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सिर्फ 10 मिनट दे दीजिए मिलॉर्ड, Supreme Court of India में 19 वर्षीय छात्र की दलील से-CJI भी हुए प्रभावित, क्या मामला?

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- देश की सबसे बड़ी अदालत में केस लड़ना आसान नहीं होता, खासकर तब जब सामने वरिष्ठ वकीलों की लंबी फौज हो और मामला संवेदनशील हो। लेकिन मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी 19 वर्षीय छात्र अथर्व चतुर्वेदी ने हिम्मत और आत्मविश्वास की मिसाल पेश करते हुए सुप्रीम कोर्ट में खुद अपनी पैरवी की और आखिरकार जीत हासिल की।

मामला NEET परीक्षा और EWS आरक्षण से जुड़ा है। अथर्व ने NEET 2024–25 परीक्षा में 720 में से 530 अंक हासिल किए थे। इसके बाद NEET 2025–26 में उन्होंने 164वीं EWS रैंक प्राप्त की। बावजूद इसके, मध्य प्रदेश में निजी मेडिकल कॉलेजों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए आरक्षण लागू न होने के कारण उन्हें एडमिशन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया।

अपने अधिकार के लिए अथर्व ने ऑनलाइन याचिका दायर कर Supreme Court of India का दरवाजा खटखटाया। 10 फरवरी को उनका मामला मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सूचीबद्ध था। अदालत की कार्यवाही समाप्त होने ही वाली थी, तभी अथर्व ने साहस जुटाकर कहा, “माई लॉर्ड्स, मुझे सिर्फ 10 मिनट दीजिए।”

बताया जाता है कि उन्होंने अदालत के समक्ष संविधान के 103वें संशोधन के तहत अनुच्छेद 15(6) और 16(6) का हवाला दिया, जिनमें निजी और गैर-अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों में 10 प्रतिशत EWS आरक्षण का प्रावधान है। अथर्व ने तर्क दिया कि राज्य सरकार द्वारा पूर्व न्यायिक निर्देशों का पालन न करने के कारण उन्हें अनुचित रूप से प्रवेश से वंचित किया गया।

दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि छात्र को उसके नियंत्रण से बाहर की परिस्थितियों के कारण प्रवेश नहीं मिल सका। कोर्ट ने नेशनल मेडिकल कमीशन और मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि एक निजी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस कोर्स में अथर्व का दाखिला सुनिश्चित किया जाए।

मीडिया से बातचीत में अथर्व ने कहा कि शुरुआत में वे घबराए हुए थे, लेकिन उन्हें भरोसा था कि कानून उनके पक्ष में है। उन्होंने कहा, “मैंने सिर्फ नियमों और संविधान का सहारा लिया।”

अथर्व चतुर्वेदी की यह कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोग इसे युवा हौसले और संवैधानिक अधिकारों की जीत के रूप में देख रहे हैं।

लखनऊ में 14–18 मार्च होने वाली धीरेंद्र शास्त्री की श्री हनुमंत कथा रद्द, श्रद्धालुओं में निराशा !

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 14 से 18 मार्च 2026 तक प्रस्तावित श्री हनुमंत कथा को रद्द कर दिया गया है। यह आयोजन हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा कराया जाना था, जबकि कथा वाचन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सान्निध्य में होना तय था। आयोजन स्थल राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल, हरदोई रोड स्थित वसंत कुंज योजना सेक्टर-1 निर्धारित किया गया था।

जानकारी के अनुसार, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने प्रशासनिक कारणों से कथा आयोजन की अनुमति निरस्त कर दी, जिसके बाद कार्यक्रम को आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया गया। कथा सुंदरकांड पर आधारित होने वाली थी और इसे “दिव्य व भव्य” रूप देने की तैयारियां चल रही थीं। आयोजकों की ओर से शहरवासियों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील भी की गई थी।

कथा रद्द होने से पहले बागेश्वर धाम की ओर से बयान जारी कर श्रद्धालुओं को “जय सियाराम” का संदेश दिया गया था और कार्यक्रम की तैयारियों की जानकारी साझा की गई थी। बताया गया था कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 14 मार्च से 18 मार्च तक लखनऊ में प्रवास करने वाले थे।

कार्यक्रम रद्द होने की खबर फैलते ही श्रद्धालुओं में मायूसी देखी गई। कई भक्तों ने सोशल मीडिया पर अपनी निराशा व्यक्त की और दोबारा आयोजन की मांग की। वहीं, प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए आवश्यक अनुमतियों और व्यवस्थाओं की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया।

आयोजकों की ओर से फिलहाल नई तारीखों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। श्रद्धालु अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि क्या भविष्य में लखनऊ में श्री हनुमंत कथा का आयोजन फिर से किया जाएगा।

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर: अब संध्या और शयन आरती के लिए भी होगी प्री-बुकिंग, शुल्क किया गया तय

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में आरती व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। अब तक केवल भस्म आरती के लिए ऑनलाइन बुकिंग की अनिवार्यता थी, लेकिन मंदिर प्रबंधन ने संध्या आरती और शयन आरती के लिए भी प्री-बुकिंग व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को इन दोनों आरतियों में बैठकर शामिल होने के लिए शुल्क देना होगा।

भस्म आरती पहले से ही बुकिंग आधारित

महाकाल मंदिर की भस्म आरती देश-विदेश में प्रसिद्ध है। ब्रह्म मुहूर्त में होने वाली इस आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं को पहले से ऑनलाइन पंजीकरण कराना पड़ता है। स्लॉट सीमित होने के कारण कई बार डेढ़ से दो महीने पहले तक की बुकिंग फुल हो जाती है। श्रद्धालु देर रात से ही मंदिर परिसर में पहुंचना शुरू कर देते हैं।

अब तक संध्या और शयन आरती में बिना किसी पूर्व बुकिंग के श्रद्धालु शामिल हो सकते थे, लेकिन बढ़ती भीड़ और लंबी कतारों को देखते हुए मंदिर समिति ने नई व्यवस्था लागू की है।

कितनी होगी फीस और क्या रहेगी प्रक्रिया

मिली जानकारी के अनुसार संध्या और शयन आरती में बैठकर दर्शन करने के लिए लगभग 250 रुपये प्रति श्रद्धालु ऑनलाइन बुकिंग शुल्क निर्धारित किया गया है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था से भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी और श्रद्धालुओं को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

जो भक्त ऑनलाइन बुकिंग नहीं कराएंगे, वे सामान्य व्यवस्था के तहत खड़े होकर या चलते-चलते आरती दर्शन कर सकेंगे। वहीं, पूर्व बुकिंग कराने वाले श्रद्धालु निर्धारित स्थान पर बैठकर शांति से आरती देख पाएंगे।

फैसले पर मिले-जुले रिएक्शन

नई व्यवस्था को लेकर श्रद्धालुओं की राय बंटी हुई है। कई लोगों का मानना है कि बढ़ती भीड़ के बीच यह निर्णय सुविधाजनक है और इससे समय की बचत होगी। त्योहारों और सावन जैसे विशेष अवसरों पर दर्शन करना कठिन हो जाता है, ऐसे में बुकिंग प्रणाली व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाएगी।

हालांकि, कुछ श्रद्धालुओं ने शुल्क लागू करने पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि भगवान के दर्शन के लिए शुल्क तय करना उचित नहीं है, खासकर उन लोगों के लिए जो आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं।

ओंकारेश्वर में क्या है व्यवस्था?

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के अलावा मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यहां भी विशेष अवसरों पर ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन सामान्य दिनों में बिना बुकिंग के भी आसानी से दर्शन किए जा सकते हैं।

मध्य प्रदेश आने वाले अधिकांश श्रद्धालु महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर दोनों ज्योतिर्लिंग के दर्शन को अपनी यात्रा का हिस्सा बनाते हैं।

भीड़ प्रबंधन की दिशा में कदम

मंदिर समिति का मानना है कि नई व्यवस्था से श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलेगा और सुरक्षा के साथ-साथ व्यवस्थापन भी सुचारु रहेगा। आने वाले समय में इस व्यवस्था के प्रभाव को देखते हुए अन्य सुधारात्मक कदम भी उठाए जा सकते हैं।

महाकाल मंदिर में लागू यह नया नियम श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ नियंत्रण के संतुलन की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

Aaj Ka Rashifal 20 February 2026: वृषभ की आय में उतार-चढ़ाव के बीच लाभ के संकेत, सिंह राशि वालों को रहना होगा सतर्क

Aaj Ka Rashifal 20 February 2026: 20 फरवरी 2026 का दिन ग्रहों की जटिल स्थिति के कारण कई राशियों के लिए मिश्रित परिणाम लेकर आया है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस समय गुरु मिथुन राशि में विराजमान हैं। केतु सिंह राशि में स्थित हैं, जबकि उच्च का मंगल मकर राशि में गोचर कर रहा है। कुंभ राशि में सूर्य, बुध, शुक्र और राहु एक साथ विराजमान हैं, जिससे एक विशेष ग्रह-संयोग बन रहा है। सूर्य और राहु की युति का प्रभाव अधिक तीव्र माना जा रहा है, जो प्रशासनिक मामलों और उच्चाधिकारियों से टकराव के संकेत देता है।

शनि और चंद्रमा के संयोग से बना विष योग मानसिक अस्थिरता बढ़ा सकता है। आर्थिक मामलों में अस्थिरता और बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रह सकती है। दांपत्य जीवन में भी गलतफहमियां और भावनात्मक तनाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, साहस और आत्मबल कई स्थितियों से बाहर निकालने में सहायक रहेंगे।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों को अनियोजित खर्च परेशान कर सकते हैं। अनचाही यात्राएं संभव हैं। मानसिक तनाव बना रहेगा। पिता और संतान के स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता है। प्रेम संबंधों में नकारात्मकता आ सकती है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के लोगों की आय में अचानक वृद्धि हो सकती है, लेकिन साथ ही गिरावट भी संभव है। भ्रमित करने वाली खबरें चिंता बढ़ा सकती हैं। व्यापार में उतार-चढ़ाव रहेगा और कानूनी मामलों से दूरी बनाए रखना बेहतर होगा।

मिथुन राशि

स्वास्थ्य सामान्य से थोड़ा कमजोर रह सकता है। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में तनाव संभव है। नए व्यापार की शुरुआत टालना बेहतर रहेगा।

कर्क राशि

स्वास्थ्य को लेकर सावधानी जरूरी है। प्रेम और संतान पक्ष अच्छा रहेगा, लेकिन सरकारी मामलों में सतर्कता बरतनी होगी। अपमान या आलोचना की आशंका है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को पेट संबंधी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। चोट या विवाद की स्थिति बन सकती है। हालांकि प्रेम और संतान पक्ष मजबूत रहेगा और मनोबल बना रहेगा।

कन्या राशि

दांपत्य जीवन में तनाव संभव है। राजनीति या प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का प्रभाव बढ़ सकता है, लेकिन निजी जीवन में आरोप-प्रत्यारोप से बचना होगा।

तुला राशि

क्रोध पर नियंत्रण जरूरी है। पैरों में चोट या स्वास्थ्य में गिरावट हो सकती है। हालांकि ज्ञानार्जन और बड़ों का सहयोग मिलेगा। बड़े निर्णय फिलहाल टालना बेहतर होगा।

वृश्चिक राशि

संतान को लेकर चिंता बनी रह सकती है। घरेलू वातावरण में तनाव संभव है। भूमि या वाहन खरीद में बाधाएं आ सकती हैं। मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें।

धनु राशि

नाक, कान और गले से जुड़ी परेशानियां संभव हैं। भाई-बहन के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रह सकती है। महत्वपूर्ण निर्णय फिलहाल स्थगित रखें।

मकर राशि

आत्मविश्वास बना रहेगा, लेकिन रक्तचाप और वाणी पर नियंत्रण जरूरी है। निवेश फिलहाल टालें और धन संचय पर ध्यान दें।

कुंभ राशि

मानसिक बेचैनी और अधिक खर्च की स्थिति बन सकती है। जोखिम भरे निवेश से बचें। धैर्य और विवेक से काम लें।

मीन राशि

सिरदर्द, आंखों में तकलीफ और अनावश्यक भय परेशान कर सकते हैं। खर्च अधिक रहेगा। सावधानी और संयम से स्थितियां धीरे-धीरे सुधरेंगी।

कुल मिलाकर, आज का दिन संयम और धैर्य से काम लेने का है। ग्रहों की चुनौतीपूर्ण स्थिति के बावजूद समझदारी से निर्णय लेने पर परिस्थितियां नियंत्रण में रखी जा सकती हैं।

राहुल गांधी समेत 25 सांसदों को जान से मारने की धमकी, राजस्थान से आरोपी गिरफ्तार

न्यूज़ डेस्क/ सर्वोदय न्यूज़:- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi और कांग्रेस के 25 सांसदों को गोली मारने की धमकी देने वाले आरोपी को राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सोशल मीडिया पर धमकी भरा वीडियो वायरल होने के बाद कोटा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवक को हिरासत में लिया।

पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान राज सिंह आमेरा के रूप में हुई है, जो कोटा के उद्योग नगर थाना क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। वीडियो में वह खुद को करणी सेना और भाजपा का कार्यकर्ता बताते हुए राहुल गांधी को घर में घुसकर गोली मारने की धमकी देता नजर आ रहा है।

ओम बिरला का जिक्र कर दी धमकी

वीडियो में आरोपी ने लोकसभा अध्यक्ष Om Birla के कथित अपमान का हवाला देते हुए कांग्रेस सांसदों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। उसने दावा किया कि संसद में हुई घटना से भाजपा और करणी सेना कार्यकर्ताओं में रोष है और दोबारा ऐसी घटना होने पर सांसदों के घरों में घुसकर हमला किया जाएगा।

पुलिस की कार्रवाई

कोटा शहर पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि वीडियो सामने आते ही पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी को हिरासत में ले लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले भी आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वीडियो बनाने के पीछे उसका मकसद क्या था। प्राथमिक जानकारी के अनुसार वह सोशल मीडिया पर चर्चा में आने के लिए ऐसे वीडियो बनाता था।

भाजपा ने किया किनारा

Bharatiya Janata Party के कोटा जिलाध्यक्ष राकेश जैन ने बयान जारी कर कहा कि वायरल वीडियो में दिख रहा व्यक्ति पार्टी से जुड़ा नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखने वाली पार्टी है और इस प्रकार की भाषा या धमकी का समर्थन नहीं करती।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही हैं।

बिहार में खत्म होगी शराबबंदी? NDA सहयोगियों की समीक्षा मांग, क्या फैसला लेंगे नीतीश कुमार?

न्यूज़ डेस्क/ सर्वोदय न्यूज़:- केंद्र में एनडीए सरकार की वापसी के कुछ ही महीनों बाद बिहार की सियासत में शराबबंदी कानून को लेकर नई बहस छिड़ गई है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar को अब अपने ही गठबंधन सहयोगियों की ओर से इस कानून की समीक्षा की मांग का सामना करना पड़ रहा है।

राज्य में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून को करीब एक दशक हो चुका है। आंकड़ों के मुताबिक, इस कानून के तहत अब तक 8 लाख से अधिक लोग कानूनी मुकदमों का सामना कर रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में एनडीए के घटक दलों ने इसके प्रभाव और क्रियान्वयन पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

मांझी ने उठाई समीक्षा की मांग

Jitan Ram Manjhi ने शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग को खुलकर समर्थन दिया है। उनका कहना है कि इस कानून का सबसे अधिक असर वंचित और गरीब वर्गों पर पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि लंबित मामलों में बड़ी संख्या इन्हीं वर्गों से जुड़ी है।

मांझी ने यह भी कहा कि शराबबंदी के बावजूद राज्य में अवैध शराब की आपूर्ति जारी है। उनके अनुसार, “शराबबंदी कागजों पर है, जबकि जमीनी स्तर पर होम डिलीवरी हो रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवर्तन की खामियों के कारण बड़े तस्कर बच निकलते हैं, जबकि गरीब लोग गिरफ्त में आ जाते हैं। साथ ही, जहरीली शराब से हो रही मौतों पर भी उन्होंने चिंता जताई।

कुशवाहा की पार्टी ने भी उठाए सवाल

मांझी से पहले Upendra Kushwaha की पार्टी Rashtriya Lok Morcha ने भी सदन में शराबबंदी की विस्तृत समीक्षा की मांग की थी। पार्टी विधायक ने कहा कि कानून लागू होने के बावजूद अवैध रूप से शराब उपलब्ध है और राज्य को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

जेडीयू ने मांग को बताया ‘हास्यास्पद’

मुख्यमंत्री की पार्टी Janata Dal United (जेडीयू) ने इस मांग को खारिज कर दिया है। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि शराबबंदी कानून सर्वसम्मति से पारित हुआ था, ऐसे में अब समीक्षा की मांग करना उचित नहीं है। जेडीयू का दावा है कि शराबबंदी के बाद महिलाओं में सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण की भावना बढ़ी है।

क्या बदलेगी शराबबंदी नीति?

एनडीए के घटक दलों की ओर से उठ रही आवाजों ने बिहार की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है। शराबबंदी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रमुख नीतियों में से एक रही है। ऐसे में अब यह देखना अहम होगा कि वे सहयोगियों के दबाव के बीच इस कानून में किसी प्रकार के संशोधन या समीक्षा के लिए तैयार होते हैं या नहीं।

फिलहाल, बिहार की सियासत में शराबबंदी मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

Aaj Ka Rashifal, 19 फरवरी 2026: मिथुन को भाग्य पर अति-निर्भरता से बचने की सलाह, मकर के लिए धन हानि के संकेत

Aaj Ka Rashifal 19 February 2026:- 19 फरवरी 2026, गुरुवार को ग्रहों की स्थिति के आधार पर आज का राशिफल तैयार किया गया है। वर्तमान में Jupiter मिथुन राशि में, Ketu सिंह राशि में और Mars मकर राशि में गोचर कर रहे हैं। वहीं Sun, Mercury, Venus, Moon और Rahu कुंभ राशि में स्थित हैं तथा Saturn मीन राशि में संचरण कर रहे हैं। ग्रह-नक्षत्रों की चाल के अनुसार आइए जानते हैं, मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।

मेष राशि

दिन सामान्य रहने के संकेत हैं। शारीरिक स्वास्थ्य ठीक रहेगा, लेकिन मानसिक तनाव बढ़ सकता है। प्रेम और संतान पक्ष मध्यम रहेगा। व्यापार में स्थिति संतुलित रहेगी, हालांकि कुछ व्यवधान संभव हैं।

वृषभ राशि

राजनीतिक और व्यावसायिक मामलों में औसत परिणाम मिल सकते हैं। पिता के स्वास्थ्य के साथ-साथ स्वयं के स्वास्थ्य पर ध्यान देना आवश्यक है। प्रेम और संतान पक्ष संतोषजनक रहेगा।

मिथुन राशि

यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। धार्मिक कार्यों में अति से बचें। केवल भाग्य के भरोसे कोई बड़ा निर्णय न लें। स्वास्थ्य, प्रेम और संतान पक्ष सामान्य रहेगा, जबकि व्यापार में स्थिरता बनी रहेगी।

कर्क राशि

स्वास्थ्य के लिहाज से दिन थोड़ा संवेदनशील हो सकता है। सतर्कता बरतने की जरूरत है। पिता के स्वास्थ्य पर भी ध्यान दें। व्यापार और पारिवारिक जीवन सामान्य रहेगा।

सिंह राशि

जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। पेट संबंधी समस्या परेशान कर सकती है। नौकरी या कार्यस्थल पर सावधानी बरतें। व्यापारिक स्थिति स्थिर रहेगी।

कन्या राशि

प्रतिस्पर्धियों पर बढ़त बनी रहेगी, लेकिन मानसिक तनाव रह सकता है। पैरों में चोट लगने की आशंका है। प्रेम और संतान पक्ष ठीक रहेगा। व्यापार सामान्य रहेगा।

तुला राशि

संतान की सेहत को लेकर सतर्क रहें। प्रेम संबंधों में विवाद से बचें। महत्वपूर्ण निर्णय फिलहाल टालना बेहतर होगा। मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित रह सकता है।

वृश्चिक राशि

घरेलू जीवन में तनाव की स्थिति बन सकती है। संपत्ति से जुड़े मामलों में बाधाएं संभव हैं। स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता है, हालांकि व्यापार की स्थिति ठीक रहेगी।

धनु राशि

कंधे या सिर से संबंधित समस्या हो सकती है। नकारात्मक लोगों से दूरी बनाए रखें। व्यापार में औसत परिणाम मिलेंगे, जबकि आय में बढ़ोतरी के संकेत हैं। प्रेम और संतान पक्ष अनुकूल रहेगा।

मकर राशि

आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। धन हानि के संकेत हैं, इसलिए जोखिम भरे निवेश से बचें। प्रेम और संतान पक्ष अच्छा रहेगा। व्यापार में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

कुंभ राशि

मन में घबराहट और बेचैनी बनी रह सकती है। स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। प्रेम और संतान पक्ष सामान्य रहेगा। व्यापारिक गतिविधियां संतुलित रहेंगी।

मीन राशि

दिन की शुरुआत में विशेष सावधानी की आवश्यकता है। स्वास्थ्य, संबंध और व्यापार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। धैर्य और संयम से काम लें।

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या की अर्थव्यवस्था में आया ऐतिहासिक उछाल,5 गुना बढ़ी स्थानीय कारोबारियों की आय

डिजिटल डेस्क, लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- अयोध्या में श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा ने न केवल सांस्कृतिक और धार्मिक इतिहास रचा, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दी है। भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ द्वारा जारी हालिया केस स्टडी “इकोनॉमिक रेनेसांस ऑफ अयोध्या” में इस बदलाव को एक बड़े आर्थिक मोड़ के रूप में प्रस्तुत किया गया है। अध्ययन में बताया गया है कि राज्य सरकार की ‘टेंपल इकॉनमी’ आधारित रणनीति ने अयोध्या को पारंपरिक तीर्थस्थल से उभरते आर्थिक केंद्र में परिवर्तित कर दिया है।

रिपोर्ट के अनुसार, सुनियोजित बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी और प्रशासनिक सक्रियता के कारण शहर में आर्थिक गतिविधियां तेज़ी से बढ़ी हैं। अनुमान है कि आने वाले वर्षों में केवल पर्यटन क्षेत्र से ही ₹20,000 से ₹25,000 करोड़ तक का कर राजस्व प्राप्त हो सकता है।

ठहराव से तेज़ी तक का सफर

अध्ययन में अतीत और वर्तमान की तुलना करते हुए उल्लेख किया गया है कि मंदिर निर्माण से पहले अयोध्या में सालाना पर्यटकों की संख्या करीब 1.7 लाख थी और स्थानीय दुकानदारों की रोज़ाना आय लगभग ₹400-500 के बीच सीमित थी।

वहीं, प्राण प्रतिष्ठा के बाद शुरुआती छह महीनों में 11 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन का दावा किया गया है। इसके साथ ही छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी संचालकों की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो अब औसतन ₹2,500 प्रतिदिन तक पहुंच गई है।

निवेश और रोजगार में विस्तार

रिपोर्ट बताती है कि अयोध्या में अब बहु-क्षेत्रीय विकास देखने को मिल रहा है। आतिथ्य क्षेत्र में देश-विदेश की प्रमुख होटल श्रृंखलाओं ने निवेश शुरू किया है। 150 से अधिक नए होटल और होमस्टे संचालित हो रहे हैं तथा ऑनलाइन बुकिंग में चार गुना वृद्धि दर्ज की गई है।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (MSME) क्षेत्र में भी तेजी आई है। लगभग 6,000 नए उद्यम शुरू हुए हैं और अनुमान है कि अगले चार से पांच वर्षों में पर्यटन व परिवहन क्षेत्र में करीब 1.2 लाख प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हो सकते हैं।

रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर में उछाल

मंदिर परिसर के आसपास संपत्ति मूल्यों में पांच से दस गुना तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह वृद्धि बाहरी निवेशकों को आकर्षित कर रही है।

करीब ₹85,000 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं के तहत शहर में आधारभूत ढांचे को मजबूत किया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा और आधुनिक रेलवे स्टेशन अयोध्या की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई दे रहे हैं। साथ ही, शहर को ‘मॉडल सोलर सिटी’ के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम जारी है, जिससे सतत विकास को बढ़ावा मिल रहा है।

केस स्टडी के निष्कर्ष के अनुसार, आस्था आधारित पर्यटन जब योजनाबद्ध विकास और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ता है, तो वह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने में अहम भूमिका निभा सकता है।

यूपी में ‘कौशल कॉल सेंटर’ की शुरुआत, स्किल ट्रेनिंग से रोजगार तक मिलेगी सीधी जानकारी

लखनऊ/सर्वोदय  न्यूज़:- युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘कौशल कॉल सेंटर’ की शुरुआत की है। कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बुधवार को उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) मुख्यालय में इस कॉल सेंटर का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर मंत्री ने कॉल सेंटर के माध्यम से पूर्व में प्रशिक्षित एक छात्र से फोन पर बातचीत कर उसके अनुभवों की जानकारी ली और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर गांव और शहर के युवाओं तक मिशन की योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और रोजगार अवसरों की सटीक जानकारी सीधे पहुंचे, ताकि कोई भी युवा केवल जानकारी के अभाव में अवसर से वंचित न रह जाए।

युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने कहा कि यह कॉल सेंटर केवल सूचना केंद्र नहीं, बल्कि युवाओं और उनके सपनों के बीच एक मजबूत सेतु है। तकनीक के माध्यम से अब प्रशिक्षण से लेकर प्लेसमेंट तक की जानकारी सरलता से उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि नियमित फीडबैक और संवाद के जरिए युवाओं को बेहतर अवसरों से जोड़ा जाएगा।

30 सदस्यीय टीम करेगी संचालन

मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि कॉल सेंटर में 30 सदस्यीय प्रशिक्षित टीम तैनात की गई है, जिन्हें 15 दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। आगामी सोमवार से टीम पूर्ण रूप से कार्य शुरू कर देगी। कॉल सेंटर के जरिए प्रशिक्षण केंद्रों में अध्ययनरत युवाओं से सीधे फीडबैक लिया जाएगा, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

यह भी पढ़े:- यूपी में शिक्षामित्रों की ग्राम पंचायत तैनाती कब? मंत्री संदीप सिंह ने दिया जवाब

उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद भी युवाओं की प्लेसमेंट और रोजगार प्रगति पर नजर रखी जाएगी। वर्तमान में मिशन के तहत करीब 35 सेक्टर और 1300 से अधिक जॉब रोल्स में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ‘कौशल कनेक्ट सेल’ के सक्रिय होने से उद्योग की मांग और प्रशिक्षण के बीच की दूरी कम होगी तथा युवाओं को अपने जिले में ही रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।

सरकार का मानना है कि यह पहल प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

श्री रामकथा महोत्सव का भव्य समापन, श्री गोपालजी दाधीच की कथा सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु

अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़:- धर्मनगरी में आयोजित चार दिवसीय श्री रामकथा महोत्सव का मंगलवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ भव्य समापन हो गया। 1 फरवरी से 4 फरवरी 2026 तक चले इस आध्यात्मिक आयोजन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रभु श्रीराम की कथा का रसपान किया। समापन दिवस पर पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा और पूरे परिसर में ‘जय श्रीराम’ के जयघोष गूंजते रहे।

प्रख्यात प्रवक्ता भागवत भास्कर पं.पू. श्री गोपालजी दाधीच ने कथा के अंतिम दिवस मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों, त्याग, सत्यनिष्ठा और कर्तव्यपरायणता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रामकथा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला प्रेरणास्रोत है। श्री दाधीच ने कहा कि सत्संग से विवेक जागृत होता है और प्रभु कृपा से जीवन सफल बनता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे राम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें।

समापन अवसर पर मुख्य यजमान श्रीमती उमादेवी सत्यनारायणजी लोया परिवार, नागपुर द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं महाआरती संपन्न कराई गई। हवन-पूजन के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।

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महोत्सव के चारों दिन भजन-कीर्तन, रामधुन और आध्यात्मिक प्रवचनों की धारा बहती रही। स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ दूर-दराज से आए भक्तों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने सभी सहयोगकर्ताओं, संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और नैतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं।

कार्यक्रम के सफल आयोजन पर धर्मनगरी में संतोष और उत्साह का माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने इसे आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण और यादगार आयोजन बताया।