अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़: श्रीराम जन्मभूमि परिसर में चढ़ावे और सोना-चांदी की कथित चोरी के मामले में नया मोड़ सामने आया है। इस मामले में पहले से आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब फैजाबाद बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा और व्यवस्थापक गोपाल राव के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाई है।
राम जन्मभूमि थाने में सौंपी तहरीर
गुरुवार को फैजाबाद बार एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल राम जन्मभूमि थाने पहुंचा और तीनों पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए लिखित तहरीर सौंपी। पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने की औपचारिक रसीद (रिसीविंग) भी अधिवक्ताओं को उपलब्ध कराई।
अधिवक्ताओं का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सभी संभावित जिम्मेदार पक्षों की भूमिका की जांच होनी चाहिए।
पहले आठ आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर पहले ही आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। इनमें ट्रस्ट महासचिव चंपत राय के पूर्व चालक रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव समेत अन्य आरोपी शामिल हैं।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि टिन्नू यादव मंदिर के कई प्रशासनिक कार्यों से जुड़ा हुआ था। पुलिस जांच में यह भी तथ्य सामने आया कि उसके पास दान पात्रों की चाबियों तक पहुंच थी। इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
कचहरी से थाने तक प्रदर्शन
तहरीर सौंपने से पहले फैजाबाद बार एसोसिएशन की बैठक बार हॉल में आयोजित की गई, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। इसके बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता कचहरी गेट से राम पथ होते हुए राम जन्मभूमि थाने पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने मामले में निष्पक्ष जांच और कथित गबन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की मांग की।
निष्पक्ष जांच की मांग
अधिवक्ताओं का कहना है कि चढ़ावे और कीमती आभूषणों की कथित हेराफेरी जैसे गंभीर मामले में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक जांच सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि शिकायत के आधार पर सभी संबंधित पक्षों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
फिलहाल पुलिस ने तहरीर प्राप्त कर ली है। शिकायत पर आगे क्या कार्रवाई होगी, इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।



