‘उन्हें मिर्ची लगी तो मैं क्या करूं…’ PDA को लेकर ब्रजेश पाठक और अखिलेश यादव में जुबानी जंग तेज

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:– उत्तर प्रदेश की सियासत में ‘पीडीए’ को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच सोशल मीडिया पर तीखी नोकझोंक देखने को मिली। मामला उस इंटरव्यू के बाद गरमाया, जिसमें ब्रजेश पाठक ने प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री नरेंद्र कश्यप के साथ बातचीत के दौरान सपा के ‘पीडीए’ फार्मूले पर निशाना साधा था।

दरअसल, भाजपा नेताओं की ओर से ‘पीडीए’ को ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ बताते हुए समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया। इंटरव्यू में ‘राजपरिवार’ और ‘एक परिवार का राज’ जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया। साथ ही सपा पर बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सिद्धांतों से भटकने का आरोप लगाया गया।

अखिलेश यादव ने साधा निशाना

ब्रजेश पाठक के इंटरव्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश की जनता बिजली संकट, गर्मी और बीमारियों से परेशान है, जबकि भाजपा के मंत्री ‘इंटरव्यू-इंटरव्यू’ खेल रहे हैं।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जो स्वास्थ्य मंत्री के रूप में असफल साबित हुए, अब पत्रकार बनने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार, संगठन और दल में नाकाम रहने के बाद अब नए रोल निभाए जा रहे हैं।

सपा प्रमुख ने हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल गिरने की घटना पर भी दुख जताया और पार्टी कार्यकर्ताओं से पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद करने की अपील की।

ब्रजेश पाठक का पलटवार

अखिलेश यादव की टिप्पणी के बाद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी सोशल मीडिया पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर किसी को संवाद और साक्षात्कार से परेशानी है तो इसमें वह क्या कर सकते हैं। उन्होंने तंज भरे अंदाज में लिखा, “उन्हें मिर्ची लगी तो मैं क्या करूं…।”

ब्रजेश पाठक ने पत्रकारिता को लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि देश के कई बड़े जननेता पत्रकारिता से जुड़े रहे हैं। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. राम मनोहर लोहिया का उदाहरण देते हुए कहा कि संवाद और विचार-विमर्श भारतीय परंपरा का हिस्सा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पत्रकारों और मेहनतकश लोगों को ‘खलिहर’ कहना उनका अपमान है। साथ ही बिना नाम लिए अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि “जो युवराज होंगे, उन्हें मेहनतकश लोग पसंद नहीं आएंगे और जो झूठ की राजनीति करते हैं, उन्हें संवाद से डर लगेगा।”

PDA पर सियासी वार-पलटवार जारी

भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच ‘पीडीए’ को लेकर जारी यह बयानबाजी आने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल को और गर्म करती दिखाई दे रही है। भाजपा जहां सपा पर परिवारवाद का आरोप लगा रही है, वहीं सपा भाजपा सरकार को जनता के मुद्दों पर घेरने में जुटी है।

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