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मादुरो जैसी कार्रवाई पुतिन पर? ट्रंप ने अटकलों पर लगाया विराम

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को कथित तौर पर एक सैन्य अभियान में हिरासत में लिए जाने के बाद रूस–यूक्रेन युद्ध को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन कयासों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि अमेरिका रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ भी मादुरो जैसी किसी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ या बड़े सैन्य कदम पर विचार कर सकता है। ट्रंप ने साफ कहा कि ऐसी किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं है।

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के एक कथित संकेत पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि इसकी आवश्यकता पड़ेगी। मुझे भरोसा है कि हमारे पुतिन के साथ अच्छे संबंध रहेंगे, जैसा कि पहले भी रहा है।”

हालांकि, तेल और गैस क्षेत्र के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध के लंबे खिंचने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, “मैंने आठ युद्ध सुलझाए हैं। मुझे उम्मीद थी कि यह संघर्ष भी जल्दी खत्म हो जाएगा, लेकिन इसके न सुलझने से मैं बेहद निराश हूं।” ट्रंप के अनुसार, केवल पिछले महीने ही इस युद्ध में करीब 31,000 लोगों की मौत हुई, जिनमें बड़ी संख्या रूसी सैनिकों की बताई गई है।

मादुरो की गिरफ्तारी और जेलेंस्की का बयान

पिछले सप्ताह अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला की राजधानी काराकस में एक बड़े अभियान को अंजाम देने का दावा किया। बताया गया कि ‘डेल्टा फोर्स’ के जवानों ने मादुरो के आवास पर कार्रवाई कर उन्हें और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया और बाद में अमेरिका ले जाया गया। इस घटनाक्रम के बाद जेलेंस्की ने टिप्पणी की थी कि यदि तानाशाहों के साथ ऐसा ही व्यवहार होना है, तो अमेरिका जानता है कि आगे क्या करना है। उनके इस बयान को पुतिन की ओर संकेत के तौर पर देखा गया, क्योंकि पुतिन के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) का वारंट भी जारी है।

वेनेजुएला के तेल पर अमेरिकी नजर

मादुरो की गिरफ्तारी के बाद ट्रंप ने वेनेजुएला के भविष्य को उसके विशाल तेल भंडार से जोड़ते हुए बयान दिया है। उन्होंने अमेरिकी ऊर्जा कंपनियों को वहां निवेश के लिए आमंत्रित किया और पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन दिया। ट्रंप का दावा है कि अमेरिकी कंपनियां वेनेजुएला में 100 अरब डॉलर तक का निवेश करने को तैयार हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की बिक्री से होने वाली आय का इस्तेमाल अमेरिकी प्राथमिकताओं के अनुरूप किया जाएगा। ट्रंप की अगले सप्ताह विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो से मुलाकात प्रस्तावित है।

काराकस में विरोध प्रदर्शन

अमेरिका जहां इस कार्रवाई को अपनी बड़ी सफलता बता रहा है, वहीं वेनेजुएला की राजधानी काराकस में इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अमेरिका वेनेजुएला के प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा जमाना चाहता है। 70 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता जोसेफिना कास्त्रो ने कहा, “इतना सब होने के बाद हमें ट्रंप को तेल की एक बूंद भी नहीं देनी चाहिए।”

‘मेरे पास भी अमित शाह की पेन ड्राइव है’, ज्यादा तंग किया तो खोल दूंगी पोल-पट्टी: ममता बनर्जी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल गरमा गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हालिया कार्रवाई के खिलाफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कोलकाता में बड़ा विरोध मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पास कथित कोयला घोटाले से जुड़ी एक पेन ड्राइव मौजूद है।

ममता बनर्जी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर उन्हें और उनकी सरकार को ज़्यादा परेशान किया गया तो वह चुप नहीं रहेंगी और देश के सामने सारी सच्चाई रख देंगी। उन्होंने कहा, “मेरे पास एक पेन ड्राइव है। मैं जिस पद पर हूं, उसकी मर्यादा के कारण अब तक चुप हूं। लेकिन अगर हद से ज्यादा दबाव डाला गया, तो पूरा देश सच्चाई जान जाएगा।”

ED की कार्रवाई के खिलाफ सड़कों पर उतरीं ममता

गौरतलब है कि एक दिन पहले ED ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राजनीतिक रणनीतिकार संगठन I-PAC के कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके विरोध में ममता बनर्जी ने खुद सड़कों पर उतरकर शक्ति प्रदर्शन किया।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है और इसका मकसद चुनाव से पहले टीएमसी को डराना और उसकी चुनावी रणनीतियों से जुड़े गोपनीय दस्तावेज हासिल करना है।

“केंद्र सरकार के अन्याय के खिलाफ है यह आंदोलन”

कोलकाता में जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि दिल्ली में भाजपा के बड़े नेताओं को कथित कोयला घोटाले की रकम मिली जरूरत पड़ी तो वह जनता के सामने सबूत पेश करेंगी| ईडी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष को दबाने के लिए किया जा रहा है| उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जिक्र करते हुए कहा कि जब अन्याय होता है, तब सड़क ही जवाब बनती है।

हजारों समर्थकों के साथ निकला विरोध मार्च

यह मार्च जाधवपुर के 8बी बस स्टैंड से शुरू होकर दक्षिण कोलकाता के कई इलाकों से गुजरते हुए हाजरा मोड़ पर समाप्त हुआ। पूरे रास्ते भारी भीड़ नजर आई और हजारों टीएमसी समर्थक झंडों और नारों के साथ मुख्यमंत्री के साथ चलते रहे।

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मार्च में फिरहाद हकीम, अरूप विश्वास, सांसद व अभिनेता देव, विधायक सोहम सहित पार्टी के कई सांसद, विधायक और सांस्कृतिक जगत की हस्तियां मौजूद रहीं।

अमित शाह पर सीधा हमला

ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए कहा कि ईडी के छापे उनके इशारे पर हो रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि जनता ही इस “अपमान” का जवाब देगी और टीएमसी दबने वाली नहीं है।

यह विरोध प्रदर्शन लाउडन स्ट्रीट स्थित प्रतीक जैन के आवास और साल्ट लेक स्थित I-PAC कार्यालय पर हुई ईडी की कार्रवाई के बाद आयोजित किया गया।

यूपी पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा प्लान, ग्राम प्रधानों तक पहुंचेगी राहुल गांधी की चिट्ठी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में इस साल प्रस्तावित पंचायत चुनाव और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने जमीनी स्तर पर बड़ी राजनीतिक रणनीति तैयार की है। पार्टी अब मनरेगा, एसआईआर और संविधान संवाद सभाओं के जरिए जनता के बीच पहुंचेगी। इस अभियान के तहत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की चिट्ठी हर ग्राम प्रधान, पूर्व प्रधान, रोजगार सेवकों और मनरेगा मजदूरों तक पहुंचाई जाएगी।

कांग्रेस ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को वीबी जी-राम-जी योजना से बदले जाने के फैसले के खिलाफ बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की है। इसके साथ ही पार्टी ने अगले 100 दिनों में 30 से अधिक संविधान संवाद रैलियां आयोजित करने का फैसला लिया है।

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में रणनीतिक बैठक

शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में यूपी कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की अगुआई में पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी तथा मनरेगा और एसआईआर को-ऑर्डिनेटरों की बैठकें हुईं। बैठकों में आगामी चुनावों को लेकर पार्टी की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

तय किया गया कि प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर रैलियां, सभाएं, प्रभात फेरियां और ग्राम चौपालें आयोजित की जाएंगी। हर ग्राम पंचायत में प्रधानों, पूर्व प्रधानों, रोजगार सेवकों और मनरेगा मजदूरों के साथ चौपाल लगाई जाएगी, जहां उन्हें बताया जाएगा कि मनरेगा में बदलाव से उन्हें क्या नुकसान हो सकता है

गांव-गांव अभियान की रूपरेखा

कांग्रेस की योजना के तहत

  • गांवों में दीवार लेखन और पेंटिंग कराई जाएगी
  • 26 जनवरी को गांवों में मनरेगा बचाने के प्रस्ताव पारित कराए जाएंगे
  • मनरेगा मजदूरों से राष्ट्रपति के नाम चिट्ठी लिखवाई जाएगी
  • सोनिया गांधी का रिकॉर्डेड वीडियो संदेश कार्यकर्ताओं के माध्यम से ग्रामीणों तक पहुंचाया जाएगा

बैठक में ये कांग्रेसी नेता रहे मौजूद

बैठक में कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, बृजलाल खाबरी, सुप्रिया श्रीनेत, प्रमोद तिवारी, केएल शर्मा, इमरान मसूद, तनुज पुनिया, पीएल पुनिया, दानिश अली, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, संजय दीक्षित सहित कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल रहे।

चुनावी तैयारी में जुटने का आह्वान

यूपी कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा कि यह चुनावी वर्ष है और सभी नेताओं-कार्यकर्ताओं को पंचायत, एमएलसी और विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटना होगा।

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प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि अगले 100 दिनों में होने वाली 30 रैलियों में जनता की समस्याओं को मजबूती से उठाया जाएगा। वहीं, संजय दीक्षित ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ रही मनरेगा को खत्म करने की कोशिश हो रही है, जिसे कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी।

गठबंधन को लेकर कांग्रेस में मतभेद

सूत्रों के मुताबिक पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में विधानसभा चुनावों के लिए गठबंधन को लेकर भी चर्चा हुई, जिसमें पार्टी दो गुटों में बंटी नजर आई।

  • एक धड़ा बिना गठबंधन चुनाव लड़ने के पक्ष में है
  • दूसरा धड़ा सपा या बसपा के साथ गठबंधन को लेकर अलग-अलग राय रखता है

मथुरा में प्रतिबंधित पशु कटान की सूचना पर बवाल, कबाड़ गोदामों में आगजनी; कई थानों की फोर्स तैनात

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के मथुरा में शुक्रवार को उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए, जब प्रतिबंधित पशु के कटान की सूचना के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। देखते ही देखते मामला बवाल में बदल गया और अजय नगर कॉलोनी में स्थित तीन कबाड़ गोदामों में आग लगा दी गई। आगजनी से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।

सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। पुलिस ने मौके से 45 किलो संदिग्ध मांस बरामद किया है और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में सात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

कई थानों की फोर्स तैनात, स्थिति नियंत्रण में

घटना की गंभीरता को देखते हुए इलाके में कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और आमजन से शांति बनाए रखने तथा अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।

घटनाक्रम की शुरुआत शुक्रवार सुबह थाना हाइवे क्षेत्र की चौकी सतोहा अंतर्गत गिरधरपुर वार्ड की अजय नगर कॉलोनी में हुई, जहां संदिग्ध मांस मिलने की सूचना सामने आई। कुछ संगठनों ने इसे प्रतिबंधित पशु का मांस बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। दोपहर तक बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और इसी दौरान तीन कबाड़ गोदामों में आग लगा दी गई।

मांस जब्त, जांच के लिए भेजा गया

दमकल विभाग की गाड़ियों ने आग बुझाने के बाद पुलिस ने क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया। मौके से बरामद 45 किलो मांस को कब्जे में लेकर जांच के लिए वेटरनरी विश्वविद्यालय भेजा गया है।

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घटनास्थल पर एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह, सीओ रिफाइनरी अनिल कपरवान समेत तीन थानों की पुलिस फोर्स मौजूद रही। पूरे इलाके में सुरक्षा घेरा बनाकर हालात को संभाला गया।

आगजनी को लेकर आरोप-प्रत्यारोप

हिंदूवादी संगठनों का आरोप है कि जब पुलिस मांस की तलाशी में जुटी थी, तभी एक विशेष समुदाय से जुड़े कुछ लोगों ने अपने ही कबाड़ गोदामों में आग लगाई, ताकि प्रशासन का ध्यान भटकाया जा सके और कथित सबूत नष्ट किए जा सकें। आगजनी की घटनाएं तीन अलग-अलग स्थानों पर हुईं।

सात नामजद, तीन गिरफ्तार

थाना प्रभारी निरीक्षक हाइवे शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि नीरज कुमार शर्मा निवासी लक्ष्मीनगर जमुनापार की तहरीर पर इलियास, इस्लाम हाजी, नदीम, शाहरुख, विलाल, करमान और गुल्ला के खिलाफ अवैध पशु कटान और मांस तस्करी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।

तहरीर में आरोप है कि आरोपी घरों में अवैध रूप से कटान कर बाइक से मांस की सप्लाई करते थे।
एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आगजनी के मामले में सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है।

माघ मेला में संतों को जान का खतरा: 152 साधु-संतों ने मांगी सुरक्षा, 75 को मुहैया कराई गई पुलिस सुरक्षा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- प्रयागराज में आयोजित माघ मेला के दौरान साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। अब तक 152 साधु-संतों ने खुद की जान को खतरा बताते हुए मेला पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। इन प्रार्थना पत्रों पर विचार के बाद पुलिस ने 75 संतों को सुरक्षा उपलब्ध करा दी है, जबकि बाकी आवेदनों की जांच जारी है।

मेला पुलिस के अनुसार, जिन संतों को सुरक्षा दी गई है, उनमें से 40 साधु-संतों को व्यक्तिगत गनर उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि 35 के साथ होमगार्ड जवानों की तैनाती की गई है। पुलिस का कहना है कि हर आवेदन की गंभीरता से जांच की जा रही है और वास्तविक खतरे की आशंका होने पर ही सुरक्षा प्रदान की जा रही है।

बाकी आवेदनों की गहन जांच जारी

मेला पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शेष 75 प्रार्थना पत्रों की गहन जांच की जा रही है। इसमें संतों को मिले कथित खतरे, पूर्व में हुई घटनाएं और उनकी गतिविधियों को आधार बनाया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की सुरक्षा व्यवस्था पर निर्णय लिया जाएगा।

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प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि माघ मेला क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है और किसी भी संत की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। इससे पहले महाकुंभ मेला के दौरान भी बड़ी संख्या में साधु-संतों को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई गई थी।

किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर पर हो चुका है हमला

गौरतलब है कि महाकुंभ मेले के दौरान किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर कल्याणी नंद गिरि और उनके शिष्यों पर मेला क्षेत्र में जानलेवा हमला किया गया था। आशीर्वाद मांगने के बहाने महामंडलेश्वर की गाड़ी रुकवाकर चाकू और डंडों से हमला किया गया था, जिसमें महामंडलेश्वर समेत चार लोग घायल हो गए थे।

इसके अलावा किन्नर अखाड़े के शिविर में भी मारपीट और लूटपाट की घटनाएं सामने आई थीं। इन्हीं घटनाओं के बाद से मेला क्षेत्र में संतों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।

क्या बोले माघ मेला एसपी

माघ मेला एसपी नीरज पांडेय ने बताया कि माघ मेला में डेढ़ सौ से अधिक साधु-संतों ने सुरक्षा की मांग की है। अब तक 75 संतों को सुरक्षा प्रदान की जा चुकी है और शेष आवेदनों का परीक्षण किया जा रहा है।

यूपी में सर्दी का कहर: 17 जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी, मौसम विभाग की एडवाइजरी जारी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड का असर लगातार बना हुआ है। कई जिलों में शुक्रवार को धूप जरूर निकली, लेकिन गलन और बर्फीली हवाओं से लोगों को राहत नहीं मिली। इसी बीच मौसम विभाग ने राज्य के 17 जिलों में बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना जताई है। इसे देखते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (CSA) ने मौसम एडवाइजरी जारी की है।

मौसम पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर और संभल समेत आसपास के इलाकों में तेज हवाओं, गरज-चमक और ओलावृष्टि के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि कानपुर इस सूची में शामिल नहीं है

किसानों और पशुपालकों के लिए चेतावनी

CSA के कृषि मौसम तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा के मुताबिक, किसानों को सलाह दी गई है कि वे रबी की खड़ी फसलों में सिंचाई और कीटनाशी/रोगनाशी का छिड़काव फिलहाल रोक दें। वहीं पशुपालकों को अपने पशुओं को खुले स्थानों पर न बांधने की हिदायत दी गई है।

जेट स्ट्रीम का असर: बर्फीली हवाओं से कांपा उत्तर भारत

उत्तर भारत में सर्दी की सबसे बड़ी वजह मानी जाने वाली कोल्ड जेट स्ट्रीम की रफ्तार अब रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। इसकी गति 140 नॉट (करीब 260 किमी प्रति घंटा) तक दर्ज की गई है, जो इस सीजन में अब तक की सबसे अधिक है। ऊंचाई करीब 12.6 किलोमीटर होने के बावजूद इसका असर पूरे उत्तर भारत में देखने को मिल रहा है।

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कानपुर समेत कई जिलों में शुक्रवार को तेज बर्फीली हवाओं ने लोगों को घरों और दफ्तरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया। धूप निकलने के बावजूद ठंड से ज्यादा राहत नहीं मिल सकी।

रात में बढ़ी ठिठुरन, कई जिलों में पारा 5 डिग्री से नीचे

रात के समय ठंड और गलन अपने चरम पर रही।

  • कानपुर (CSA): न्यूनतम तापमान 5.6°C
  • चकेरी एयरफोर्स स्टेशन: 5.2°C
  • अलीगढ़: 3.4°C (प्रदेश में सबसे सर्द)
  • गाजियाबाद: 4.2°C
  • मेरठ: 4.3°C
  • गौतमबुद्ध नगर, फुर्सतगंज: 4.4°C

ओस गिरने और तेज ठंडी हवाओं के कारण रात की ठिठुरन और ज्यादा महसूस की गई।

 धूप पर भारी पड़ीं बर्फीली हवाएं

दिन में अधिकतम तापमान बढ़कर 17.5 डिग्री सेल्सियस जरूर पहुंचा, लेकिन यह सामान्य से करीब 1.8 डिग्री कम रहा। तेज हवाओं की वजह से धूप का असर बेअसर रहा। पश्चिमी यूपी के कई जिलों में दिन और रात दोनों समय तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

 कब मिलेगी राहत?

मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार से कोहरे से कुछ राहत मिलने की संभावना है। हालांकि 11 जनवरी के बाद फिर से कोहरा लौट सकता है। बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब का असर अगले 72 घंटों के बाद उत्तर भारत के मौसम पर पड़ सकता है।

यूपी में SIR के बाद बदलेगा सियासी गणित, 50 से ज्यादा विधानसभा सीटों पर मुकाबला होगा बेहद दिलचस्प

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद सियासी समीकरणों में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है। ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद प्रदेशभर में करीब 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम कटने से राजनीति गरमा गई है। इसका सीधा असर उन सीटों पर दिखेगा, जहां पिछली बार हार-जीत का अंतर बेहद कम रहा था।

वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की 53 सीटें ऐसी थीं, जहां जीत-हार का अंतर 5000 वोट से भी कम था। इन कांटे की टक्कर वाली सीटों में से 32 पर भाजपा और 21 पर समाजवादी पार्टी को जीत मिली थी। अब SIR के बाद इन सीटों पर वोटरों की संख्या में आई भारी कटौती से मुकाबला पूरी तरह बदल सकता है।

रामनगर, कुर्सी और धामपुर जैसी सीटों पर बढ़ी धड़कन

उदाहरण के तौर पर बाराबंकी की रामनगर सीट पर सपा प्रत्याशी फरीद महफूज किदवई ने भाजपा के शरद अवस्थी को मात्र 261 वोटों से हराया था। SIR प्रक्रिया में यहां 54,435 वोट कटे हैं। यदि दावे-आपत्तियों और फॉर्म-6 के बाद भी अंतिम सूची में इतना अंतर रहता है, तो यह सीट पूरी तरह पलट सकती है।

इसी जिले की कुर्सी विधानसभा सीट पर भाजपा के साकेंद्र वर्मा ने सपा के राजेश वर्मा को सिर्फ 217 वोटों से मात दी थी। यहां भी 52,766 मतदाताओं के नाम कटे हैं।

पश्चिमी यूपी में भी बदलेगा समीकरण

बिजनौर की धामपुर सीट, जहां भाजपा के अशोक राणा ने सपा के नईमुल हसन को 203 वोटों से हराया था, वहां SIR के दौरान 47,513 वोट कटे हैं। अगर अंतिम सूची में भी यही स्थिति रही, तो यहां भी जीत-हार का गणित पूरी तरह बदल सकता है।

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इसी तरह सहारनपुर, शाहजहांपुर, मेरठ, मुरादाबाद, संभल और सिद्धार्थनगर की कई सीटों पर भी हजारों मतदाता सूची से बाहर हुए हैं।

अब बूथ-स्तर पर जंग

ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होते ही सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने बूथ-वार रणनीति शुरू कर दी है। अपने समर्थकों के नाम दोबारा जुड़वाने के लिए फॉर्म-6, दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया में पूरी ताकत झोंकी जा रही है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि कटे हुए वोट किस दल के समर्थकों के थे और कौन दल इस नुकसान की भरपाई कर पाता है।

हार-जीत के कम अंतर वाली टॉप 10 सीटें (SIR का असर)

जिला सीट विजयी प्रत्याशी जीत का अंतर कटे वोट
बाराबंकी कुर्सी साकेंद्र वर्मा (BJP) 217 52,766
बाराबंकी रामनगर फरीद महफूज (SP) 261 54,435
बिजनौर धामपुर अशोक राणा (BJP) 203 47,513
सहारनपुर नकुड़ मुकेश चौधरी (BJP) 315 44,570
शाहजहांपुर कटरा वीर विक्रम सिंह (BJP) 357 70,792
मेरठ सिवालखास गुलाम मोहम्मद (RLD-SP) 918 50,975
मुरादाबाद नगर रितेश गुप्ता (BJP) 782 1,12,338
मुरादाबाद बिलारी मोहम्मद फहीम (SP) 333 49,564
संभल चंदौसी गुलाब देवी (BJP) 472 99,197
सिद्धार्थनगर डुमरियागंज सैयदा खातून (SP) 771 85,942

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के कार्यक्रम में गुल हुई बिजली, जनरेटर में भी नहीं था डीजल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के आगरा में शुक्रवार को आयोजित डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के कार्यक्रम में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब उनके संबोधन के दौरान अचानक बिजली कट गई। हालात और भी शर्मनाक तब हो गए, जब बिजली बहाल करने के लिए जनरेटर चलाया गया, लेकिन उसमें डीजल तक नहीं था। करीब 15 से 20 मिनट तक कार्यक्रम बाधित रहा, जिससे डिप्टी सीएम खासे नाराज नजर आए।

यह घटना फतेहाबाद स्थित सती मंदिर परिसर में आयोजित ग्राम जन चौपाल कार्यक्रम के दौरान हुई। स्वागत के बाद उपमुख्यमंत्री ने जैसे ही बोलना शुरू किया, महज पांच मिनट में ही मंच और पंडाल अंधेरे में डूब गया।

अधिकारियों से पूछताछ, जनरेटर रूम तक दौड़े जनप्रतिनिधि

बिजली गुल होते ही डिप्टी सीएम ने मंच से ही पार्टी पदाधिकारियों और अधिकारियों से कारण पूछ लिया। इसके बाद सांसद, विधायक, जिलाध्यक्ष और जिलाधिकारी तक जनरेटर रूम की ओर दौड़ते नजर आए। जांच में सामने आया कि जनरेटर में डीजल ही नहीं था।

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आनन-फानन में कर्मचारियों को डीजल लाने भेजा गया। इस दौरान बिजली सप्लाई बहाल होने में करीब 20 मिनट का समय लग गया।

मंच से ही दिए कार्रवाई के निर्देश

बिजली आने के बाद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंच से ही नाराजगी जाहिर करते हुए लापरवाही के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। बिजली गुल रहने के दौरान काफी संख्या में लोग कार्यक्रम स्थल से उठकर जाने लगे, जिन्हें भाजपा कार्यकर्ताओं और खुद उपमुख्यमंत्री ने हाथ के इशारे से रोकने की कोशिश की।

पूरा घटनाक्रम

  • 2:45 बजे – डिप्टी सीएम कार्यक्रम स्थल पहुंचे
  • 3:30 बजे – संबोधन शुरू
  • 3:35 बजे – अचानक बिजली गुल
  • 3:55 बजे – बिजली सप्लाई बहाल

क्या बोले डिप्टी सीएम

अपने संबोधन में डिप्टी सीएम ने जीरामजी एक्ट की खूबियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कानून भ्रष्टाचार पर रोक लगाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में यह ऐतिहासिक कानून बनाया गया है।

एसआईआर के तहत मतदाताओं के नाम कटने के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि नाम काटे नहीं गए हैं, बल्कि नाम जोड़ने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। यदि किसी मतदाता का नाम छूटा है तो वह फॉर्म-6 भरकर सूची में नाम जुड़वा सकता है

EPFO करने जा रहा बड़ा डिजिटल बदलाव, ऐसे अब तुरंत निकाल सकेंगे PF का पैसा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- ईपीएफओ (Employees’ Provident Fund Organisation) से जुड़े करोड़ों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब भविष्य निधि (PF) से पैसा निकालने की प्रक्रिया और भी आसान और तेज होने वाली है। EPFO जल्द ही BHIM UPI ऐप के जरिए इंस्टेंट PF एडवांस विड्रॉल की सुविधा शुरू करने जा रहा है, जिससे जरूरत पड़ने पर कर्मचारी तुरंत अपने PF खाते से पैसा निकाल सकेंगे।

इस नई डिजिटल सुविधा से देश के 30 करोड़ से अधिक EPFO मेंबर्स को लाभ मिलने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि यह व्यवस्था अगले 2 से 3 महीनों में शुरू की जा सकती है। यह सिस्टम कुछ हद तक ATM से कैश निकालने जैसा होगा, जहां इमरजेंसी में बिना लंबा इंतजार किए PF की रकम खाते में मिल जाएगी।

यह कदम EPFO के उस बड़े डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का हिस्सा है, जिसके तहत संगठन 26 लाख करोड़ रुपये से अधिक के PF फंड का प्रबंधन करता है।

कैसे काम करेगा BHIM UPI से PF विड्रॉल सिस्टम

इस नई सुविधा को लागू करने के लिए EPFO ने NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) के साथ साझेदारी की है। योजना के तहत EPFO सदस्य BHIM ऐप के जरिए PF एडवांस के लिए क्लेम कर सकेंगे।

मेंबर्स हेल्थ, पढ़ाई, शादी या अन्य अनुमत कारणों के तहत PF एडवांस का विकल्प चुन सकेंगे। क्लेम सबमिट होने के बाद EPFO की ओर से बैकएंड में उसकी जांच और वेरिफिकेशन किया जाएगा। सभी शर्तें पूरी होने पर मंजूर की गई रकम सीधे UPI से जुड़े बैंक अकाउंट में SBI के जरिए तुरंत ट्रांसफर कर दी जाएगी

शुरुआत में यह सुविधा केवल BHIM ऐप तक सीमित रहेगी, लेकिन भविष्य में इसे अन्य UPI आधारित फिनटेक ऐप्स पर भी उपलब्ध कराया जा सकता है।

PF इंस्टेंट विड्रॉल पर लग सकती है लिमिट

हालांकि इस सुविधा में कुछ सीमाएं भी तय की जा सकती हैं। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआत में पूरी PF राशि निकालने की अनुमति नहीं होगी। RBI द्वारा तय UPI ट्रांजैक्शन लिमिट के अनुसार ही इंस्टेंट विड्रॉल की अधिकतम सीमा निर्धारित की जाएगी, ताकि किसी भी तरह के दुरुपयोग से बचा जा सके।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि एक बार में कितनी अधिकतम राशि निकाली जा सकेगी, लेकिन EPFO इस पर मंथन कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि तत्काल भुगतान में जोखिम भी जुड़े होते हैं, इसलिए सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

अभी PF निकालने में कितना समय लगता है?

वर्तमान में PF निकालने की प्रक्रिया समय लेने वाली है। अगर कोई सदस्य 5 लाख रुपये तक का ऑनलाइन एडवांस क्लेम ऑटो-मोड में करता है, तो भी उसे कम से कम 3 कार्यदिवस लग जाते हैं। अधिक राशि या मैनुअल क्लेम की स्थिति में यह समय और बढ़ जाता है।

ऐसे में BHIM ऐप से इंस्टेंट PF विड्रॉल की सुविधा खासतौर पर आपात स्थितियों में कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। यह पहल EPFO को और अधिक डिजिटल, तेज और यूजर-फ्रेंडली बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।