नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- पूर्व भारतीय क्रिकेटर और टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन (जिन्हें फैंस प्यार से गब्बर कहते हैं), अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रडार पर हैं। गुरुवार को धवन से अवैध सट्टेबाजी एप ’13Bet’ से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में करीब 8 घंटे तक पूछताछ की गई।
सुबह लगभग 11 बजे धवन, दिल्ली स्थित ED कार्यालय पहुंचे और शाम 7 बजे के बाद बाहर निकले। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने उनसे प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत पूछताछ की।
क्यों हो रही है जांच?
ईडी की जांच के केंद्र में ’13Bet’ नामक अवैध सट्टेबाजी एप है, जिसका मुख्यालय साइप्रस में है। माना जा रहा है कि शिखर धवन ने इस एप से जुड़े कुछ विज्ञापन अभियान में भाग लिया था। जांच एजेंसी उनके और एप के बीच के संबंधों को समझने का प्रयास कर रही है।
इससे पहले पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना से भी इसी केस में पूछताछ हो चुकी है।
100 अरब डॉलर से भी बड़ा है ऑनलाइन सट्टेबाजी का बाजार
विशेषज्ञों और एजेंसियों का अनुमान है कि भारत में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी का बाजार 100 अरब डॉलर से ज्यादा का है, और यह हर साल करीब 30% की दर से बढ़ रहा है। देश में ऐसे एप्स के 22 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं | इनमें से 11 करोड़ से अधिक लोग नियमित रूप से इनका इस्तेमाल करते हैं
हाल ही में सरकार ने ऑनलाइन मनी गेम्स पर शिकंजा कसते हुए नए कानून लागू किए हैं, ताकि अवैध गतिविधियों को रोका जा सके।
13Bet: अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, लेकिन अब जांच के घेरे में
- 13Bet इंडिया, उपयोगकर्ताओं को क्रिकेट बेटिंग, ऑनलाइन कसीनो, ई-स्पोर्ट्स बेटिंग जैसे विकल्प देती है
- टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए दांव लगाए जाते हैं
- कंपनी ने स्पेन और फ्रांस की फुटबॉल टीमों को प्रायोजित किया है
- जांच के चलते इसे अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, स्पेन और फ्रांस से सेवाएं वापस लेनी पड़ीं
क्या कहता है यह मामला?
यह केस सिर्फ एक खिलाड़ी तक सीमित नहीं है। यह भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी के बढ़ते खतरे और खिलाड़ियों की ब्रांड एंडोर्समेंट से जुड़ी जवाबदेही को लेकर भी सवाल खड़ा करता है। विज्ञापन से जुड़े किसी भी संबंध को लेकर अब एजेंसियां ज्यादा सतर्क हो गई हैं।



