न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने संभावित युद्धविराम को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रस्ताव पर तेहरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी दबाव में आकर समझौता नहीं करेगा और बातचीत के लिए कई सख्त शर्तें रखी हैं।
ईरान की प्रमुख शर्तें
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की पहली मांग है कि अमेरिका और इजरायल उसके सैन्य ठिकानों, ऊर्जा ढांचे और परमाणु संयंत्रों पर सभी हमले तुरंत बंद करें।
इसके अलावा ईरान ने बातचीत से पहले अपने शीर्ष नेताओं की सुरक्षा की ठोस गारंटी की मांग भी की है। उसे आशंका है कि शांति वार्ता का इस्तेमाल हमलों के लिए किया जा सकता है।
IRGC की सख्त मांगें
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी कई कड़े प्रस्ताव रखे हैं—खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बंद किया जाए | युद्ध के नुकसान की भरपाई की जाए | सभी अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी प्रतिबंध हटाए जाएं| साथ ही ईरान को बिना रोक-टोक मिसाइल कार्यक्रम जारी रखने दिया जाए |
परमाणु कार्यक्रम पर नहीं समझौता
ईरान ने साफ किया है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सहयोगियों (जैसे हिजबुल्लाह और हमास) पर कोई समझौता नहीं करेगा। वहीं अमेरिका लगातार इन गतिविधियों को रोकने की मांग कर रहा है।
कूटनीतिक स्थिति और गतिरोध
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने हाल ही में कहा कि देश ने कभी युद्धविराम की मांग नहीं की और जरूरत पड़ने पर संघर्ष जारी रहेगा। दोनों पक्षों की मांगों में बड़ा अंतर होने से फिलहाल किसी समझौते की संभावना कम दिख रही है।
ट्रंप का 15-सूत्रीय प्रस्ताव
रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने मध्यस्थों के जरिए 15 बिंदुओं वाला युद्धविराम प्रस्ताव भेजा है, जिसमें पाकिस्तान की भूमिका भी बताई जा रही है। पाकिस्तान ने इस बातचीत की मेजबानी की पेशकश की है।
हालांकि, इसी बीच अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी भी बढ़ाई है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है।
ईरान का तंज
ईरान ने ट्रंप के दावों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अमेरिका अपनी “रणनीतिक हार” को कूटनीतिक जीत की तरह दिखाने की कोशिश कर रहा है। एक सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि ऐसा लगता है जैसे अमेरिका “खुद से ही बातचीत कर रहा है।”
मिसाइल हमले जारी
जमीनी हालात अब भी तनावपूर्ण हैं। IRGC ने दावा किया है कि उसके हमलों ने इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम को भेदते हुए तेल अवीव और अन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।



