वित्तीय वर्ष 2024-25 में उत्तर रेलवे ने हासिल की बड़ी उपलब्धियां

सर्वोदय/ नई दिल्ली:-  उत्तर रेलवे महाप्रबंधक अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि उत्तर रेलवे ने वित्तीय अनुशासन, संचालन दक्षता और कर्मचारियों के विकास में बड़ी प्रगति की है। इस वर्ष पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) का 100% उपयोग किया गया और पिछले साल की तुलना में राजस्व व्यय (रिवेन्यू एक्सपेंडिचर) में बचत दर्ज की गई। उल्लेखनीय है कि इस अवधि में विभिन्न सरकारी विभागों से 98.88 करोड़ रुपये वसूल किए गए, जबकि स्टेशनों के 71.76 करोड़ रु की बकाया राशि का भुगतान के किया गया।

महाप्रबंधक ने बताया कि वित्तीय जांच और आंतरिक निरीक्षण से करीब 147.58 करोड़ रुपये की बचत हुई और 878.50 करोड़ रुपये के वसूली योग्य बिलों का निपटारा किया गया। 1,15,793 कर्मचारियों की छुट्टी के आवेदन मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) के जरिए जांचे गए। साथ ही, 2024-2030 के बीच सेवानिवृत्त होने वाले 12,169 मामलों में से 9,784 कर्मचारियों के सर्विस रिकॉर्ड की पूर्व-जांच कर समय पर निपटान सुनिश्चित किया गया ।

इसके अलावा, 250 नए जूनियर अकाउंट्स असिस्टेंट और अकाउंट्स क्लर्कों के लिए राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया गया। साथ ही, आयकर, अनुशासन और अपील नियम (D&AR) और कानूनी मामलों पर विशेष सत्र के साथ उत्तर रेलवे मुख्यालय में बजट पर विशेष कार्यशाला भी आयोजित की गई ।

उत्तर रेलवे ने TIAs ई-बुलेटिन भी शुरू किया, जिसका दूसरा संस्करण दिसंबर 2024 में जारी किया गया। इसमें जन साधारण टिकट बुकिंग सेवा (JTBS) की कार्यप्रणाली को प्रमुखता से शामिल किया गया।
ये उपलब्धियां उत्तर रेलवे की सुव्यवस्थित वित्तीय प्रबंधन, संचालन सुधार और सेवाओं में गुणवत्ता लाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। आगे भी, उत्तर रेलवे अपने कार्यों को और बेहतर बनाने और सभी हितधारकों के लिए उत्कृष्ट सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।  उक्त जानकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय मुख्य जनसंपर्क अधिकारी नई दिल्ली ने  साझा किया |

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