सर्वोदय/लखनऊ:- हिन्दू धर्म में चैत्र नवरात्र का महत्व बहुत अधिक है, जो हर साल चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से प्रारंभ होता है। इस वर्ष चैत्र नवरात्र 2025 का आरंभ कल, 30 मार्च, रविवार से होगा। नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के भक्त उनकी पूजा-अर्चना के लिए तैयार होते हैं और व्रत रखते हैं।
कलश/घटस्थापना का शुभ मुहूर्त:
चैत्र नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना की जाती है, जो इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण धार्मिक रस्म है। इस वर्ष घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 30 मार्च को सुबह 6:08 बजे से 10:08 बजे तक रहेगा। इस समय के बीच श्रद्धालु अपने घरों में कलश स्थापित करके मां दुर्गा की पूजा आरंभ करेंगे। नवरात्रि के पहले दिन का महत्व विशेष रूप से इस रूप में है कि यह शुभ दिन न केवल मां दुर्गा की पूजा का आरंभ है, बल्कि यह नए आरंभ और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी माना जाता है।
नवरात्रि की तैयारियां:
चैत्र नवरात्रि का आरंभ होने से पहले लोग घरों को स्वच्छ करके सजाते हैं और नौ दिनों तक व्रत रखते हुए पूजा-अर्चना करते हैं। इसके अलावा, खासतौर पर दुर्गा पूजा और किलों पर होने वाली हवन की तैयारियां भी जोरों पर होती हैं।
आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से यह पर्व न केवल व्यक्तिगत उन्नति और सुख-संपत्ति की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण होता है, बल्कि यह समाज में एकता और श्रद्धा का प्रतीक भी है।
नवरात्रि के महत्त्व:
चैत्र नवरात्रि को विशेष रूप से देवी के नौ रूपों की पूजा के रूप में मनाया जाता है। इन नौ दिनों में भक्त अलग-अलग रूपों में मां दुर्गा की पूजा करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
आध्यात्मिक उन्नति, सुख-समृद्धि और शांति की प्राप्ति के लिए नवरात्रि एक श्रेष्ठ समय होता है, और इस दौरान किए गए व्रत और पूजन से विशेष लाभ प्राप्त होता है।चैत्र नवरात्र के इस पर्व पर हम सभी मां दुर्गा से सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं।



