न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर बिना नाम लिए कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर तीखी टिप्पणी की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए अपने संदेश में उन्होंने कहा कि जो लोग पर्ची और चमत्कार के जरिए लोगों का भूत-भविष्य बताने का दावा करते हैं, वे अब इस मामले में कथित दोषियों के नाम सार्वजनिक करने से क्यों बच रहे हैं।
धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर उठाए सवाल
चंद्रशेखर आजाद की प्रतिक्रिया उस बयान के बाद सामने आई, जिसमें धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा था कि यदि उन्होंने इस मामले में बड़े नामों का खुलासा किया तो उनकी जान को खतरा हो सकता है। इस पर सांसद ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि ईश्वर के नाम पर चमत्कारों का दावा किया जाता है, तो भगवान के मंदिर से जुड़े इतने गंभीर मामले पर खुलकर बोलने से परहेज क्यों किया जा रहा है।
दूसरों के जीवन के गहरे राज़ उजागर करने का दावा करने वाले ढोंगी बाबा, आज राम के नाम पर हुए इतने बड़े घोटाले के दोषियों का नाम बताने से क्यों डर रहे हैं? ‘जान के खतरे’ का बहाना बनाकर नाम लेने से बचने का स्वांग रच रहे हैं। जब ईश्वर की पर्ची के नाम पर इतना बड़ा धार्मिक व्यापार खड़ा…
— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) July 2, 2026
उन्होंने कहा कि समाज को अंधविश्वास से ऊपर उठकर संविधान, कानून और निष्पक्ष जांच प्रक्रिया पर भरोसा करना चाहिए। उनके अनुसार न्याय किसी चमत्कार या पर्ची से नहीं, बल्कि कानूनी व्यवस्था और पुलिस की निष्पक्ष कार्रवाई से मिलता है।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने क्या कहा था?
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर आयोजित एक कार्यक्रम में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दावा किया था कि अब तक केवल “छोटी मछलियां” पकड़ी गई हैं। उन्होंने कहा था कि यदि उन्होंने पर्ची खोलकर बड़े नामों का खुलासा किया तो उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि वह कथित तौर पर मामले से जुड़े लोगों को जानते हैं, लेकिन फिलहाल नाम उजागर करना उनके लिए सुरक्षित नहीं है।
गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस अब आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुटी है। सूत्रों के अनुसार अब तक की जांच, छापेमारी और बरामद साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लगाने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए विधिक राय भी ली जा रही है।
एसआईटी जांच के बाद तेज हुई कार्रवाई
यह मामला जून की शुरुआत में सामने आया था। शुरुआती स्तर पर मंदिर ट्रस्ट ने आंतरिक जांच कराई, जिसके बाद पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई में छापेमारी और नकदी बरामद होने की बात सामने आई। बाद में राज्य सरकार की ओर से मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया। एसआईटी ने कई दिनों तक जांच कर विभिन्न तथ्यों की पड़ताल की।
आठ आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
एसआईटी की रिपोर्ट मिलने के बाद मंदिर ट्रस्ट की ओर से कृष्णमोहन की शिकायत पर आठ नामजद आरोपियों और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस ने रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, मनीष यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, रमाशंकर मिश्रा, करुणेश पांडेय सहित कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।



