के भीतर रहने में सक्षम बनाती है। पारंपरिक डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों को बैटरी चार्ज करने के लिए बार-बार सतह पर आना पड़ता है या स्नॉर्कल का इस्तेमाल करना होता है, जिससे उनके पकड़े जाने का खतरा बढ़ जाता है।

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AIP तकनीक इस कमजोरी को दूर करती है। इसके जरिए पनडुब्बियां हफ्तों तक पानी के नीचे रह सकती हैं और बेहद कम शोर के साथ ऑपरेट करती हैं। यही कारण है कि दुश्मन के सोनार सिस्टम के लिए इन्हें ट्रैक करना बेहद मुश्किल हो जाता है।

हथियारों से भी होंगी बेहद घातक

रिपोर्ट्स के मुताबिक, P-75(I) के तहत बनने वाली पनडुब्बियां शुरू से ही लैंड-अटैक क्रूज मिसाइलों, उन्नत सेंसर और अगली पीढ़ी के हथियारों को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई हैं। इनमें 533 मिमी कैलिबर के भारी टॉरपीडो लगाए जाएंगे, जिनका इस्तेमाल दुश्मन की पनडुब्बियों और बड़े युद्धपोतों को निशाना बनाने के लिए किया जाएगा।

कम शोर, लंबी अंडरवॉटर एंड्योरेंस और घातक हथियारों के कारण ये AIP से लैस पनडुब्बियां चीन और पाकिस्तान जैसे देशों के लिए समुद्र में बड़ी चुनौती साबित होंगी।

Magh Mela 2026: मेला क्षेत्र नो-व्हीकल जोन घोषित, इन तारीखों में वाहनों की एंट्री पर रोक

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- माघ मेला 2026 के दौरान मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या के मुख्य स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सख्त यातायात व्यवस्था लागू की है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने के लिए पूरे मेला क्षेत्र को नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है।

प्रशासन के मुताबिक, 13 जनवरी की रात 8 बजे से 19 जनवरी की रात 12 बजे तक प्रशासनिक और मेडिकल सेवाओं से जुड़े वाहनों को छोड़कर सभी प्रकार के वाहनों का मेला क्षेत्र में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान श्रद्धालुओं को पैदल मार्गों के जरिए ही स्नान घाटों तक पहुंचना होगा। इसी अवधि में अक्षयवट दर्शन भी बंद रहेगा।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि तय अवधि के बाद भी भीड़ बनी रहती है, तो नो-व्हीकल जोन का प्रतिबंध आगे भी बढ़ाया जा सकता है। श्रद्धालुओं से निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई है।

शहर, कानपुर और लखनऊ मार्ग से आने वाले श्रद्धालु

प्रयागराज शहर और कानपुर-लखनऊ मार्ग से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन प्लॉट नंबर-17, गल्ला मंडी और नागवासुकि पार्किंग में खड़े करेंगे।

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यहां से वे पैदल मार्गों के जरिए संगम घाट, हनुमान घाट, रामघाट, मोरी घाट, शिवाला घाट और नागवासुकि घाट तक पहुंचकर स्नान कर सकेंगे। स्नान के बाद निर्धारित रूट से वापस पार्किंग तक पहुंचने की व्यवस्था की गई है।

जौनपुर और वाराणसी मार्ग से आने वालों के लिए व्यवस्था

जौनपुर और वाराणसी की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ओल्ड जीटी कछार, महुआबाग और सोहम आश्रम में पार्किंग की सुविधा रहेगी। यहां से पैदल मार्ग और पांटून पुलों के माध्यम से श्रद्धालु संगम मोरी घाट, ऐरावत घाट और अन्य संगम स्नान घाटों तक पहुंच सकेंगे।

मिर्जापुर-रीवा मार्ग से आने वाले श्रद्धालु

मिर्जापुर और रीवा मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं को देवरख कछार, गंजिया और नव प्रयागम पार्किंग में वाहन खड़े करने होंगे। यहां से पैदल मार्ग द्वारा सोमेश्वर महादेव घाट, अरैल घाट, चक्रमाधव घाट समेत अन्य संगम घाटों तक पहुंचने की सुविधा रहेगी।

पांटून पुलों पर वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था

मेला क्षेत्र में पांटून पुलों पर एकल मार्ग (वन-वे) यातायात व्यवस्था लागू की गई है।

  • परेड से झूंसी की ओर जाने के लिए पांटून पुल संख्या 3, 5 और 7
  • झूंसी से परेड आने के लिए पांटून पुल संख्या 4 और 6
  • पांटून पुल संख्या 1 और 2 को आपात स्थिति के लिए आरक्षित रखा गया है।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि तय दिशा-निर्देशों का पालन कर वे माघ मेला के दौरान सुरक्षित और सुगम स्नान का लाभ उठाएं।

अजमेर शरीफ दरगाह को लेकर अदालत में दावा, शिव मंदिर होने का किया गया उल्लेख; ASI सर्वे की मांग

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- राजस्थान के अजमेर में स्थित अजमेर शरीफ दरगाह को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। अजमेर जिला अदालत में दायर एक याचिका में दावा किया गया है कि यह दरगाह मूल रूप से एक प्राचीन शिव मंदिर थी। याचिका में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से सर्वे कराने की मांग की गई है।

यह याचिका महाराणा प्रताप सेना के अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार द्वारा दाखिल की गई है। उनका कहना है कि मंदिर को तोड़कर या परिवर्तित कर दरगाह का स्वरूप दिया गया था और वह इस मुद्दे को लंबे समय से उठा रहे हैं।

महाराणा प्रताप सेना अध्यक्ष ने दाखिल की याचिका

राजवर्धन सिंह परमार ने अदालत में प्रस्तुत याचिका में कहा है कि अजमेर शरीफ दरगाह का मूल ढांचा भगवान शिव को समर्पित मंदिर था। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले इस विषय में राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा गया था, जिसे आगे की कार्रवाई के लिए राजस्थान के मुख्य सचिव को भेज दिया गया।

याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि सच्चाई सामने लाने के लिए ASI से वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराया जाए।

पहले भी उठ चुकी है ऐसी मांग

याचिकाकर्ता के वकील एपी सिंह ने कहा कि यह स्थल प्राचीन काल में शिव मंदिर के रूप में जाना जाता था। उन्होंने दावा किया कि ऐतिहासिक साक्ष्य इस ओर इशारा करते हैं।

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गौरतलब है कि वर्ष 2024 में हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता भी इसी तरह की याचिका दाखिल कर चुके हैं। उस याचिका में भी यह दावा किया गया था कि सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह एक मंदिर के ऊपर निर्मित है और इसे हिंदू मंदिर घोषित किया जाए।

मुस्लिम समुदाय का प्रमुख धार्मिक स्थल

अजमेर शरीफ दरगाह को भारत के सबसे पवित्र मुस्लिम धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। यह दरगाह सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की मजार के लिए प्रसिद्ध है। चिश्ती 1192 ईस्वी में फारस से अजमेर आए थे और 1236 ईस्वी में यहीं उनका निधन हुआ।

ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, मुगल सम्राट हुमायूं ने उनकी स्मृति में दरगाह का निर्माण कराया था। मुगल शासक अकबर भी अपने शासनकाल में हर वर्ष अजमेर शरीफ की जियारत के लिए आया करते थे।

अब इस मामले में अदालत के रुख और ASI सर्वे पर लिए जाने वाले फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं।

SC/ST आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू करने की मांग, BJP नेता की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र-राज्यों से मांगा जवाब

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- देश में आरक्षण व्यवस्था को लेकर लंबे समय से बहस जारी है। इसी कड़ी में अब अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC/ST) के आरक्षण में भी ‘क्रीमी लेयर’ लागू करने की मांग उठी है। इस संबंध में भाजपा नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार समेत सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

सोमवार (12 जनवरी) को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने इस मुद्दे पर सरकारों से अपना पक्ष रखने को कहा। याचिका में मांग की गई है कि SC/ST आरक्षण का लाभ केवल उन्हीं लोगों तक सीमित रहे, जो वास्तव में सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े हैं।

क्या है याचिका का तर्क?

याचिकाकर्ता का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में SC/ST वर्ग के अपेक्षाकृत संपन्न परिवार आरक्षण का लाभ ले रहे हैं, जबकि अत्यंत गरीब और वंचित तबके इससे बाहर रह जाते हैं। याचिका में दलील दी गई है कि जिन SC/ST परिवारों का कोई सदस्य सरकारी या संवैधानिक पद पर पहुंच चुका है, उनके बच्चों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए।

अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि आरक्षण का मूल उद्देश्य समाज के सबसे कमजोर और हाशिए पर खड़े लोगों को आगे बढ़ाना था, लेकिन वर्तमान में यह व्यवस्था कुछ चुनिंदा परिवारों तक सिमट कर रह गई है।

सुप्रीम कोर्ट का रुख

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने याचिका पर गंभीरता दिखाते हुए केंद्र और सभी राज्यों को नोटिस जारी किया है। अदालत ने पूछा है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर सरकारों का क्या दृष्टिकोण है।

‘आरक्षण 10 साल के लिए था’

याचिका के समर्थन में यह भी कहा गया कि संविधान में आरक्षण की व्यवस्था मूल रूप से 10 वर्षों के लिए की गई थी, ताकि समाज के पीड़ित, शोषित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मुख्यधारा में लाया जा सके। याचिकाकर्ता का तर्क है कि आरक्षण का लाभ झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले, आदिवासी और अत्यंत गरीब लोगों के लिए था, न कि करोड़पति या संपन्न वर्ग के लिए।

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उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि एक व्यक्ति पहले SC/ST आरक्षण के तहत IAS अधिकारी बनता है, फिर नौकरी छोड़कर आरक्षित सीट से सांसद या विधायक बनता है और आगे मंत्री पद तक पहुंच जाता है, जबकि उसी वर्ग के अन्य गरीब लोग अवसर से वंचित रह जाते हैं।

अब इस मामले पर केंद्र और राज्य सरकारों के जवाब के बाद सुप्रीम कोर्ट आगे की सुनवाई करेगा।

‘हिजाब वाली प्रधानमंत्री’ पर कपिल मिश्रा का विवादित बयान, ओवैसी को ही बुर्का पहनने की चेतावनी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में एक बयान दिया था जिसमें कहा गया कि एक दिन हिजाब पहनने वाली महिला भारत की प्रधानमंत्री बन सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संविधान सभी समुदायों को समान अधिकार देता है, जबकि पाकिस्तान में शीर्ष संवैधानिक पदों तक पहुंच केवल एक समुदाय तक सीमित है।

ओवैसी यह टिप्पणी 15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनावों से पहले महाराष्ट्र के सोलापुर में आयोजित एक चुनावी रैली में कर रहे थे।

कपिल मिश्रा ने दी तीखी प्रतिक्रिया

दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने ओवैसी के बयान पर जोरदार प्रतिक्रिया दी। मिश्रा ने कहा, “एक दिन ओवैसी को ही बुर्का पहनकर भागना पड़ सकता है।” उन्होंने मीडिया से बातचीत में आगे कहा कि पहले हिजाब पहनने वाली महिलाओं को उनके घरों से बाहर आने और पढ़ाई करने की अनुमति दी जाए। मिश्रा ने आरोप लगाया कि महिलाओं को ट्रिपल तलाक और हलाला जैसी प्रथाओं में दबाया जा रहा है।

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मिश्रा ने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर ज्यादा हिजाब और बुर्के वाली महिलाओं को दबाया गया, तो वही होगा जो ईरान में हो रहा है। बुर्के वाली जब जाग जाएँगी और उनकी आंखें खुलेंगी, तो ओवैसी को खुद बुर्का पहनकर भागना पड़ेगा।”

ईरान में हालात की तुलना

इस बयान में मिश्रा ने ईरान की वर्तमान स्थिति का हवाला भी दिया। वहां कट्टरपंथी इस्लामिक शासन के खिलाफ दो सप्ताह से विरोध प्रदर्शन जारी हैं, जिनमें अब तक 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका भी ईरान में बिगड़ते हालात पर नजर बनाए हुए है।

एआई से बदलेगा उत्तर प्रदेश: राशन व्यवस्था से लेकर इंसेफेलाइटिस नियंत्रण तक तकनीक की भूमिका, सीएम योगी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़ल:- लखनऊ में सोमवार को आयोजित एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तकनीक आज पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन की सबसे मजबूत नींव बन चुकी है। उन्होंने आगामी ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ को लेकर देशभर में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि किस तरह डिजिटल तकनीक और एआई के इस्तेमाल से उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण किया गया और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचा।

तकनीक से टूटी राशन माफिया की कमर, 30 लाख फर्जी कार्ड हुए बाहर

सीएम योगी ने सरकार के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में राशन न मिलने की शिकायत सबसे आम थी। उन्होंने बताया कि हर जिले और गांव में राशन वितरण प्रणाली में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां थीं। सरकार ने तकनीक का सहारा लेते हुए करीब 80 हजार राशन दुकानों की जांच कराई, जिसमें लगभग 30 लाख फर्जी राशन कार्ड सामने आए।

उन्होंने कहा कि ई-पॉश (e-PoS) मशीनों के लागू होने के बाद राशन वितरण में पारदर्शिता आई और आज राशन चोरी लगभग समाप्त हो चुकी है। यह बदलाव पूरी तरह से डिजिटल निगरानी और तकनीकी सुधारों का परिणाम है।

डीबीटी से खत्म हुआ बिचौलियों का दखल

मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में भी भ्रष्टाचार व्याप्त था। निराश्रित महिलाओं को मिलने वाली 300 रुपये की पेंशन में भी कटौती की जाती थी। आज डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और जनधन खातों के माध्यम से 1.06 करोड़ विधवाओं और निराश्रित महिलाओं को पूरी राशि सीधे उनके खातों में मिल रही है।

उन्होंने कहा कि तकनीक ने न सिर्फ प्रक्रिया को सरल बनाया है, बल्कि शासन के प्रति जनता का भरोसा भी मजबूत किया है।

स्वास्थ्य सेवाओं में एआई और डिजिटल तकनीक का विस्तार

स्वास्थ्य क्षेत्र पर बात करते हुए सीएम योगी ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की मांग भी बढ़ेगी, लेकिन एआई के जरिए इन चुनौतियों का समाधान संभव है। उन्होंने बताया कि सरकार हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

कोविड-19 महामारी के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश के सभी जिलों में ऑक्सीजन प्लांट, आईसीयू बेड और क्रिटिकल केयर सुविधाएं विकसित की गईं। बेहतर तकनीकी निगरानी और सर्विलांस सिस्टम के कारण 38 जिलों में फैल चुकी इंसेफेलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी पर भी नियंत्रण पाया गया।

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मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर अब राष्ट्रीय औसत से नीचे आ चुकी है और तकनीक के उपयोग से इन्हें और कम करने का लक्ष्य रखा गया है।

एआई आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था की ओर यूपी

सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट हैं। प्रदेश के जिलों में डॉक्टरों को वर्चुअल आईसीयू और क्रिटिकल केयर सेवाओं के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है। आज हर जिले में डायलिसिस, कलर डॉपलर और आईसीयू जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एआई के जरिए इन सेवाओं को और अधिक सटीक, प्रभावी और आमजन के लिए सुलभ बनाया जाएगा।

UP–बिहार के लोगों पर राज ठाकरे का सख्त बयान, हिंदी थोपने पर दी चेतावनी; उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर साधा निशाना

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश और बिहार से आने वाले लोगों को लेकर विवादित बयान दिया है। हिंदी भाषा के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यदि महाराष्ट्र में हिंदी थोपने की कोशिश की गई, तो वह इसका कड़ा विरोध करेंगे। रविवार को बृह्नमुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव से पहले आयोजित एक रैली में राज ठाकरे ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ मंच साझा किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज ठाकरे ने कहा कि यूपी और बिहार से आने वाले लोगों को यह समझना चाहिए कि हिंदी उनकी मूल भाषा नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें किसी भाषा से नफरत नहीं है, लेकिन जबरन भाषा थोपे जाने का विरोध किया जाएगा। राज ने आरोप लगाया कि बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में लोग महाराष्ट्र आकर यहां के संसाधनों और अवसरों पर कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जमीन और भाषा दोनों चली गईं, तो मराठी समाज का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।

राज ठाकरे ने इस चुनाव को ‘मराठी मानुष’ के लिए निर्णायक बताते हुए कहा कि यदि इस मौके को गंवा दिया गया, तो भविष्य में पछताना पड़ेगा। उन्होंने लोगों से मराठी और महाराष्ट्र के हित में एकजुट होने की अपील की। मुंबई को लेकर उन्होंने कहा कि यह शहर कई लोगों के बलिदान से बना है और उन कुर्बानियों को भुलाया नहीं जा सकता।

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रैली के दौरान राज ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं को भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदान के दिन सुबह से सतर्क रहें और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। यदि कोई व्यक्ति दोबारा वोट डालने की कोशिश करता है, तो उसे तुरंत बाहर किया जाए।

उद्धव ठाकरे का भाजपा पर हमला

राज ठाकरे के बाद मंच से बोलते हुए शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर तीखा हमला किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा मुंबई का नाम बदलकर ‘बंबई’ करना चाहती है। इसके लिए उन्होंने तमिलनाडु भाजपा नेता के. अन्नामलाई की टिप्पणियों का हवाला दिया।

उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले भाजपा जानबूझकर समाज को बांटने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा का हिंदुत्व और राष्ट्रवाद केवल दिखावटी है। उद्धव के मुताबिक, भाजपा अब एक ऐसी पार्टी बन चुकी है जो देशहित से ज्यादा भ्रष्टाचार को प्राथमिकता देती है।

शादी के न्योते पर सपा में बवाल, मामला अखिलेश यादव तक पहुंचा, नेताओं की बयानबाजी पर लगी रोक

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- समाजवादी पार्टी (सपा) में पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन की बेटी की शादी के न्योते को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गया है। दिग्गज नेताओं के बीच चल रही बयानबाजी और आपसी आरोप-प्रत्यारोप के बाद पार्टी ने सख्त रुख अपनाया है। माना जा रहा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तक मामला पहुंचने के बाद ही संगठन स्तर पर फटकार लगाई गई, जिसके बाद जिलाध्यक्ष जयवीर यादव ने कड़ा बयान जारी किया।

अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं, चुनाव पर फोकस करें नेता

सपा जिलाध्यक्ष जयवीर यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पार्टी में अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे आपसी बयानबाजी छोड़कर आगामी विधानसभा चुनाव और एसआईआर जैसे अहम संगठनात्मक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करें। साथ ही अधिक से अधिक वोटर जोड़ने और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने का निर्देश दिया।

सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप पर चेतावनी

जयवीर यादव ने कहा कि फेसबुक, व्हाट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पार्टी नेताओं द्वारा सस्ती लोकप्रियता के लिए एक-दूसरे पर आरोप लगाना, अभद्र भाषा का प्रयोग करना पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है और यह गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई शिकायत है तो उसे संगठन के माध्यम से जिलाध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष या राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंचाया जाए। अन्यथा संबंधित व्यक्ति के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

पोस्टर, बैनर और फ्लैक्सी को लेकर भी जारी हुई गाइडलाइन

पार्टी जिलाध्यक्ष ने जिले में लगाए जाने वाले पोस्टर, बैनर, फ्लैक्सी और अन्य प्रचार सामग्री को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रचार से जुड़ी किसी भी सामग्री में जनपद के सांसद और विधायक का फोटो लगाना अनिवार्य होगा। बिना तय मानकों के लगाए गए पोस्टर और होर्डिंग्स पर कार्रवाई की जा सकती है।

डॉ. एसटी हसन का जवाब – मुझसे मोहब्बत करने वाले जरूर पहुंचे

विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व सपा सांसद डॉ. एसटी हसन ने कहा कि उन्होंने बेटी की शादी में सभी राजनीतिक दलों के लोगों को आमंत्रित किया था। उन्होंने साफ किया कि उनसे प्रेम और सम्मान रखने वाले लोग बेटी को आशीर्वाद देने जरूर पहुंचे।

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डॉ. हसन ने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भी निमंत्रण भेजा गया था, जिसका उत्तर पत्र के माध्यम से प्राप्त हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में उनके एकमात्र नेता अखिलेश यादव हैं।

भाजपा नेताओं को बुलाने पर उठे थे सवाल

गौरतलब है कि मुरादाबाद सपा सांसद रुचिवीरा ने डॉ. एसटी हसन की बेटी की शादी में भाजपा नेताओं को बुलाने और उन्हें आमंत्रित न किए जाने पर सवाल उठाए थे। उन्होंने इसे पूर्व सांसद की राजनीतिक सोच से जोड़ते हुए तीखी टिप्पणी की थी, जिसके बाद विवाद और गहरा गया।

300+ रन चेज कर भारत ने रचा इतिहास, ऐसा करने वाली बनी दुनिया की पहली टीम

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स्पोर्ट्स डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- India vs New Zealand 1st ODI: शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया ने वनडे क्रिकेट में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। पहले वनडे मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। इस जीत के साथ ही टीम इंडिया ने 300 से ज्यादा रन चेज करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बना दिया।

भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 301 रनों का लक्ष्य 49 ओवर में हासिल किया। इसके साथ ही टीम इंडिया वनडे क्रिकेट में 20वीं बार 300+ रन का सफल रनचेज करने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई। अब तक कोई भी अन्य टीम 15 बार से ज्यादा ऐसा नहीं कर पाई है।

विराट कोहली बने रनचेज के हीरो

इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े नायक रहे ‘चेज मास्टर’ विराट कोहली। कोहली ने 93 रनों की शानदार पारी खेली और टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया, हालांकि वह अपना शतक पूरा करने से 7 रन दूर रह गए। उनके अलावा कप्तान शुभमन गिल ने 56 रन बनाए और दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी हुई।

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श्रेयस अय्यर ने नंबर-4 पर उतरकर 49 रनों की अहम पारी खेली। निचले क्रम में हर्षित राणा ने 29 रन जोड़कर लक्ष्य को आसान बनाया, जबकि केएल राहुल ने नाबाद 29 रन बनाकर मैच को फिनिश किया।

वनडे में 300+ रन चेज करने वाली टीमें (रिकॉर्ड)

  • 20 – भारत*
  • 15 – इंग्लैंड
  • 14 – ऑस्ट्रेलिया
  • 12 – पाकिस्तान
  • 11 – न्यूजीलैंड / श्रीलंका

मैच का संक्षिप्त हाल

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड ने 50 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 300 रन बनाए। डेवोन कॉनवे और हेनरी निकोल्स ने पहले विकेट के लिए 117 रनों की साझेदारी की, जिससे कीवी टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ती दिख रही थी। हालांकि मिडिल ऑर्डर के फ्लॉप रहने के कारण टीम 300 रन तक ही सिमट गई। डेरिल मिचेल ने 84 रनों की सर्वाधिक पारी खेली।

इसके जवाब में भारत ने संयमित और आत्मविश्वास से भरी बल्लेबाजी करते हुए लक्ष्य हासिल कर लिया और वनडे इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया।

Aaj Ka Rashifal 12 January 2026: जानिए सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन

Aaj Ka Rashifal 12 January 2026: आज ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति की बात करें तो गुरु मिथुन राशि में विराजमान हैं। केतु सिंह राशि में स्थित हैं। चंद्रमा तुला राशि में गोचर कर रहे हैं। वहीं सूर्य, बुध, शुक्र और मंगल धनु राशि में हैं। राहु कुंभ राशि में और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। इन ग्रहों के प्रभाव से आज सभी राशियों पर अलग-अलग असर देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं आज का विस्तृत राशिफल—

मेष राशि

आज का दिन बेहद आनंददायक रहेगा। जीवन में सकारात्मकता बनी रहेगी और मन प्रसन्न रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। नौकरी और करियर में स्थिति मजबूत रहेगी। प्रेम और संतान पक्ष भी अनुकूल रहेगा। दिन छुट्टी जैसा सुकून देने वाला हो सकता है। काली माता को प्रणाम करना शुभ रहेगा।

वृषभ राशि

आज का समय थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों को लेकर कुछ तनाव रह सकता है। हालांकि व्यापारिक दृष्टि से दिन ठीक-ठाक रहेगा। निजी जीवन में संयम बनाए रखें। काली जी की आराधना लाभदायक होगी।

मिथुन राशि

विद्यार्थियों, लेखकों, कवियों और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन शुभ है। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार में अनुकूलता बनी रहेगी। भावनाओं में बहकर कोई निर्णय लेने से बचें। सफेद रंग की वस्तु पास रखना शुभ रहेगा।

कर्क राशि

परिवार में कुछ मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मां का सहयोग मिलेगा। भूमि, भवन या वाहन से जुड़ा कोई सकारात्मक योग बन सकता है। प्रेम और संतान पक्ष मध्यम रहेगा। व्यापार में लाभ के संकेत हैं। लाल वस्तु पास रखें।

सिंह राशि

आज आपके साहस और पराक्रम का फल मिलेगा। रोजगार और करियर में उन्नति के योग हैं। परिवार और सहयोगियों का साथ मिलेगा। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार तीनों ही अच्छे रहेंगे। काली माता को प्रणाम करें।

कन्या राशि

आज धन लाभ के योग बन रहे हैं और परिवार में खुशखबरी मिल सकती है। हालांकि जुआ, सट्टा या लॉटरी में निवेश से बचें, नुकसान हो सकता है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। प्रेम, संतान और व्यापार अनुकूल रहेंगे। शनिदेव की पूजा करना शुभ रहेगा।

तुला राशि

आज सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करेंगे। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम, संतान और व्यापार के मामले में दिन अच्छा रहेगा। किसी जरूरतमंद को पीली वस्तु का दान करें।

वृश्चिक राशि

मन में चिंता और बेचैनी बनी रह सकती है। खर्चों में बढ़ोतरी संभव है। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति अच्छी बनी रहेगी। पीली वस्तु अपने पास रखें।

धनु राशि

आज आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। यात्रा के योग बन सकते हैं। मन प्रसन्न रहेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार तीनों ही क्षेत्रों में शानदार समय है। लाल वस्तु पास रखना शुभ रहेगा।

मकर राशि

आज का दिन थोड़ा संघर्षपूर्ण लग सकता है, लेकिन धीरे-धीरे स्थितियां बेहतर होंगी। सरकारी क्षेत्र से लाभ मिलने के संकेत हैं। व्यापार में सफलता मिलेगी और पिता का सहयोग प्राप्त होगा। प्रेम और संतान पक्ष मध्यम रहेगा। काली माता को प्रणाम करें।

कुंभ राशि

भाग्य आपका पूरा साथ देगा। यात्रा के योग बनेंगे। धर्म और आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार में अनुकूलता रहेगी। हरी वस्तु पास रखें।

मीन राशि

आज सावधानी बरतने की आवश्यकता है। परिस्थितियां थोड़ी प्रतिकूल रह सकती हैं। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। प्रेम और संतान पक्ष मध्यम रहेगा। व्यापार सामान्य रहेगा। सफेद वस्तु का दान करना शुभ होगा।

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।