पटना/सर्वोदय न्यूज़:- चर्चित शिक्षक और कोचिंग संचालक खान सर से जुड़े फायरिंग मामले में कानूनी घटनाक्रम तेज हो गया है। गिरफ्तारी की आशंका के बीच खान सर शनिवार को अपने अधिवक्ता के साथ पटना सिविल कोर्ट पहुंचे, जहां उनकी ओर से जमानत याचिका दाखिल की गई है। कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है।
खान ग्लोबल स्टडीज सेंटर के बाहर हुई कथित फायरिंग की घटना के बाद दर्ज एफआईआर में खान सर को भी आरोपी बनाया गया है। मामले में उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कोचिंग संस्थानों के विवाद से जुड़ा मामला
जानकारी के अनुसार, बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के परिणाम आने के बाद दो कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद बढ़ गया था। इसी दौरान खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर तोड़फोड़ और पथराव की घटना सामने आई थी। इस मामले में दूसरे कोचिंग संस्थान से जुड़े कुछ लोगों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
बाद में सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें कथित तौर पर सुरक्षा कर्मी हवाई फायरिंग करते दिखाई दिए। वीडियो की जांच के बाद पुलिस ने दो सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार किया और उनके हथियार भी जब्त कर लिए।
पुलिस जांच जारी
पटना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना से जुड़े प्रत्येक पहलू की जांच की जा रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
बचाव पक्ष ने लगाए फंसाने के आरोप
खान सर की ओर से अदालत में दाखिल जमानत याचिका में कहा गया है कि उनका नाम कथित रूप से बयान के आधार पर मामले में जोड़ा गया है और उन्हें गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। बचाव पक्ष ने अदालत से राहत की मांग की है।
कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ाई गई
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पटना सिविल कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। विभिन्न प्रवेश द्वारों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और परिसर में निगरानी बढ़ा दी गई है।
कौन हैं खान सर?
खान सर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले देश के चर्चित शिक्षकों में गिने जाते हैं। वे पटना स्थित अपने कोचिंग संस्थान के माध्यम से बड़ी संख्या में छात्रों को पढ़ाते हैं और सोशल मीडिया पर भी उनकी व्यापक लोकप्रियता है।
नोट: मामले की जांच जारी है। अदालत या जांच एजेंसी के अंतिम निष्कर्ष आने तक सभी आरोप केवल आरोप हैं और उन्हें तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।



