अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़:- पुरुषोत्तम मास के दौरान रामनगरी अयोध्या में धार्मिक आयोजनों, श्रीमद्भागवत कथा और पूजा-अर्चना के कार्यक्रमों में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु यहां के आध्यात्मिक वातावरण, धार्मिक आस्था और भव्य मंदिरों के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं।
इसी क्रम में अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना राज्य के शार्लोट शहर से अयोध्या पहुंचीं श्रद्धालु वाणी थवाइत ने रामनगरी के आध्यात्मिक माहौल और श्रीराम मंदिर की भव्यता की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्षों से अयोध्या आने की इच्छा थी, जो अब पूरी हुई है।
वाणी थवाइत के अनुसार, अयोध्या में मिलने वाली सकारात्मक ऊर्जा और धार्मिक वातावरण बेहद विशेष है। उन्होंने गुप्तार घाट पर स्नान और श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने के अनुभव को अविस्मरणीय बताया। उनका कहना था कि श्रीराम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और भावनाओं का प्रतीक है।
परिवार के साथ पहुंचीं अमेरिकी श्रद्धालु
वाणी थवाइत अपने पति और बेटी के साथ अयोध्या दर्शन के लिए पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं और आने वाले वर्षों में यह शहर वैश्विक धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्रों में शामिल होगा। उन्होंने भविष्य में दोबारा अयोध्या आने की इच्छा भी जताई।
छत्तीसगढ़ से पहुंचे चिकित्सक परिवार ने साझा किया अनुभव
वहीं छत्तीसगढ़ के भिलाई से आए प्रसिद्ध लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. हरिशंकर महोबिया भी अपने परिवार के साथ श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने अयोध्या पहुंचे। उन्होंने बताया कि व्यस्त पेशेवर जीवन के बीच अयोध्या में बिताया गया समय उन्हें मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतोष प्रदान कर रहा है।
डॉ. महोबिया ने कहा कि उन्होंने श्रीराम मंदिर की भव्यता को अब तक केवल तस्वीरों और वीडियो में देखा था, लेकिन प्रत्यक्ष दर्शन के बाद उनका अनुभव कहीं अधिक भावनात्मक और प्रेरणादायक रहा। उन्होंने भागवत कथा श्रवण को अपने जीवन के यादगार पलों में शामिल बताया।
धार्मिक पर्यटन का बन रहा प्रमुख केंद्र
कार्यक्रम में हेमलता महोबिया, डॉ. रितिका महोबिया, गार्गी, मेघा और वाणी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। श्रद्धालुओं का कहना है कि अयोध्या का धार्मिक वातावरण, आध्यात्मिक चेतना और मंदिरों की भव्यता देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर के लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।
रामनगरी में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या यह संकेत दे रही है कि अयोध्या अब वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभर रही है।



