Thursday, February 12, 2026

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कृषि उत्पादों के निर्यात पर अब 30% भाड़ा देगी यूपी सरकार, हर साल इतनी मिलेगी मदद

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के निर्यातकों को राहत देते हुए निर्यात के दौरान माल भाड़े पर आने वाले खर्च का 30 प्रतिशत या 150 रुपये प्रति किलोग्राम (जो भी कम हो) तक की आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है।
इस योजना के तहत हर निर्यातक को एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 10 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव (एमएसएमई) आलोक कुमार ने शासनादेश जारी किया है।

कृषि और औद्योगिक उत्पादों को बढ़ावा

यह निर्णय उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025–30 के तहत लिया गया है, जिसका उद्देश्य कृषि, औद्योगिक और हस्तशिल्प उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करना है।
सरकार ने वायुयान भाड़ा योजना को सरल बनाते हुए यह लाभ न केवल प्रदेश में स्थित एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स से निर्यात करने वालों को दिया है, बल्कि उन निर्यातकों को भी शामिल किया गया है जो प्रदेश से बाहर के एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स से सामान भेजते हैं।

ऑनलाइन दावा प्रक्रिया और समय सीमा

निर्यातक को माल विदेशी खरीदार को भेजे जाने की तिथि से 180 दिन के भीतर अपना दावा विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन दाखिल करना होगा। इस अवधि के बाद प्राप्त दावे स्वीकार नहीं किए जाएंगे। यदि किसी सुधार की आवश्यकता हो तो 15 दिन के भीतर संशोधन का अवसर दिया जाएगा।

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संबंधित जिलों के उपायुक्त उद्योग को 21 दिन के भीतर दावा जांचकर निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो को भेजना होगा। स्वीकृति के बाद सहायता राशि सीधे ऑनलाइन खाते में जमा की जाएगी।

समिति करेगी अंतिम स्वीकृति

दावों की स्वीकृति निर्यात आयुक्त (प्रोत्साहन ब्यूरो) की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा की जाएगी।
इस समिति में —

  • निदेशक (कृषि विपणन एवं विदेश व्यापार विभाग)
  • वित्त नियंत्रक (उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय)
  • संबंधित जिलों के उपायुक्त उद्योग
  • और अपर/संयुक्त आयुक्त (निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो, सदस्य सचिव) शामिल होंगे।

निर्यात क्रेडिट इंश्योरेंस में भी मिलेगी सहायता

सरकार ने साथ ही निर्यात क्रेडिट इंश्योरेंस समर्थना योजना शुरू करने का निर्णय भी लिया है। इसमें एमएसएमई अधिनियम 2006 के तहत आने वाली सभी इकाइयां पात्र होंगी। इस योजना के तहत भारतीय निर्यात क्रेडिट गारंटी निगम (ECGC) को दिए गए वार्षिक प्रीमियम का 30 प्रतिशत (अधिकतम ₹5 लाख प्रति वर्ष) निर्यातकों को वापस किया जाएगा।
निर्यातकों को हर तीन माह में ऑनलाइन दावा दाखिल करना होगा, जिसकी जांच के बाद भुगतान किया जाएगा।

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