नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- महिला आरक्षण को लेकर संसद में पेश होने जा रहे संशोधन विधेयक पर विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन ने आपत्ति जताई है। Mallikarjun Kharge की अगुवाई में हुई बैठक में गठबंधन ने स्पष्ट किया कि वे महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन सरकार के बिल लाने के तरीके और समय को लेकर विरोध करेंगे।
‘विधेयक के तरीके पर आपत्ति’
बैठक के बाद Mallikarjun Kharge ने कहा कि महिला आरक्षण का समर्थन सभी दल करते हैं, लेकिन इसे जिस तरीके से पेश किया जा रहा है, वह राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि गठबंधन ने परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों का विरोध करने का फैसला लिया है।
बैठक में कई बड़े नेता शामिल
नई दिल्ली स्थित खरगे के आवास पर हुई इस बैठक में Rahul Gandhi, Tejashwi Yadav, Sanjay Raut, Supriya Sule और Sanjay Singh समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए। वहीं Akhilesh Yadav ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया।
‘हम बिल के पक्ष में, लेकिन…’
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने दोहराया कि वे महिला आरक्षण के समर्थन में हैं, लेकिन परिसीमन (Delimitation) से जुड़े प्रावधानों पर गंभीर आपत्तियां हैं।
Jairam Ramesh ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि महिला आरक्षण 2029 से लागू किया जाए, लेकिन परिसीमन के मौजूदा स्वरूप का विरोध जारी रहेगा।
क्या है प्रस्तावित बदलाव?
सरकार लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण देने के लिए संशोधन विधेयक लाने जा रही है। इसके तहत लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके साथ ही, सरकार परिसीमन आयोग के गठन और उससे जुड़े अन्य विधेयक भी संसद में पेश करने की तैयारी में है।
महिला आरक्षण जैसे अहम मुद्दे पर समर्थन के बावजूद, विपक्ष और सरकार के बीच टकराव यह संकेत देता है कि आने वाले संसद सत्र में इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।



