लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार शाम होने वाली उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय होने की संभावना है। शाम 5 बजे प्रस्तावित इस बैठक में 16 से अधिक एजेंडों को मंजूरी के लिए रखा जाएगा, जिनका असर कानून व्यवस्था, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्रों पर पड़ सकता है।
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश सरकार जिला न्यायालयों से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक सरकार का पक्ष रखने वाले अधिवक्ताओं को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। कैबिनेट के समक्ष एक ऐसा प्रस्ताव रखा जाएगा, जिसमें सरकारी वकीलों के मानदेय और मासिक भत्तों में बढ़ोतरी का प्रावधान है। यदि इसे मंजूरी मिलती है तो हजारों अधिवक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा।
पांच जिलों में नई जेलों के निर्माण का रास्ता होगा साफ
बैठक में प्रदेश के पांच जिलों—मुरादाबाद, औरैया, ललितपुर, कानपुर नगर और भदोही—में नई जेलों के निर्माण से जुड़े प्रस्तावों पर भी निर्णय लिया जा सकता है। इन परियोजनाओं के लिए आवश्यक धनराशि की स्वीकृति से संबंधित प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखे जाएंगे।
मक्का खरीद नीति को मिल सकती है मंजूरी
खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा तैयार की गई मक्का खरीद नीति पर भी कैबिनेट की मुहर लगने की संभावना है। सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य उपलब्ध कराना और खरीद व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
स्वास्थ्य, परिवहन और ऊर्जा विभाग के प्रस्ताव भी एजेंडे में
बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की दंत सेवा नियमावली में संशोधन संबंधी प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा। इसके अलावा लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र में उपनिबंधक कार्यालय के लिए भूमि आवंटन, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति, परिवहन, मंडी और ऊर्जा विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर भी फैसला लिया जा सकता है।
नंद बाबा दुग्ध मिशन की 449 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को मिली मंजूरी
इसी बीच प्रदेश सरकार ने नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत 449.38 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित स्टेट स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में मिशन के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई और उनके प्रभावी संचालन के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।
बैठक में तय किया गया कि प्रदेश में कार्यरत आठ दुग्ध उत्पादक कंपनियों से जुड़ी महिला लाभार्थियों को मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना में प्राथमिकता दी जाएगी। इससे महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना, नंदिनी कृषक समृद्धि योजना, मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना और मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के लंबित लक्ष्यों को अगले दो माह के भीतर पूरा करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।



