Saturday, March 28, 2026

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अमेरिका ने मान लिया कि ईरान में हो गया फेल! नई नेतृत्व व्यवस्था को जनता का समर्थन, सरकार गिरने के संकेत नहीं

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच Iran और United States के बीच टकराव को लेकर कई तरह की खबरें सामने आ रही हैं। हालिया रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि मौजूदा हालात में ईरान की सरकार गिरने के संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं और देश में नेतृत्व व्यवस्था पर जनता की पकड़ बनी हुई है।

रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी खुफिया सूत्रों ने आकलन किया है कि ईरान में सत्ता संरचना अभी भी स्थिर है और राजनीतिक नेतृत्व को जनता का समर्थन मिल रहा है। इसी कारण बाहरी दबाव के बावजूद सरकार के तत्काल कमजोर पड़ने के संकेत नहीं मिले हैं।

युद्ध और वैश्विक बाजार पर असर

क्षेत्रीय तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है, जिससे दुनिया भर के बाजारों में चिंता बनी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि मध्य-पूर्व में अस्थिरता बढ़ने से ऊर्जा आपूर्ति शृंखला प्रभावित हो सकती है।

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राजनीतिक समीकरणों पर नजर

कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि ईरान के मौजूदा राजनीतिक ढांचे में नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं और आंतरिक समर्थन को लेकर अलग-अलग आकलन सामने आ रहे हैं। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर कोई स्पष्ट पुष्टि नहीं की गई है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव को देखते हुए कई देश कूटनीतिक समाधान की जरूरत पर जोर दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात लंबे समय तक तनावपूर्ण बने रहे तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।

कुंभ मेले की वायरल गर्ल मोनालिसा ने मुस्लिम युवक से की शादी, उम्र को लेकर उठे सवालों पर दिया जवाब

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- कुम्भ मेला के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुईं इंदौर की युवती Monalisa Bhonsle ने अपनी पसंद के युवक Farmaan से शादी कर ली है। शादी के बाद उम्र को लेकर उठ रहे सवालों पर मोनालिसा ने कहा कि वह 18 साल की हैं और उनके नाबालिग होने की खबरें पूरी तरह गलत हैं।

मोनालिसा ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी उम्र 18 वर्ष है और उनके नाबालिग होने से जुड़ी खबरें झूठी हैं। उनके पति फरमान ने भी कहा कि दोनों ने अपनी शादी रजिस्टर्ड कराई है, इसलिए नाबालिग होने का सवाल ही नहीं उठता।

मंदिर में हुई शादी, कई नेता रहे मौजूद

जानकारी के मुताबिक दोनों का विवाह केरल के पूवर स्थित अरुमनूर नैनार मंदिर में संपन्न हुआ। इस मौके पर V. Sivankutty, M. V. Govindan और A. A. Rahim समेत कई राजनीतिक नेता और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

फिल्म के दौरान हुई थी मुलाकात

फरमान ने बताया कि लगभग छह महीने पहले एक फिल्म के लिए चयन के दौरान दोनों की मुलाकात हुई थी। वहीं से उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई।

 

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उन्होंने कहा कि जिस फिल्म के लिए मोनालिसा को चुना गया था उसकी शूटिंग अभी शुरू नहीं हुई है, लेकिन एक फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी है और दूसरी पर काम चल रहा है।

केरल में रहना चाहती हैं मोनालिसा

जब पत्रकारों ने दंपति से पूछा कि क्या वे केरल में ही रहेंगे, तो फरमान ने कहा कि यह फैसला उनकी पत्नी पर निर्भर करेगा। इस पर मोनालिसा ने कहा कि उन्हें केरल पसंद है और वह फिलहाल यहीं रहना चाहती हैं।

परिवार ने जताई नाराजगी

इस विवाह को लेकर मोनालिसा के परिवार के कुछ सदस्यों ने आपत्ति जताई है। उनके चाचा ने आरोप लगाया कि लड़की पर जादू-टोना किया गया है और उसके बाद यह शादी कराई गई है।

यह भी पढ़े:- Indane गैस बुकिंग सिस्टम क्रैश, कॉल्स की बाढ़ से सिलेंडर बुक करना हुआ मुश्किल; कई शहरों में

बताया जा रहा है कि शादी के बाद दंपति Thampanoor Police Station पहुंचे और आरोप लगाया कि लड़की के पिता उन्हें जबरन उनके पैतृक गांव ले जाने की कोशिश कर रहे थे।

कुंभ मेले से मिली थी पहचान

इंदौर की रहने वाली मोनालिसा पिछले साल Prayagraj में आयोजित कुंभ मेले के दौरान चर्चा में आई थीं। उस समय उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह रुद्राक्ष की माला बेचती दिखाई दे रही थीं। उनकी मुस्कान और आंखों की वजह से वह इंटरनेट पर काफी लोकप्रिय हो गई थीं।

Indane गैस बुकिंग सिस्टम क्रैश, कॉल्स की बाढ़ से सिलेंडर बुक करना हुआ मुश्किल; कई शहरों में एजेंसियों पर लगी लंबी लाइनें

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अंतरराष्ट्रीय तनाव और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच देश में एलपीजी सिलेंडर बुकिंग को लेकर अचानक भारी दबाव देखने को मिला। कॉल्स की संख्या तेजी से बढ़ने के कारण Indane का गैस बुकिंग सिस्टम कुछ समय के लिए क्रैश हो गया, जिससे कई उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुक करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गैस बुकिंग के लिए आने वाली कॉल्स सामान्य दिनों की तुलना में 8 से 10 गुना तक बढ़ गईं, जिसके चलते IVRS और मिस्ड कॉल सिस्टम पर भारी दबाव पड़ गया। इसका असर फोन, मोबाइल ऐप और वेबसाइट के जरिए होने वाली बुकिंग पर भी पड़ा।

8–10 गुना बढ़ी कॉल्स, सिस्टम पर पड़ा दबाव

रिपोर्ट के अनुसार अचानक बड़ी संख्या में लोगों ने गैस सिलेंडर बुक करना शुरू कर दिया। इस वजह से Indian Oil Corporation की एलपीजी ब्रांड Indane के IVRS और मिस्ड कॉल नंबर पर कॉल्स की संख्या कई गुना बढ़ गई।

कंपनी ने अपने डीलरों को भेजे संदेश में बताया कि कॉल्स का दबाव सामान्य दिनों के मुकाबले काफी ज्यादा रहा, जिसके कारण कई बार ग्राहकों को कॉल कनेक्ट होने में समस्या हुई और बुकिंग प्रक्रिया प्रभावित हुई।

ऐप और वेबसाइट से भी नहीं हो पाई बुकिंग

तकनीकी समस्या के कारण कई जगहों पर Indane की मोबाइल ऐप और वेबसाइट भी ठीक से काम नहीं कर रही थीं। इसके चलते उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुक करने में परेशानी हुई।

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कई शहरों में लोग गैस एजेंसी के दफ्तर तक पहुंच गए, जहां बुकिंग कराने के लिए लंबी कतारें लग गईं। कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि उन्होंने कई बार कॉल करने की कोशिश की लेकिन बुकिंग नहीं हो सकी।

अंतरराष्ट्रीय हालात से बढ़ी चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया के कुछ हिस्सों में चल रहे युद्ध और ऊर्जा सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण लोगों में गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई। इसी वजह से बड़ी संख्या में लोगों ने एक साथ सिलेंडर बुक करना शुरू कर दिया, जिससे सिस्टम पर अचानक भारी दबाव पड़ गया।

सरकार ने बदला गैस बुकिंग का नियम

इस बीच सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग से जुड़ा नियम भी बदल दिया है। अब एक सिलेंडर बुक करने के बाद दूसरा सिलेंडर बुक करने के लिए कम से कम 25 दिन का इंतजार करना होगा। पहले यह अवधि 21 दिन थी।

सरकार का कहना है कि यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि कोई भी उपभोक्ता जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक न कर सके और सभी लोगों को समय पर गैस उपलब्ध हो सके।

अखिलेश यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से की मुलाकात, शंकराचार्य विवाद पर भाजपा के खिलाफ सियासी हलचल तेज

लखनऊ/ सर्वोदय न्यूज़:- सपा मुखिया अखिलेश यादव ने गुरुवार को लखनऊ में Swami Avimukteshwaranand से मुलाकात की। इस दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख ने संतों को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। उनके साथ पूर्व सांसद Anu Tandon भी मौजूद रहीं।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अभियान और उनके बयानों को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ गई है।

वाराणसी से शुरू हुआ गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने 7 मार्च को Varanasi से गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान की शुरुआत की थी। यह यात्रा जौनपुर, सुल्तानपुर और सीतापुर से होती हुई 10 मार्च को Lucknow पहुंची।
लखनऊ में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने अभियान का औपचारिक शंखनाद किया और आगे की रणनीति की घोषणा की।

81 दिन की ‘गविष्टि यात्रा’ का ऐलान

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि 52 दिन की प्रारंभिक यात्रा के बाद 3 मई से 23 जुलाई तक 81 दिन की ‘गविष्टि यात्रा’ निकाली जाएगी। यह यात्रा पूरे उत्तर प्रदेश की परिक्रमा करेगी। इसकी शुरुआत और समापन Gorakhpur से होगा।
उन्होंने बताया कि 24 जुलाई को फिर लखनऊ में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

‘शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना’ बनाने का ऐलान

कार्यक्रम में शंकराचार्य ने ‘शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना’ बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि यह संगठन गो-हत्या रोकने और सनातन धर्म की रक्षा के लिए काम करेगा। हालांकि उन्होंने किसी राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान प्रदेश सरकार पर परोक्ष हमला माने जा रहे हैं।

कार्यक्रम को 26 शर्तों के साथ मिली अनुमति

लखनऊ के Kanshiram Smriti Upvan में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि शुरुआत में कार्यक्रम को रोकने की कोशिश हुई।
उन्होंने दावा किया कि पहले वाराणसी में कार्यक्रम रोकने की योजना बनी, फिर लखनऊ में प्रवेश न देने की बात हुई। बाद में प्रशासन ने मंगलवार रात करीब 9 बजे 16 शर्तों के साथ अनुमति दी, जिसमें कुछ समय बाद 10 और शर्तें जोड़कर कुल 26 शर्तें कर दी गईं।

“हम कोई राजनीतिक पार्टी नहीं बना रहे”

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का गठन करना नहीं है। उन्होंने कहा कि वह जनता के बीच जाकर सिर्फ इतना कहेंगे कि जो गाय के लिए काम करे, उसे ही वोट दें
उन्होंने यह भी कहा कि यदि सत्ता गलत दिशा में जाती है तो संत समाज का दायित्व है कि वह उसे सही रास्ता दिखाए।

अखाड़ों को लिखा जाएगा पत्र

शंकराचार्य ने कहा कि साधु समाज में भी कई तरह की विकृतियां आ गई हैं। उन्होंने बताया कि सभी अखाड़ों को पत्र लिखकर पूछा जाएगा कि वे किस पक्ष में खड़े हैं।

यह भी पढ़े:- LPG संकट की अफवाहों के बीच पीएम मोदी की अपील, गृह मंत्रालय ने बनाए कंट्रोल रूम; राज्यों

उन्होंने यह भी कहा कि उनकी प्रस्तावित सेना में सन्यासी, बैरागी, उदासीन और गृहस्थ लोग शामिल होंगे और इसमें शामिल होने वालों का पुलिस सत्यापन भी कराया जाएगा।

कार्यक्रम में कई नेता और संत मौजूद

इस कार्यक्रम में Ajay Rai, लखनऊ मध्य से विधायक Ravidas Mehrotra, पूर्व पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री और संत समाज के कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।

अखिलेश यादव और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की मुलाकात को उत्तर प्रदेश की राजनीति में बढ़ती हलचल और आगामी राजनीतिक समीकरणों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

LPG संकट की अफवाहों के बीच पीएम मोदी की अपील, गृह मंत्रालय ने बनाए कंट्रोल रूम; राज्यों को किया गया अलर्ट

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- देश में एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच Narendra Modi ने लोगों से घबराने से बचने और पैनिक में खरीदारी न करने की अपील की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से पैदा हुई ऊर्जा आपूर्ति की चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और आम लोगों के हितों की रक्षा की जाएगी।

तमिलनाडु में एनडीए की बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के कारण ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है, लेकिन देश इस चुनौती से भी सफलतापूर्वक बाहर निकलेगा।

गृह मंत्रालय ने बनाए कंट्रोल रूम

इस बीच Ministry of Home Affairs ने एलपीजी सप्लाई की स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। इन कंट्रोल रूम का उद्देश्य गैस की आपूर्ति की निगरानी करना और जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई करना है।

मंत्रालय का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पहले की तरह सामान्य रूप से जारी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडर की खरीद बढ़ाने से बचें, क्योंकि इससे कृत्रिम कमी का माहौल बन सकता है।

राज्यों और जिलों में प्रशासन अलर्ट

एलपीजी संकट की अफवाहों को देखते हुए उत्तर प्रदेश, हरियाणा समेत कई राज्यों की सरकारों ने जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर भरोसा न करें।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई गैस सिलेंडर की जमाखोरी करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पहले ही Essential Services Maintenance Act (एस्मा) लागू किया जा चुका है, जिसके तहत घरेलू गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई है।

अफवाहों से बचने की अपील

प्रधानमंत्री ने लोगों से कहा कि बिना सत्यापन के किसी भी सूचना को आगे साझा न करें। उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट वैश्विक परिस्थितियों के कारण पैदा हुआ है, लेकिन सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।

“कोरोना की तरह इस संकट से भी उबरेंगे”

प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि देश इस चुनौती से भी उसी तरह बाहर निकलेगा जैसे कोरोना महामारी के समय निकला था। उन्होंने कहा कि उस दौर में 140 करोड़ भारतीयों ने धैर्य और जिम्मेदारी का परिचय दिया था।

यह भी पढ़े:- सोना-चांदी के दाम में लगातार दूसरे दिन गिरावट, महंगाई और वैश्विक तनाव के बीच क्यों

प्रधानमंत्री के मुताबिक, “हमें उम्मीद है कि हम इस संकट से भी जल्दी उबरेंगे। हमारी सोच ‘इंडिया फर्स्ट’ की है और सरकार हर नागरिक के हितों की रक्षा के लिए काम कर रही है।”

फैक्ट चेक और निगरानी तेज

स्थिति को संभालने के लिए Ministry of Information and Broadcasting और Ministry of Petroleum and Natural Gas के साथ मिलकर गृह मंत्रालय फैक्ट चेक और सही जानकारी देने का काम कर रहा है।

इसी कड़ी में केंद्रीय गृह सचिव Govind Mohan ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस प्रमुखों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की। बैठक में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों से पैदा होने वाली स्थिति से निपटने की रणनीति पर चर्चा की गई।

सरकार का कहना है कि फिलहाल एलपीजी की आपूर्ति सामान्य है और लोगों को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

सोना-चांदी के दाम में लगातार दूसरे दिन गिरावट, महंगाई और वैश्विक तनाव के बीच क्यों दबाव में कीमतें?

Gold Silver Rate Today: अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगाई के नए संकेत और मजबूत होते डॉलर के बीच सोना-चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों ने ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को कमजोर कर दिया है, वहीं मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। इन दोनों कारणों ने मिलकर सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ा दिया है।

एमसीएक्स पर सोना-चांदी के भाव

सुबह करीब 9:15 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना अप्रैल वायदा करीब 0.10% गिरकर 1,61,660 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा।
वहीं चांदी मई वायदा में भी कमजोरी रही और यह 0.57% गिरकर 2,66,969 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं में गिरावट देखी गई। ब्लूमबर्ग के अनुसार सिंगापुर में सुबह लगभग 8:05 बजे स्पॉट गोल्ड 0.9% गिरकर 5,132.76 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
वहीं चांदी की कीमत 1.5% गिरकर 84.44 डॉलर प्रति औंस रही। इसके अलावा प्लैटिनम में करीब 1% और पैलेडियम में लगभग 0.8% की गिरावट दर्ज की गई। इसी दौरान ब्लूमबर्ग डॉलर स्पॉट इंडेक्स लगभग 0.2% मजबूत हुआ।

मजबूत डॉलर और महंगाई का दबाव

विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिकी महंगाई के भविष्य को लेकर बढ़ती आशंकाओं ने फेडरल रिजर्व के लिए ब्याज दरों में कटौती की संभावना को कम कर दिया है। इस कारण डॉलर मजबूत हुआ है और डॉलर इंडेक्स में लगभग 0.3% की बढ़त दर्ज की गई।
इसके अलावा यूरोपीय यूनियन ने भी संकेत दिया है कि इस साल उसकी महंगाई दर 3% से ऊपर जा सकती है। इससे वैश्विक बाजार में महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है और सोने पर दबाव बना है।

क्या सोने की तेजी पर लगा ब्रेक?

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि सोने में आई यह गिरावट लंबी अवधि की कमजोरी नहीं बल्कि एक अस्थायी ठहराव हो सकता है। मेलबर्न स्थित वैंटेज मार्केट्स की विश्लेषक हेबे चेन के अनुसार महंगाई की बढ़ती आशंका के कारण डॉलर मजबूत हुआ है और फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती फिलहाल टलती दिख रही है। ऐसे में निवेशकों ने अस्थायी तौर पर सोने से दूरी बनाई है।

सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग बरकरार

ब्याज दरों के बढ़ने का असर सोने पर इसलिए भी पड़ता है क्योंकि यह धातु खुद कोई ब्याज नहीं देती। ऐसे समय में निवेशक अपने पोर्टफोलियो को संतुलित करने के लिए सोना बेचकर नकदी बढ़ा लेते हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) में सोने की होल्डिंग में भी कमी देखी गई है।

इस साल अब तक 20% तक बढ़ चुका है सोना

इसके बावजूद साल 2026 में अब तक सोने की कीमतों में करीब 20% की तेजी आ चुकी है। भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के दौर में इसे सुरक्षित निवेश माना जाता है, जिससे इसे लगातार समर्थन मिलता रहा है। हालांकि युद्ध के बाद से सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है और तेजी की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग खत्म नहीं हुई है, बल्कि बाजार फिलहाल एक अस्थायी ठहराव के दौर से गुजर रहा है।

Aaj Ka Rashifal 12 March 2026: मेष वालों का भाग्य देगा साथ, वृषभ को रहना होगा सावधान, वृश्चिक के लिए धन लाभ के योग

Aaj Ka Rashifal 12 March 2026: ग्रहों की स्थिति के अनुसार आज का दिन कई राशियों के लिए बदलाव और अवसर लेकर आया है। गुरु मिथुन राशि में मार्गी होकर शुभ प्रभाव दे रहे हैं, जबकि केतु सिंह राशि में स्थित हैं। चंद्रमा धनु राशि में मूल नक्षत्र में हैं। ऐसे में ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन बच्चों का जन्म मूल नक्षत्र में होता है, उनके लिए मूल शांति की पूजा कराना शुभ माना जाता है।
वहीं कुंभ राशि में सूर्य, बुध, मंगल और राहु की युति एक प्रकार का कुयोग बना रही है, हालांकि यह स्थिति कुछ समय के बाद समाप्त हो जाएगी। शुक्र और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं, जबकि बुध अभी वक्री अवस्था में हैं। इन ग्रह स्थितियों का असर सभी राशियों पर अलग-अलग रूप में देखने को मिलेगा।

मेष राशि

आज मेष राशि के जातकों के लिए भाग्य का अच्छा साथ मिलने वाला है। नौकरी और कारोबार में प्रगति के संकेत हैं। स्वास्थ्य में पहले से सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि प्रेम और संतान से जुड़ी स्थिति सामान्य रहेगी। सूर्य को जल अर्पित करना और लाल वस्तु पास रखना शुभ माना जाएगा।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों को आज सतर्क रहने की जरूरत है। परिस्थितियां कुछ प्रतिकूल रह सकती हैं और चोट या परेशानी का योग बन सकता है। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। प्रेम और संतान की स्थिति सामान्य रहेगी जबकि व्यापार में स्थिति ठीक रहेगी। हरी वस्तु अपने पास रखना और हनुमान जी को प्रणाम करना लाभकारी रहेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन अनुकूल रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और रोजगार या नौकरी में तरक्की के योग हैं। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी और प्रियजनों से मुलाकात संभव है। माता काली का स्मरण करना शुभ रहेगा।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों का स्वास्थ्य सामान्य रह सकता है, लेकिन शत्रुओं पर आपका प्रभाव बना रहेगा। ज्ञान और अनुभव में वृद्धि होगी और बड़ों का आशीर्वाद प्राप्त होगा। प्रेम, संतान और व्यापार से जुड़े मामलों में स्थिति सामान्य बनी रह सकती है। लाल वस्तु पास रखना लाभदायक माना गया है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को आज भावुक होकर कोई बड़ा निर्णय लेने से बचना चाहिए। प्रेम संबंधों में विवाद की स्थिति बन सकती है। बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है। छात्रों के लिए समय अच्छा है। स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति थोड़ी प्रभावित रह सकती है। सूर्य को जल अर्पित करना और पीली वस्तु पास रखना शुभ रहेगा।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए आज भूमि, भवन या वाहन खरीदने के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य थोड़ा कमजोर रह सकता है लेकिन प्रेम और संतान से जुड़ी स्थिति अच्छी रहेगी। व्यापार में भी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। शनि देव को प्रणाम करना लाभकारी रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों का साहस और पराक्रम आज सफलता दिला सकता है। नौकरी और व्यवसाय में प्रगति के अवसर मिलेंगे। हालांकि मन में बेचैनी और किसी अज्ञात भय की भावना रह सकती है। प्रेम संबंधों में असहज स्थिति बन सकती है। शनि देव की उपासना करना शुभ रहेगा।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के लोगों के लिए धन लाभ के संकेत हैं और परिवार में वृद्धि या खुशी का माहौल बन सकता है। हालांकि निवेश करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है क्योंकि नुकसान का संकेत भी है। प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति अच्छी रहेगी। पीली वस्तु पास रखना लाभकारी रहेगा।

धनु राशि

धनु राशि वालों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिल सकता है। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में स्थिति सामान्य रहेगी, जबकि व्यापार में लाभ की संभावना है। लाल वस्तु अपने पास रखना शुभ रहेगा।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों को आज मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। सिरदर्द, आंखों में परेशानी या अनजाना डर महसूस हो सकता है। हालांकि प्रेम, संतान और व्यापार से जुड़े मामलों में स्थिति अच्छी बनी रहेगी। माता काली का स्मरण करना लाभकारी रहेगा।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए आज आय के नए स्रोत बनने के संकेत हैं। पुराने स्रोतों से भी धन प्राप्ति हो सकती है। यात्रा का योग बन सकता है। हालांकि मानसिक और शारीरिक बेचैनी महसूस हो सकती है। व्यापार की स्थिति अनुकूल रहेगी। हरी वस्तु पास रखना शुभ रहेगा।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए व्यापारिक स्थिति मजबूत रहने वाली है। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है। हालांकि स्वास्थ्य थोड़ा प्रभावित रह सकता है। प्रेम, संतान और व्यवसाय से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। पीली वस्तु पास रखना शुभ माना गया है।

नए CM की रेस में एक फोटो से खलबली; सम्राट चौधरी कर रहे प्रणाम, कंधे पर नीतीश का हाथ

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बिहार की राजनीति में इन दिनों मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच एक तस्वीर ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। तस्वीर में मौजूदा मुख्यमंत्री Nitish Kumar का हाथ उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary के कंधे पर दिखाई दे रहा है, जबकि सम्राट चौधरी हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन कर रहे हैं।

इस तस्वीर को लेकर राजनीतिक विश्लेषक और समर्थक अलग-अलग तरह के कयास लगा रहे हैं कि क्या यह बिहार में नेतृत्व परिवर्तन के संकेत हैं।

बीजेपी में CM चयन का तरीका अलग

Bharatiya Janata Party में मुख्यमंत्री के चयन का तरीका अक्सर काफी गोपनीय माना जाता है। कई बार ऐसा हुआ है कि जिस नेता का नाम चर्चा में भी नहीं होता, उसे अचानक मुख्यमंत्री घोषित कर दिया जाता है।

पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में Narendra Modi और Amit Shah अंतिम समय तक फैसले को लेकर सस्पेंस बनाए रखते हैं। इसलिए बिहार में भी अंतिम फैसला क्या होगा, इसे लेकर अभी कुछ भी साफ नहीं है।

सीएम पद के संभावित दावेदार

अगर भविष्य में भाजपा को मुख्यमंत्री पद मिलता है तो पार्टी के कई बड़े नेताओं के नाम चर्चा में हैं, जैसे:

  • Samrat Choudhary
  • Nityanand Rai
  • Vijay Kumar Sinha
  • Dilip Jaiswal
  • Mangal Pandey
  • Sanjay Jaiswal
  • Nitish Mishra

हालांकि भाजपा कई राज्यों में पहले भी सरप्राइज फैसले लेकर नए चेहरे को मुख्यमंत्री बना चुकी है।

यह भी पढ़े:- आंख-मुंह कितने खुल सकते हैं…? शंकराचार्य के कार्यक्रम की शर्तों पर अखिलेश यादव का तंज

राज्यसभा चुनाव से भी जुड़ी चर्चा

इस बीच 16 मार्च को बिहार से खाली हो रही पांच सीटों के लिए Rajya Sabha का चुनाव होना है। इस चुनाव में Nitish Kumar भी उम्मीदवार हैं।

चुनाव में प्रमुख उम्मीदवारों में शामिल हैं:

  • Nitish Kumar
  • Nitin Nabin
  • Ramnath Thakur
  • Upendra Kushwaha
  • Shivesh Ram
  • Amrendra Dhari Singh

पांचवीं सीट को लेकर मुकाबला खासा दिलचस्प माना जा रहा है, क्योंकि जीत के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत है।

क्या संकेत दे रही है तस्वीर?

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि फिलहाल तस्वीर को लेकर सिर्फ कयास लगाए जा रहे हैं। बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में राज्यसभा चुनाव और सत्ता समीकरण कई नए संकेत दे सकते हैं।

आंख-मुंह कितने खुल सकते हैं…? शंकराचार्य के कार्यक्रम की शर्तों पर अखिलेश यादव का तंज

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अखिलेश यादव ने लखनऊ में होने वाले ‘गौ रक्षा’ कार्यक्रम को लेकर प्रशासन द्वारा लगाई गई शर्तों पर तंज कसा है। यह कार्यक्रम Swami Avimukteshwaranand Saraswati द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसे प्रशासन ने 26 शर्तों के साथ अनुमति दी है।

इन्हीं शर्तों को लेकर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि “आंख और मुंह कितने सेंटीमीटर खुल सकते हैं, यह शर्त भी रख देते…”

प्रशासन ने रखी हैं ये प्रमुख शर्तें

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार Lucknow जिला प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति देते समय कई नियम तय किए हैं। इनमें शामिल हैं:

  • भड़काऊ भाषण या नारेबाजी पर रोक
  • हथियार और आतिशबाजी पर प्रतिबंध
  • ध्वनि प्रदूषण के नियमों का पालन
  • सीमित वाहनों की अनुमति
  • यातायात बाधित न करने की शर्त
  • निजी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना
  • रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बंद करना

प्रशासन ने कहा है कि किसी भी शर्त का उल्लंघन होने पर तुरंत कार्रवाई की जा सकती है

‘कमज़ोर सत्ता की पहचान’ बताया

अखिलेश यादव ने इन शर्तों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा और लिखा कि अतार्किक बंदिशें लगाना कमजोर सत्ता की पहचान होती है

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सनातन और ब्राह्मण समाज का सम्मान नहीं कर रही है। साथ ही कहा कि समाज के लोग इस स्थिति को समझ रहे हैं और आने वाले चुनाव में जवाब देंगे।

कोविड नियमों पर भी उठाए सवाल

सपा प्रमुख ने पोस्ट में यह भी पूछा कि क्या COVID-19 अभी भी लागू है?

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर कोविड नियम लागू हैं तो यह भी बताया जाए कि सरकार की बैठकों या भाजपा के कार्यक्रमों में इनका पालन आखिरी बार कब हुआ था।

शर्तों पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिक्रिया

वहीं Swami Avimukteshwaranand Saraswati ने इन शर्तों और खर्च को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह स्थिति मुगलकाल में ‘जजिया’ कर देने जैसी लगती है

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उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह पहले धर्म के पालन के लिए जजिया देना पड़ता था, उसी तरह अब धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन में भी अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।

वाराणसी से शुरू की थी यात्रा

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने 5 मार्च को Sankat Mochan Hanuman Temple में पूजा करने के बाद गोरक्षा के समर्थन में अपनी यात्रा शुरू की थी। इसके तहत वे विभिन्न जगहों पर कार्यक्रम कर रहे हैं।

ईरान के पास कितने ‘अदृश्य बम’? रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, क्यों टेंशन में अमेरिका-इजरायल

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Iran के पास 5,000 से 6,000 तक समुद्री बारूदी सुरंगें (Naval Mines) मौजूद हैं। इन्हें अक्सर “अदृश्य बम” भी कहा जाता है, क्योंकि ये पानी के भीतर छिपी रहती हैं और जहाजों के पास आने पर विस्फोट कर सकती हैं।

अमेरिकी संसदीय विश्लेषण में कहा गया है कि अगर इन सुरंगों का इस्तेमाल हुआ तो दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक Strait of Hormuz पर जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।

दुनिया के तेल व्यापार पर पड़ सकता है असर

Strait of Hormuz से दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल का परिवहन होता है। यही वजह है कि इस जलडमरूमध्य को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की “लाइफलाइन” माना जाता है।

विश्लेषकों के मुताबिक यदि यहां बड़े पैमाने पर समुद्री सुरंगें बिछा दी गईं, तो इससे तेल टैंकरों और कार्गो जहाजों के लिए रास्ता बेहद खतरनाक हो सकता है। इससे वैश्विक तेल कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है।

खुफिया रिपोर्ट में क्या कहा गया

रिपोर्ट के अनुसार:

  • 2019 में ईरान के पास करीब 5,000 समुद्री बारूदी सुरंगें थीं
  • 2025 तक इनके करीब 6,000 तक पहुंचने का अनुमान है

इन सुरंगों को समुद्र में अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे जहाजों को भारी नुकसान हो सकता है।

कई तरह की समुद्री सुरंगें

CNN की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के पास कई प्रकार की माइन मौजूद हैं, जैसे:

  • लिम्पेट माइन (Limpet Mine): जहाज के ढांचे से चिपकाई जाती है
  • मूरड माइन (Moored Mine): पानी में तैरती रहती है और जहाज से टकराने पर फटती है
  • बॉटम माइन (Bottom Mine): समुद्र की तलहटी में रहती है और जहाज पास आते ही विस्फोट करती है

इन्हीं कारणों से इन्हें “अदृश्य बम” कहा जाता है।

ईरान की समुद्री क्षमता अभी भी मजबूत

खुफिया जानकारी के अनुसार United States Armed Forces ने हाल ही में ईरान के 16 माइन-लेयर जहाजों को नष्ट करने का दावा किया है।

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इसके बावजूद रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान की 80-90% छोटी नौकाएं और माइन बिछाने वाले जहाज अभी भी सुरक्षित हैं। इसका मतलब है कि जरूरत पड़ने पर वह कम समय में सैकड़ों सुरंगें समुद्र में बिछा सकता है।

ट्रंप ने भी दी चेतावनी

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पर कहा कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाई हैं तो उन्हें तुरंत हटाया जाना चाहिए।

विश्लेषकों का मानना है कि अगर इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को बाधित किया गया तो वैश्विक ऊर्जा बाजार, तेल कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर गंभीर असर पड़ सकता है।