लखनऊ/गोवा– प्रयागराज महाकुंभ का समापन हुए एक माह हो चुका है| इस दौरान उत्तर प्रदेश अग्निशमन विभाग द्वारा किए गए सराहनीय कार्य की गूंज अब भी पूरे देश में सुनाई दे रही है। महाकुंभ के 45 दिवसीय आयोजन में प्रदेश के अग्निशमन विभाग ने अपनी तत्परता और उत्कृष्टता से महाकुंभ में कोई भी जनहानि होने से बचाई। विभाग के इस उत्कृष्ट कार्य को अब देश भर में सराहा जा रहा है और पुरस्कृत भी किया जा रहा है। इसी कड़ी में, गोवा में मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने यूपी अग्निशमन विभाग की सराहना करते हुए अधिकारियों को सम्मानित किया।
महाकुंभ के दौरान प्रयागराज के संगम तट पर करीब 66 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया था। यह मेला क्षेत्र 25 सेक्टरों में बंटा हुआ था, लगभग 4000 हेक्टेयर में बसा था इतना ही नहीं हर दिन लगभग एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु यहां पहुंच रहे थे। इस आयोजन में, यूपी अग्निशमन विभाग ने अत्याधुनिक उपकरणों और मुस्तैदी से अग्नि दुर्घटनाओं पर काबू पाया |
यूपी अग्निशमन विभाग के नोडल अधिकारी प्रमोद शर्मा ने बताया कि गोवा में आयोजित सम्मान समारोह में, डायरेक्टर नितिन वी. रायकर की उपस्थिति में प्रदेश के अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने खुद जाकर प्रदेश के अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को मोमेंटो देकर उनका सम्मान किया और उनकी भूमिका की सराहना की। इस दौरान, मुख्यमंत्री ने महाकुंभ में अग्नि सुरक्षा की तैयारियों और क्विक रिस्पांस की जानकारी ली।
महाकुंभ के आयोजन के दौरान, मेला क्षेत्र में 54 अग्निशमन केंद्र, 27 चौकियां, 2200 प्रशिक्षित अग्निशमन कर्मी और 351 अग्निशमन वाहन तैनात थे। विभाग ने 4 आर्टिकुलेटिंग वाटर टावर, क्विक रिस्पांस व्हीकल, अग्निशमन रोबोट, और फायर मिस्ट बाइक जैसी अत्याधुनिक अग्निशमन तकनीक का इस्तेमाल किया। इसके अलावा, बोट और पांटून पुलों पर नदी के पानी का उपयोग करने में सक्षम अग्निशमन नावें भी तैनात की गई थीं। उत्तर प्रदेश अग्निशमन विभाग का यह सराहनीय कार्य न केवल महाकुंभ को सुरक्षित बनाने में सहायक साबित हुआ, बल्कि इसके परिणामस्वरूप विभाग को सम्मान और प्रशंसा भी प्राप्त हुई है।



