क्या ब्रह्मोस मिसाइल से ध्वस्त हुआ जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय? राजस्थान में मिला मलबा बढ़ा रहा अटकलें

बीकानेर,राजस्थान/सर्वोदय:-  – बीकानेर जिले के एक दूरस्थ गांव में हाल ही में एक संदिग्ध मिसाइल बूस्टर और नोज कैप का मलबा मिलने के बाद अटकलें तेज हो गई हैं कि भारत ने जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर स्थित मुख्यालय को ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल से निशाना बनाया हो सकता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के समय तेज़ रोशनी और धमाके की आवाज़ सुनाई दी, जिसके बाद खेतों में यह मलबा पाया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि मलबे की तस्वीरें ब्रह्मोस मिसाइल के बूस्टर और नोज कैप से काफी मेल खाती हैं। ये हिस्से आमतौर पर मिसाइल के प्रक्षेपण के तुरंत बाद अलग हो जाते हैं।

हालांकि भारत सरकार की ओर से अभी तक इस ऑपरेशन या ब्रह्मोस के उपयोग की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन रक्षा सूत्रों के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए “सबसे शक्तिशाली हथियार” का इस्तेमाल किया गया।

सूत्रों का दावा: बहावलपुर में हुआ सटीक निशाना

सूत्रों की मानें तो बहावलपुर में जैश का मुख्यालय इस हमले में बुरी तरह ध्वस्त हुआ और पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम इसे रोकने में विफल रहा। जानकारों का कहना है कि जितनी सटीकता और प्रभाव इस हमले में देखा गया, वह सिर्फ ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक मिसाइल से ही संभव है।

ड्रोन और मिसाइल हमलों के जवाब में भारत की बड़ी कार्रवाई

यह ऑपरेशन पाकिस्तान की ओर से भारत के 26 से अधिक स्थानों – श्रीनगर से लेकर गुजरात के नलिया तक – पर हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद किया गया बताया जा रहा है। इन हमलों में सैन्य और नागरिक ठिकानों को नुकसान पहुंचा था। जवाबी कार्रवाई में भारतीय सेना ने रफीकी, मुरीद, नूर खान, रहीम यार खान, सुक्कुर और चुनियन जैसे एयरबेस के साथ-साथ पसरूर और सियालकोट के रडार स्थलों को भी निशाना बनाया।

सरकार ने नहीं की पुष्टि

हालांकि अभी तक किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजस्थान में मिले मलबे से यह संकेत मिलते हैं कि भारत ने रणनीतिक स्तर पर बेहद सटीक और प्रभावी सैन्य कार्रवाई की है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest Articles