न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के तहत बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा करने वाले एक संगठित गिरोह का एसटीएफ ने भंडाफोड़ किया है। गिरोह के सरगना प्रतापगढ़ निवासी चंद्रभान वर्मा समेत कुल सात आरोपियों को लखनऊ के गोमतीनगर इलाके से गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई शुक्रवार देर शाम की गई।
एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक विशाल विक्रम सिंह के अनुसार, गिरोह ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे हजारों अपात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाए और फिर इंप्लीमेंटेशन सपोर्ट एजेंसी (ISA) व स्टेट हेल्थ एजेंसी (SHA-PMJAY) से मिलीभगत कर उनका अप्रूवल कराया। इसके बाद कुछ अस्पतालों के सहयोग से इन फर्जी कार्डों पर इलाज दिखाकर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाया गया।
2000 से अधिक फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाए
जांच में सामने आया है कि गिरोह ने दो हजार से ज्यादा फर्जी आयुष्मान कार्ड तैयार कराए। पूछताछ के दौरान आरोपियों से कई अहम जानकारियां मिली हैं। एसटीएफ को आरोपियों के पास से बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में बड़ी मात्रा में डिजिटल सबूत भी मिले हैं। इनके आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में तीन टीमें दबिश दे रही हैं।
पोस्टर से शुरू हुआ फर्जीवाड़े का खेल
एसटीएफ के मुताबिक, सरगना चंद्रभान ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले साल अपनी बहन के इलाज के लिए लोहिया अस्पताल गया था। वहां उसने आयुष्मान कार्ड बनवाने से जुड़ा एक पोस्टर देखा और दिए गए नंबर पर संपर्क किया। बातचीत के बाद उसे तीन हजार रुपये में कार्ड बनवाकर मुफ्त इलाज मिल गया। इसके बाद उसने इस तरीके को अवैध कमाई का जरिया बना लिया।
चंद्रभान अपात्र लोगों से छह हजार रुपये लेकर आयुष्मान कार्ड बनवाता था। इसमें से कुछ रकम एजेंसी और नेटवर्क से जुड़े लोगों को देता था, जबकि बाकी खुद रख लेता था।
ऐसे होता था कार्ड अप्रूवल का खेल
जांच में सामने आया कि गिरोह पोर्टल पर ओटीपी बायपास कर अपात्र लोगों को परिवार में जोड़ता था, फिर ISA अधिकारियों से सांठगांठ कर कार्ड का अप्रूवल कराया जाता था। इसके लिए प्रति कार्ड 1000 से 1500 रुपये तक की रिश्वत दी जाती थी।
यह भी पढ़े:- ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सख्त, जनप्रतिनिधियों को दी कड़ी चेतावनी
इस नेटवर्क में ISA और SHA से जुड़े कर्मचारी, साथ ही कुछ अस्पतालों के कर्मी भी शामिल थे। अगस्त 2025 तक इस अवैध धंधे का दायरा और बढ़ गया और कई वेंडर भी इससे जुड़ गए।
कैंसर इंस्टिट्यूट तक फैला नेटवर्क
गिरफ्तार आरोपियों में कल्याण सिंह कैंसर इंस्टीट्यूट, लखनऊ में तैनात एक आयुष्मान मित्र भी शामिल है, जो फर्जी कार्डों में जिले का मिसमैच ठीक करने और इलाज दिखाने में मदद करता था। इसी नेटवर्क के जरिए विभिन्न अस्पतालों में इलाज दर्शाकर अवैध धन अर्जित किया गया।
गिरफ्तार आरोपी
- चंद्रभान वर्मा (सरगना), प्रतापगढ़
- राजेश मिश्रा (पूर्व एक्जीक्यूटिव इंप्लीमेंटेशन सपोर्ट एजेंसी-आईएसए)
- सुजीत कनौजिया (वर्तमान ISA एक्जीक्यूटिव)
- सौरभ मौर्या (वर्तमान ISA एक्जीक्यूटिव)
- विश्वजीत सिंह (SHA एक्जीक्यूटिव)
- रंजीत सिंह (आयुष्मान मित्र, लखनऊ)
- अंकित यादव
भारी मात्रा में बरामदगी
एसटीएफ ने आरोपियों के पास से 12 मोबाइल फोन, 5 लैपटॉप, सैकड़ों फर्जी आयुष्मान कार्ड से जुड़ा डिजिटल डेटा, 22 एटीएम कार्ड, कई आधार-पैन कार्ड, चेकबुक, पासबुक और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।
जांच जारी, और गिरफ्तारियों के संकेत
एसटीएफ का कहना है कि यह मामला राज्यस्तरीय बड़ा घोटाला हो सकता है। जांच आगे बढ़ने के साथ और भी गिरफ्तारियां संभव हैं।



