न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने भारी तबाही मचा दी है। गुरुवार देर रात से शुक्रवार सुबह तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में अब तक 34 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे बड़ा हादसा हमीरपुर जिले में हुआ, जहां बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का हिस्सा तेज तूफान के दौरान गिर गया। हादसे में छह मजदूरों की दबकर मौत हो गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं मौसम विभाग ने शनिवार तक प्रदेश के 21 जिलों के लिए रेड अलर्ट और 45 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
सहारनपुर में बाढ़ जैसे हालात, श्रद्धालुओं में मची भगदड़
सहारनपुर स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ शाकंभरी देवी मंदिर क्षेत्र में पहाड़ों पर हुई भारी बारिश के बाद नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव के कारण इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में दो महिलाओं की डूबने से मौत हो गई। बाढ़ के पानी में कई वाहन, दर्जनों ट्रैक्टर, 50 से अधिक अस्थायी दुकानें और एक अस्थायी पुल बह गया। प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। फिलहाल क्षेत्र में आवाजाही रोक दी गई है।
चारबाग स्टेशन पर हादसा, कई लोग घायल
राजधानी लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर तेज आंधी के दौरान प्लेटफॉर्म का शेड गिर गया। हादसे में एक टीटीई समेत तीन लोग घायल हो गए। मौसम विभाग ने 1 जून तक प्रदेश में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है।
कई जिलों में गिरी बिजली, अलग-अलग हादसों में मौतें
प्रदेश के कई हिस्सों में आकाशीय बिजली और तूफान के चलते जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। प्रयागराज मंडल में मां-बच्चों समेत सात लोगों की मौत हुई है। बुंदेलखंड और मध्य यूपी में भी आठ लोगों ने जान गंवाई। फतेहपुर, बांदा और उरई में दो-दो लोगों की मौत हुई, जबकि हमीरपुर और महोबा में एक-एक व्यक्ति की जान गई।
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देवरिया में बिजली गिरने से महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं बलिया, आजमगढ़ और अंबेडकरनगर में भी अलग-अलग हादसों में लोगों की जान चली गई। रायबरेली में आंधी के दौरान टीन शेड पर पेड़ गिरने से मां-बेटी दब गईं, जिसमें महिला की मौत हो गई जबकि बेटी गंभीर रूप से घायल है।
हमीरपुर में 90 करोड़ का निर्माणाधीन पुल गिरा
हमीरपुर जिले के ललपुरा क्षेत्र में बेतवा नदी पर करीब 90 करोड़ रुपये की लागत से पुल का निर्माण कार्य चल रहा था। तेज तूफान के दौरान पुल का पिलर टूट गया और पूरा ढांचा ढह गया। मलबे में दबने से छह मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों में चार मजदूर बांदा और दो हमीरपुर के निवासी बताए जा रहे हैं।
घटना के बाद शासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सहायक अभियंता को निलंबित कर दिया है। साथ ही डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। मामले की जांच के लिए चीफ इंजीनियर स्तर की कमेटी गठित की गई है और आईआईटी बीएचयू से थर्ड पार्टी जांच कराई जाएगी।
कई जिलों में बिजली आपूर्ति ठप
तेज आंधी और बारिश से रायबरेली के करीब 70 गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। बलरामपुर में भी तेज तूफान से पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे लगभग 150 गांव अंधेरे में डूब गए।
गोरखपुर में बारिश का पानी सैकड़ों घरों में घुस गया। वहीं चौरीचौरा और गौरीबाजार के बीच रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने से कई ट्रेनों का संचालन करीब 12 घंटे तक प्रभावित रहा। दादर एक्सप्रेस, मौर्य एक्सप्रेस और कृषक एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें रास्ते में खड़ी रहीं।
44 जिलों में बारिश, तापमान में गिरावट
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती सिस्टम के असर से प्रदेश के 44 जिलों में बारिश दर्ज की गई है। पूर्वांचल के मिर्जापुर में सबसे अधिक 100 मिमी और अयोध्या में 90 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के चलते प्रदेश के तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिली है।
21 जिलों में रेड अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर और बरेली समेत 21 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है।
इसके अलावा प्रदेश के 45 से अधिक जिलों में ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है, जहां 70 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और भारी बारिश की संभावना जताई गई है।



