सासाराम की रैली में लौटे पुराने लालू, ‘झुलनियां में धक्का’ बोलकर लूट ली महफिल

सासाराम (बिहार)/सर्वोदय न्यूज़:- कांग्रेस की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान रविवार को सासाराम की धरती पर एक बार फिर देखने को मिला लालू यादव का पुराना अंदाज़, जिसने ना केवल हज़ारों की भीड़ को झूमने पर मजबूर कर दिया, बल्कि मंच पर बैठे राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के चेहरे पर भी मुस्कान ला दी।

लालू यादव का भाषण करीब डेढ़ मिनट का था, लेकिन उन्होंने अपने खास अंदाज, स्थानीय बोली और व्यंग्य से पूरी सभा में जोश भर दिया। उनका आखिरी वाक्य, “लागल-लागल झुलनियां में धक्का, बलम कलकत्ता चला”, सुनते ही भीड़ में ठहाके गूंज उठे।

‘चोरों को हटाइए, बीजेपी को भगाइए’: लालू का तीखा वार

लालू यादव ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा,“किसी भी कीमत पर बीजेपी जो वोट चोरी करती है, उसे आने मत दीजिए। सब एकजुट होकर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का साथ दीजिए, और बीजेपी को सत्ता से हटाइए।”

उनके इस भाषण के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, और तेजस्वी यादव खुलकर हँसते नजर आए। लालू का भाषण जितना छोटा था, उसका असर उतना ही गहरा।

राहुल-तेजस्वी ने किया भावनात्मक जुड़ाव महसूस

सभा में राहुल गांधी ने भी चुनाव आयोग पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने महाराष्ट्र और कर्नाटक में फर्जी वोटर जोड़कर चुनाव जीते। राहुल बोले,”बीजेपी और आरएसएस संविधान को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में एक करोड़ फर्जी वोटर जोड़ दिए।”

वहीं, तेजस्वी यादव के लिए यह क्षण निजी भी था — जब उन्होंने अपने पिता को उसी ऊर्जा के साथ बोलते देखा जैसा उन्होंने पहले देखा था। तेजस्वी ने महसूस किया कि लालू यादव आज भी जनता के दिलों में उतनी ही गहराई से बसते हैं।

भीड़ खींचने से ज़्यादा, दिशा देने वाला नेता हैं लालू

इस रैली ने यह साबित कर दिया कि लालू यादव अब भी एक “भीड़ खींचने वाले” नहीं बल्कि “भीड़ को दिशा देने वाले” नेता हैं। भीड़ ने न केवल उन्हें सुना, बल्कि उनके साथ जुड़ी भी। यही लालू की राजनीति की पहचान है — जनभाषा, जनसरोकार और जमीनी जुड़ाव।

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