न्यूज़ डेस्क/ सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में परीक्षा प्रश्नपत्रों को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में पुलिस भर्ती परीक्षा में उठे विवाद के बाद अब कक्षा 7 की परीक्षा में पूछे गए एक सवाल पर नया बवाल खड़ा हो गया है। मामला Agra से सामने आया है, जहां परिषदीय स्कूलों की संस्कृत परीक्षा में पूछे गए प्रश्न पर आपत्ति जताई गई है।
क्या है पूरा मामला?
कक्षा 7 की संस्कृत विषय की परीक्षा में एक बहुविकल्पीय प्रश्न में पूछा गया— “वह कौन है जो बिना पैर के दूर तक जाता है और साक्षर है लेकिन ‘पंडित’ नहीं है?”
इस सवाल के सामने आने के बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और इस पर विवाद खड़ा हो गया।
शिक्षा विभाग हरकत में
मामले को गंभीरता से लेते हुए State Council of Educational Research and Training के निदेशक Ganesh Kumar ने District Institute of Education and Training के प्राचार्य से जवाब मांगा है।
निर्देश दिया गया है कि प्रश्नपत्र तैयार करने वाले प्रवक्ता से स्पष्टीकरण लिया जाए और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाए।
पहले भी हो चुका है विवाद
इससे पहले उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में भी ‘पंडित’ शब्द को लेकर विवाद हुआ था। एक प्रश्न में “अवसर के अनुसार बदलने वाला” वाक्यांश के लिए विकल्पों में ‘पंडित’ शामिल किया गया था, जिस पर लोगों ने आपत्ति जताई थी।
सरकार ने जताई सख्ती
उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak ने इस तरह के सवालों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा था कि किसी भी प्रश्न से किसी वर्ग या समाज की भावनाएं आहत होना स्वीकार्य नहीं है।
इसके अलावा भाजपा नेताओं ने भी इस मामले में कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद सरकार ने जांच के निर्देश दिए।
क्या हो सकती है आगे की कार्रवाई?
शिक्षा विभाग के अनुसार, संबंधित शिक्षक या प्रश्न तैयार करने वाले अधिकारी से जवाब मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
लगातार परीक्षाओं में इस तरह के सवाल सामने आने से प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता और संवेदनशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाती है।
नोट: परीक्षा से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी वर्ग की भावनाएं आहत न हों।



