न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक पुराना वादा पूरा करने की अपील की है। वांगचुक ने 2014 के एक इंटरव्यू का हवाला देते हुए कहा कि सांसदों और विधायकों से जुड़े गंभीर आपराधिक मामलों की जल्द सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों की व्यवस्था होनी चाहिए।
वांगचुक ने प्रधानमंत्री से इस दिशा में एक साल के भीतर कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर 15 अगस्त 2026 से 15 अगस्त 2027 के बीच ऐसी व्यवस्था लागू हो जाती है, तो यह देश के लिए स्वतंत्रता दिवस का बड़ा तोहफा होगा।
सोनम वांगचुक ने PM मोदी से क्या मांग की?
सोनम वांगचुक ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में आपराधिक मामलों का सामना कर रहे जनप्रतिनिधियों को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। उनके मुताबिक, मौजूदा न्यायिक प्रक्रिया में मामलों के निपटारे में कई साल लग सकते हैं।
उन्होंने सुझाव दिया कि सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों के लिए ऐसी अदालतें बनाई जाएं, जो निर्धारित समयसीमा के भीतर मामलों का फैसला कर सकें। उनका तर्क है कि इससे यह जल्दी तय हो सकेगा कि आरोपों का सामना कर रहा व्यक्ति दोषी है या निर्दोष।
वांगचुक ने कहा कि अगर सुनवाई तेजी से पूरी हो तो दोषी पाए जाने वाले नेता जेल जा सकते हैं और निर्दोष लोग संसद में बने रह सकते हैं।
2014 के वीडियो का दिया हवाला
वांगचुक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 के एक इंटरव्यू के वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने यह वीडियो लोगों के साथ इसलिए साझा किया है ताकि प्रधानमंत्री को उनके पुराने विचार की याद दिलाई जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य प्रधानमंत्री पर आरोप लगाना नहीं है। वांगचुक ने कहा कि अगर किसी मुद्दे पर देर हुई है तो अब भी उस दिशा में काम किया जा सकता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि इस मांग को प्रधानमंत्री तक पहुंचाने के लिए वीडियो और संदेश को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।
‘एक साल में कर दीजिए पूरा’
सोनम वांगचुक ने कहा कि 15 अगस्त 2026 से 15 अगस्त 2027 के बीच अगर सांसदों और विधायकों के मामलों की जल्द सुनवाई के लिए प्रभावी व्यवस्था तैयार हो जाती है, तो यह देश के लिए एक बड़ा कदम होगा।
उन्होंने इसे प्रधानमंत्री की ओर से देश को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिया जाने वाला खास तोहफा बताया और लोगों से इस मांग को आगे बढ़ाने की अपील की।
भ्रष्टाचार और अन्याय पर भी उठाए सवाल
इससे एक दिन पहले वांगचुक ने देश में भ्रष्टाचार और अन्याय को लेकर भी चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि पिछले वर्षों में इन समस्याओं का स्वरूप बदल गया है और देश को बड़े बदलाव की जरूरत है।
वांगचुक ने किसी एक राजनीतिक दल का नाम लिए बिना कहा कि देश को ऐसे नेताओं की जरूरत है जो ईमानदारी और सिद्धांतों के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने बुद्धिजीवियों और समाज के बेहतर दिमागों को एक साथ लाने की बात भी कही।
उन्होंने लोगों से ऐसे योग्य और चरित्रवान लोगों के नाम सुझाने की अपील की, जो भविष्य में देश का नेतृत्व करने में सक्षम हो सकते हैं।
वांगचुक ने क्यों उठाया यह मुद्दा?
सोनम वांगचुक का मुख्य जोर जनप्रतिनिधियों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की तेज सुनवाई और राजनीति में स्वच्छ छवि वाले लोगों की भागीदारी पर है। उनका कहना है कि यदि मामलों का फैसला लंबे समय तक लंबित रहता है तो इससे जनता के बीच व्यवस्था को लेकर सवाल पैदा होते हैं।
हालांकि, जनप्रतिनिधियों के खिलाफ आपराधिक मामलों और फास्ट ट्रैक सुनवाई से जुड़ी किसी भी नई व्यवस्था के लिए कानूनी और संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन जरूरी होगा।



