नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़: योग गुरु बाबा रामदेव और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच पतंजलि के उत्पादों और घी को लेकर चल रही बयानबाजी अब खत्म होती नजर आ रही है। बुधवार को दोनों की मुलाकात के बाद रामदेव ने कहा कि गलतफहमी दूर हो गई है और मामले का पटाक्षेप हो चुका है।
रामदेव ने बताया कि बृजभूषण शरण सिंह से मुलाकात के दौरान उन्होंने बातचीत की और पुराने विवाद को समाप्त करने की बात कही। रामदेव के मुताबिक, बृजभूषण ने उनसे मुलाकात के दौरान सम्मान जताया और कहा कि वह संतों तथा सनातन का सम्मान करते हैं।
सुनी-सुनाई बातों से हुई गलतफहमी- रामदेव
बाबा रामदेव ने कहा कि कई बार लोग सुनी-सुनाई बातों और वीडियो के आधार पर अपनी राय बना लेते हैं। उनके अनुसार, बृजभूषण शरण सिंह के मन में भी ऐसी ही बातों के कारण गलतफहमी पैदा हुई थी, जो मुलाकात के बाद दूर हो गई।
रामदेव ने विवाद खत्म करने की पहल के लिए मध्यस्थता करने वालों का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि अब इस मामले को आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं है।
पतंजलि के घी को लेकर रामदेव ने क्या कहा?
नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामदेव ने पतंजलि के गाय के घी की गुणवत्ता को लेकर उठाए गए सवालों पर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि पतंजलि का गाय का घी नकली नहीं है और कंपनी की दवाओं को लेकर भी उन्होंने किसी तरह की मिलावट से इनकार किया।
रामदेव ने कहा कि पतंजलि के उत्पादों को लेकर फैल रही बातों पर लोगों को केवल सुनी-सुनाई जानकारी के आधार पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि पतंजलि के किसी उत्पाद पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
उन्होंने बताया कि बृजभूषण शरण सिंह को घी के दो डिब्बे दिए गए थे। इनमें से एक इस्तेमाल के लिए और दूसरा प्रयोगशाला में जांच के लिए था।
क्या कहा था बृजभूषण शरण सिंह ने?
विवाद की शुरुआत पतंजलि के उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर बृजभूषण शरण सिंह की टिप्पणियों के बाद हुई थी। उन्होंने सार्वजनिक मंच से पतंजलि के घी और अन्य उत्पादों को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने मिलावट के मुद्दे पर रामदेव और पतंजलि की आलोचना भी की थी।
बाद में पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 50 करोड़ रुपये का मानहानि दावा दायर किया था। इस कानूनी कार्रवाई के बाद दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी और तेज हो गई थी।
अब मुलाकात के बाद बदला माहौल
कुछ दिनों तक चले विवाद के बाद बुधवार की मुलाकात से दोनों पक्षों के बीच माहौल नरम पड़ता दिखाई दिया है। रामदेव ने खुद कहा कि अब गलतफहमियां दूर हो गई हैं और विवाद को समाप्त कर दिया गया है।
हालांकि, मानहानि मामले की कानूनी स्थिति और उसके आगे की प्रक्रिया अलग विषय है। दोनों पक्षों की ओर से विवाद को लेकर सार्वजनिक बयान आने के बाद अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि कानूनी कार्रवाई का क्या रुख रहता है।


