लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने मंगलवार को यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण नीति-2025 को मंजूरी दे दी। इस नीति के तहत अगले छह वर्षों तक डिस्प्ले, कैमरा मॉड्यूल, मल्टीलेयर पीसीबी समेत 11 महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेन्ट्स के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाएगा।
नीति का उद्देश्य 5000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना और लाखों रोजगार के अवसर पैदा करना है। नीति का क्रियान्वयन शासन स्तर पर गठित नीति कार्यान्वयन इकाई और सशक्त समिति की देखरेख में नोडल संस्था द्वारा किया जाएगा। इसके माध्यम से राज्य में आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।
यूपी को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का लक्ष्य
प्रमुख सचिव आईटी अनुराग यादव ने बताया कि पिछले आठ वर्षों में देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।
- 2015 में केवल 2 मोबाइल निर्माण यूनिट थीं, आज 300 यूनिट्स कार्यरत हैं।
- इलेक्ट्रॉनिक सामानों का उत्पादन 1.9 लाख करोड़ से बढ़कर 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
- मोबाइल फोन का निर्यात 1,500 करोड़ से बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के आधे से अधिक मोबाइल फोन निर्माण का केंद्र बन चुका है। यह नई नीति न केवल यूपी को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाएगी, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर आत्मनिर्भरता को भी मजबूती देगी।
निवेश के लिए यूपी को पसंदीदा गंतव्य बनाने और औद्योगिक विकास को गति देने में यह नीति मील का पत्थर साबित होगी।



