सर्वोदय/नई दिल्ली:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी बैंकॉक यात्रा के दौरान थाईलैंड के राजा महा वजिरालोंगकोर्न और रानी सुतिदा से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत और थाईलैंड के बीच सांस्कृतिक और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की। विशेष रूप से, भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के भारत से थाईलैंड जाने के बाद दोनों देशों के बीच जनसंपर्क संबंधों को मजबूती मिलने के बारे में विचार-विमर्श हुआ।प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी यात्रा के दौरान भारतीय कला और संस्कृति के प्रतीकात्मक उपहार भी दिए। उन्होंने थाईलैंड के राजा, रानी, प्रधानमंत्री, उनकी पत्नी और पूर्व प्रधानमंत्री को भारतीय शिल्प और संस्कृति से जुड़े खूबसूरत उपहार भेंट किए।

राजा महा वजिरालोंगकोर्न को मिला सारनाथ बुद्ध की प्रतिमा
प्रधानमंत्री मोदी ने राजा महा वजिरालोंगकोर्न को बिहार की प्राचीन गुप्त और पाल शैली में निर्मित एक शानदार पीतल की सारनाथ बुद्ध प्रतिमा भेंट की। ध्यान मुद्रा में स्थापित इस प्रतिमा का हर एक पहलू गहन ध्यान और आंतरिक शांति का प्रतीक है। इसके प्रभामंडल में देवताओं और पुष्प अलंकरणों की नक्काशी इसे एक दिव्य आभा प्रदान करती है।

रानी सुतिदा को भेंट की गई ब्रोकेड सिल्क शॉल
रानी सुतिदा को वाराणसी, उत्तर प्रदेश की प्रसिद्ध ब्रोकेड सिल्क शॉल भेंट की गई, जिसमें भारतीय लघु चित्रकला और पिछवई कला से प्रेरित चित्रांकन शामिल हैं। शॉल की रंगीनता और सुनहरे बॉर्डर की भव्यता इसे शाही आभूषण का प्रतीक बनाती है।

थाई प्रधानमंत्री सेथ्था थाविसिन को मिली ‘डोकरा’ कला की मोर आकृति वाली नाव
प्रधानमंत्री मोदी ने थाई प्रधानमंत्री सेथ्था थाविसिन को छत्तीसगढ़ की प्राचीन धातु कला ‘डोकरा’ शैली में बनी एक विशेष मोर आकृति वाली नाव भेंट की। यह नाव भारतीय जनजातीय विरासत और पारंपरिक कारीगरी का अद्वितीय उदाहरण है, जो मानव और प्रकृति के सामंजस्य का प्रतीक है।

थाई प्रधानमंत्री की पत्नी को मिली मीनाकारी कला से सजी कफलिंक
प्रधानमंत्री ने थाई प्रधानमंत्री की पत्नी को पारंपरिक राजस्थानी और गुजराती मीनाकारी कला से सजी सोने की परत चढ़ी बाघ आकृति वाली कफलिंक भेंट की। यह कफलिंक साहस, नेतृत्व और शाही गरिमा का प्रतीक हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री थक्सिन शिनवात्रा को मिला पीतल का उरली
पूर्व प्रधानमंत्री थक्सिन शिनवात्रा को आंध्र प्रदेश की पारंपरिक धातु कला में बनी पीतल की उरली भेंट की गई, जिसमें मोर और दीपक (दीया) का सुंदर चित्रण किया गया है। यह उपहार पवित्रता, सकारात्मकता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए, और भारतीय कला और हस्तशिल्प की विशेषताओं को दुनिया भर में प्रस्तुत किया।



