न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में महापुरुषों की प्रतिमाओं के संरक्षण और सौंदर्यीकरण को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत रविदास और महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमाओं को सम्मानजनक स्वरूप देने के लिए आवश्यक कार्य जल्द शुरू किए जाएंगे। जिन स्थानों पर इन प्रतिमाओं के आसपास बाउंड्री वॉल या शेड नहीं हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कराया जाएगा।
सहारनपुर के मनोहरपुर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि प्रदेश में महापुरुषों के सम्मान में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल सामाजिक समरसता को मजबूत करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को प्रेरणा देने का भी कार्य करेगी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को गति देने वाली बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और उससे जुड़े इकोनॉमिक कॉरिडोर से क्षेत्र में निवेश, रोजगार और व्यापार के नए अवसर पैदा होंगे। कार्यक्रम के दौरान नरेंद्र मोदी द्वारा इस परियोजना को राष्ट्र को समर्पित किए जाने से पहले क्षेत्रवासियों को बधाई दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आर्थिक गलियारा सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर और मेरठ जैसे जिलों के लिए वरदान साबित होगा। इससे न केवल सड़क संपर्क बेहतर होगा, बल्कि यात्रा का समय भी काफी कम हो जाएगा। दिल्ली से सहारनपुर की दूरी, जिसे तय करने में पहले पांच से छह घंटे लगते थे, अब घटकर लगभग ढाई से तीन घंटे रह जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस कॉरिडोर से क्षेत्र के हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद, फल और सब्जियों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे किसानों और उद्यमियों को बेहतर कीमत मिलने के साथ ही उनकी आय में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहारनपुर से जेवर तक विकसित हो रहा यह कॉरिडोर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर लेकर आएगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्रदेश का विकास मजबूत बुनियादी ढांचे और योजनाओं के माध्यम से ही संभव है, न कि जातिवाद या अराजकता से।
इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित कई वरिष्ठ नेता भी कार्यक्रम से जुड़े रहे।