न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की राशि को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों रुपये की कथित गड़बड़ी का आरोप लगाए जाने के बाद भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने इस मुद्दे पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि यह मामला मंदिर प्रशासन से जुड़ा है और वही इस पर स्पष्टीकरण देगा।
रविवार को जालौन दौरे पर पहुंचे पंकज चौधरी से पत्रकारों ने अखिलेश यादव के आरोपों को लेकर सवाल किया। इस पर उन्होंने कहा कि यह सरकार का विषय नहीं है। जब उनसे दोबारा पूछा गया कि विपक्ष मंदिर के चढ़ावे की रकम गायब होने का दावा कर रहा है, तो उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि अखिलेश यादव जो कहना चाहते हैं, कहते रहें, हर बयान का जवाब देना आवश्यक नहीं है।
अखिलेश यादव ने उठाए थे गंभीर सवाल
इससे पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दावा किया था कि राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी करोड़ों रुपये की राशि का हिसाब स्पष्ट नहीं है। उन्होंने मामले को श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा बताते हुए न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की मांग की थी। साथ ही सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए थे।
ट्रस्ट के जवाब से संतुष्ट नहीं दिखे सपा प्रमुख
राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से सफाई दिए जाने के बाद भी अखिलेश यादव ने अपने सवाल बरकरार रखे। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का स्पष्टीकरण पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने मांग की कि सभी ट्रस्टी एक साथ बैठकर सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करें और आवश्यकता पड़ने पर सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य अभिलेखों की मदद से तथ्यों का मिलान कराया जाए।
ट्रस्ट ने कहा- नियमित ऑडिट प्रक्रिया जारी
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मंदिर के वित्तीय लेन-देन की नियमित अंतराल पर आंतरिक ऑडिट कराई जाती है। इस प्रक्रिया में ट्रस्ट के प्रतिनिधियों के साथ भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारी भी शामिल रहते हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल ऑडिट का कार्य चल रहा है और अब तक किसी प्रकार की बड़ी अनियमितता सामने नहीं आई है।
यह भी पढ़े: राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव ने उठाए सवाल; ट्रस्ट ने कहा- ऑडिट जारी
सीसीटीवी निगरानी और डबल लॉक व्यवस्था में होती है गिनती
ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार मंदिर में प्राप्त चढ़ावे की राशि की गिनती बैंक के अधिकृत कर्मचारियों द्वारा की जाती है। पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संपन्न होती है और नोटों की गिनती के लिए मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है।
बताया गया कि श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के बाद चढ़ावे की राशि में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसके चलते गिनती और सत्यापन में अधिक समय लगने लगा है। सुरक्षा के मद्देनजर राशि को डबल लॉक सिस्टम वाली अलमारी में रखा जाता है। एक चाबी बैंक अधिकारियों के पास और दूसरी ट्रस्ट के अधिकृत प्रतिनिधि के पास रहती है। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत धनराशि बैंक में जमा कराई जाती है।



