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बंगाल में पीएम मोदी ने भरी हुंकार; घुसपैठियों को उनके देश वापस भेजना होगा, TMC पर बरसे

सिंगूर (पश्चिम बंगाल)/सर्वोदय न्यूज़:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के सिंगूर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राज्य में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों को उनके देश वापस भेजना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल की जनता अब 15 साल के “जंगल राज” से मुक्ति चाहती है और तृणमूल कांग्रेस के कुशासन से त्रस्त हो चुकी है।

प्रधानमंत्री ने दावा किया कि राज्य के लोग बदलाव चाहते हैं और आगामी विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने का मन बना चुके हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल का भविष्य तभी सुरक्षित होगा, जब यहां सुशासन की सरकार बनेगी।

बांग्ला को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिलाने का दावा

पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद बांग्ला भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिला। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी केंद्र में यूपीए सरकार का हिस्सा रही, लेकिन उस दौरान बांग्ला को यह सम्मान नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि बंगाल और देश के विकास के लिए ‘वंदे मातरम्’ को मंत्र बनाकर आगे बढ़ना होगा।

केंद्र की योजनाएं रोक रही है राज्य सरकार

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचने से रोक रही है। उन्होंने सवाल किया कि जब कोई सरकार जनता के हितों के खिलाफ काम करती है, तो क्या उसे दंड नहीं मिलना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल की जनता आने वाले चुनावों में तृणमूल सरकार को करारा जवाब देगी।

शिक्षा व्यवस्था और घुसपैठ का मुद्दा

पीएम मोदी ने कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था भ्रष्टाचार की गिरफ्त में है, जिससे छात्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की नौकरियां भ्रष्टाचार की वजह से खतरे में हैं और इसे रोकने के लिए भाजपा को समर्थन देना जरूरी है।

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घुसपैठ के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे बड़ी संख्या में लोग राज्य में रह रहे हैं, जिन्हें तृणमूल कांग्रेस सरकार का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि राज्य और देश की सुरक्षा के लिए ऐसे लोगों को वापस भेजना अनिवार्य हो गया है।

यूपी बनेगा देश का सबसे बड़ा हेल्थकेयर और मेडिकल टेक्नोलॉजी हब: सीएम योगी

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का उद्घाटन करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश न केवल 25 करोड़ की आबादी वाला राज्य है, बल्कि देश और पड़ोसी राज्यों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने वाला सबसे बड़ा केंद्र भी बन चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मेडिकल टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर इनोवेशन और फार्मा मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक हब के रूप में स्थापित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बीते करीब नौ वर्षों में प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव हुए हैं, जिनके परिणाम आज जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश वर्तमान में 35 करोड़ से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जरूरतों का भार वहन करने वाला देश का सबसे बड़ा हेल्थकेयर कंज्यूमर मार्केट बन गया है।

स्वास्थ्य अधोसंरचना में बड़ा विस्तार

सीएम योगी ने बताया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर केवल 40 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि आज यह संख्या बढ़कर 81 हो चुकी है। इसके अलावा प्रदेश में दो एम्स, 100 से अधिक जिला अस्पताल, सैकड़ों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स की मजबूत व्यवस्था तैयार की गई है। इन माध्यमों से दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों तक निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवनों का निर्माण नहीं, बल्कि ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करना है, जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति को भी सम्मानजनक और सुलभ इलाज मिल सके।

आयुष्मान योजना से गरीबों को मिला सुरक्षा कवच

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना लागू होने से पहले किसी गरीब परिवार में गंभीर बीमारी आने पर पूरा परिवार आर्थिक संकट में फंस जाता था। आज उत्तर प्रदेश में 5.5 करोड़ परिवारों को आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से प्रति परिवार पांच लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि जो पात्र परिवार किसी कारण से आयुष्मान योजना से वंचित रह गए थे, उन्हें मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है। सीएम योगी ने कहा कि आयुष्मान कार्ड गरीब और मध्यम वर्ग के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित हुआ है।

मातृ और शिशु मृत्यु दर में आई बड़ी कमी

सीएम योगी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के चलते उत्तर प्रदेश में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। संस्थागत प्रसव की दर अब राष्ट्रीय औसत के बराबर पहुंच चुकी है। कई जिलों में टीबी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है।

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उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश वेक्टर जनित रोगों से गंभीर रूप से प्रभावित रहता था। इंसेफेलाइटिस, डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और कालाजार जैसी बीमारियां हर साल विकराल रूप ले लेती थीं। इंसेफेलाइटिस से पिछले चार दशकों में लगभग 50 हजार बच्चों की मौत हुई थी। वर्ष 2017 में सरकार ने इस बीमारी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप आज प्रदेश में इंसेफेलाइटिस से शून्य मृत्यु दर्ज की जा रही है। अन्य संक्रामक रोगों पर भी प्रभावी नियंत्रण किया गया है।

मेडिकल डिवाइस और फार्मा सेक्टर को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क और ललितपुर में बल्क ड्रग फार्मा पार्क का तेजी से विकास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रदेश और देश को मेडिकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और ‘मेक इन इंडिया’ से ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ की ओर आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि कोविड काल ने यह स्पष्ट कर दिया कि संकट के समय आत्मनिर्भरता कितनी आवश्यक है।

UP-IMRAS सॉफ्टवेयर का लोकार्पण

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने UP-IMRAS (इंटीग्रेटेड मेडिकल रिसर्च एप्लिकेशन सिस्टम) सॉफ्टवेयर का लोकार्पण किया। यह एक अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से क्लिनिकल ट्रायल, मेडिकल डिवाइस और फार्मास्यूटिकल्स से जुड़े अनुसंधान कार्यों को अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाया जाएगा।

इस प्लेटफॉर्म पर शोधकर्ता अपने प्रस्ताव, अनुमतियां और संबंधित प्रक्रियाएं ऑनलाइन पूरी कर सकेंगे। साथ ही इंस्टीट्यूशनल एथिक्स कमेटी द्वारा अनुमोदन, समीक्षा और निगरानी की पूरी प्रक्रिया भी डिजिटल माध्यम से संपन्न होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने इंस्टीट्यूशनल एथिक्स कमेटी के लिए तैयार स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) से संबंधित पुस्तक का विमोचन भी किया। इसमें 22 प्रकार के SOPs शामिल हैं, जो क्लिनिकल ट्रायल और शोध प्रक्रियाओं में गुणवत्ता, नैतिकता और एकरूपता सुनिश्चित करेंगे।

कार्यक्रम में बताया गया कि यह पहल न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि वैश्विक स्तर पर मेडिकल रिसर्च और हेल्थ टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और अभिनव कदम है।

PM आवास योजना शहरी 2.0: सीएम योगी ने 2 लाख परिवारों को भेजे ₹1-1 लाख, लाभार्थियों के खिले चेहरे

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत आयोजित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने एक क्लिक के माध्यम से उत्तर प्रदेश के दो लाख लाभार्थी परिवारों के बैंक खातों में एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि ट्रांसफर की।

पीएम आवास योजना की पहली किस्त मिलने से लाभार्थी परिवारों में खुशी की लहर देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कई लाभार्थियों से संवाद किया और उनसे आवास मिलने के बाद उनके अनुभव और भावनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या उन्हें अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल रहा है या नहीं।

सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले आम लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पाता था, लेकिन अब पारदर्शी व्यवस्था के तहत हर पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अब किसी को घूस मांगने की हिम्मत नहीं होती, क्योंकि भ्रष्टाचार करने वालों को सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ता है।

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इस कार्यक्रम के तहत लाभार्थियों के खातों में कुल 2,000 करोड़ रुपये की अनुदान राशि सीधे ट्रांसफर की गई। मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद पत्र लिखने का भी आग्रह किया।

कार्यक्रम का आयोजन लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में किया गया, जिसमें आवास एवं शहरी मामलों के केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री एके शर्मा भी इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे।

केंद्र सरकार की पहल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2014 में प्रत्येक बेघर परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। शहरी क्षेत्रों में इस योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) को सौंपी गई है। नगरीय निकायों में आवास निर्माण के लिए शासन स्तर से प्रति आवास ढाई लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाती है।

शंकराचार्य के शिष्यों से धक्का-मुक्की पर अखिलेश यादव का हमला, बोले– दुर्व्यवहार अक्षम्य

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज के संगम तट पर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों और पुलिस के बीच हुए विवाद ने सियासी तूल पकड़ लिया है। इस मामले पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है।

मौनी अमावस्या स्नान के दौरान संगम क्षेत्र में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद अपने अनुयायियों के साथ पालकी के जरिए स्नान के लिए जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस से कहासुनी हो गई। शंकराचार्य ने प्रशासन पर शिष्यों के साथ बदसलूकी, धक्का-मुक्की और मारपीट के आरोप लगाए। विरोध स्वरूप उन्होंने बिना स्नान किए ही अपनी पालकी वापस अखाड़े की ओर मोड़ ली।

अखिलेश यादव ने एक्स पर जताई नाराजगी

इस घटनाक्रम पर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि माघ मेला क्षेत्र में साधु-संतों और श्रद्धालुओं के साथ इस तरह का व्यवहार निंदनीय और अक्षम्य है। उन्होंने कहा कि शाही स्नान जैसी सदियों पुरानी सनातन परंपरा में भाजपा सरकार लगातार बाधा डाल रही है।

अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि मौनी अमावस्या का शाही स्नान कोई नया आयोजन नहीं है, फिर ऐसी घटनाएं केवल भाजपा शासन में ही क्यों सामने आ रही हैं। उन्होंने इसे सरकार की विफल व्यवस्था और कुशासन का परिणाम बताया और मामले की जांच की मांग की।

मौनी अमावस्या पर उमड़ा आस्था का सैलाब

माघ मेला के सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर संगम तट पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। रविवार दोपहर 12 बजे तक करीब 3 करोड़ 15 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया। देर रात से ही श्रद्धालुओं का संगम क्षेत्र में पहुंचना शुरू हो गया था। घने कोहरे के बावजूद सभी घाटों पर भारी भीड़ देखने को मिली।

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भोर तीन बजे से संगम नोज पर श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी। सुबह आठ बजे तक एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके थे। दोपहर होते-होते प्रयागराज के रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर लौटने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी। संगम के साथ-साथ शहर के अन्य गंगा घाटों पर भी भारी भीड़ नजर आई।

विवाद पर प्रशासन ने रखा पक्ष

शंकराचार्य की पालकी रोके जाने को लेकर प्रशासन ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। प्रशासन के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन करोड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी और सुरक्षा कारणों से किसी भी व्यक्ति को वाहन, पालकी या रथ से संगम तक जाने की अनुमति नहीं दी गई थी।

प्रशासन का कहना है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से पैदल स्नान के लिए जाने और उनके अनुयायियों को बारी-बारी से भेजने का अनुरोध किया गया था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। इससे करीब तीन घंटे तक मार्ग अवरुद्ध रहा और आम श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान बैरियर तोड़े जाने और पुलिस कर्मियों से धक्का-मुक्की की बात भी सामने आई है।

पुलिस कमिश्नर जोगिन्दर कुमार ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है और जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह: बस्ती के कर्मा देवी शिक्षण संस्थान में स्कूल बसों की जांच, छात्रों को किया गया जागरूक

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत बस्ती स्थित कर्मा देवी शिक्षण संस्थान में छात्रों के परिवहन में प्रयुक्त स्कूल बसों का निरीक्षण किया गया। यह कार्रवाई उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र) राज कुमार सिंह, अयोध्या के निर्देशन में संपन्न हुई।

निरीक्षण के दौरान संभागीय परिवहन अधिकारी फ़रीदउद्दीन, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सुरेश मौर्य तथा यात्रीकर अधिकारी प्रदीप श्रीवास्तव मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्कूल बसों की फिटनेस, आवश्यक दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की तथा संचालकों को नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।

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इस मौके पर संस्थान के प्रेक्षागृह में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को सुरक्षित यातायात के नियमों, वाहन संचालन में सावधानियों और ट्रैफिक संकेतों के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। वक्ताओं ने हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, ट्रैफिक लाइट के पालन तथा नशे की हालत में वाहन न चलाने पर विशेष जोर दिया।

अधिकारियों ने बताया कि यातायात नियमों का उल्लंघन दंडनीय अपराध है और प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 1 जनवरी से 31 जनवरी तक देशभर में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और सुरक्षित यातायात को प्रोत्साहित करना है।

BMC चुनाव परिणामों पर बोले पीएम मोदी: जीत मुंबई में, उत्सव काजीरंगा में कालियाबोर की रैली में कांग्रेस पर साधा निशाना,

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के कालियाबोर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी की चुनावी सफलता का उल्लेख किया और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा आज देशभर में जनता की पहली पसंद बन चुकी है और लगातार लोगों का भरोसा हासिल कर रही है।

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले एक-डेढ़ साल में आए चुनाव नतीजों ने साफ संकेत दिया है कि देश की जनता भाजपा के साथ खड़ी है। बिहार चुनावों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि 20 साल बाद भी वहां भाजपा को रिकॉर्ड वोट और सीटें मिली हैं। इसके साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र के हालिया नगर निकाय चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि देश के सबसे बड़े नगर निगमों में शामिल मुंबई में पहली बार भाजपा को ऐतिहासिक जनादेश मिला है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “जीत मुंबई में हो रही है और जश्न काजीरंगा में मनाया जा रहा है। महाराष्ट्र के अधिकतर शहरों की जनता ने भाजपा को सेवा का अवसर दिया है।”

कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को जनता कर रही खारिज

पीएम मोदी ने कहा कि हाल के सभी चुनाव परिणाम यह दर्शाते हैं कि देश का मतदाता आज सुशासन और विकास चाहता है। उन्होंने कहा कि जनता विकास और विरासत—दोनों को साथ लेकर चलने वाली राजनीति को पसंद कर रही है, इसलिए भाजपा को समर्थन मिल रहा है।

कांग्रेस पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश लगातार उसकी नकारात्मक राजनीति को नकार रहा है। उन्होंने कहा कि जिस मुंबई शहर में कांग्रेस की स्थापना हुई थी, आज वहीं पार्टी चौथे या पांचवें स्थान पर सिमट गई है।

नॉर्थ ईस्ट की दूरी को कम करने का काम भाजपा ने किया

प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्थ ईस्ट के विकास पर बात करते हुए कहा कि इस क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या लंबे समय तक दूरी की रही है—चाहे वह भौगोलिक हो या भावनात्मक। दशकों तक यहां के लोगों को लगता रहा कि देश का विकास कहीं और हो रहा है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने इस सोच को बदलने का प्रयास किया और डबल इंजन सरकार के जरिए नॉर्थ ईस्ट को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने को प्राथमिकता दी। सड़क, रेल, हवाई और जलमार्ग—चारों माध्यमों से कनेक्टिविटी बढ़ाई गई।

पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान असम को मात्र करीब 2,000 करोड़ रुपये का रेल बजट मिलता था, जबकि भाजपा सरकार ने इसे बढ़ाकर लगभग 10,000 करोड़ रुपये सालाना कर दिया है।

काजीरंगा में संरक्षण से बने रोजगार के नए अवसर

प्रधानमंत्री ने प्रकृति संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि जब पर्यावरण सुरक्षित होता है, तब रोजगार और अवसर भी पैदा होते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में काजीरंगा में पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है, जिससे होम-स्टे, गाइड सेवाएं, परिवहन, हस्तशिल्प और छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिला है।

उन्होंने राइनो संरक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय काजीरंगा में गैंडे के शिकार की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय थीं। वर्ष 2013-14 में बड़ी संख्या में एक सींग वाले गैंडे मारे गए थे। भाजपा सरकार ने इसे रोकने के लिए कड़े कदम उठाए, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई, आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल हुआ और महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ाई गई।

पीएम मोदी ने कहा कि इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है और वर्ष 2025 में अब तक राइनो शिकार की एक भी घटना दर्ज नहीं हुई है।

प्रेमी के इश्क में कातिल बनी पत्नी, शादी के 17 साल बाद पति की कराई दर्दनाक हत्या

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में सामने आए एक सनसनीखेज हत्या मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस केस में मृतक की पत्नी ही हत्या की मास्टरमाइंड निकली। पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिलवाया।

पुलिस के मुताबिक, साजिश के तहत पत्नी के प्रेमी ने मृतक को दिल्ली से बुलंदशहर के खुर्जा इलाके में बुलाया, जहां उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और शक के आधार पर मृतक की पत्नी से कड़ाई से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान पत्नी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

17 साल की शादी, दो बच्चे और फिर खौफनाक साजिश

पुलिस जांच में पता चला है कि मृतक नीरज की शादी 17 साल पहले दिव्या से हुई थी। दोनों के दो बेटे हैं, जिनमें एक की उम्र 14 साल और दूसरे की उम्र 9 साल है। दिव्या ने पुलिस को बताया कि शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ ठीक था, लेकिन बाद में पति नीरज उसके साथ अक्सर झगड़ा और मारपीट करने लगा।

कुछ समय बाद नीरज दिव्या को दिल्ली ले गया, जहां वह काम करने लगा। इसी दौरान दिव्या की नजदीकियां पिंटू नाम के व्यक्ति से बढ़ गईं और दोनों के बीच अवैध संबंध बन गए। जब नीरज को इस रिश्ते की जानकारी हुई तो घर में झगड़े और बढ़ गए।

दिल्ली से खुर्जा बुलाकर की हत्या

लगातार विवाद और तनाव से परेशान होकर दिव्या ने अपने प्रेमी पिंटू के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। योजना के अनुसार पिंटू नीरज को दिल्ली से बुलंदशहर के खुर्जा ले आया।

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पुलिस के अनुसार, आरोपी पिंटू नीरज को अगवाल फाटक के पास ले गया, जहां उसने पहले गमछे से उसका गला दबाया और फिर ईंट से वार कर उसकी हत्या कर दी। अगले दिन जब शव मिला तो इलाके में हड़कंप मच गया।

पूछताछ में पत्नी ने उगला सच

शव मिलने के बाद पुलिस ने परिजनों से पूछताछ शुरू की। इस दौरान मृतक की पत्नी दिव्या के बयानों में विरोधाभास पाए गए। कड़ाई से पूछताछ करने पर दिव्या टूट गई और उसने स्वीकार किया कि उसी के कहने पर उसके प्रेमी पिंटू ने नीरज की हत्या की है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

यूपी ग्राम पंचायतों के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम, ‘जीरो पावर्टी अभियान’ शुरू करने की तैयारी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश सरकार ग्राम पंचायतों के स्तर पर गरीबी उन्मूलन को लेकर बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य को गरीबी मुक्त प्रदेश बनाने के उद्देश्य से सरकार ‘जीरो पावर्टी अभियान’ शुरू करने की तैयारी कर रही है। इस अभियान में प्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की अहम भूमिका तय की जा रही है।

सरकार की योजना के तहत यूपी के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के साथ एमओयू (MoU) साइन किए जाएंगे। इसके बाद ये शैक्षणिक संस्थान जीरो पावर्टी अभियान के अंतर्गत 10 से 15 ग्राम पंचायतों को गोद लेंगे। इन पंचायतों में चिन्हित निर्धन परिवारों के सर्वांगीण विकास के लिए संस्थान जिम्मेदारी निभाएंगे।

छात्र निभाएंगे अहम भूमिका

इस अभियान में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के NSS, NCC, MSW (सोशल वर्क) समेत विभिन्न पाठ्यक्रमों के छात्र वालंटियर के रूप में काम करेंगे। ये छात्र गांवों में जाकर गरीब परिवारों को आजीविका, कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और सामाजिक सशक्तिकरण से जोड़ने का कार्य करेंगे।

सरकार के अनुसार, इस योजना की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पहले राजधानी लखनऊ से की जाएगी। इसके सफल रहने पर इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।

संस्थानों में नोडल शिक्षक होंगे तैनात

प्रमुख सचिव, नियोजन एवं जीरो पावर्टी अभियान के नोडल अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक विश्वविद्यालय और कॉलेज में एक नोडल शिक्षक की नियुक्ति की जाएगी। ये नोडल शिक्षक अभियान की निगरानी करेंगे और ग्राम पंचायतों में चल रहे कार्यक्रमों का मार्गदर्शन करेंगे।

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छात्र गांवों में जाकर जीरो पावर्टी परिवारों की जरूरतों का सर्वे करेंगे और उनके लिए आजीविका संवर्धन, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार सृजन और उद्यमिता को बढ़ावा देने की योजना तैयार करेंगे।

माइक्रो-प्लानिंग और 100% सरकारी योजनाओं का कवरेज

सरकार इस अभियान के तहत माइक्रो-प्लानिंग के जरिए कौशल प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप और प्लेसमेंट से युवाओं को जोड़ेगी। साथ ही जीरो पावर्टी परिवारों के युवाओं को सरकारी योजनाओं के आवेदन में मदद दी जाएगी, ताकि कोई भी पात्र परिवार लाभ से वंचित न रहे।

योग्य लाभार्थियों की नियमित मेंटरिंग और प्रगति की ट्रैकिंग भी की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि जीरो पावर्टी परिवारों को सभी सरकारी योजनाओं का 100 प्रतिशत कवरेज मिले।

जिलाधिकारी स्तर पर होंगे एमओयू और समीक्षा बैठकें

अभियान के बेहतर क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशासन और विश्वविद्यालयों/कॉलेजों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी स्तर पर एमओयू साइन किए जाएंगे और त्रैमासिक समीक्षा बैठकें आयोजित होंगी, जिनमें कार्यों की प्रगति का आकलन कर आवश्यक सुधार किए जाएंगे।

कंफर्म हुई ‘धमाल 4’ की रिलीज डेट, दो बड़ी फिल्मों से बॉक्स ऑफिस क्लैश टला

Dhamaal 4 Release Date: बॉलीवुड स्टार अजय देवगन एक बार फिर अपनी सुपरहिट कॉमेडी फ्रेंचाइजी के नए सीक्वल के साथ बड़े पर्दे पर वापसी करने जा रहे हैं। लंबे समय से चर्चा में बनी फिल्म ‘धमाल 4’ की रिलीज डेट अब आधिकारिक तौर पर सामने आ गई है। इस फिल्म में अजय देवगन के साथ एक बार फिर रितेश देशमुख, अरशद वारसी और पूरी धमाल गैंग दर्शकों को हंसाने के लिए तैयार है।

फिल्म को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है और अब रिलीज डेट कंफर्म होने से फैंस की एक्साइटमेंट और बढ़ गई है।

कब रिलीज होगी ‘धमाल 4’?

ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ‘धमाल 4’ की रिलीज डेट का ऐलान किया। उन्होंने लिखा, “अजय देवगन – रितेश देशमुख – अरशद वारसी – संजय मिश्रा – जावेद जाफरी स्टारर ‘धमाल 4’ को नई रिलीज डेट मिल गई है। हिंदी सिनेमा की सबसे पसंदीदा कॉमेडी फ्रेंचाइजी में से एक ‘धमाल 4’ अब 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।”

खास बात यह है कि इस नई तारीख के साथ फिल्म दो बड़ी फिल्मों के साथ होने वाले बॉक्स ऑफिस क्लैश से भी बच गई है।

धमाल फ्रेंचाइजी का सफर

‘धमाल’ फ्रेंचाइजी की पिछली फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है।

  • धमाल – 7 सितंबर 2007
  • डबल धमाल – 24 जून 2011
  • टोटल धमाल – 22 फरवरी 2019

अब चौथे पार्ट से भी दर्शकों को जबरदस्त कॉमेडी और एंटरटेनमेंट की उम्मीद है।

‘धमाल 4’ की स्टार कास्ट

‘धमाल 4’ में अजय देवगन के साथ रितेश देशमुख, अरशद वारसी, संजय मिश्रा और जावेद जाफरी एक बार फिर अपनी कॉमिक टाइमिंग से धमाल मचाते नजर आएंगे।

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इसके अलावा फिल्म में ईशा गुप्ता, संजीदा शेख, अंजली आनंद, उपेंद्र लिमये, विजय पाटकर और रवि किशन भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे।

दमदार स्टारकास्ट और लोकप्रिय फ्रेंचाइजी के चलते ‘धमाल 4’ को 2026 की सबसे बड़ी कॉमेडी फिल्मों में से एक माना जा रहा है।

इंदौर:दूषित पानी से जान गंवाने वालों के परिजनों से मिले राहुल गांधी, 1-1 लाख का चेक सौंपा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंचे, जहां उन्होंने भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान राहुल गांधी ने न सिर्फ पीड़ितों का हाल जाना, बल्कि उन्हें आर्थिक सहायता के रूप में प्रत्येक परिवार को एक-एक लाख रुपये का चेक भी सौंपा।

पीड़ितों से मिलने के बाद राहुल गांधी ने सरकार की स्मार्ट सिटी योजना पर सवाल उठाए और लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की। स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद अब भी उनके घरों में नियमित पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई है और वे मजबूरी में आरओ का पानी खरीदकर पी रहे हैं।

“स्मार्ट शहर में साफ पानी तक नहीं”

मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा,“देश के लोगों से वादा किया गया था कि उन्हें स्मार्ट शहर मिलेंगे, लेकिन इंदौर एक ऐसा स्मार्ट शहर बन गया है, जहां पीने का साफ पानी तक उपलब्ध नहीं है। लोग दूषित पानी पीकर जान गंवा रहे हैं। यह केवल इंदौर की समस्या नहीं है, बल्कि देश के कई शहरों में ऐसी ही स्थिति है।”

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उन्होंने कहा कि लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना और प्रदूषण पर नियंत्रण रखना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन सरकार इन दायित्वों को निभाने में पूरी तरह विफल रही है।

“सरकार को जिम्मेदारी लेनी होगी”

राहुल गांधी ने कहा कि इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतें सरकारी लापरवाही का नतीजा हैं और इसके लिए किसी न किसी स्तर पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि पीड़ित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

राजनीति के आरोप पर राहुल का जवाब

राज्य सरकार की ओर से लगाए गए राजनीति के आरोपों पर राहुल गांधी ने कहा, “मैं विपक्ष का नेता हूं और जहां लोगों की मौत हुई है, वहां उनकी आवाज उठाना मेरी जिम्मेदारी है। मैं यहां मदद करने आया हूं, उनके साथ खड़ा होने आया हूं। इसे राजनीति कहना है या कुछ और, मुझे फर्क नहीं पड़ता। लोगों को साफ पानी मिलना चाहिए, यही असली मुद्दा है।”

पीड़िता बोली- पैसे से ज्यादा जरूरी पानी

पीड़ित परिवार की सदस्य शानू प्रजापति ने बताया कि दूषित पानी पीने से उनकी सास सीमा प्रजापति की उल्टी-दस्त के बाद अचानक मौत हो गई थी।
उन्होंने कहा,“राहुल जी ने हमसे मिलकर सहयोग का भरोसा दिया और एक लाख रुपये का चेक दिया। इससे पहले सरकार की ओर से दो लाख रुपये की मदद मिली थी।”

हालांकि शानू ने यह भी कहा कि मुआवजा पर्याप्त नहीं है।“एक-दो लाख रुपये से क्या होगा, किसी की जान की कीमत नहीं होती। हमें पैसे से ज्यादा साफ पानी चाहिए। हमारे इलाके में अब भी पानी नहीं आ रहा है, सिर्फ टैंकर आ रहे हैं और हम मजबूरी में आरओ का पानी खरीदकर पी रहे हैं।”