न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- महाराष्ट्र के मालेगांव में उप महापौर कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। इस बीच कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद उदित राज ने टीपू सुल्तान को “महान” बताते हुए बयान दिया है। इससे पहले Harshvardhan Sapkal ने भी 18वीं सदी के मैसूर शासक को “भूमिपुत्र” और “योद्धा” करार दिया था।
टीपू सुल्तान की तुलना Chhatrapati Shivaji Maharaj से किए जाने पर Bharatiya Janata Party (भाजपा) ने कड़ी आपत्ति जताई है, जिससे राज्य की राजनीति में तनातनी बढ़ गई है।
क्या बोले उदित राज?
समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में उदित राज ने कहा कि इतिहास में दलितों और आदिवासियों से नफरत करने वाले लोगों को बढ़ावा दिया जाता है, जबकि टीपू सुल्तान ने सामाजिक सुधार के कार्य किए। उन्होंने दावा किया कि टीपू सुल्तान ने शूद्र महिलाओं को स्तन ढंकने का अधिकार देने जैसे बड़े सुधार किए थे।
राज ने कहा कि जो भी दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों के पक्ष में खड़ा होता है, कुछ लोग उससे नफरत करते हैं।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
शुक्रवार को मालेगांव की उप महापौर शान-ए-हिंद निहाल अहमद के कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाए जाने के बाद विरोध शुरू हुआ। Shiv Sena के पार्षदों ने तस्वीर हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
पार्टी के समूह नेता नीलेश अहेर के नेतृत्व में पार्षदों और उप महापौर के बीच तीखी बहस हुई। निहाल अहमद ने स्पष्ट कहा कि वह तस्वीर नहीं हटाएंगी।
शिवाजी महाराज से तुलना पर भाजपा का विरोध
हरषवर्धन सपकाल द्वारा टीपू सुल्तान को शिवाजी महाराज के समकक्ष बताए जाने पर भाजपा ने कड़ा रुख अपनाया। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने इस बयान को “शर्मनाक” बताते हुए तीखी आलोचना की।
पुणे में भाजपा के एक पदाधिकारी ने सपकाल के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है।
सपकाल ने कहा था कि टीपू सुल्तान एक वीर योद्धा और भारत के भूमिपुत्र थे तथा उन्हें वीरता के प्रतीक के रूप में शिवाजी महाराज के समान माना जाना चाहिए।
पुणे में पथराव, नौ लोग घायल
विवाद ने रविवार को हिंसक रूप ले लिया जब पुणे में कांग्रेस कार्यालय के पास भाजपा के प्रदर्शन के दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प और पथराव हुआ।
यह भी पढ़े:- Aaj Ka Rashifal 16 February 2026: जानिए आज किन राशियों को होगा लाभ और किसे
संयुक्त पुलिस आयुक्त Ranjan Kumar Sharma के मुताबिक, इस घटना में तीन कांग्रेस कार्यकर्ता, दो भाजपा कार्यकर्ता, दो पुलिसकर्मी और दो मीडियाकर्मी घायल हुए। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
राजनीतिक माहौल गरम
टीपू सुल्तान की विरासत को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में बहस तेज हो गई है। एक ओर कांग्रेस नेता उन्हें सामाजिक सुधारक और वीर योद्धा बता रहे हैं, वहीं भाजपा और शिवसेना उनके नाम और तुलना को लेकर विरोध जता रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की राजनीति में और तूल पकड़ सकता है।



