न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य के उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary अब मुख्यमंत्री पद संभालने जा रहे हैं। भाजपा विधायक दल की बैठक में उन्हें लगातार तीसरी बार नेता चुना गया है। उनके नेतृत्व में एनडीए सरकार 15 अप्रैल को शपथ लेगी। इसके साथ ही बिहार में पहली बार भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री बनने जा रहा है।
56 साल पुरानी मान्यता होगी खत्म
सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनते ही एक पुरानी धारणा भी टूट जाएगी। लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि बिहार में जो उपमुख्यमंत्री बनता है, वह कभी मुख्यमंत्री नहीं बन पाता। लेकिन अब यह 56 साल पुरानी परंपरा खत्म होने जा रही है।
Karpoori Thakur के बाद पहली बार होगा ऐसा
सम्राट चौधरी इस उपलब्धि के साथ पूर्व मुख्यमंत्री Karpoori Thakur की बराबरी करेंगे। कर्पूरी ठाकुर 1967 में उपमुख्यमंत्री बने थे और 1970 में पहली बार मुख्यमंत्री बने थे। उनके बाद से अब तक कोई भी डिप्टी सीएम मुख्यमंत्री की कुर्सी तक नहीं पहुंच पाया था।
कई बड़े नेता नहीं बन सके सीएम
बिहार में अब तक कई नेता उपमुख्यमंत्री बने, लेकिन मुख्यमंत्री बनने का मौका नहीं मिला। इनमें Sushil Kumar Modi और Tejashwi Yadav जैसे नाम शामिल हैं, जो लंबे समय तक डिप्टी सीएम रहे, लेकिन सीएम पद तक नहीं पहुंच सके।
लगातार तीसरी बार विधायक दल के नेता
सम्राट चौधरी को भाजपा विधायक दल का नेता लगातार तीसरी बार चुना गया है। पहले दो बार वे डिप्टी सीएम रहे, लेकिन इस बार उन्हें मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी जा रही है।
बिहार में भाजपा की पहली अगुवाई वाली सरकार
Nitish Kumar के इस्तीफे के बाद अब भाजपा राज्य में सरकार का नेतृत्व करेगी। सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बनने वाली यह पहली एनडीए सरकार होगी, जिसमें भाजपा की सीधी कमान होगी।



