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क्षत्रिय समाज का बड़ा नेता कौन? राजा भैया या कोई और—बृजभूषण शरण सिंह का तीखा बयान

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश की राजनीति में क्षत्रिय समाज के सबसे बड़े नेता को लेकर छिड़ी बहस के बीच बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का कड़ा बयान सामने आया है। इस मुद्दे पर सोशल मीडिया और पोस्टरों के जरिए तुलना किए जाने से बृजभूषण शरण सिंह खासे नाराज़ नजर आए और उन्होंने दो टूक शब्दों में अपनी बात रखी।

गोंडा जिले की कैसरगंज लोकसभा सीट से पूर्व सांसद रहे बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि अगर किसी को राजा भैया का इतिहास जानना है, तो पहले उनके पिता महाराज उदय प्रताप सिंह के जीवन और संघर्ष को समझना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उदय प्रताप सिंह उनके लिए आदर्श हैं और क्षत्रिय समाज में उनका विशेष स्थान रहा है।

पोस्टर विवाद पर भड़के बृजभूषण

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि एक पोस्टर के जरिए यह दिखाने की कोशिश की गई कि क्षत्रिय समाज का बड़ा नेता कौन है, जिससे उन्हें आपत्ति हुई। उन्होंने कहा, “मैं पहले भी कह चुका हूं—जाकी रही भावना जैसी, हरि मूरत देखी तिन तैसी। राष्ट्र कथा को जिस नजर से देखा जाएगा, वही अर्थ निकलेगा। यह कथा समाज को जोड़ने के लिए थी, न कि विभाजन के लिए।”

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उन्होंने यह भी साफ किया कि राजा भैया उनके छोटे भाई की तरह हैं। उम्र में छोटे होने के साथ-साथ राजा भैया उनके बेटों के मित्र भी हैं, ऐसे में इस तरह की तुलना और बयानबाजी को अनावश्यक बताया।

उदय प्रताप सिंह को बताया संघर्ष का प्रतीक

पूर्व सांसद ने कहा कि महाराज उदय प्रताप सिंह संघर्ष और सिद्धांतों के प्रतीक रहे हैं। “हम उन्हें अपना आदर्श मानते हैं और राजा भैया उनके ही सुपुत्र हैं,” बृजभूषण शरण सिंह ने कहा। साथ ही उन्होंने समाज में भ्रम फैलाने वाली चर्चाओं को रोकने की अपील भी की।

जन्मदिन पर राष्ट्र कथा महोत्सव का समापन

गौरतलब है कि सरयू तट स्थित नंदिनी निकेतन में 1 जनवरी से चल रहे राष्ट्र कथा महोत्सव का समापन बृजभूषण शरण सिंह के जन्मदिन के अवसर पर पूरे विधि-विधान के साथ हुआ। कथा का वाचन सद्गुरु ऋतेश्वर महाराज ने किया।

पूर्व सांसद के जन्मदिन पर भव्य जुलूस भी निकाला गया, जिसमें सैकड़ों गाड़ियां शामिल रहीं। खुली जीप में सवार बृजभूषण शरण सिंह पर जगह-जगह फूलों की वर्षा की गई। इस दौरान संतों का आशीर्वाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम और कथा महोत्सव लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे।

Aaj Ka Rashifal 16 January 2026: जानिए सभी 12 राशियों का आज का दिन कैसा रहेगा

Aaj Ka Rashifal 16 January 2026: आज के दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए शुभ संकेत दे रही है, वहीं कुछ राशियों को सावधानी बरतने की जरूरत है। गुरु मिथुन राशि में विराजमान हैं, केतु सिंह राशि में स्थित हैं। बुध और चंद्रमा धनु राशि में गोचर कर रहे हैं। सूर्य, शुक्र और मंगल मकर राशि में हैं। राहु कुंभ और शनि मीन राशि में संचरण कर रहे हैं। आइए जानते हैं आज का विस्तृत राशिफल—

मेष राशि

आज किस्मत आपका पूरा साथ देगी। करियर और रोजगार में उन्नति के योग हैं। यात्रा का भी अवसर मिल सकता है। प्रेम जीवन और संतान पक्ष संतोषजनक रहेगा। व्यापार में लाभ की संभावना है। उपाय: हरी वस्तु का दान करें।

वृषभ राशि

आज चोट या किसी परेशानी से सामना हो सकता है। परिस्थितियाँ थोड़ी प्रतिकूल रह सकती हैं, इसलिए सतर्क रहें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। प्रेम और संतान पक्ष अच्छा रहेगा। व्यापार में स्थिरता बनी रहेगी। उपाय: हरी वस्तु अपने पास रखें।

मिथुन राशि

जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन अनुकूल है। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी और मुलाकात के योग बनेंगे। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार—तीनों पक्ष मजबूत रहेंगे। उपाय: हरी वस्तु पास रखें।

कर्क राशि

आज अपनी बुद्धिमत्ता और कौशल से विरोधियों पर विजय प्राप्त करेंगे। ज्ञान में वृद्धि होगी और वरिष्ठजनों का आशीर्वाद मिलेगा। स्वास्थ्य थोड़ा कमजोर रह सकता है। प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति अच्छी रहेगी। उपाय: हरी वस्तु का दान करें।

सिंह राशि

विद्यार्थियों के लिए दिन बेहद शुभ है, विशेषकर अर्थशास्त्र और मैनेजमेंट की पढ़ाई करने वालों के लिए। स्वास्थ्य ठीक रहेगा। प्रेम और संतान पक्ष थोड़ा कमजोर हो सकता है। व्यापार अच्छा चलेगा। उपाय: पीली वस्तु पास रखें।

कन्या राशि

भूमि, भवन या वाहन खरीदने का मजबूत योग बन रहा है। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम और संतान सुख मिलेगा। व्यापार में भी लाभ की संभावना है। उपाय: पीली वस्तु का दान करें।

तुला राशि

आज आपका पराक्रम रंग लाएगा। रोजगार और व्यवसाय में प्रगति होगी। बौद्धिक क्षमता से व्यापार को नई दिशा देंगे। प्रेम और संतान पक्ष अनुकूल रहेगा। उपाय: गणेश जी को प्रणाम करें।

वृश्चिक राशि

आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और परिवार में खुशियों का आगमन होगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन मुख संबंधी समस्या हो सकती है। प्रेम, संतान और व्यापार संतोषजनक रहेंगे। उपाय: हरी वस्तु का दान शुभ रहेगा।

धनु राशि

विवाह या शुभ कार्य तय हो सकता है। समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। प्रेम और संतान का सहयोग मिलेगा। व्यापार भी अच्छा चलेगा। उपाय: लाल वस्तु अपने पास रखें।

मकर राशि

आज खर्चों में वृद्धि हो सकती है, जिससे मन थोड़ा परेशान रहेगा। सिरदर्द और आंखों से जुड़ी समस्या हो सकती है। प्रेम और संतान का साथ मिलेगा। व्यापार सामान्य से अच्छा रहेगा। उपाय: हरी वस्तु पास रखें।

कुंभ राशि

आय के नए स्रोत बनेंगे और पुराने निवेश से भी लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार—तीनों ही क्षेत्र में स्थिति मजबूत रहेगी। उपाय: गणेश जी को प्रणाम करें।

मीन राशि

व्यवसाय में मजबूती आएगी। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में सफलता मिलने के संकेत हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। प्रेम, संतान और व्यापार तीनों ही पक्ष बेहद शुभ रहेंगे। उपाय: गणेश जी को दुर्वा अर्पित करें।

ऑफिस की कुर्सी पर घंटों बैठे रहना बन सकता है बीमारी की वजह, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

लाइफस्टाइल/सर्वोदय न्यूज़:- आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोग घंटों ऑफिस की कुर्सी पर बैठे रहते हैं। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार एक ही जगह बैठे रहना सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है। यह आदत न सिर्फ रीढ़ की हड्डी को कमजोर करती है, बल्कि शरीर के मेटाबॉलिज्म को भी धीमा कर देती है।

डॉक्टरों का मानना है कि फिट रहने के लिए केवल जिम जाना ही काफी नहीं है, बल्कि दिनभर लगातार बैठे रहने की आदत से बचना उससे भी ज्यादा जरूरी है।

एक्सपर्ट्स की राय

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, शरीर की मांसपेशियों, हड्डियों और रक्त संचार को सही ढंग से काम करने के लिए नियमित गतिविधि जरूरी होती है। लंबे समय तक कुर्सी पर बैठे रहने से शरीर के इन हिस्सों पर दबाव पड़ता है, जिससे धीरे-धीरे कई शारीरिक समस्याएं जन्म लेने लगती हैं। इसलिए यह जानना जरूरी है कि दिनभर में कितनी बार कुर्सी से उठना चाहिए।

क्या है ‘30-30 नियम’?

विशेषज्ञों के अनुसार, भले ही कुर्सी से उठने की कोई तय संख्या न हो, लेकिन एक व्यावहारिक नियम है ‘30-30 नियम’। इसके तहत हर 30 मिनट में कम से कम एक बार कुर्सी से उठना चाहिए।

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मतलब, एक सामान्य ऑफिस टाइम में कम से कम 8 से 10 बार खड़े होना, चलना या स्ट्रेचिंग करना फायदेमंद माना जाता है। सिर्फ 1–2 मिनट की हल्की वॉक या स्ट्रेचिंग भी रक्त संचार को बेहतर बनाती है और मांसपेशियों की जकड़न को कम करती है।

लगातार बैठे रहने से हो सकती हैं ये समस्याएं

लंबे समय तक बैठे रहने से शरीर की मेटाबोलिक रेट प्रभावित होती है, जिससे कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है, जैसे—

  • वजन बढ़ना
  • पीठ और गर्दन दर्द
  • घुटनों में अकड़न
  • गलत पोस्चर
  • ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव
  • कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना
  • हृदय रोग और मधुमेह का खतरा

कुर्सी से उठकर क्या करें?

हर बार कुर्सी से उठने पर भारी एक्सरसाइज करना जरूरी नहीं है।आप कुछ आसान गतिविधियां भी कर सकते हैं, जैसे –

  • हल्की स्ट्रेचिंग
  • पानी पीने जाना
  • टॉयलेट ब्रेक लेना
  • कुछ कदम चलना

ये छोटी-छोटी गतिविधियां शरीर को निष्क्रिय अवस्था से सक्रिय अवस्था में लाने में मदद करती हैं।

डॉक्टरों की सलाह

डॉक्टरों का कहना है कि हमारी दैनिक आदतें ही हमारे स्वास्थ्य की नींव रखती हैं। थोड़ी-थोड़ी देर में उठकर चलना एक आसान लेकिन बेहद असरदार तरीका है, जो लंबे समय तक आपको स्वस्थ, ऊर्जावान और फ्रेश रख सकता है। शरीर के संकेतों को समझें और उन्हें नजरअंदाज न करें, क्योंकि अच्छी सेहत छोटी आदतों से ही बनती है।

यूपी में सर्दी के बीच स्कूलों को लेकर बड़ा अपडेट, जानें कब खुलेंगे सभी स्कूल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में शीतकालीन अवकाश के बाद अब स्कूलों के दोबारा खुलने को लेकर स्थिति साफ हो गई है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में प्राइमरी से लेकर 12वीं तक के स्कूल शुक्रवार से खुल जाएंगे। राजधानी लखनऊ में प्राथमिक स्कूलों की कक्षाएं सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक संचालित की जाएंगी।

जानकारी के अनुसार, प्रदेश के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में 24 जनवरी से द्वितीय सत्र की परीक्षाएं शुरू होंगी। इसके साथ ही जनवरी महीने में ही निपुण एसेसमेंट भी सभी सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में आयोजित किया जाएगा।

गौरतलब है कि यूपी में प्राइमरी स्कूल 28 दिसंबर से बंद चल रहे थे। इसमें 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक का शीतकालीन अवकाश भी शामिल था। इसके अलावा कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन के आदेश पर कई जिलों में कक्षा 8 तक के स्कूल 11 जनवरी तक बंद रखे गए थे। कुछ स्थानों पर कक्षा 9 से 12 तक के स्कूल भी ठंड बढ़ने पर अस्थायी रूप से बंद किए गए थे और स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव किया गया था।

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अब शुक्रवार से प्राइमरी से लेकर इंटरमीडिएट तक सभी स्कूल दोबारा खुल जाएंगे। इस समय हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की प्री-बोर्ड परीक्षाएं भी चल रही हैं, जबकि प्राइमरी स्कूलों में परीक्षा और मूल्यांकन की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

प्रयागराज में अभी बंद रहेंगे स्कूल

हालांकि, प्रयागराज जिले में स्थिति अलग है। यहां 16 जनवरी से 20 जनवरी तक कक्षा 1 से 12 तक सभी बोर्ड के स्कूल बंद रहेंगे। प्रयागराज के जिलाधिकारी ने बताया कि माघ मेले के आयोजन को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

डीएम के अनुसार, खिचड़ी पर्व और मौनी अमावस्या के कारण शहर में भारी भीड़ और यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है, इसी को ध्यान में रखते हुए स्कूल बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। प्रशासन ने इस आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

डिंपल यादव ने मनाया 48वां जन्मदिन, सादगी और देसी अंदाज़ ने एक बार फिर जीता दिल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मैनपुरी से सांसद और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव गुरुवार को अपना 48वां जन्मदिन मना रही हैं। सादगी और शालीनता के लिए पहचानी जाने वाली डिंपल यादव एक बार फिर अपने सिंपल लेकिन एलिगेंट लुक को लेकर चर्चा में हैं।

राजनीतिक मंच हो या कोई सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम, डिंपल यादव अक्सर साड़ी या सादा परिधान में नजर आती हैं। हालांकि जन्मदिन के मौके पर वह सलवार सूट में दिखाई दीं। उन्होंने परिवार के बीच अपनी भतीजी धृति यादव के साथ केक काटकर जन्मदिन मनाया। इस दौरान सपा नेता रामगोपाल यादव भी मौजूद रहे।

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केक कटिंग के दौरान की कई तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर तेजी से वायरल हो रही हैं। एक तस्वीर में भतीजी धृति यादव अपनी ताई डिंपल यादव को भगवान कृष्ण की सुंदर मूर्ति भेंट करती नजर आ रही हैं।

जन्मदिन पर वूलन सूट में दिखीं डिंपल यादव

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जन्मदिन के मौके पर डिंपल यादव ने वूलन सूट पहना था, जो सर्दियों के मौसम के लिहाज से बेहद आरामदायक और स्टाइलिश था। उन्होंने पर्पल और ग्रे शेड का कुर्ता पहना, जिसका सॉफ्ट कलर उनके चेहरे की खूबसूरती को और निखार रहा था।

उनका यह सादा लेकिन ग्रेसफुल अंदाज लोगों को खूब पसंद आया। भले ही डिंपल यादव का स्टाइल हमेशा सिंपल रहता हो, लेकिन उनकी सादगी ही उनकी सबसे बड़ी पहचान बन चुकी है।

अयोध्या: अपना स्कूल में धूमधाम से मनाया गया मकर संक्रांति पर्व, बच्चों के साथ खिचड़ी भोज का आयोजन

अयोध्या के जयसिंहपुर वार्ड स्थित मलिन बस्ती में वंचित वर्ग के बच्चों के लिए संचालित निःशुल्क ‘अपना स्कूल’ में मकर संक्रांति का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सेवाज्ञ संस्थानम के सहयोग से बच्चों के लिए खिचड़ी/तहरी का सामूहिक भोज आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता और स्वामी विवेकानंद की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद बच्चों को सम्मानपूर्वक बैठाकर पत्तल में खिचड़ी परोसी गई।

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इस आयोजन का संचालन सब इंस्पेक्टर रणजीत यादव, जिन्हें खाकी वाले गुरुजी के नाम से जाना जाता है, द्वारा किया गया।

इस मौके पर सेवाज्ञ संस्थानम की सदस्य पूजा सिंह ने बच्चों को साफ-सफाई, स्वास्थ्य और शिक्षा के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

खाकी वाले गुरुजी रणजीत यादव ने कहा,“आज बच्चों के साथ सामूहिक भोज में भोजन करने का अनुभव अत्यंत आनंददायक रहा। इसके लिए सेवाज्ञ संस्थानम का हृदय से धन्यवाद।”

कार्यक्रम में अनुज सिंह, अमन गुप्ता, कृष्ण कुमार तिवारी, पूजा सिंह, कवयित्री कात्यायनी उपाध्याय, अमित कुमार मिश्र, आशुतोष मिश्रा, मुख्य आरक्षी संदीप सिंह, विष्णु कुमार, तथा अपना स्कूल के सहयोगी ऋषभ शर्मा और विनय कुशवाहा सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने बच्चों के साथ खिचड़ी भोज का आनंद लिया और आयोजन में सहयोग प्रदान किया।

मनरेगा पर कांग्रेस का बड़ा संग्राम: अदालत से सड़क तक केंद्र सरकार के फैसले को दी जाएगी चुनौती

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- केंद्र सरकार द्वारा MGNREGA (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) का नाम बदलकर विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) अधिनियम, 2025 किए जाने के बाद सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस फैसले का विरोध शुरू कर दिया है। अब कांग्रेस शासित कर्नाटक सरकार ने इस कदम को संवैधानिक और कानूनी रूप से चुनौती देने का ऐलान किया है।

कर्नाटक सरकार का कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ कोर्ट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे “जनता की अदालत” तक ले जाया जाएगा।

कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियंक खड़गे ने गुरुवार (15 जनवरी) को कहा कि राज्य सरकार मनरेगा को हटाकर नया कानून लागू करने के फैसले को संविधान और कानून दोनों के तहत चुनौती देगी। उन्होंने बताया कि 22 जनवरी से राज्य विधानसभा का संयुक्त सत्र बुलाया गया है, जिसमें VB-G RAM G Act, 2025 पर विशेष चर्चा की जाएगी।

“ग्रामीण भारत के साथ बड़ा अन्याय”

प्रियंक खड़गे ने कहा,
“मनरेगा को खत्म करना ग्रामीण भारत के साथ गंभीर अन्याय है। इसीलिए हमने दो दिन का विशेष सत्र बुलाया है। हम जनता को यह समझाना चाहते हैं कि मनरेगा और नए कानून में क्या अंतर है और इसका सामाजिक व आर्थिक असर क्या पड़ेगा। यह लड़ाई संविधान, कानून और जनता—तीनों स्तरों पर लड़ी जाएगी।”

केंद्र सरकार पर कांग्रेस का हमला

इससे पहले कर्नाटक सरकार के वरिष्ठ मंत्री एच.के. पाटिल ने केंद्र सरकार के फैसले को तानाशाही और क्रूर करार दिया था। उन्होंने कहा कि मनरेगा ने ग्रामीण मज़दूरों को काम का अधिकार दिया था, जिसे अब छीन लिया गया है।

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पाटिल के मुताबिक, “मनरेगा ग्रामीण और कृषि मज़दूरों के लिए जीवनरेखा थी, जिसे खत्म करना असंवेदनशील फैसला है।”

देशभर में ‘मनरेगा बचाओ’ आंदोलन

मनरेगा को हटाने के विरोध में कांग्रेस ने ‘मनरेगा बचाओ’ नाम से तीन चरणों वाला राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने का एलान किया है। नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर रोजगार गारंटी योजना को कमजोर करने का आरोप लगाया। वेणुगोपाल ने बताया कि कांग्रेस कार्यसमिति ने “मनरेगा बचाओ संग्राम” अभियान को मंजूरी दी है।

आंदोलन का पूरा रोडमैप

पहला चरण:

  • 8 जनवरी: प्रदेश कांग्रेस कार्यालयों में तैयारी बैठक
  • 10 जनवरी: जिला स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस
  • 11 जनवरी: जिला मुख्यालयों पर महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों के पास एक दिन का उपवास

दूसरा चरण (12–30 जनवरी):

  • ग्राम पंचायत स्तर पर चौपाल
  • कांग्रेस अध्यक्ष का पत्र ग्रामीणों तक पहुंचाया जाएगा
  • विधानसभा क्षेत्रों में नुक्कड़ सभाएं और पंपलेट वितरण

तीसरा चरण:

  • 30 जनवरी (शहीद दिवस): वार्ड स्तर पर शांतिपूर्ण धरना
  • 31 जनवरी–6 फरवरी: जिला स्तर पर डीसी/डीएम कार्यालयों का घेराव
  • 7–15 फरवरी: विधानसभा भवनों का राज्य स्तरीय घेराव
  • 16–25 फरवरी: देशभर में चार क्षेत्रीय AICC रैलियां

मनरेगा पर टकराव तेज

कांग्रेस का कहना है कि यह लड़ाई किसी एक योजना की नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के अधिकारों और रोजगार की सुरक्षा की है। वहीं केंद्र और कांग्रेस शासित राज्यों के बीच मनरेगा को लेकर टकराव लगातार तेज होता जा रहा है।

बाराबंकी: लखनऊ–सुल्तानपुर हाईवे के बारा टोल प्लाजा पर वकीलों का उग्र प्रदर्शन, सभी बैरियर तोड़े

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में हैदरगढ़ थाना क्षेत्र स्थित लखनऊ–सुल्तानपुर हाईवे के बारा टोल प्लाजा पर गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बड़ी संख्या में वकील टोल प्लाजा पहुंच गए। वकीलों ने उग्र प्रदर्शन करते हुए टोल के सभी बूम बैरियर तोड़ डाले, जिससे टोलकर्मी मौके से भाग खड़े हुए।

यह आक्रोश एक दिन पहले बुधवार को हुई उस घटना के विरोध में था, जिसमें प्रयागराज हाईकोर्ट के अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला के साथ टोल कर्मियों द्वारा मारपीट की गई थी।

जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला बुधवार को अपनी कार से हाईकोर्ट लखनऊ जा रहे थे। बारा टोल प्लाजा पर उनके फास्टैग में बैलेंस न होने पर उन्होंने टोल रसीद कटवाने की बात कही। इसी बात को लेकर टोल कर्मियों और अधिवक्ता के बीच कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। आरोप है कि टोल कर्मियों ने अधिवक्ता की बेरहमी से पिटाई की।

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घटना की जानकारी मिलते ही हैदरगढ़ तहसील बार एसोसिएशन के वकील आक्रोशित हो गए और हैदरगढ़ थाने का घेराव कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके बाद गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे बड़ी संख्या में वकील टोल प्लाजा पहुंचे और जमकर हंगामा किया।

पुलिस ने पीड़ित अधिवक्ता की तहरीर पर चार नामजद और दस अज्ञात टोल कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस की तत्परता से तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद हालात कुछ हद तक काबू में आए।

भाकियू कार्यकर्ताओं का समर्थन
गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ता भी टोल प्लाजा पहुंचे और वकीलों के आंदोलन को समर्थन दिया। भाकियू कार्यकर्ताओं ने वकीलों के साथ मिलकर प्रदर्शन किया, जिससे आंदोलन और उग्र हो गया।

मंत्री रघुराज सिंह ने सलमान खान पर दिया विवादित बयान, बाद में कहा गलती से नाम लिया

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के दर्जा प्राप्त मंत्री ठाकुर रघुराज सिंह गुरुवार को एक विवादित बयान के कारण सुर्खियों में आ गए। उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को कथित रूप से देशद्रोही कहा और दावा किया कि सलमान को पाकिस्तान से ज्यादा प्यार है। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर ऐसा है तो सलमान पाकिस्तान चले जाएं और उनका फंसाना चाहिए।

मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे सलमान की फ़िल्में देखने से परहेज़ करें। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और जमकर चर्चा का विषय बना।

हालांकि, बाद में रघुराज सिंह ने बयान को पलटा और कहा कि वे वास्तव में शाहरुख खान के बारे में बात कर रहे थे और गलती से सलमान का नाम ले लिया। उन्होंने यह भी कहा कि सलमान खान अच्छे अभिनेता हैं।

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रघुराज सिंह ने आरोप लगाया कि सलमान खान भारत के हिंदुओं को आकर्षित कर पैसे कमाते हैं और पाकिस्तान तथा बांग्लादेश के मुस्लिमों का समर्थन करते हैं। इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई।

राजनीतिक प्रतिक्रिया:
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस विवाद पर भाजपा को निशाने पर लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि कहीं ऐसा न हो यह बयान दिल्ली तक पहुंच जाए और मंत्री की राजनीतिक डोर कट जाए।

यह पहला मौका नहीं है जब ठाकुर रघुराज सिंह विवादित बयानों में घिरे हों। इससे पहले उन्होंने मुसलमानों को लेकर विवादित टिप्पणी की थी, जिस पर भी बहस हुई थी।

मायावती ने कांग्रेस के लिए खोला बसपा का गेट, यूपी और देश में फिलहाल कोई समझौता नहीं, लेकिन…

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बसपा प्रमुख और बहनजी के नाम से मशहूर मायावती ने 70वें जन्मदिन पर अपनी राजनीतिक रणनीति और गठबंधन की स्थिति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ किया कि फिलहाल उत्तर प्रदेश या देश में किसी पार्टी के साथ चुनावी गठबंधन नहीं होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर उन्हें भरोसा हो कि अन्य पार्टी के ‘अपर कास्ट’ वोट बसपा तक ट्रांसफर होंगे, तो भविष्य में गठबंधन की संभावना खुली है।

गठबंधन में बसपा को नुकसान:
मायावती ने कहा कि जब बसपा किसी पार्टी के साथ चुनावी तालमेल करती है, तो उनका दलित वोट पूरी तरह साथी पार्टी को ट्रांसफर हो जाता है, लेकिन दूसरी पार्टियों का अपर कास्ट वोट उन्हें नहीं मिलता। इस वजह से गठबंधन में केवल दूसरी पार्टी को फायदा होता है और बसपा को नुकसान।

कांग्रेस के लिए संदेश:
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने संकेत दिया कि उनके लिए दरवाजे हमेशा पूरी तरह बंद नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें यह भरोसा नहीं होगा कि सामने वाली पार्टी का अपर कास्ट वोट बसपा तक जाएगा, गठबंधन संभव नहीं है। राजनीतिक जानकार इसे कांग्रेस के लिए संकेत के तौर पर देख रहे हैं, क्योंकि कांग्रेस लगातार दलित और सवर्ण वोट बैंक के संतुलन पर काम कर रही है।

चुनावी रणनीति और 2027 का रोडमैप:
मायावती ने 2027 के चुनावों को लेकर भी अपनी योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर ईवीएम में कोई गड़बड़ी नहीं हुई, तो बसपा की सरकार बनाना निश्चित है। मायावती ने सरकारी कर्मचारियों और पिछड़े वर्ग को लुभाने के साथ 2007 जैसी ‘कुशल और सख्त शासन’ वाली सरकार का वादा भी किया।

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उन्होंने बीजेपी और सपा दोनों की कानून-व्यवस्था की आलोचना करते हुए बसपा को जनता के लिए एकमात्र विकल्प बताया।

जातिवाद पर हमला:
बसपा सुप्रीमो ने विपक्षी दलों की जातिवादी मानसिकता पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की सोच बदल चुकी है, वे पहले ही बसपा के साथ आ चुके हैं। बाकी दल केवल बसपा के वोट बैंक का इस्तेमाल कर अपनी राजनीतिक मुश्किलें पार करना चाहते हैं।